राजस्थान के निम्नांकित मुख्यमंत्रियों में से कौन लोक सभा के सदस्य नहीं रहे हैं? (A) हरिदेव जोशी (B) भैरों सिंह शेखावत (C) टीकाराम पालीवाल (D) बरकतुल्लाह खान सही उत्तर है –
- (1)(A), (B), (C) और (D)
- (2)केवल (A) और (B)
- (3)केवल (B), (C) और (D)
- (4)केवल (A), (B) और (D)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), केवल (A), (B) और (D).
उत्तर (C), टीकाराम पालीवाल, पर टिका है, जो लोक सभा के सदस्य रहे। भारतीय संसद की राजस्थान से तीसरी लोक सभा के सदस्यों की सूची हिंडौन का प्रतिनिधित्व श्री टीकाराम पालीवाल को देती है; तीसरी लोक सभा 1962 में चुनी गई थी।
इसलिए (C) को शामिल करने वाला हर कूट गलत है। इससे विकल्प (1) और (3) बाहर हो जाते हैं।
(B) और (D) के लिए जो संसदीय अभिलेख मिले, वे राज्य सभा के हैं। भारत के उपराष्ट्रपति की वेबसाइट भैरों सिंह शेखावत को 1974–1977 में राज्य सभा का सदस्य बताती है, और उनके पदों में लोक सभा का कोई कार्यकाल नहीं है।
असम विधानसभा में (21 नवंबर 1973) हुआ एक शोक-उल्लेख कहता है कि बरकतुल्लाह खान 1952 में राज्य सभा के सदस्य बने।
RPSC की कुंजी (A), हरिदेव जोशी, को भी इन्हीं के साथ रखती है। (A), (B) और (D) वाला कूट विकल्प (4), केवल (A), (B) और (D) है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)(A), (B), (C) और (D) — इस कूट में (C), टीकाराम पालीवाल, शामिल हैं, और वे लोक सभा के सदस्य रहे। भारतीय संसद की तीसरी लोक सभा की सूची टीकाराम पालीवाल को हिंडौन का सदस्य दिखाती है।
उन मुख्यमंत्रियों का कूट, जो कभी लोक सभा में नहीं रहे, उन्हें शामिल नहीं कर सकता।
- (2)केवल (A) और (B) — यह कूट (D), बरकतुल्लाह खान, को छोड़ देता है। उनके लिए मिला संसदीय अभिलेख उच्च सदन का है: असम विधानसभा का शोक-उल्लेख दर्ज करता है कि वे 1952 में राज्य सभा के सदस्य बने।
RPSC की कुंजी उन्हें लोक सभा के सदस्य न रहने वालों में गिनती है, इसलिए कूट में (D) भी चाहिए।
- (3)केवल (B), (C) और (D) — यह कूट (C), टीकाराम पालीवाल, को शामिल करता है, जो तीसरी लोक सभा में हिंडौन से सदस्य रहे, और (A), हरिदेव जोशी, को छोड़ देता है।
RPSC की कुंजी हरिदेव जोशी को उन मुख्यमंत्रियों में शामिल करती है जो लोक सभा के सदस्य नहीं रहे, इसलिए यह कूट दो आधारों पर गलत है।
अवधारणा
किसी मुख्यमंत्री का संसदीय अभिलेख दोनों में से किसी भी सदन से होकर जा सकता है। लोक सभा प्रत्यक्ष रूप से चुनी जाती है, जबकि अनुच्छेद 80(4) के अंतर्गत राज्य सभा में हर राज्य के प्रतिनिधि उस राज्य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
टीकाराम पालीवाल, राजस्थान विधानसभा की अपनी तालिका पहली विधानसभा (1952–57) के लिए जिन तीन मुख्यमंत्रियों को सूचीबद्ध करती है उनमें पहले, बाद में लोक सभा गए: तीसरी लोक सभा की सूची उन्हें हिंडौन का सदस्य दिखाती है।
उपराष्ट्रपति की वेबसाइट के अनुसार भैरों सिंह शेखावत का अभिलेख राजस्थान विधानसभा, राज्य सभा (1974–1977), मुख्यमंत्री के तीन कार्यकालों और 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007 तक उपराष्ट्रपति पद से होकर जाता है।
असम विधानसभा के शोक-उल्लेख के अनुसार बरकतुल्लाह खान, जो 9 जुलाई 1971 से अक्टूबर 1973 में अपनी मृत्यु तक मुख्यमंत्री रहे, 1952 में राज्य सभा में आ चुके थे।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत, राज्य की राजनीतिक व्यवस्था में, "राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद्, विधानसभा, उच्च न्यायालय।" सूचीबद्ध है।
राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के कैरियर राज्य और राष्ट्रीय पदों के बीच आते-जाते हैं। शेखावत राज्य सभा से फिर विधानसभा में आए और बाद में उपराष्ट्रपति बने।
संसद में स्थान लोक सभा में भी हो सकता है और राज्य सभा में भी, और दोनों सदन अलग-अलग तरीकों से भरे जाते हैं।
ऐसे बिंदु आधिकारिक सूचियों से तय होते हैं: लोक सभा की राज्यवार सदस्य सूचियाँ, और उपराष्ट्रपति की वेबसाइट जैसे जीवन-परिचय पृष्ठ।
मुख्य तथ्य
- भारतीय संसद, तीसरी लोक सभा के सदस्य (राजस्थान): हिंडौन — श्री टीकाराम पालीवाल।
- भारत के उपराष्ट्रपति की वेबसाइट: भैरों सिंह शेखावत 1974–1977 में राज्य सभा के सदस्य रहे।
- उसी पृष्ठ के अनुसार शेखावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल 22 जून 1977, 4 मार्च 1990 और 4 दिसंबर 1993 को शुरू हुए।
- असम विधानसभा का शोक-उल्लेख (1973): बरकतुल्लाह खान 1952 में राज्य सभा के सदस्य बने।
- बरकतुल्लाह खान ने 9 जुलाई 1971 को राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद सँभाला।
(C) तीसरी लोक सभा में रहे, जिससे उन्हें शामिल करने वाला हर कूट बाहर हो जाता है; RPSC की कुंजी (A), (B) और (D) देती है: विकल्प (4)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- संसद में किसी भी अवधि को लोक सभा की सदस्यता मान लेना। शेखावत और बरकतुल्लाह खान राज्य सभा में थे।
- टीकाराम पालीवाल के लोक सभा कार्यकाल को अनदेखा कर देना। उन्होंने तीसरी लोक सभा में हिंडौन का प्रतिनिधित्व किया, इसलिए (C) वाला हर कूट गलत है।
- शेखावत के उपराष्ट्रपति पद (2002–07) को लोक सभा की भूमिका मान लेना। उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति होता है।
कोई प्रश्न राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की सूची देकर पूछ सकता है कि कौन कभी लोक सभा के सदस्य नहीं रहे, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कौन-से मुख्यमंत्री बाद में उपराष्ट्रपति बने, या कौन राज्य सभा के सदस्य रहे।
संबंधित PYQ
निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान के मुख्यमंत्री के सम्बन्ध में सही नहीं है ?
- (1) मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।
- (2) 1975 के आपातकाल के समय मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी थे ।
- (3) बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमत्री रहे ।
- (4) सी.एस. वेंकटाचारी निर्वाचित मुख्यमंत्री नहीं थे ।
उत्तर(3)
उन्हीं में से दो मुख्यमंत्री, एक अलग अभिलेख: वह प्रश्न पूछता है कि कौन सा कथन राजस्थान के मुख्यमंत्री के सम्बन्ध में सही नहीं है (RPSC की कुंजी: विकल्प (3), कि बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहे)। यह प्रश्न पूछता है कि कौन-से मुख्यमंत्री लोक सभा के सदस्य नहीं रहे।
निम्नलिखित में से किस मुख्यमंत्री ने अधिकतम बार राजस्थान में राष्ट्रपति शासन का सामना किया ?
- (1) हरिदेव जोशी
- (2) भैरोंसिंह शेखावत
- (3) जयनारायण व्यास
- (4) शिवचरण माथुर
उत्तर(2)
वही पद, दूसरा पहलू: वह प्रश्न पूछता है कि किस मुख्यमंत्री ने अधिकतम बार राजस्थान में राष्ट्रपति शासन का सामना किया (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), भैरोंसिंह शेखावत)। यह प्रश्न लोक सभा की सदस्यता के बारे में पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के किस पूर्व मुख्यमंत्री ने 2002 से 2007 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया?
- (a)हरिदेव जोशी
- (b)भैरों सिंह शेखावत
- (c)बरकतुल्लाह खान
- (d)टीकाराम पालीवाल
उत्तर(2) — भारत के उपराष्ट्रपति की वेबसाइट भैरों सिंह शेखावत का कार्यकाल 19/08/2002 से 21/07/2007 बताती है। बरकतुल्लाह खान (3) की 1973 में मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मृत्यु हुई, और टीकाराम पालीवाल (4) तीसरी लोक सभा में रहे; हरिदेव जोशी (1) वह पदधारी नहीं हैं जिनका नाम वेबसाइट 2002–2007 के लिए देती है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल तीसरी लोक सभा में किस निर्वाचन-क्षेत्र से सदस्य थे?
- (a)हिंडौन
- (b)जयपुर
- (c)भरतपुर
- (d)दौसा
उत्तर(1) — भारतीय संसद की राजस्थान से तीसरी लोक सभा के सदस्यों की सूची हिंडौन का प्रतिनिधित्व टीकाराम पालीवाल को देती है। वही सूची जयपुर (2) का प्रतिनिधित्व श्रीमती गायत्री देवी, दौसा (4) का श्री पृथ्वीराज और भरतपुर (3) का श्री राज बहादुर को देती है।