निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान के मुख्यमंत्री के सम्बन्ध में सही नहीं है ?
- (1)मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।
- (2)1975 के आपातकाल के समय मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी थे ।
- (3)बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमत्री रहे ।
- (4)सी.एस. वेंकटाचारी निर्वाचित मुख्यमंत्री नहीं थे ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमत्री रहे ।
प्रश्न वह कथन पूछता है जो सही नहीं है। Legislative Bodies in India का राजस्थान अभिलेख बरकतुल्ला खां को 9 जुलाई 1971 से 11 अक्टूबर 1973 तक सदन का नेता दर्ज करता है, जब पद पर रहते हुए उनका निधन हुआ — दो वर्ष से कुछ अधिक।
दूसरे मुख्यमंत्री इससे बहुत कम समय रहे। वही अभिलेख हीरालाल देवपुरा को 23 फरवरी से 10 मार्च 1985 तक दर्ज करता है, लगभग दो सप्ताह, सातवीं विधान सभा के अंत में। राजस्थान विधान सभा का अभिलेख टीकाराम पालीवाल की सरकार 3 मार्च से 31 अक्टूबर 1952 तक दिखाता है।
इसलिए बरकतुल्ला खां का कार्यकाल सबसे छोटा नहीं था, और कथन (3) ही सही नहीं है।
बाकी तीनों कथन सही हैं। मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार शपथ ली; जून 1975 में आपातकाल की उद्घोषणा के समय हरिदेव जोशी मुख्यमंत्री थे; और सी.एस. वेंकटाचारी 1951 में, राजस्थान में निर्वाचित विधान सभा बनने से पहले, पद पर रहे।
बरकतुल्ला खां लगभग दो वर्ष रहे; हीरालाल देवपुरा लगभग दो सप्ताह।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली । — यह कथन सही है, इसलिए उत्तर नहीं है। Legislative Bodies in India का अभिलेख सदन के नेता के रूप में मोहनलाल सुखाड़िया के चार अलग कार्यकाल दर्ज करता है, जो 13 नवम्बर 1954, 11 अप्रैल 1957, 12 मार्च 1962 और 26 अप्रैल 1967 को आरंभ हुए — हर बार नई सरकार और नई शपथ।
विधान सभा का सदन-कार्यकाल अभिलेख उन्हें पहली से चौथी तक हर विधान सभा में मुख्यमंत्री दर्ज करता है। उनकी अंतिम शपथ 13 मार्च से 26 अप्रैल 1967 तक चले राष्ट्रपति शासन के बाद हुई।
- (2)1975 के आपातकाल के समय मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी थे । — यह कथन सही है। आंतरिक आपातकाल की उद्घोषणा 25 जून 1975 को हुई। हरिदेव जोशी 11 अक्टूबर 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक मुख्यमंत्री रहे, इसलिए उद्घोषणा उनके पहले कार्यकाल में हुई।
उनकी सरकार के बाद 30 अप्रैल 1977 से राष्ट्रपति शासन लगा, जिसे विधान सभा का अभिलेख दर्ज करता है।
- (4)सी.एस. वेंकटाचारी निर्वाचित मुख्यमंत्री नहीं थे । — यह कथन सही है। भारतीय सिविल सेवा (ICS) के अधिकारी सी.एस. वेंकटाचारी 6 जनवरी से 25 अप्रैल 1951 तक, हीरालाल शास्त्री और जयनारायण व्यास के बीच, पद पर रहे।
विधान सभा का अभिलेख राजस्थान की पहली विधान सभा का गठन 23 फरवरी 1952 को दिखाता है, इसलिए वे किसी निर्वाचित विधान सभा के माध्यम से नहीं चुने गए थे।
अवधारणा
राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री किसी आम चुनाव से पहले पद पर आए। हीरालाल शास्त्री, सी.एस. वेंकटाचारी और जयनारायण व्यास ने 1949 से 1952 के आरंभ तक सरकारों का नेतृत्व किया; पहली विधान सभा का गठन 23 फरवरी 1952 को हुआ।
टीकाराम पालीवाल 3 मार्च 1952 को मुख्यमंत्री बने। मोहनलाल सुखाड़िया ने नवम्बर 1954 में पद संभाला और चार बार शपथ ली, अंतिम बार अप्रैल 1967 में, राष्ट्रपति शासन की एक छोटी अवधि के बाद।
बरकतुल्ला खां 9 जुलाई 1971 को सुखाड़िया के बाद मुख्यमंत्री बने और 11 अक्टूबर 1973 को पद पर रहते हुए उनका निधन हुआ। उनके बाद हरिदेव जोशी आए, जो जून 1975 में आपातकाल की उद्घोषणा के समय पद पर थे।
किसी कार्यकाल के ‘सबसे छोटा’ होने का दावा हर मुख्यमंत्री की तिथियों से जाँचना होता है, जिनमें 1985 में हीरालाल देवपुरा जैसे छोटे कार्यकाल भी शामिल हैं।
RPSC का प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम "राज्य की राजनीतिक व्यवस्था" के अंतर्गत "राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद्, विधानसभा, उच्च न्यायालय" को सूचीबद्ध करता है।
राजस्थान विधान सभा का सदन-कार्यकाल (House Tenure) अभिलेख हर मुख्यमंत्री को किसी विधान सभा से जोड़ता है। उदाहरण के लिए, सातवीं विधान सभा (1980–85) में तीन मुख्यमंत्री रहे: जगन्नाथ पहाड़िया, शिवचरण माथुर और हीरालाल देवपुरा।
सबसे लंबा, सबसे छोटा या सबसे अधिक शपथ जैसे ‘सबसे’ वाले दावे सभी तिथि-युक्त कार्यकालों की तुलना से निकलते हैं, किसी एक नाम को याद करने से नहीं।
राष्ट्रीय घटनाएँ भी राज्य की समय-रेखा पर निशान छोड़ती हैं। 1975 की आपातकाल उद्घोषणा हरिदेव जोशी के पहले कार्यकाल में हुई, और राष्ट्रपति शासन 1967, 1977, 1980 और 1992–93 में लगा।
मुख्य तथ्य
- मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली: 1954, 1957, 1962 और 1967 में।
- बरकतुल्ला खां 9 जुलाई 1971 से 11 अक्टूबर 1973 को पद पर रहते हुए अपने निधन तक मुख्यमंत्री रहे।
- हरिदेव जोशी 11 अक्टूबर 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक मुख्यमंत्री रहे, और 25 जून 1975 को आपातकाल की उद्घोषणा के समय पद पर थे।
- हीरालाल देवपुरा 23 फरवरी से 10 मार्च 1985 तक मुख्यमंत्री रहे।
- सी.एस. वेंकटाचारी 6 जनवरी से 25 अप्रैल 1951 तक पद पर रहे; पहली विधान सभा का गठन 23 फरवरी 1952 को हुआ।
बरकतुल्ला खां का कार्यकाल देवपुरा के कार्यकाल से कहीं लंबा था, इसलिए कथन (3) सही नहीं है। तिथियाँ: Legislative Bodies in India (राजस्थान) और राजस्थान विधान सभा।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ‘सबसे कम समय’ को ऐसे मुख्यमंत्री से जोड़ देना जिनका पद पर रहते निधन हुआ। बरकतुल्ला खां का कार्यकाल जल्दी समाप्त हुआ, फिर भी दो वर्ष से अधिक चला।
- 1975 के आपातकाल को बरकतुल्ला खां के कार्यकाल में रख देना। उनका निधन अक्टूबर 1973 में हुआ, और जून 1975 तक हरिदेव जोशी मुख्यमंत्री थे।
- ‘निर्वाचित नहीं’ को कोई चाल समझना। सी.एस. वेंकटाचारी 1951 में पद पर रहे, फरवरी 1952 में पहली विधान सभा के गठन से पहले।
कोई प्रश्न राजस्थान के मुख्यमंत्रियों — शपथ, कार्यकाल और उनके कार्यकाल की घटनाओं — के बारे में कथन देकर वह कथन पूछ सकता है जो सही नहीं है, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि किसी राष्ट्रीय घटना के समय कौन मुख्यमंत्री था, या कई में से कौन सबसे कम समय तक रहा।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से किस मुख्यमंत्री ने अधिकतम बार राजस्थान में राष्ट्रपति शासन का सामना किया ?
- (1) हरिदेव जोशी
- (2) भैरोंसिंह शेखावत
- (3) जयनारायण व्यास
- (4) शिवचरण माथुर
उत्तर(2)
मुख्यमंत्रियों की वही सूची, राष्ट्रपति शासन के संदर्भ में: वह प्रश्न पूछता है कि किस मुख्यमंत्री ने अधिकतम बार राजस्थान में राष्ट्रपति शासन का सामना किया (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), भैरोंसिंह शेखावत)। यह प्रश्न शपथ, कार्यकाल और 1975 के आपातकाल के बारे में है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
25 जून 1975 को आपातकाल की उद्घोषणा के समय राजस्थान के मुख्यमंत्री कौन थे ?
- (a)बरकतुल्ला खां
- (b)हरिदेव जोशी
- (c)भैरोंसिंह शेखावत
- (d)मोहनलाल सुखाड़िया
उत्तर(2) — हरिदेव जोशी 11 अक्टूबर 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक मुख्यमंत्री रहे। बरकतुल्ला खां (1) का अक्टूबर 1973 में पद पर रहते निधन हो चुका था। भैरोंसिंह शेखावत (3) ने जून 1977 में छठी विधान सभा के गठन के बाद बनी सरकार का नेतृत्व किया। मोहनलाल सुखाड़िया (4) का अंतिम कार्यकाल जुलाई 1971 में समाप्त हुआ। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के निम्नलिखित मुख्यमंत्रियों में से कौन सबसे कम समय तक पद पर रहा ?
- (a)बरकतुल्ला खां
- (b)हीरालाल देवपुरा
- (c)टीकाराम पालीवाल
- (d)हरिदेव जोशी (पहला कार्यकाल)
उत्तर(2) — हीरालाल देवपुरा 23 फरवरी से 10 मार्च 1985 तक, लगभग दो सप्ताह, पद पर रहे। टीकाराम पालीवाल (3) 1952 में लगभग आठ महीने, बरकतुल्ला खां (1) दो वर्ष से कुछ अधिक, और हरिदेव जोशी का पहला कार्यकाल (4) लगभग साढ़े तीन वर्ष रहा।