राजस्थान प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को पहली बार जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थापना निम्नांकित में से किस वर्ष की गई थी?
- (1)2021
- (2)2013
- (3)2009
- (4)2018
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 2009.
RPSC की अंतिम उत्तर कुंजी 2009 को वह वर्ष बताती है जिसमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पहली बार जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थापित किया गया।
2009 की तिथि के लिए कोई अन्य स्रोत जाँचा नहीं जा सका, इसलिए यहाँ न जिलों के नाम दिए गए हैं, न अधिकारियों के, न सटीक तिथि।
यही वर्ष बाकी विकल्पों को भी तय कर देता है। यदि ऐसी पहली पदस्थापनाएँ 2009 में हुईं, तो 2013, 2018 और 2021 पहली बार नहीं हो सकते, उन वर्षों में बाद में जो भी पदस्थापनाएँ हुई हों।
इस पदस्थापना का अर्थ पद से ही स्पष्ट होता है। जोधपुर जिला गज़ेटियर (1979) कलेक्टर को जिले के सामान्य प्रशासन का प्रमुख अधिकारी बताता है, जो जिले के भू-राजस्व के लिए और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कानून व्यवस्था के लिए उत्तरदायी है।
याद रखने का विचार: राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जिला कलेक्टर के रूप में — पहली बार 2009 में, RPSC की कुंजी के अनुसार।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)2021 — 2021 इस परीक्षा का वर्ष है, पहली पदस्थापनाओं का नहीं। RPSC की कुंजी राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की कलेक्टर के रूप में पहली पदस्थापना 2009 में रखती है।
2021 की कोई भी पदस्थापना उस पहले उदाहरण के बाद की होगी, इसलिए वह "पहली बार" का उत्तर नहीं हो सकती।
- (2)2013 — 2013 उस वर्ष से बाद का है जो RPSC की कुंजी देती है। कुंजी 2009 को वह पहला वर्ष मानती है जब राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थापित हुए।
यदि यह परिपाटी चार वर्ष पहले ही शुरू हो चुकी थी, तो बाद का वर्ष पहला अवसर नहीं हो सकता।
- (4)2018 — 2018 RPSC की कुंजी वाले वर्ष से नौ वर्ष बाद है। कुंजी ऐसी पहली पदस्थापनाओं के लिए 2009 देती है।
प्रश्न पहली बार के बारे में पूछता है, इसलिए केवल सबसे पहला वर्ष ही उपयुक्त है।
अवधारणा
कलेक्टर जिले का प्रमुख होता है। जोधपुर जिला गज़ेटियर (1979) उसे जिले में सामान्य प्रशासन का प्रमुख अधिकारी बताता है, जो कानून व्यवस्था बनाए रखता है, भू-राजस्व एकत्र करता है और विभिन्न विभागों के जिला कार्यालयों में समन्वय करता है।
गज़ेटियर उसके राजस्व कार्य बताता है: भू-राजस्व एकत्र करना, सरकारी भूमि का प्रबंधन, भू-अभिलेख तैयार करना, राजस्व और स्टाम्प कानूनों का प्रशासन, और तहसीलदारों के आदेशों के विरुद्ध अपीलें सुनना।
जिला मजिस्ट्रेट के रूप में वह कानून व्यवस्था के लिए उत्तरदायी है, जिले के मजिस्ट्रेटों पर नियंत्रण रखता है और पुलिस अधीक्षक के साथ काम करता है। वह शस्त्र और विस्फोटक के लाइसेंस भी जारी करता है।
गज़ेटियर जोड़ता है कि 1959 में राजस्थान में पंचायती राज संस्थाएँ आने के बाद कलेक्टर के कार्य बढ़े, जिनमें पंचायतों और पंचायत समितियों का पर्यवेक्षण शामिल है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत, प्रशासनिक व्यवस्था में, "जिला प्रशासन, स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज संस्थाएं।" सूचीबद्ध है।
जिला प्रशासन की संरचना स्तरों में है। जोधपुर जिला गज़ेटियर उस जिले को उपखण्ड अधिकारियों के अधीन उपखण्डों और तहसीलदारों के अधीन तहसीलों में बँटा बताता है, जो राजस्व अधिकारी और मजिस्ट्रेट दोनों के रूप में कार्य करते हैं।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा एक राज्य सेवा है, इसलिए जिन पदस्थापनाओं को RPSC की कुंजी 2009 में रखती है, उन्होंने राज्य सेवा के अधिकारियों को जिले के प्रमुख पद पर बैठाया।
मुख्य तथ्य
- RPSC की अंतिम उत्तर कुंजी 2009 को वह वर्ष बताती है जब राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पहली बार जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थापित हुए।
- जोधपुर जिला गज़ेटियर (1979): कलेक्टर जिले में सामान्य प्रशासन का प्रमुख अधिकारी है।
- कलेक्टर जिले में भू-राजस्व एकत्र करने तथा राजस्व अभिलेखों और राजस्व न्यायालयों के लिए उत्तरदायी है।
- जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कलेक्टर कानून व्यवस्था के लिए उत्तरदायी है और जिले के मजिस्ट्रेटों पर नियंत्रण रखता है।
- गज़ेटियर के अनुसार 1959 में राजस्थान में पंचायती राज संस्थाएँ आने के बाद कलेक्टर के कार्य बढ़े।
RPSC की कुंजी: राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सबसे ऊपर के पद पर, कलेक्टर के रूप में, पहली बार 2009 में पदस्थापित हुए।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- हाल का वर्ष चुन लेना। प्रश्न पहली बार के बारे में पूछता है, जिसे RPSC की कुंजी 2009 में रखती है।
- कलेक्टर की राजस्व भूमिका को जिला मजिस्ट्रेट की कानून व्यवस्था वाली भूमिका से मिला देना। गज़ेटियर एक ही अधिकारी को दोनों भूमिकाएँ निभाता बताता है।
- कलेक्टर को केवल राजस्व अधिकारी मान लेना। गज़ेटियर उसे विकास और समन्वय के कर्तव्य भी देता है, जो 1959 के बाद बढ़े।
कोई प्रश्न वह वर्ष पूछ सकता है जिसमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पहली बार जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थापित हुए, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कलेक्टर की शक्तियों की सूची देकर सही शक्तियाँ भी पूछ सकता है, या कलेक्टर से नीचे के अधिकारियों के बारे में पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जोधपुर जिला गज़ेटियर (1979) के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कलेक्टर उत्तरदायी है —
- (a)उच्च न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध अपीलें सुनने के लिए
- (b)जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए
- (c)जिला प्रमुख के निर्वाचन के लिए
- (d)राज्य के लेखाओं की लेखा-परीक्षा के लिए
उत्तर(2) — गज़ेटियर कहता है कि जिला मजिस्ट्रेट के रूप में वह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी है, जिसमें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक उसकी सहायता करते हैं। उच्च न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध अपीलें (1), जिला प्रमुख का निर्वाचन (3) और राज्य के लेखाओं की लेखा-परीक्षा (4) उसके गिनाए कर्तव्यों में नहीं हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जोधपुर जिला गज़ेटियर (1979) में तहसीलदारों के आदेशों के विरुद्ध राजस्व अपीलें कौन सुनता है?
- (a)उपखण्ड अधिकारी
- (b)कलेक्टर
- (c)पुलिस अधीक्षक
- (d)जिला परिषद्
उत्तर(2) — गज़ेटियर कहता है कि राजस्व मामलों में कलेक्टर तहसीलदारों द्वारा पारित आदेशों के विरुद्ध अपीलें सुनता है। वहाँ पुलिस अधीक्षक (3) और जिला परिषद् (4) का कोई राजस्व क्षेत्राधिकार नहीं है, और उपखण्ड अधिकारी (1) वह अधिकारी नहीं है जिसका नाम गज़ेटियर इन अपीलों के लिए देता है।