नागरिक मुद्दों की सूचना देने के लिए और सरकार द्वारा इन्हें विश्लेषित, ट्रैक, प्रबन्धित और सुलझाने हेतु हाल ही में जयपुर नगर निगम, हैरिटेज द्वारा किस एप का शुभारंभ किया गया है ?
- (1)जयपुर 300
- (2)जयपुर 301
- (3)जयपुर 311
- (4)जयपुर 315
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), जयपुर 311.
जयपुर 311 जयपुर नगर निगम, हैरिटेज का नागरिक-समस्या एप है। इसकी Google Play सूची इसे जयपुर नगर निगम, हैरिटेज के नागरिकों के लिए नागरिक मुद्दों की सूचना देने का आवाज़ उठाने वाला मंच (voice raising platform) बताती है।
सूची आगे कहती है कि सरकारें इन मुद्दों का विश्लेषण कर सकती हैं, इन्हें ट्रैक, प्रबंधित और हल कर सकती हैं — प्रश्न का "विश्लेषित, ट्रैक, प्रबन्धित और सुलझाने" यही चार काम हैं। एप Android और iOS दोनों पर है; Apple का स्टोर इसकी iOS रिलीज़ तिथि 6 अगस्त 2024 बताता है।
उपयोगकर्ता समस्या की फ़ोटो खींचता है, कचरा, गड्ढा, खतरनाक स्थिति या शोर की शिकायत जैसी कोई श्रेणी चुनता है, ज़रूरत हो तो विवरण जोड़ता है और शिकायत भेज देता है।
नाम की संख्या वही 311 है जो संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के कई समुदायों में गैर-आपातकालीन नगरपालिका सेवाओं की फ़ोन लाइन का नंबर है। एप की सूची कहती है कि इसे Open311 प्रोटोकॉल और API अपनाने और एकीकृत करने के लिए बनाया गया है; Open311 नागरिक समस्याओं की ट्रैकिंग का एक खुला मानक है।
याद रखने की बात: 311 गैर-आपातकालीन नागरिक-सेवा नंबर है, और जयपुर 311 नागरिक समस्याओं की सूचना देने के लिए जयपुर नगर निगम, हैरिटेज का एप है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)जयपुर 300 — जयपुर 300 इस एप का नाम नहीं है। Apple और Google के स्टोर पर जयपुर नगर निगम, हैरिटेज के लिए प्रकाशित एप जयपुर 311 है।
इसकी संख्या 311 की गैर-आपातकालीन नगर-सेवा लाइन वाली संख्या है, और इसकी सूची कहती है कि यह नागरिक समस्याओं की ट्रैकिंग का Open311 मानक अपनाता है।
- (2)जयपुर 301 — जयपुर 301 असली नाम, जयपुर 311, से एक अंक अलग है।
App Store जयपुर 311 को विक्रेता सिविक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत सूचीबद्ध करता है और इसे जयपुर नगर निगम, हैरिटेज के नागरिकों के लिए नागरिक मुद्दों की सूचना देने का मंच बताता है। नाम को 311 लाइन से जोड़ने पर बीच का अंक तय हो जाता है।
- (4)जयपुर 315 — जयपुर 315 असली नाम, जयपुर 311, का अंतिम अंक बदल देता है।
नाम में "311" गैर-आपातकालीन नगर सेवाओं की फ़ोन-आधारित 311 व्यवस्थाओं का नंबर है। एप की सूची कहती है कि यह Open311 अपनाता है, जिसे Open311 की साइट इन्हीं फ़ोन-आधारित व्यवस्थाओं का विकसित रूप बताती है।
अवधारणा
भारत में नगरपालिका निकायों को संवैधानिक आधार 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से मिलता है, जिसने भाग 9A और बारहवीं अनुसूची जोड़ी। अनुच्छेद 243Q तीन प्रकार की नगरपालिकाओं का प्रावधान करता है: नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम।
बारहवीं अनुसूची में 18 कार्य सूचीबद्ध हैं, जिनमें सड़कें और पुल, जलापूर्ति, तथा लोक स्वास्थ्य, स्वच्छता संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं। गड्ढों, पानी या कचरे की शिकायतें इसी सूची के कार्यों से जुड़ी हैं।
Open311 स्वयं को नागरिक समस्याओं की ट्रैकिंग का एक सहयोगी मॉडल और खुला मानक बताता है। इसकी साइट इसे उन फ़ोन-आधारित 311 व्यवस्थाओं का विकसित रूप बताती है जो उत्तरी अमेरिका के कई शहर देते हैं।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था" के अंतर्गत "स्थानीय स्वशासन", और "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "राजस्थान, भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे" सूचीबद्ध हैं।
परीक्षा की तिथि पर जयपुर शहर में दो नगर निगम थे — जयपुर नगर निगम हैरिटेज और जयपुर नगर निगम ग्रेटर।
जयपुर 311 जैसे एप शिकायत निवारण का एक डिजिटल माध्यम हैं, जो पाठ्यक्रम की पंक्ति "लोक नीति, विधिक अधिकार एवं नागरिक अधिकार–पत्र" से जुड़ता है।
मुख्य तथ्य
- जयपुर 311 जयपुर नगर निगम, हैरिटेज का नागरिक-समस्या सूचना एप है, जो Android और iOS पर उपलब्ध है।
- App Store सिविक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को एप का विक्रेता बताता है; इसकी सूची कहती है कि यह Open311 प्रोटोकॉल और API अपनाता है।
- 311 उत्तरी अमेरिका के कई शहरों की फ़ोन-आधारित गैर-आपातकालीन नगर-सेवा लाइन है; Open311 नागरिक समस्याओं की ट्रैकिंग का खुला मानक है।
- जयपुर 311 की श्रेणियों में कचरा, गड्ढा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, खतरनाक स्थिति, पर्यावरण संबंधी समस्या और शोर की शिकायत शामिल हैं।
- 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने नगरपालिकाओं पर भाग 9A और 18 नगरपालिका कार्यों वाली बारहवीं अनुसूची जोड़ी।
जयपुर नगर निगम, हैरिटेज के लिए एप की स्टोर सूची पर आधारित।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक-एक अंक से अलग नाम: 300, 301, 311 और 315। नाम को 311 गैर-आपातकालीन नगर-सेवा लाइन से जोड़ने पर ये अलग हो जाते हैं।
- जयपुर के दो नगर निगमों को आपस में मिला देना। प्रश्न जयपुर नगर निगम, हैरिटेज का नाम लेता है, जयपुर नगर निगम ग्रेटर का नहीं।
- 311 को 112 समझ लेना। 112 भारत का एकल आपातकालीन नंबर है, जबकि 311 जैसी सेवाएँ गड्ढों और कचरे जैसी गैर-आपातकालीन नागरिक समस्याएँ सँभालती हैं।
कोई प्रश्न किसी हालिया सरकारी एप का नाम, उसे शुरू करने वाला निकाय, या उसका उद्देश्य पूछ सकता है।
कोई प्रश्न उद्देश्य बताकर यह भी पूछ सकता है कि कौन-सा एप उससे मेल खाता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जयपुर 311 एप कहता है कि वह Open311 प्रोटोकॉल अपनाता है। Open311 क्या है?
- (a)नागरिक समस्याओं की ट्रैकिंग का एक खुला मानक
- (b)एक राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया नंबर
- (c)नगरपालिका चुनावों की एक योजना
- (d)संपत्ति कर के लिए एक भुगतान गेटवे
उत्तर(1) — Open311 स्वयं को नागरिक समस्याओं की ट्रैकिंग का एक सहयोगी मॉडल और खुला मानक बताता है, और इसकी साइट इसे उन फ़ोन-आधारित 311 व्यवस्थाओं का विकसित रूप बताती है जो उत्तरी अमेरिका के कई शहर देते हैं।विकल्प (2) भारत के आपातकालीन नंबर 112 का वर्णन है; विकल्प (3) और (4) का समस्या-ट्रैकिंग से कोई संबंध नहीं है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नगरपालिकाओं को सौंपे जा सकने वाले कार्य भारत के संविधान की किस अनुसूची में सूचीबद्ध हैं?
- (a)ग्यारहवीं अनुसूची
- (b)बारहवीं अनुसूची
- (c)दसवीं अनुसूची
- (d)सातवीं अनुसूची
उत्तर(2) — 74वें संशोधन द्वारा जोड़ी गई बारहवीं अनुसूची में 18 नगरपालिका कार्य सूचीबद्ध हैं। विकल्प (1) में पंचायतों के 29 विषय हैं; विकल्प (3) दल-बदल विरोध से संबंधित है; विकल्प (4) में संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ हैं।