दो पासों को एक साथ फेंकने पर प्राप्त होने वाली संख्याओं का योग एक अभाज्य संख्या होने की प्रायिकता है :
- (1)1/2
- (2)1/3
- (3)5/12
- (4)7/12
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 5/12.
चरण 1 — सभी परिणाम गिनें। हर पासा 1 से 6 दिखाता है, इसलिए दो पासे 6 × 6 = 36 समसंभाव्य क्रमित युग्म देते हैं।
चरण 2 — अभाज्य योगों की सूची बनाएँ। योग 2 से 12 तक होते हैं, और उनमें अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7 और 11 हैं।
चरण 3 — हर अभाज्य योग के युग्म गिनें।
योग 2: (1, 1) → 1
योग 3: (1, 2), (2, 1) → 2
योग 5: (1, 4), (4, 1), (2, 3), (3, 2) → 4
योग 7: (1, 6), (6, 1), (2, 5), (5, 2), (3, 4), (4, 3) → 6
योग 11: (5, 6), (6, 5) → 2
चरण 4 — जोड़ें और भाग दें।
अनुकूल युग्म = 1 + 2 + 4 + 6 + 2 = 15
प्रायिकता = 15/36 = 5/12
याद रखने की बात: दो पासों में क्रमित युग्म गिनें; 36 में (1, 2) और (2, 1) दो अलग परिणाम हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)1/2 — 1/2 = 18/36 विषम योग की प्रायिकता है: योग 3, 5, 7, 9 और 11, 2 + 4 + 6 + 4 + 2 = 18 युग्मों से आते हैं।
विषम और अभाज्य एक नहीं हैं। विषम योग 9 (= 3 × 3) अभाज्य नहीं है, और सम योग 2 अभाज्य है। 9 के 4 युग्म हटाकर 2 का 1 युग्म जोड़ने पर 15 युग्म, यानी 5/12 मिलता है।
- (2)1/3 — 1/3 = 12/36 इस बात की प्रायिकता है कि योग 3 का गुणज हो: योग 3, 6, 9 और 12, 2 + 5 + 4 + 1 = 12 युग्मों से आते हैं।
अभाज्य योग 15 युग्मों से आते हैं, इसलिए पूछी गई प्रायिकता 15/36 = 5/12 है।
- (4)7/12 — 7/12 = 21/36 इस बात की प्रायिकता है कि योग अभाज्य न हो, यानी पूछी गई घटना की पूरक।
योग 4, 6, 8, 9, 10 और 12, 3 + 5 + 5 + 4 + 3 + 1 = 21 युग्मों से आते हैं, और 21 + 15 = 36। अभाज्य योग की प्रायिकता 1 − 7/12 = 5/12 है।
अवधारणा
प्रायिकता की शास्त्रीय परिभाषा: जब सभी परिणाम समसंभाव्य हों, तो किसी घटना की प्रायिकता = अनुकूल परिणाम ÷ कुल परिणाम।
दो पासों के समसंभाव्य परिणाम 36 क्रमित युग्म हैं, 11 संभव योग नहीं। योग s देने वाले युग्मों की संख्या 6 − |s − 7| है, इसलिए योग 7 के 6 युग्म हैं जबकि योग 2 और 12 का 1-1।
पूरक नियम, P(A नहीं) = 1 − P(A), किसी घटना को उसकी उलटी घटना से जोड़ता है: अभाज्य योग की प्रायिकता 5/12 है, और अभाज्य न होने वाले योग की 7/12।
अभाज्य संख्या के ठीक दो गुणनखंड होते हैं, 1 और वह स्वयं, इसलिए 2 अभाज्य है और 1 नहीं।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता" के अंतर्गत "आधारभूत संख्यात्मक दक्षता" में "प्रायिकता (सरल समस्याएं)" और "क्रमचय एवं संचय" शामिल हैं।
शास्त्रीय परिभाषा निष्पक्ष पासों, निष्पक्ष सिक्कों और अच्छी तरह फेंटे गए ताश पर लागू होती है, जहाँ सममिति हर परिणाम को समसंभाव्य बनाती है। परिणामों को सही गिनना क्रमचय और संचय का काम है।
दो पासों का योग अपने सभी मानों पर समसंभाव्य नहीं है, भले ही हर पासे का हर फलक समसंभाव्य हो: जहाँ भी परिणामों को गिनने से पहले समूहों में बाँटा जाता है, वहाँ यही सावधानी लागू होती है।
मुख्य तथ्य
- दो पासों के 6 × 6 = 36 समसंभाव्य क्रमित परिणाम होते हैं, जिनके योग 2 से 12 तक होते हैं।
- दो पासों से योग s पाने के तरीकों की संख्या 6 − |s − 7| है; योग 7 के 6 तरीके हैं, योग 2 और 12 का 1-1।
- 12 तक की अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7 और 11 हैं; 1 अभाज्य संख्या नहीं है।
- जब हर परिणाम समसंभाव्य हो, तो शास्त्रीय प्रायिकता = अनुकूल परिणाम ÷ कुल परिणाम।
- P(A नहीं) = 1 − P(A); दो पासों में P(योग अभाज्य नहीं) = 1 − 5/12 = 7/12।
युग्म क्रमित हैं: (1, 2) का अर्थ है पहले पासे पर 1 और दूसरे पर 2।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- अक्रमित युग्म गिनना, जिससे (1, 2) और (2, 1) एक ही परिणाम बन जाते हैं। कुल 36 क्रमित युग्म गिनता है, इसलिए अनुकूल परिणाम भी क्रमित होने चाहिए।
- 2 को सम होने के कारण छोड़ देना, या 9 को विषम होने के कारण ले लेना। 2 अभाज्य है; 9 = 3 × 3 नहीं है।
- 11 संभव योगों को समसंभाव्य मान लेना। योग 7 छह युग्मों से आता है और योग 2 एक से, इसलिए योगों की गिनती प्रायिकता नहीं देती।
कोई प्रश्न यह प्रायिकता पूछ सकता है कि योग अभाज्य, सम, किसी संख्या का गुणज या किसी मान से अधिक हो; कि दोनों पासों पर एक ही संख्या आए; या कि एक पासे की संख्या दूसरे से बड़ी हो।
कोई प्रश्न एक पासे को कई बार फेंककर यह भी पूछ सकता है कि हर संख्या पिछली संख्या से बड़ी हो।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दो पासों को एक साथ फेंका जाता है। संख्याओं का योग एक पूर्ण वर्ग होने की प्रायिकता क्या है?
- (a)7/36
- (b)1/12
- (c)1/9
- (d)2/11
उत्तर(1) — संभव वर्ग योग 4 (3 युग्म) और 9 (4 युग्म) हैं, इसलिए 7/36। विकल्प (2) केवल योग 4 गिनता है; विकल्प (3) केवल योग 9 गिनता है; विकल्प (4) 11 संभव योगों को समसंभाव्य मान लेता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दो पासों को एक साथ फेंका जाता है। संख्याओं का योग 9 से अधिक होने की प्रायिकता क्या है?
- (a)1/6
- (b)1/12
- (c)5/36
- (d)3/11
उत्तर(1) — योग 10, 11 और 12, 3 + 2 + 1 = 6 युग्मों से आते हैं, इसलिए 6/36 = 1/6। विकल्प (2) केवल योग 10 गिनता है; विकल्प (3) योग 12 छोड़ देता है; विकल्प (4) 11 संभव योगों को समसंभाव्य मान लेता है।