निम्न चित्र में कितने त्रिभुज दिये गये हैं ?

- (1)12
- (2)14
- (3)16
- (4)18
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 16.
पहले चित्र पर नाम लिखें। A और C ऊपर-बाएँ और नीचे-बाएँ कोने हैं। B और D ऊपर और नीचे की छोटी रेखाओं के दाएँ सिरे हैं। M बाएँ किनारे का मध्य है, जहाँ से बीच की छोटी रेखा शुरू होती है।
विकर्ण A–D और B–C, O पर काटते हैं, जो बीच की रेखा का दायाँ सिरा है। P दायीं ओर दूर का शीर्ष है, जो A और C से जुड़ा है।
E वह बिन्दु है जहाँ रेखा AP, रेखा BC को काटती है; F वह जहाँ रेखा CP, रेखा AD को काटती है। इस तरह आठ सीधी रेखाएँ बनती हैं: A–M–C, AB, CD, MO, A–O–F–D, B–E–O–C, A–E–P और C–F–P।
समूह 1 — पूरा बायाँ किनारा AC एक भुजा के रूप में:
ABC, AOC, ADC
AEC, AFC, APC
गिनती = 6
समूह 2 — बाएँ किनारे का आधा भाग एक भुजा के रूप में:
AMO (ऊपरी आधा), CMO (निचला आधा)
कुल अब तक = 6 + 2 = 8
समूह 3 — ऊपरी रेखा AB या निचली रेखा CD एक भुजा के रूप में:
ABE, ABO, CDF, CDO
कुल अब तक = 8 + 4 = 12
समूह 4 — भुजाएँ केवल चार तिरछी रेखाओं AD, BC, AP और CP पर:
AEO, CFO, AFP, CEP
कुल अब तक = 12 + 4 = 16
आकार से जाँच: 6 सबसे छोटे त्रिभुज हैं AMO, CMO, ABE, AEO, CFO और CDF। 10 बड़े त्रिभुज हैं AOC, ABO, CDO, AEC, AFC, ABC, ADC, AFP, CEP और APC। फिर से 6 + 10 = 16।
याद रखने की बात: हर कोने और हर कटान-बिन्दु को नाम दें, फिर त्रिभुजों को इस आधार पर समूह-दर-समूह गिनें कि उनकी भुजा किस रेखा पर है, ताकि कोई दो बार न गिना जाए और कोई छूटे नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)12 — 12 समूह 1 से 3 के बाद का योग है। यह उन चार त्रिभुजों को छोड़ देता है जिनकी भुजाएँ केवल तिरछी रेखाओं पर हैं: AEO, CFO, AFP और CEP।
इनमें से दो, AFP और CEP, शीर्ष P तक पहुँचते हैं; बाकी दो, AEO और CFO, कटान-बिन्दु O को छूने वाले छोटे त्रिभुज हैं।
- (2)14 — 14 चारों समूहों में सूचीबद्ध 16 त्रिभुजों से दो कम है, और उन 16 में से हर एक की तीनों भुजाएँ खींची गई रेखाओं पर हैं।
उनमें से तीन, AFP, CEP और APC, में चार भुजाओं वाला क्षेत्र E–O–F–P शामिल है, इसलिए केवल छोटे त्रिभुजों को जोड़ने से वे सामने नहीं आते।
- (4)18 — 18 दो अधिक गिनता है। त्रिभुज की हर भुजा किसी खींची गई रेखा पर होनी चाहिए, और O और P किसी रेखा से नहीं जुड़े हैं, इसलिए इस चित्र में AOP और COP त्रिभुज नहीं हैं।
एक सीधी रेखा पर स्थित तीन बिन्दु भी त्रिभुज नहीं बनाते: A, M और C बाएँ किनारे पर हैं, और A, O और D एक ही विकर्ण पर।
अवधारणा
रेखाओं से बने चित्र में त्रिभुज तीन ऐसी खींची गई रेखाओं से बनता है जो जोड़ियों में तीन अलग-अलग बिन्दुओं पर मिलती हैं। एक ही बिन्दु से गुजरने वाली तीन रेखाएँ कोई त्रिभुज नहीं बनातीं, और एक सीधी रेखा पर स्थित तीन बिन्दु त्रिभुज के शीर्ष नहीं होते।
भरोसेमंद गिनती हर कोने और हर कटान-बिन्दु पर नाम लिखने, फिर उनसे गुजरने वाली सीधी रेखाओं की सूची बनाने से शुरू होती है।
फिर त्रिभुज ऐसे समूहों में गिने जाते हैं जो एक-दूसरे पर न चढ़ें, जैसे इस आधार पर कि एक भुजा किस रेखा पर है, या आकार के आधार पर: पहले अकेले क्षेत्र, फिर दो, तीन या अधिक क्षेत्रों से बनी आकृतियाँ।
यदि कई रेखाओं में से हर एक बाकी सभी को अलग-अलग बिन्दुओं पर काटे, तो उनमें से कोई भी तीन मिलकर एक त्रिभुज बनाती हैं।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता" के अंतर्गत "मानसिक योग्यता" में "दर्पण/पानी प्रतिबिम्ब" के साथ "आकार और उनके उपविभाजन" शामिल है।
आकृतियाँ गिनना किसी चित्र पर लागू गणना-गणित (कॉम्बिनेटोरिक्स) है। गिनती इस पर निर्भर करती है कि कौन-से बिन्दु रेखाओं से जुड़े हैं, इस पर नहीं कि आकृतियाँ कितनी बड़ी दिखती हैं, इसीलिए बिन्दुओं और रेखाओं की नाम वाली सूची इसे तय कर देती है।
गिनती को एक-दूसरे पर न चढ़ने वाली स्थितियों में बाँटने की यही आदत पाठ्यक्रम के "आधारभूत संख्यात्मक दक्षता" भाग के "क्रमचय एवं संचय" में भी चलती है।
मुख्य तथ्य
- जोड़ियों में तीन अलग-अलग बिन्दुओं पर मिलने वाली तीन खींची गई रेखाएँ एक त्रिभुज बनाती हैं; एक ही बिन्दु से गुजरने वाली तीन रेखाएँ कोई नहीं।
- एक सीधी रेखा पर स्थित बिन्दु, जैसे इस चित्र के बाएँ किनारे पर A, M और C, त्रिभुज के शीर्ष नहीं हो सकते।
- यदि n रेखाओं में से हर एक बाकी सभी को अलग-अलग बिन्दुओं पर काटे, तो वे n(n − 1)(n − 2) ÷ 6 त्रिभुज बनाती हैं; यहाँ AD, BC, AP और CP से 4 बनते हैं।
- यदि त्रिभुज के आधार पर, सिरों सहित, k बिन्दु हों और हर एक शीर्ष से जुड़ा हो, तो चित्र में k(k − 1) ÷ 2 त्रिभुज होते हैं।
- इस चित्र में 9 नामित बिन्दु, 8 सीधी रेखाएँ, 7 घिरे क्षेत्र (6 त्रिभुज और एक चार भुजाओं वाला क्षेत्र) और 16 त्रिभुज हैं।
A, C: ऊपर-बाएँ और नीचे-बाएँ कोने; B, D: ऊपरी और निचली रेखाओं के दाएँ सिरे; M: बाएँ किनारे का मध्य; O: जहाँ विकर्ण काटते हैं; P: शीर्ष; E: AP और BC का कटान; F: CP और AD का कटान।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक सीधी रेखा पर स्थित तीन बिन्दुओं को त्रिभुज मान लेना, जैसे बाएँ किनारे पर A, M और C, या एक विकर्ण पर A, O और D।
- ऐसे दो बिन्दुओं को जोड़ लेना जिन्हें कोई खींची गई रेखा नहीं जोड़ती। O और P जुड़े नहीं हैं, इसलिए AOP और COP त्रिभुज नहीं हैं।
- बड़े त्रिभुज केवल छोटे त्रिभुजों को जोड़कर बनाना। AFP, CEP और APC, प्रत्येक में चार भुजाओं वाला क्षेत्र E–O–F–P शामिल है, इसलिए यह विधि तीनों को छोड़ देती है।
कोई प्रश्न किसी रेखाचित्र में त्रिभुजों, वर्गों, आयतों या समचतुर्भुजों की संख्या पूछ सकता है।
कोई प्रश्न एक जाली, कोनों से खींची रेखाओं से कटा त्रिभुज, या इस चित्र जैसी काटते विकर्णों वाली आकृति बना सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
त्रिभुज PQR में बिन्दु S और T भुजा QR पर Q और R के बीच स्थित हैं, और दोनों P से जुड़े हैं। चित्र में कितने त्रिभुज हैं?
- (a)3
- (b)5
- (c)6
- (d)7
उत्तर(3) — आधार पर 4 बिन्दु हैं (Q, S, T, R), और उनमें से कोई भी 2, P के साथ, एक त्रिभुज बनाते हैं: 4 × 3 ÷ 2 = 6 (PQS, PST, PTR, PQT, PSR, PQR)। विकल्प (1) केवल तीन सबसे छोटे गिनता है; विकल्प (2) एक छोड़ देता है; विकल्प (4) अधिक गिनता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक वर्ग ABCD में उसके दोनों विकर्ण खींचे गए हैं। चित्र में कितने त्रिभुज हैं?
- (a)4
- (b)6
- (c)8
- (d)10
उत्तर(3) — विकर्ण O पर काटते हैं, जिससे 4 छोटे त्रिभुज (AOB, BOC, COD, DOA) और 4 बड़े त्रिभुज (ABC, BCD, CDA, DAB) बनते हैं: कुल 8। विकल्प (1) केवल छोटे त्रिभुज गिनता है; विकल्प (2) और (4) किसी भी समूह से मेल नहीं खाते।