निम्नलिखित में से किस दिनांक को प्रमिल कुमार माथुर ने राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल का कार्यभार संभाला ?
- (1)20/02/2024
- (2)20/03/2024
- (3)20/04/2024
- (4)20/05/2024
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 20/04/2024.
राजस्थान उच्च न्यायालय की अपनी रजिस्ट्रार जनरल सूची में प्रमिल कुमार माथुर 20.04.2024 से 26.01.2025 तक इस पद पर दर्ज हैं। उन्होंने 20/04/2024, यानी 20 अप्रैल 2024, को कार्यभार संभाला।
उन्होंने उसी दिन कार्यभार लिया जिस दिन उनके पूर्ववर्ती का कार्यकाल समाप्त हुआ। चंद्र प्रकाश श्रीमाली 30.11.2022 से 20.04.2024 तक रजिस्ट्रार जनरल दर्ज हैं।
चारों विकल्पों में दिन (20) और वर्ष (2024) एक ही हैं। केवल महीना अलग है, इसलिए उत्तर अप्रैल जानने पर टिका है।
परीक्षा की तिथि, 2 फरवरी 2025, तक माथुर यह पद छोड़ चुके थे। उच्च न्यायालय 27.01.2025 से चंचल मिश्रा को रजिस्ट्रार जनरल बताता है।
केंद्रीय विधि मंत्रालय की 23 जनवरी 2025 की अधिसूचना ने चंद्र शेखर शर्मा, प्रमिल कुमार माथुर और चंद्र प्रकाश श्रीमाली को, उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से, राजस्थान उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया था।
प्रश्न पूछता है कि माथुर ने रजिस्ट्रार जनरल का कार्यभार कब संभाला — 20 अप्रैल 2024 — न कि परीक्षा की तिथि पर यह पद किसके पास था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)20/02/2024 — 20 फरवरी 2024 को रजिस्ट्रार जनरल अभी भी चंद्र प्रकाश श्रीमाली थे, जिनका कार्यकाल 30.11.2022 से 20.04.2024 तक दर्ज है।
माथुर का कार्यकाल दो महीने बाद, 20.04.2024 को शुरू होता है। यह विकल्प दिन और वर्ष सही रखता है, पर महीना पीछे कर देता है।
- (2)20/03/2024 — 20 मार्च 2024 भी श्रीमाली के कार्यकाल में आता है, जो 20.04.2024 तक चला। माथुर ने एक महीने बाद कार्यभार लिया।
इस तरह के पद उच्च न्यायालय स्वयं भरता है: अनुच्छेद 229 के अंतर्गत उच्च न्यायालय के अधिकारियों और सेवकों की नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश करता है, या उसके द्वारा निर्देशित कोई न्यायाधीश या अधिकारी।
- (4)20/05/2024 — 20 मई 2024 तक माथुर एक महीने से रजिस्ट्रार जनरल थे। उनका कार्यकाल 20.04.2024 से 26.01.2025 तक दर्ज है, इसलिए मई उनके कार्यकाल के भीतर की तिथि है, उसकी शुरुआत नहीं।
यह विकल्प दिन और वर्ष रखता है, पर महीना आगे कर देता है।
अवधारणा
उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री उसका प्रशासनिक कार्यालय है, और रजिस्ट्रार जनरल उसका प्रमुख होता है। उदाहरण के लिए, न्यायिक अधिकारियों की पदस्थापना का राजस्थान उच्च न्यायालय का 10 अक्टूबर 2024 का आदेश रजिस्ट्रार जनरल के रूप में माथुर के हस्ताक्षर से जारी हुआ।
माथुर यह पद न्यायिक अधिकारी के रूप में संभाल रहे थे, न्यायाधीश के रूप में नहीं। 23 जनवरी 2025 की अधिसूचना उन्हें और उनके दो साथियों को न्यायाधीश नियुक्त करते समय न्यायिक अधिकारी बताती है।
संविधान का अनुच्छेद 229 उच्च न्यायालय के अधिकारियों और सेवकों की नियुक्ति की शक्ति मुख्य न्यायाधीश को देता है।
न्यायाधीशों की नियुक्ति अलग ढंग से होती है: अनुच्छेद 217(1) के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा, भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्यपाल से परामर्श के बाद; मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त किसी न्यायाधीश की नियुक्ति में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से भी परामर्श होता है।
रजिस्ट्रार जनरल राजस्थान उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री का प्रमुख होता है। यह पद न्यायिक अधिकारी के पास रहता है, और पदधारी बाद में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हो सकते हैं: माथुर और उनके पूर्ववर्ती श्रीमाली, दोनों के नाम विधि मंत्रालय की 23 जनवरी 2025 की अधिसूचना में थे।
राजस्थान उच्च न्यायालय का उद्घाटन 29 अगस्त 1949 को जोधपुर में हुआ, इसलिए 2024 में इसके 75 वर्ष पूरे हुए। इसकी मुख्य पीठ जोधपुर में है, और 1976 के एक राष्ट्रपति आदेश से जयपुर में इसकी स्थायी पीठ बनी।
पदधारियों से जुड़े तथ्य जल्दी बदलते हैं। माथुर ने अप्रैल 2024 में कार्यभार संभाला, जनवरी 2025 में पद छोड़ा और उसी महीने की अधिसूचना से उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए।
2 फरवरी 2025 को यह पद चंचल मिश्रा के पास था, जिन्होंने 27 जनवरी 2025 को कार्यभार संभाला।
मुख्य तथ्य
- प्रमिल कुमार माथुर 20.04.2024 से 26.01.2025 तक राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रहे।
- उनके पूर्ववर्ती चंद्र प्रकाश श्रीमाली 30.11.2022 से 20.04.2024 तक इस पद पर रहे।
- चंचल मिश्रा ने 27.01.2025 को रजिस्ट्रार जनरल का कार्यभार संभाला; परीक्षा की तिथि, 2 फरवरी 2025, को यह पद उन्हीं के पास था।
- 23 जनवरी 2025 की अधिसूचना ने चंद्र शेखर शर्मा, प्रमिल कुमार माथुर और चंद्र प्रकाश श्रीमाली को राजस्थान उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया।
- राजस्थान उच्च न्यायालय का उद्घाटन 29 अगस्त 1949 को जोधपुर में हुआ; 1976 के एक राष्ट्रपति आदेश से जयपुर में इसकी स्थायी पीठ बनी।
तिथियाँ राजस्थान उच्च न्यायालय की सूची के अनुसार; माथुर का कार्यकाल 20 अप्रैल 2024 को शुरू हुआ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दिन और वर्ष देखकर चुन लेना। चारों विकल्पों में 20 और 2024 समान हैं; केवल महीना उत्तर तय करता है।
- परीक्षा की तिथि के हिसाब से उत्तर देना। माथुर का कार्यकाल 26.01.2025 को समाप्त हो गया था, और 2 फरवरी 2025 को यह पद चंचल मिश्रा के पास था।
- रजिस्ट्रार जनरल को न्यायाधीश मान लेना। माथुर यह पद न्यायिक अधिकारी के रूप में संभाल रहे थे; उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति जनवरी 2025 में अलग अधिसूचना से हुई।
राजस्थान की संस्थाओं पर समसामयिक प्रश्न किसी पदधारी का नाम देकर पूछ सकता है कि उसने कार्यभार कब संभाला, या कोई पद देकर पूछ सकता है कि किसी तिथि पर वह किसके पास था।
जब विकल्प केवल दिन या महीने में अलग हों, तो सटीक तिथि ही काम आती है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर प्रमिल कुमार माथुर से ठीक पहले कौन था?
- (a)सूर्य प्रकाश काकड़ा
- (b)चंद्र प्रकाश श्रीमाली
- (c)चंचल मिश्रा
- (d)निर्मल सिंह मेड़तवाल
उत्तर(2) — चंद्र प्रकाश श्रीमाली 30.11.2022 से 20.04.2024 तक इस पद पर रहे, जब माथुर ने कार्यभार लिया। सूर्य प्रकाश काकड़ा (1) 2022 में श्रीमाली से पहले इस पद पर थे। चंचल मिश्रा (3) 27.01.2025 को माथुर के बाद आए। निर्मल सिंह मेड़तवाल (4) 2020 से 2022 तक इस पद पर रहे। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ कहाँ है?
- (a)जयपुर
- (b)जोधपुर
- (c)अजमेर
- (d)उदयपुर
उत्तर(2) — उच्च न्यायालय का उद्घाटन 1949 में जोधपुर में हुआ, और जोधपुर ही इसकी मुख्य पीठ है। जयपुर (1) में 1976 के राष्ट्रपति आदेश से बनी स्थायी पीठ है। अजमेर (3) और उदयपुर (4) मुख्य पीठ नहीं हैं।