इनमें से कौन सा समूह मिलेट्स (श्रीअन्न) फसलों का है ?
- (1)बाजरा, मक्का, कोदो, ज्वार
- (2)रागी, बाजरा, कोदो, मूँग
- (3)कोदो, बाजरा, मक्का, कांगनी
- (4)ज्वार, कोदो, कांगनी, रागी
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), ज्वार, कोदो, कांगनी, रागी.
नीति आयोग की 2023 की रिपोर्ट Promoting Millets in Diets (आहार में मिलेट्स को बढ़ावा) मिलेट्स को छोटे बीज वाले अनाज बताती है, जिनमें ज्वार (सोरघम), बाजरा (पर्ल मिलेट), रागी/मंडुआ (फिंगर मिलेट) और लघु मिलेट्स आते हैं: कांगनी/काकुन (फॉक्सटेल मिलेट), चीना (प्रोसो मिलेट), कोदो (कोदो मिलेट), सावा/साँवा/झंगोरा (बार्नयार्ड मिलेट) और कुटकी (लिटिल मिलेट), साथ में दो छद्म मिलेट्स।
विकल्प (4) को इस सूची से मिलाइए। ज्वार सूची में है; कोदो, कोदो मिलेट है; कांगनी, फॉक्सटेल मिलेट है; रागी, फिंगर मिलेट है। चारों मिलेट्स हैं, इसलिए ज्वार, कोदो, कांगनी, रागी मिलेट्स (श्रीअन्न) फसलों का समूह है।
बाकी हर विकल्प में एक फसल ऐसी है जो सूची में नहीं है: विकल्प (1) और (3) में मक्का, और विकल्प (2) में मूँग।
याद रखने योग्य बात: मक्का मोटे अनाजों में गिना जाता है पर मिलेट नहीं है, और मूँग एक दलहन है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)बाजरा, मक्का, कोदो, ज्वार — बाजरा, कोदो और ज्वार मिलेट्स हैं, पर मक्का नीति आयोग की मिलेट्स की सूची में नहीं है।
कृषि मंत्रालय के 2022-23 के द्वितीय अग्रिम अनुमान (14 फरवरी 2023) दिखाते हैं कि मक्का कहाँ आता है: वह पोषक अनाज के योग से बाहर है, जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी और लघु मिलेट्स आते हैं, और जौ के साथ, पोषक/मोटे अनाज के व्यापक योग के अंदर है।
- (2)रागी, बाजरा, कोदो, मूँग — रागी, बाजरा और कोदो मिलेट्स हैं, पर मूँग एक दलहन है।
कृषि मंत्रालय के 2022-23 के द्वितीय अग्रिम अनुमानों में मूँग, तुअर, चना, उड़द और मसूर के साथ, कुल दलहन वाली पंक्ति के ऊपर दलहनों में सूचीबद्ध है। उस वर्ष के लिए मूँग का अपना अनुमान 35.45 लाख टन था।
- (3)कोदो, बाजरा, मक्का, कांगनी — कोदो, बाजरा और कांगनी मिलेट्स हैं, पर मक्का फिर समूह तोड़ देता है।
राजस्थान मक्का और मिलेट्स को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के अलग-अलग घटकों में चलाता है: आर्थिक समीक्षा 2022-23 NFSM-मोटा अनाज मक्का को 5 जिलों में दर्ज करती है, जबकि NFSM-पोषक अनाज में ज्वार 10 जिलों में और बाजरा 21 जिलों में है।
अवधारणा
मिलेट्स छोटे बीज वाले अनाज हैं। नीति आयोग की सूची में तीन प्रमुख मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी), पाँच लघु मिलेट्स (फॉक्सटेल, प्रोसो, कोदो, बार्नयार्ड, लिटिल) और दो छद्म मिलेट्स, कुट्टू और चौलाई, हैं। उसकी प्रस्तावना भारत में उत्पादित नौ पारंपरिक मिलेट्स में ब्राउन टॉप मिलेट का नाम भी लेती है।
भारत सरकार ने 10 अप्रैल 2018 की राजपत्र अधिसूचना द्वारा मिलेट्स को पोषक अनाज घोषित किया।
मंत्रालय की फसल तालिकाएँ दो योग रखती हैं। 2022-23 के द्वितीय अग्रिम अनुमानों में ज्वार (40.75), बाजरा (97.85), रागी (16.69) और लघु मिलेट्स (3.80 लाख टन) मिलकर पोषक अनाज का योग 159.09 बनाते हैं। इसमें मक्का (346.13) और जौ (22.04) जोड़ने पर पोषक/मोटे अनाज का योग 527.26 लाख टन होता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "कृषि–विज्ञान, उद्यान–विज्ञान, वानिकी एवं पशुपालन राजस्थान के विशेष संदर्भ में" शामिल है। बाजरा मिलेट्स को राजस्थान से जोड़ता है।
आर्थिक समीक्षा 2022-23, एग्रीकल्चर स्टैटिस्टिक्स एट अ ग्लांस 2021 के आधार पर, 2020-21 में राजस्थान को बाजरा में, भारत के उत्पादन के 41.71 प्रतिशत के साथ, पहला स्थान देती है, और पोषक अनाज में, 16.30 प्रतिशत के साथ, पहला स्थान।
इस परीक्षा का वर्ष अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष था, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2021 में भारत के प्रस्ताव पर घोषित किया। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने 9 फरवरी 2024 को बताया कि बाड़मेर के पास गुडामालानी में बाजरा के नए क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन 27 सितम्बर 2023 को हुआ था।
मुख्य तथ्य
- नीति आयोग (2023): मिलेट्स में ज्वार, बाजरा, रागी/मंडुआ, पाँच लघु मिलेट्स और दो छद्म मिलेट्स आते हैं।
- नीति आयोग की सूची के लघु मिलेट्स: फॉक्सटेल (कांगनी/काकुन), प्रोसो (चीना), कोदो, बार्नयार्ड (सावा/साँवा/झंगोरा) और लिटिल मिलेट (कुटकी)।
- भारत सरकार ने 10 अप्रैल 2018 की राजपत्र अधिसूचना द्वारा मिलेट्स को पोषक अनाज घोषित किया।
- द्वितीय अग्रिम अनुमान 2022-23: पोषक/मोटे अनाज 527.26 लाख टन, जिसमें मक्का 346.13 है; मक्का और जौ के बिना पोषक अनाज का योग 159.09 है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: 2020-21 में राजस्थान बाजरा उत्पादन में, भारत के उत्पादन के 41.71 प्रतिशत के साथ, पहले स्थान पर था।
स्रोत: नीति आयोग, Promoting Millets in Diets (2023); कृषि मंत्रालय, द्वितीय अग्रिम अनुमान 2022-23।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- "मोटे अनाज" मिलेट्स से बड़ा समूह है। मंत्रालय का पोषक/मोटे अनाज वाला योग मिलेट्स में मक्का और जौ जोड़ता है।
- स्थानीय नाम फसल को छिपा देते हैं: कांगनी फॉक्सटेल मिलेट है, रागी फिंगर मिलेट है, ज्वार सोरघम है और कुटकी लिटिल मिलेट है।
- नीति आयोग कुट्टू और चौलाई को अपनी मिलेट्स की सूची में रखता है, पर छद्म मिलेट्स के रूप में, प्रमुख या लघु मिलेट्स में नहीं।
कोई प्रश्न फसलों के समूह देकर पूछ सकता है कि किस समूह में केवल मिलेट्स हैं, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न कांगनी या कुटकी जैसा कोई स्थानीय नाम देकर यह भी पूछ सकता है कि वह किस मिलेट का नाम है, या यह कि कौन सी फसल छद्म मिलेट है।
संबंधित PYQ
वर्ष 2021-22 में, देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान (प्रतिशत में) था :
- (1) 46.30
- (2) 87.69
- (3) 38.98
- (4) 34.69
उत्तर(3)
वही मिलेट, उत्पादन की ओर से। वह प्रश्न पूछता है कि वर्ष 2021-22 में देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान (प्रतिशत में) कितना था (RPSC की कुंजी: 38.98); यह प्रश्न पूछता है कि फसलों के किस समूह में केवल मिलेट्स हैं।
सूची–I में कृषि फसलें तथा सूची–II में 2021-22 में इन फसलों के उत्पादन में प्रथम स्थान पर रहे राज्यों के नाम हैं । संकेतांकों का प्रयोग करते हुए उन्हें सुमेलित कीजिए : सूची–I – सूची–II A. पोषक अनाज – i. राजस्थान B. कुल दलहन – ii. कर्नाटक C. मूँगफली – iii. मध्यप्रदेश D. सोयाबीन – iv. महाराष्ट्र v. गुजरात संकेतांक :
- (1) A-i, B-iii, C-ii, D-iv
- (2) A-iii, B-i, C-iv, D-ii
- (3) A-ii, B-iii, C-v, D-iv
- (4) A-iv, B-v, C-ii, D-iii
उत्तर(3)
सरकारी आँकड़ों में फसलों का वही वर्गीकरण। वह प्रश्न पोषक अनाज, कुल दलहन, मूँगफली और सोयाबीन को उन राज्यों से सुमेलित करवाता है जो 2021-22 में इनके उत्पादन में प्रथम स्थान पर रहे (RPSC की कुंजी: A-ii, B-iii, C-v, D-iv); यह प्रश्न जाँचता है कि कौन सी फसलें मिलेट्स समूह में आती ही हैं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'कुटकी' किस मिलेट का स्थानीय नाम है ?
- (a)फॉक्सटेल मिलेट
- (b)लिटिल मिलेट
- (c)प्रोसो मिलेट
- (d)बार्नयार्ड मिलेट
उत्तर(2) — नीति आयोग की सूची लिटिल मिलेट को कुटकी बताती है। फॉक्सटेल मिलेट कांगनी/काकुन है, प्रोसो मिलेट चीना है, और बार्नयार्ड मिलेट सावा/साँवा/झंगोरा है, इसलिए विकल्प (1), (3) और (4) गलत हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कृषि मंत्रालय के 2022-23 के द्वितीय अग्रिम अनुमानों में कौन सी फसल पोषक/मोटे अनाज के योग में शामिल है, पर पोषक अनाज के योग में नहीं ?
- (a)ज्वार
- (b)मक्का
- (c)रागी
- (d)बाजरा
उत्तर(2) — पोषक/मोटे अनाज का योग पाने के लिए पोषक अनाज के योग में मक्का (जौ के साथ) जोड़ा जाता है। ज्वार, रागी और बाजरा स्वयं पोषक अनाज के योग का भाग हैं, इसलिए विकल्प (1), (3) और (4) गलत हैं।