राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र स्थित है :
- (1)जोधपुर
- (2)अविकानगर
- (3)बीकानेर
- (4)अजमेर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), बीकानेर.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) अपने राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्रों में ICAR-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (NRCC) को बीकानेर में, अपने पशु विज्ञान प्रभाग के अंतर्गत, सूचीबद्ध करती है।
यह केन्द्र उस राज्य में है जहाँ भारत के अधिकांश ऊँट हैं। राजस्थान सरकार की आर्थिक समीक्षा 2022-23, पशुधन गणना 2019 के हवाले से, बताती है कि देश के ऊँटों में राजस्थान का हिस्सा 84.43 प्रतिशत है।
बीकानेर में ICAR का एक और संस्थान, केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, भी है, इसलिए केवल शहर पहचान का सूत्र नहीं है; विषय है। ऊँट का राष्ट्रीय केन्द्र बीकानेर में है।
विकल्पों के बाकी तीनों स्थानों में ICAR का कोई अलग संस्थान है: जोधपुर में शुष्क क्षेत्र संस्थान, अविकानगर में भेड़ एवं ऊन संस्थान, और अजमेर में बीजीय मसाला केन्द्र।
याद रखने योग्य बात: ऊँट – बीकानेर; भेड़ एवं ऊन – अविकानगर; शुष्क क्षेत्र – जोधपुर; बीजीय मसाले – अजमेर।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)जोधपुर — जोधपुर में ICAR-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) है, जिसे ICAR अपने प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रभाग में रखती है।
ICAR अपने ज़ोन II के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (ATARI) को भी जोधपुर में सूचीबद्ध करती है। इनमें से कोई भी उष्ट्र केन्द्र नहीं है, जो बीकानेर में है।
- (2)अविकानगर — अविकानगर में ICAR-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI) है, जिसे ICAR अपने पशु विज्ञान प्रभाग में सूचीबद्ध करती है।
इस तरह अविकानगर और बीकानेर दोनों में पशु विज्ञान के संस्थान हैं, पर अलग-अलग पशुओं के लिए: अविकानगर में भेड़ एवं ऊन, बीकानेर में ऊँट।
- (4)अजमेर — अजमेर में ICAR-राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र (NRCSS) है, जो ICAR के फसल विज्ञान प्रभाग के अंतर्गत एक राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र है।
इसके नाम में भी उष्ट्र केन्द्र की तरह "राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र" है, पर यह बीजीय मसालों पर, यानी एक फसल विषय पर, काम करता है, किसी पशु पर नहीं।
अवधारणा
ICAR के अनुसंधान निकायों की सूची में मानित विश्वविद्यालय, संस्थान, राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र, राष्ट्रीय ब्यूरो और निदेशालय जैसे शीर्षक हैं। उसके कई राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्रों के नाम किसी फसल, फसल समूह या पशु पर हैं।
ICAR के राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्रों की सूची में कई केन्द्र पशुओं के नाम पर हैं: बीकानेर में ऊँट, हिसार में अश्व, नागालैंड के मेडज़िफेमा में मिथुन, गुवाहाटी में शूकर, और याक।
राजस्थान में ICAR के कई निकाय हैं। इनमें जोधपुर में शुष्क क्षेत्र संस्थान और ज़ोन II का प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग संस्थान, बीकानेर में शुष्क बागवानी और उष्ट्र केन्द्र, अविकानगर में भेड़ एवं ऊन, और अजमेर में बीजीय मसालों के निकाय शामिल हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "कृषि–विज्ञान, उद्यान–विज्ञान, वानिकी एवं पशुपालन राजस्थान के विशेष संदर्भ में" शामिल है। ऊँट पशुपालन को सीधे राजस्थान से जोड़ता है।
आर्थिक समीक्षा 2022-23, पशुधन गणना 2019 के हवाले से, राजस्थान का पशुधन 568.01 लाख बताती है, जो देश के पशुधन का लगभग 10.60 प्रतिशत है। ऊँटों में राज्य का हिस्सा 84.43 प्रतिशत और भेड़ों में 10.64 प्रतिशत है।
समीक्षा ऊँट पालन को बढ़ावा देने की एक योजना भी दर्ज करती है: ऊँट पालकों को प्रत्येक बच्चे के लिए ₹10,000 दो किस्तों में, 0-2 माह पर और एक वर्ष पर, दिए जाने हैं, जिसके लिए लगभग 5,000 पालकों हेतु ₹2.50 करोड़ का प्रावधान है।
मुख्य तथ्य
- ICAR राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (NRCC) को बीकानेर में, अपने पशु विज्ञान प्रभाग के अंतर्गत, सूचीबद्ध करती है।
- ICAR केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान को अविकानगर में और केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान को जोधपुर में सूचीबद्ध करती है।
- ICAR राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र को अजमेर में और केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान को बीकानेर में सूचीबद्ध करती है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23 (पशुधन गणना 2019): भारत के ऊँटों का 84.43 प्रतिशत और उसके पशुधन का लगभग 10.60 प्रतिशत राजस्थान में है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23 ऊँट पालकों को प्रत्येक बच्चे पर दो किस्तों में ₹10,000 देने की योजना दर्ज करती है, जिसके लिए ₹2.50 करोड़ का प्रावधान है।
स्रोत: ICAR के संस्थानों और राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्रों की सूची।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ICAR की संस्थानों और केन्द्रों की सूची इनमें से दो को बीकानेर में रखती है, उष्ट्र केन्द्र और शुष्क बागवानी संस्थान। केवल शहर नहीं, संस्थान का विषय मिलाएँ।
- अविकानगर और बीकानेर दोनों में पशु विज्ञान के संस्थान हैं, पर अलग-अलग पशुओं के लिए: अविकानगर में भेड़ एवं ऊन, बीकानेर में ऊँट।
- "राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र" उष्ट्र केन्द्र (बीकानेर) और बीजीय मसाला केन्द्र (अजमेर), दोनों के नामों में है; उसके साथ जुड़े शब्द स्थान तय करते हैं।
कोई प्रश्न ICAR के किसी संस्थान या राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र का नाम देकर पूछ सकता है कि वह कहाँ स्थित है, जैसा यह प्रश्न करता है, या कोई स्थान देकर पूछ सकता है कि वहाँ कौन सा संस्थान है।
कोई प्रश्न पशुधन गणना में भारत के ऊँटों या अन्य पशुधन में राजस्थान का हिस्सा भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ICAR-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान स्थित है :
- (a)बीकानेर
- (b)अविकानगर
- (c)जोधपुर
- (d)अजमेर
उत्तर(2) — ICAR, CSWRI को अविकानगर में सूचीबद्ध करती है। बीकानेर में राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र और केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, जोधपुर में केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, और अजमेर में राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र है, इसलिए विकल्प (1), (3) और (4) गलत हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पशुधन गणना 2019 पर आधारित राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार, देश के ऊँटों में राज्य का हिस्सा है :
- (a)44.57 प्रतिशत
- (b)10.64 प्रतिशत
- (c)84.43 प्रतिशत
- (d)41.71 प्रतिशत
उत्तर(3) — समीक्षा भारत के ऊँटों में राजस्थान का हिस्सा 84.43 प्रतिशत बताती है। विकल्प (2), 10.64 प्रतिशत, भेड़ों में उसका हिस्सा है; विकल्प (1) और (4) वे आँकड़े हैं जो यही समीक्षा 2020-21 में राई एवं सरसों तथा बाजरा उत्पादन में राज्य के हिस्से के लिए देती है, पशुधन के लिए नहीं।