वर्ष 2021-22 में, देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान (प्रतिशत में) था :
- (1)46.30
- (2)87.69
- (3)38.98
- (4)34.69
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 38.98.
यह आँकड़ा राज्य के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा प्रकाशित राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 से है। इसकी तालिका 2.3, जो प्रमुख फसल उत्पादन में राजस्थान की तुलनात्मक स्थिति दिखाती है, भारत सरकार के कृषि सांख्यिकी संकलन (Agriculture Statistics at a Glance 2022) पर आधारित है।
2021-22 के लिए यह तालिका बाजरे में राजस्थान को पहले, उत्तरप्रदेश को दूसरे और हरियाणा को तीसरे स्थान पर रखती है। देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान 38.98 प्रतिशत दिया गया है।
यानी राजस्थान सबसे बड़ा उत्पादक है, पर उसका हिस्सा आधे से कम है। उसी तालिका में ग्वार का आँकड़ा कहीं अधिक है, और वही संख्या यहाँ विकल्प (2) के रूप में आई है।
फसल के हिस्से वाले प्रश्न में तीन चीज़ें मिलाइए: फसल, वर्ष और स्रोत तालिका। जो आँकड़ा इनमें से एक के लिए सही है, वह बाकी के लिए गलत हो सकता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)46.30 — यह 2021-22 का बाजरे का आँकड़ा नहीं है; आर्थिक समीक्षा 2023-24 इसे 38.98 देती है। उस तालिका की किसी पंक्ति में 46.30 नहीं है।
40 के मध्य वाले आँकड़े मिलते तो हैं, पर दूसरी फसलों या वर्षों के: उसी तालिका में 2021-22 में भारत के राई एवं सरसों उत्पादन में राजस्थान का 46.63% हिस्सा है, और आर्थिक समीक्षा 2024-25 में 2022-23 के लिए बाजरे का हिस्सा 44.66% है। इनमें से कोई भी वह संख्या नहीं जो प्रश्न माँगता है।
- (2)87.69 — यह संख्या उसी तालिका में है, पर यह भारत के ग्वार उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा है, और तालिका के अनुसार यह 2020-21 का है, 2021-22 का नहीं।
ग्वार ऐसी फसल है जिसके राष्ट्रीय उत्पादन पर राजस्थान का प्रभुत्व है। बाजरे की स्थिति अलग है: राजस्थान आगे है, पर देश के उत्पादन के आधे से काफी कम हिस्से के साथ।
- (4)34.69 — यह राजस्थान के हिस्से को कम आँकता है। आर्थिक समीक्षा 2023-24 2021-22 में बाजरे के लिए 38.98% देती है।
पास के वर्षों में राजस्थान का हिस्सा और भी अधिक था — 2020-21 में 41.71% और 2022-23 में 44.66%, जैसा क्रमशः आर्थिक समीक्षा 2022-23 और 2024-25 में दिया गया है — इसलिए 30 के मध्य वाला आँकड़ा इनमें से किसी वर्ष से मेल नहीं खाता।
अवधारणा
बाजरा खरीफ का एक मोटा अनाज है जो गर्मी, रेतीली मिट्टी और कम तथा अनिश्चित वर्षा सह लेता है। ये परिस्थितियाँ पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के बड़े भाग में मिलती हैं।
आर्थिक समीक्षा 2023-24 राज्य के दस कृषि-जलवायु खण्डों में से छह में बाजरे को प्रमुख खरीफ फसलों में गिनती है — शुष्क पश्चिमी मैदान से लेकर बाढ़-प्रवण पूर्वी मैदान तक।
समीक्षा हर वर्ष राजस्थान के फसल उत्पादन की तुलना दूसरे राज्यों से करती है।
2021-22 के लिए वह राजस्थान को बाजरा, राई एवं सरसों और कुल तिलहन में पहले; पोषक अनाज और मूंगफली में दूसरे; और चना, कुल दलहन, ज्वार और सोयाबीन में तीसरे स्थान पर रखती है। ग्वार, जिसमें भी राजस्थान पहले स्थान पर है, 2020-21 के आँकड़ों के साथ दिखाया गया है।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख फसलें– गेहूँ, मक्का, जौ, कपास, गन्ना, एवं बाजरा" और "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "कृषि, उद्योग व सेवा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे" शामिल हैं। बाजरा दोनों शीर्षकों में आता है: यह शुष्क भूमि की फसल भी है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का एक पैमाना भी।
राजस्थान की वार्षिक आर्थिक समीक्षा भारत सरकार के आँकड़ों से राज्य के फसल उत्पादन की तुलना दूसरे राज्यों से करती है। हर संस्करण किसी पिछले फसल वर्ष के आँकड़े देता है, इसलिए हिस्सा बदलता रहता है: 2020-21 में 41.71%, 2021-22 में 38.98% और 2022-23 में 44.66%।
अकेला हिस्सा बहुत कम बताता है। स्थान, हिस्सा और वर्ष साथ-साथ चलते हैं।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार 2021-22 में राजस्थान ने भारत के बाजरे का 38.98% उत्पादन किया और पहले स्थान पर रहा।
- आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार 2021-22 के बाजरा उत्पादन में उत्तरप्रदेश दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा।
- उसी तालिका में भारत के ग्वार उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा 87.69% दिया गया है, वर्ष 2020-21 के लिए।
- बाजरे में राजस्थान का हिस्सा 2020-21 में 41.71% (आर्थिक समीक्षा 2022-23) और 2022-23 में 44.66% (आर्थिक समीक्षा 2024-25) था।
- आर्थिक समीक्षा 2023-24 राजस्थान के दस कृषि-जलवायु खण्डों में से छह में बाजरे को प्रमुख खरीफ फसलों में गिनती है।
विकल्प (2), 87.69, उसी तालिका से 2020-21 का ग्वार का हिस्सा है जिसमें कुंजी वाला बाजरे का आँकड़ा है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रश्न वर्ष तय करता है। बाजरे में राजस्थान का हिस्सा 2020-21 में 41.71%, 2021-22 में 38.98% और 2022-23 में 44.66% था, इसलिए किसी दूसरे वर्ष का आँकड़ा गलत विकल्प बनता है।
- 87.69 उसी आर्थिक समीक्षा तालिका में है, पर वह ग्वार का हिस्सा है, और 2020-21 का। सही तालिका से याद की गई संख्या भी गलत फसल की हो सकती है।
- पहला स्थान होने का अर्थ बहुमत हिस्सा नहीं है। 2021-22 में राजस्थान राष्ट्रीय उत्पादन के 40% से कम हिस्से के साथ बाजरे में पहले स्थान पर था।
कोई प्रश्न एक वर्ष बताकर किसी फसल में राजस्थान का हिस्सा या स्थान पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि किसी वर्ष में राजस्थान किन फसलों में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रहा। कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि किसी कृषि-जलवायु खण्ड में कौन-सी फसलें प्रमुख हैं।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार, 2021-22 में निम्नलिखित में से किस फसल के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर रहा?
- (a)मूंगफली
- (b)राई एवं सरसों
- (c)चना
- (d)सोयाबीन
उत्तर(2) — राई एवं सरसों में राजस्थान राष्ट्रीय उत्पादन के 46.63% के साथ पहले स्थान पर रहा। विकल्प (1), मूंगफली: गुजरात पहले और राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा। विकल्प (3), चना: महाराष्ट्र पहले और राजस्थान तीसरे स्थान पर रहा। विकल्प (4), सोयाबीन: महाराष्ट्र पहले और राजस्थान तीसरे स्थान पर रहा। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार, 2021-22 में बाजरा उत्पादन में देश में कौन-सा राज्य दूसरे स्थान पर रहा?
- (a)हरियाणा
- (b)गुजरात
- (c)उत्तरप्रदेश
- (d)महाराष्ट्र
उत्तर(3) — राजस्थान के बाद उत्तरप्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। विकल्प (1), हरियाणा, 2021-22 में तीसरे स्थान पर रहा। विकल्प (2), गुजरात, समीक्षा की तालिका में उस वर्ष के शीर्ष तीन में नहीं है। विकल्प (4), महाराष्ट्र, भी शीर्ष तीन में नहीं है।