सूची–I में कृषि फसलें तथा सूची–II में 2021-22 में इन फसलों के उत्पादन में प्रथम स्थान पर रहे राज्यों के नाम हैं । संकेतांकों का प्रयोग करते हुए उन्हें सुमेलित कीजिए : सूची–I – सूची–II A. पोषक अनाज – i. राजस्थान B. कुल दलहन – ii. कर्नाटक C. मूँगफली – iii. मध्यप्रदेश D. सोयाबीन – iv. महाराष्ट्र v. गुजरात संकेतांक :
- (1)A-i, B-iii, C-ii, D-iv
- (2)A-iii, B-i, C-iv, D-ii
- (3)A-ii, B-iii, C-v, D-iv
- (4)A-iv, B-v, C-ii, D-iii
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), A-ii, B-iii, C-v, D-iv.
प्रश्न वर्ष 2021-22 तय करता है और पूछता है कि हर फसल के उत्पादन में कौन-सा राज्य प्रथम स्थान पर रहा। आर्थिक समीक्षा 2022-23 के सांख्यिकीय परिशिष्ट की तालिका 1.18 (चौथे अग्रिम अनुमान) हर फसल के तीन सबसे बड़े उत्पादक राज्य देती है, और उससे A-ii, B-iii, C-v, D-iv मिलता है।
A. पोषक अनाज: तालिका में इस नाम की कोई पंक्ति नहीं है; उसकी पंक्ति कुल पोषक/मोटे अनाज की है। उसमें कर्नाटक 7.30 मिलियन टन (14.34%) के साथ प्रथम रहा, और राजस्थान 7.07 मिलियन टन के साथ बहुत पास, दूसरे स्थान पर था।
B. कुल दलहन: मध्यप्रदेश 6.03 मिलियन टन (21.78%) के साथ प्रथम रहा, महाराष्ट्र और राजस्थान से आगे।
C. मूँगफली: गुजरात 4.49 मिलियन टन के साथ प्रथम रहा, जो भारत के कुल उत्पादन का 44.48% था।
D. सोयाबीन: महाराष्ट्र 5.47 मिलियन टन के साथ प्रथम रहा, मध्यप्रदेश (5.39 मिलियन टन) से थोड़ा ही आगे।
मूँगफली का जोड़ा अकेले ही उत्तर तय कर देता है: गुजरात मद v है, और केवल विकल्प (3) C को v से जोड़ता है।
याद रखने की बात: पोषक/मोटे अनाज के कुल योग में मक्का भी शामिल है। उसी तालिका में मक्का में भी कर्नाटक प्रथम था (5.22 मिलियन टन), और इसी ने 2021-22 में उसे राजस्थान से आगे पहुँचाया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)A-i, B-iii, C-ii, D-iv — दो जोड़े सही हैं (कुल दलहन–मध्यप्रदेश, सोयाबीन–महाराष्ट्र) और दो गलत।
2021-22 में पोषक/मोटे अनाज में राजस्थान दूसरे स्थान पर था, प्रथम नहीं। मूँगफली के तीन सबसे बड़े उत्पादकों (गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु) में तालिका कर्नाटक को नहीं दिखाती।
राजस्थान (i) उसी तालिका में एक दूसरी फसल का सही उत्तर है: वह 5.48 मिलियन टन (46.63%) के साथ रेपसीड एवं सरसों में प्रथम था, और कुल तिलहन में भी।
- (2)A-iii, B-i, C-iv, D-ii — चारों जोड़े गलत हैं।
पोषक/मोटे अनाज के शीर्ष तीन राज्यों (कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र) में मध्यप्रदेश नहीं है। कुल दलहन में राजस्थान तीसरे स्थान पर था। मूँगफली के शीर्ष तीन में महाराष्ट्र नहीं है, और सोयाबीन के शीर्ष तीन में कर्नाटक नहीं है।
मध्यप्रदेश (iii) B के साथ जाता है: 2021-22 में वह कुल दलहन का प्रथम उत्पादक था।
- (4)A-iv, B-v, C-ii, D-iii — चारों जोड़े गलत हैं।
पोषक/मोटे अनाज में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर था (5.84 मिलियन टन)। कुल दलहन के शीर्ष तीन उत्पादकों में गुजरात नहीं है। मूँगफली के शीर्ष तीन में कर्नाटक नहीं है। सोयाबीन में मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर था, महाराष्ट्र से केवल 0.08 मिलियन टन पीछे।
गुजरात (v) 2021-22 में मूँगफली में प्रथम था, इसलिए वह B के साथ नहीं, C के साथ जाता है।
अवधारणा
भारत में फसल उत्पादन के आँकड़े केंद्रीय कृषि मंत्रालय चरणों में जारी करता है: वर्ष के दौरान अग्रिम अनुमान, फिर अंतिम अनुमान। किसी राज्य का स्थान अलग-अलग चरणों और अलग-अलग वर्षों के बीच थोड़ा बदल सकता है।
फसल-समूह का अर्थ मायने रखता है। मंत्रालय पोषक/मोटे अनाज को एक ही योग के रूप में दर्ज करता है, जिसमें मक्का भी शामिल है और वे मिलेट्स भी, जिन्हें वह श्री अन्न कहता है। 2022-23 के अंतिम अनुमानों में यह समूह 573.19 लाख टन था, जिसमें अकेले मक्का 380.85 लाख टन था।
कुछ फसलें एक या दो राज्यों में केंद्रित हैं। 2021-22 में भारत की 44.48% मूँगफली गुजरात में हुई, और महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश ने मिलकर 83.62% सोयाबीन पैदा किया।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र : कृषि, उद्योग, सेवा एवं व्यापार क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, मुद्दे एवं पहल" सूचीबद्ध है। राज्यवार उत्पादन-क्रम इसी वर्तमान स्थिति वाले अंश में आता है।
"विश्व एवं भारत का भूगोल" के अंतर्गत भारत के भूगोल में "प्रमुख फसलें– गेहूँ, चावल, कपास, गन्ना, चाय एवं कॉफी" भी सूचीबद्ध है।
उसी 2021-22 की तालिका में राजस्थान ऊँचे स्थान पर है: रेपसीड एवं सरसों और कुल तिलहन में प्रथम, मूँगफली और पोषक/मोटे अनाज में दूसरा, कुल दलहन और सोयाबीन में तीसरा। यानी पोषक/मोटे अनाज, कुल दलहन, मूँगफली और सोयाबीन, चारों में राजस्थान शीर्ष तीन में है, पर किसी में प्रथम नहीं।
उत्पादन-क्रम वर्ष से बँधा होता है। आर्थिक समीक्षा 2023-24 की तालिका (2023-24, तीसरे अग्रिम अनुमान) में पोषक/मोटे अनाज में राजस्थान और सोयाबीन में मध्यप्रदेश प्रथम थे — दोनों ही 2021-22 से उलटे।
मुख्य तथ्य
- 2021-22 (चौथे अग्रिम अनुमान) में पोषक/मोटे अनाज में कर्नाटक 7.30 मिलियन टन (14.34%) के साथ प्रथम था; राजस्थान 7.07 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर था।
- 2021-22 में कुल दलहन में मध्यप्रदेश 6.03 मिलियन टन (21.78%) के साथ प्रथम था, उसके बाद महाराष्ट्र (5.19) और राजस्थान (4.02)।
- 2021-22 में गुजरात ने 4.49 मिलियन टन मूँगफली पैदा की, जो भारत के कुल उत्पादन का 44.48% थी; राजस्थान 1.70 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर था।
- 2021-22 में सोयाबीन में महाराष्ट्र 5.47 मिलियन टन (42.12%) के साथ प्रथम था, मध्यप्रदेश (5.39 मिलियन टन) से थोड़ा ही आगे।
- 2023-24 (तीसरे अग्रिम अनुमान) में पोषक/मोटे अनाज में राजस्थान 8.03 मिलियन टन के साथ और सोयाबीन में मध्यप्रदेश 5.47 मिलियन टन के साथ प्रथम था।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2022-23, सांख्यिकीय परिशिष्ट, तालिका 1.18 (चौथे अग्रिम अनुमान, 2021-22)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पोषक/मोटे अनाज में मक्का शामिल है, जिसमें 2021-22 में कर्नाटक प्रथम था। केवल मिलेट्स (श्री अन्न) के योग में प्रथम राज्य अलग हो सकता है, इसलिए देखें कि कोई आँकड़ा किस समूह का है।
- प्रथम राज्य वर्ष के साथ बदलता है। सोयाबीन में 2021-22 में महाराष्ट्र प्रथम था, पर 2023-24 में मध्यप्रदेश; पोषक/मोटे अनाज में कर्नाटक की जगह राजस्थान आ गया। प्रश्न में दिए वर्ष से मिलान करें।
- सूची–II में चार फसलों के लिए पाँच राज्य हैं, इसलिए एक राज्य बच जाता है। यहाँ बचा हुआ राज्य राजस्थान (i) है, जबकि 2021-22 की तालिका में राजस्थान चारों फसलों में शीर्ष तीन में है।
फसल उत्पादन पर कोई प्रश्न एक फसल-वर्ष तय करके प्रथम राज्य पूछ सकता है — सुमेलन सूची, अधिक से कम के क्रम या एकल चयन के रूप में।
कोई प्रश्न अपना उत्तर किसी आधिकारिक तालिका पर टिका सकता है: कृषि मंत्रालय के अनुमान, या आर्थिक समीक्षा में तीन सबसे बड़े उत्पादक राज्यों की सूची। कोई प्रश्न बहुत पास के दूसरे स्थान वाले राज्य, जैसे मोटे अनाज में राजस्थान, को आकर्षक गलत विकल्प बना सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2021-22 के चौथे अग्रिम अनुमानों के अनुसार, भारत में रेपसीड एवं सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा था?
- (a)मध्यप्रदेश
- (b)राजस्थान
- (c)हरियाणा
- (d)उत्तर प्रदेश
उत्तर(2) — राजस्थान ने 5.48 मिलियन टन उत्पादन किया, जो भारत के उत्पादन का 46.63% था।विकल्प (1) मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर (1.69 मिलियन टन) और विकल्प (3) हरियाणा तीसरे स्थान पर (1.37 मिलियन टन) था। विकल्प (4) उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2022-23 की तालिका के शीर्ष तीन में नहीं है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2021-22 (चौथे अग्रिम अनुमान) में सोयाबीन उत्पादन के घटते क्रम में निम्नलिखित राज्यों को व्यवस्थित कीजिए: A. राजस्थान B. मध्यप्रदेश C. महाराष्ट्र
- (a)B, C, A
- (b)C, B, A
- (c)C, A, B
- (d)B, A, C
उत्तर(2) — महाराष्ट्र 5.47, मध्यप्रदेश 5.39, राजस्थान 0.93 मिलियन टन।विकल्प (1) शीर्ष दो राज्यों को आपस में बदल देता है, जो 2023-24 का क्रम है (मध्यप्रदेश 5.47, महाराष्ट्र 5.23, राजस्थान 1.17 मिलियन टन), 2021-22 का नहीं। विकल्प (3) और (4) राजस्थान को दोनों अग्रणी राज्यों में से किसी एक से ऊपर रखते हैं, जबकि उसका उत्पादन दोनों में से हर एक के पाँचवें हिस्से से भी कम था।