निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) एवं दूर दृष्टि दोष (हाइपर मेट्रोपिया) को ठीक किया जा सकता है क्रमशः
- (1)समतल-अवतल एवं बेलनीय लेंस द्वारा
- (2)उत्तल एवं अवतल लेंस द्वारा
- (3)अवतल एवं उत्तल लेंस द्वारा
- (4)अवतल एवं बेलनीय लेंस द्वारा
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), अवतल एवं उत्तल लेंस द्वारा.
निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) में व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है पर दूर की नहीं, क्योंकि दूर की वस्तु का प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल (रेटिना) के सामने बनता है। NCERT की कक्षा 10 की विज्ञान पुस्तक के अनुसार इस दोष को उपयुक्त क्षमता के अवतल लेंस से ठीक किया जा सकता है।
दूर दृष्टि दोष (हाइपर मेट्रोपिया) में दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखती हैं पर पास की नहीं, क्योंकि पास की वस्तु से आने वाला प्रकाश दृष्टिपटल के पीछे किसी बिंदु पर फोकस होता है। इसके लिए NCERT बताती है कि दोष को उपयुक्त क्षमता के उत्तल लेंस से ठीक किया जा सकता है।
प्रश्न पहले निकट दृष्टि दोष और फिर दूर दृष्टि दोष का नाम लेता है और लेंस "क्रमशः" पूछता है, इसलिए युग्म अवतल एवं उत्तल लेंस है।
याद रखने योग्य बात: निकट दृष्टि दोष में अवतल (अपसारी) लेंस; दूर दृष्टि दोष में उत्तल (अभिसारी) लेंस।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)समतल-अवतल एवं बेलनीय लेंस द्वारा — पहला भाग निकट दृष्टि दोष के लिए काम कर सकता है: समतल-अवतल लेंस का एक पृष्ठ समतल और एक अवतल होता है, और वायु में यह किसी भी अवतल लेंस की तरह प्रकाश को अपसारित करता है।
दूसरा भाग गलत है। बेलनीय लेंस प्रकाश को एक बिंदु के बजाय एक रेखा पर फोकस करता है, और यह अबिंदुकता (एस्टिग्मैटिज़्म) ठीक करने के लिए दिया जाता है, दूर दृष्टि दोष के लिए नहीं।
- (2)उत्तल एवं अवतल लेंस द्वारा — दोनों लेंस सही हैं, पर क्रम उल्टा है। उत्तल लेंस दूर दृष्टि दोष ठीक करता है और अवतल लेंस निकट दृष्टि दोष, इसलिए यह युग्म तभी सही होता जब प्रश्न पहले दूर दृष्टि दोष और फिर निकट दृष्टि दोष का नाम लेता।
प्रश्न क्रमशः पहले निकट दृष्टि दोष, फिर दूर दृष्टि दोष पूछता है।
- (4)अवतल एवं बेलनीय लेंस द्वारा — निकट दृष्टि दोष के लिए अवतल सही है, पर बेलनीय लेंस अबिंदुकता ठीक करता है, जिसमें कॉर्निया या अभिनेत्र लेंस एक दिशा में दूसरी की तुलना में अधिक वक्रित होता है और हर दूरी पर दृष्टि धुँधली होती है।
दूर दृष्टि दोष में उत्तल, अभिसारी लेंस चाहिए, जो फोकस करने की क्षमता बढ़ाकर प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल पर बनाता है।
अवधारणा
अभिनेत्र लेंस प्रकाश को दृष्टिपटल पर फोकस करता है। पास और दूर की वस्तुओं के लिए अपनी फोकस दूरी बदलने की उसकी क्षमता समंजन क्षमता कहलाती है; सामान्य दृष्टि वाले युवा वयस्क के लिए निकट बिंदु लगभग 25 cm होता है।
निकट दृष्टि दोष में दूर की वस्तु का प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल के सामने बनता है, जिसका कारण अभिनेत्र लेंस की अत्यधिक वक्रता या नेत्र गोलक का लंबा हो जाना है। अपसारी (अवतल) लेंस प्रतिबिम्ब को वापस दृष्टिपटल पर ले आता है।
दूर दृष्टि दोष में पास की वस्तु से आने वाला प्रकाश दृष्टिपटल के पीछे फोकस होता है, क्योंकि अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी बहुत अधिक होती है या नेत्र गोलक बहुत छोटा हो जाता है। अभिसारी (उत्तल) लेंस आवश्यक अतिरिक्त फोकस क्षमता देता है।
वायु में अवतल लेंस प्रकाश को अपसारित और उत्तल लेंस अभिसारित करता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "दैनिक जीवन में विज्ञान के मूलभूत तत्व" शामिल हैं, और चश्मे के लेंस लेंसों की किरण प्रकाशिकी को मानव नेत्र पर लागू करते हैं।
NCERT दृष्टि के तीन सामान्य अपवर्तन दोष बताती है: निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष और जरा-दूरदृष्टिता। उसके अनुसार इन्हें उपयुक्त गोलीय लेंसों से, और संस्पर्श लेंस या शल्य-क्रिया से भी, ठीक किया जा सकता है।
जिस व्यक्ति को निकट और दूर दोनों दृष्टि दोष हों, उसे द्विफोकसी लेंस की आवश्यकता हो सकती है, जिसे NCERT ऊपरी भाग में दूर दृष्टि के लिए अवतल और निचले भाग में पास की दृष्टि के लिए उत्तल बताती है।
मुख्य तथ्य
- निकट दृष्टि दोष: दूर की वस्तु का प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल के सामने बनता है; अवतल लेंस इसे ठीक करता है (NCERT, कक्षा 10 विज्ञान)।
- निकट दृष्टि दोष अभिनेत्र लेंस की अत्यधिक वक्रता या नेत्र गोलक के लंबा हो जाने से हो सकता है।
- दूर दृष्टि दोष: पास की वस्तु से आने वाला प्रकाश दृष्टिपटल के पीछे फोकस होता है, अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी बहुत अधिक होने या नेत्र गोलक बहुत छोटा होने से; उत्तल लेंस इसे ठीक करता है।
- जरा-दूरदृष्टिता आयु के साथ पक्ष्माभी पेशियों के कमजोर पड़ने और अभिनेत्र लेंस का लचीलापन घटने से होती है।
- बेलनीय लेंस अबिंदुकता ठीक करने के लिए दिए जाते हैं, जिसमें कॉर्निया या लेंस एक दिशा में दूसरी की तुलना में अधिक वक्रित होता है।
स्रोत: NCERT कक्षा 10 विज्ञान, "मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार"; अबिंदुकता और बेलनीय लेंस उनके विकिपीडिया लेखों से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- नामों को उल्टा पढ़ना: निकट दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है; कठिनाई दूर की वस्तुओं में होती है।
- "क्रमशः" की अनदेखी: उत्तल-फिर-अवतल में लेंस सही हैं, पर निकट-फिर-दूर दृष्टि दोष के लिए क्रम उल्टा है।
- आकार के नाम लेंस का प्रकार छिपाते हैं: समतल-अवतल लेंस भी अपसारी लेंस ही है, जबकि बेलनीय लेंस अबिंदुकता के लिए है।
कोई प्रश्न किसी दोष का नाम देकर उसे ठीक करने वाला लेंस पूछ सकता है, या प्रतिबिम्ब कहाँ बनता है यह बताकर दोष पूछ सकता है।
कोई प्रश्न किसी दोष के कारण, या द्विफोकसी लेंस के ऊपरी और निचले भाग में कौन-सा लेंस होता है, यह भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है ?
- (1) प्रोटीन
- (2) कार्बोहाइड्रेट
- (3) वसा
- (4) अश्रु ग्रन्थि
उत्तर(1)
वही अंग, अलग दोष। वह प्रश्न पूछता है कि किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है (RPSC की कुंजी: प्रोटीन); यह प्रश्न पूछता है कि निकट और दूर दृष्टि दोष कौन-से चश्मे के लेंस ठीक करते हैं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
NCERT कक्षा 10 विज्ञान में वर्णित एक सामान्य प्रकार के द्विफोकसी लेंस का ऊपरी भाग और निचला भाग क्रमशः होते हैं
- (a)उत्तल एवं अवतल
- (b)अवतल एवं उत्तल
- (c)बेलनीय एवं उत्तल
- (d)अवतल एवं बेलनीय
उत्तर(2) — ऊपरी अवतल भाग दूर की दृष्टि के लिए और निचला उत्तल भाग पास की दृष्टि के लिए है। विकल्प (1) इन्हें उलट देता है, और विकल्प (3) तथा (4) बेलनीय लेंस ले आते हैं, जो अबिंदुकता ठीक करता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
NCERT कक्षा 10 विज्ञान के अनुसार दूर दृष्टि दोष किस कारण हो सकता है ?
- (a)नेत्र गोलक लंबा हो गया है
- (b)अभिनेत्र लेंस की वक्रता अत्यधिक है
- (c)नेत्र गोलक बहुत छोटा हो गया है
- (d)कॉर्निया एक दिशा में दूसरी की तुलना में अधिक वक्रित है
उत्तर(3) — NCERT दूर दृष्टि दोष के कारण अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी बहुत अधिक होना या नेत्र गोलक बहुत छोटा होना बताती है। विकल्प (1) और (2) निकट दृष्टि दोष के कारण हैं, और विकल्प (4) अबिंदुकता का वर्णन है।