निम्नलिखित में से कौन सी योजना ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक, आर्थिक और भौतिक रूप से टिकाऊ क्षेत्र बनाने का प्रयास है ?
- (1)श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (एस.पी.एम.आर.एम.)
- (2)महात्मा गांधी जन–भागीदारी विकास योजना (एम.जी.जे.वी.वाय.)
- (3)डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम
- (4)सांसद आदर्श ग्राम योजना (एस.ए.जी.वाय.)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (एस.पी.एम.आर.एम.).
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 इस मिशन का वर्णन प्रश्न के ही शब्दों में करती है: श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (SPMRM) हमारे ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक, आर्थिक और भौतिक रूप से टिकाऊ क्षेत्र बनाने का प्रयास है।
समीक्षा आगे बताती है कि यह मिशन आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत सुविधाएँ देकर ग्रामीण क्षेत्रों को सुदृढ़ करता है, जिससे टिकाऊ और संतुलित क्षेत्रीय विकास होता है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की मिशन वेबसाइट इसके पीछे का विचार बताती है: कई ग्रामीण क्षेत्र आस-पास की बस्तियों के समूह (क्लस्टर) हैं जिनमें विकास की संभावना है, और विकसित होने पर ऐसे क्लस्टर रूर्बन कहे जा सकते हैं। योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (एस.पी.एम.आर.एम.) है।
याद रखने योग्य बात: SPMRM गाँवों के समूहों को रूर्बन क्लस्टर बनाता है, जिनमें शहरी जैसी सुविधाएँ हों और ग्रामीण सामुदायिक जीवन बना रहे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)महात्मा गांधी जन–भागीदारी विकास योजना (एम.जी.जे.वी.वाय.) — MGJVY ग्रामीण विकास में जन-भागीदारी की राजस्थान की योजना है। समीक्षा के अनुसार गुरु गोलवलकर जन-भागीदारी विकास योजना का नाम फरवरी 2020 में बदलकर MGJVY किया गया; इसका लक्ष्य विकास, रोजगार सृजन और सामुदायिक परिसम्पत्तियों का निर्माण व रखरखाव है।
श्मशान और कब्रिस्तान की चारदीवारी के लिए राज्य 90 प्रतिशत और अन्य सामुदायिक परिसम्पत्तियों के लिए 70 प्रतिशत (जनजाति उपयोजना क्षेत्रों में 80 प्रतिशत) देता है; शेष जनता देती है।
- (3)डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम — यह राजस्थान का "डांग क्षेत्र" के लिए कार्यक्रम है, जिसे समीक्षा बीहड़ों और खोहों से प्रभावित, डकैत-ग्रस्त पिछड़े क्षेत्र बताती है, जिनमें आधारभूत संरचना में निवेश की आवश्यकता है।
राजस्थान सरकार ने इसे 2005-06 में फिर से शुरू किया। समीक्षा 2022-23 के अनुसार इसमें 8 जिलों की 26 पंचायत समितियाँ आती हैं: सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, बारां, झालावाड़, भरतपुर, कोटा और बूंदी।
- (4)सांसद आदर्श ग्राम योजना (एस.ए.जी.वाय.) — समीक्षा के अनुसार SAGY का मुख्य उद्देश्य चिह्नित ग्राम पंचायतों के समग्र विकास की प्रक्रिया शुरू करना है, और जीवन-स्तर सुधारना ताकि ये गाँव दूसरों के लिए आदर्श बनें।
इसकी इकाई किसी संसद सदस्य द्वारा चुनी गई एक ग्राम पंचायत है। SPMRM की इकाई गाँवों का समूह (क्लस्टर) है।
अवधारणा
रूर्बन क्लस्टर आस-पास के गाँवों का ऐसा समूह है जिसमें विकास की संभावना हो, और जिसे मूलतः शहरी मानी जाने वाली सुविधाओं से विकसित किया जाए, पर ग्रामीण सामुदायिक जीवन बना रहे। ग्रामीण विकास मंत्रालय SPMRM का उद्देश्य स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहन, बुनियादी सेवाओं में सुधार और सुनियोजित रूर्बन क्लस्टर बनाना बताता है।
मिशन सब कुछ अपने बजट से नहीं बनाता। संसाधन मौजूदा सरकारी योजनाओं के अभिसरण से आते हैं, और ऊपर से मिशन क्रिटिकल गैप फंडिंग देता है।
इसके अपेक्षित परिणामों में ग्रामीण-शहरी अंतर पाटना और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना शामिल हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "गरीबी एवं बेरोजगारी–अवधारणा, प्रकार, कारण, निदान एवं वर्तमान फ्लेगशिप योजनाएं" शामिल है। SPMRM के घोषित परिणामों में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और बेरोजगारी घटाने पर ज़ोर के साथ स्थानीय आर्थिक विकास भी है।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 राजस्थान में चरणों में चुने गए SPMRM क्लस्टर दर्ज करती है: 2015-16 में पाँच, 2016-17 में छह, 2017-18 में चार, और 2020-21 में एक जनजातीय क्लस्टर, बांसवाड़ा का बड़ोदिया।
समीक्षा का वही अध्याय राजस्थान के अपने कार्यक्रमों का भी वर्णन करता है, जिनमें MGJVY, डांग और मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम और स्व-विवेक जिला विकास शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2022-23: SPMRM हमारे ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक, आर्थिक और भौतिक रूप से टिकाऊ क्षेत्र बनाने का प्रयास है।
- 300 रूर्बन क्लस्टरों का लक्ष्य: ग्रामीण विकास मंत्रालय की मिशन वेबसाइट इसे अगले पाँच वर्षों में बताती है, जबकि आर्थिक समीक्षा 2022-23 आगामी तीन वर्षों में।
- SPMRM के संसाधन सरकारी योजनाओं के अभिसरण से आते हैं, जिन्हें मिशन के अंतर्गत क्रिटिकल गैप फंडिंग पूरक बनाती है।
- राजस्थान: दिसम्बर 2022 तक SPMRM में उपलब्ध 196.97 करोड़ रुपये में से 179.28 करोड़ रुपये का उपयोग और 1,454 कार्य पूरे।
- फरवरी 2020 तक MGJVY का नाम गुरु गोलवलकर जन-भागीदारी विकास योजना था।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2022-23, राजस्थान सरकार, अध्याय 3 (ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज); ग्रामीण विकास मंत्रालय, SPMRM वेबसाइट।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- विकास की इकाई: SPMRM गाँवों के समूहों पर काम करता है, जबकि SAGY सांसदों द्वारा चुनी गई अलग-अलग ग्राम पंचायतों पर।
- केन्द्र और राज्य की योजनाएँ साथ-साथ: SPMRM और SAGY भारत सरकार की योजनाएँ हैं, जबकि MGJVY और डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम राजस्थान के अपने हैं।
- नाम बदली योजनाएँ: किसी प्रश्न में MGJVY का पुराना नाम, गुरु गोलवलकर जन-भागीदारी विकास योजना, आ सकता है, जो फरवरी 2020 में बदला गया।
कोई प्रश्न किसी योजना का घोषित लक्ष्य, जैसे ग्रामीण क्षेत्रों को टिकाऊ क्षेत्र बनाना, देकर पूछ सकता है कि वह किस योजना का वर्णन है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि राजस्थान का कोई क्षेत्र विकास कार्यक्रम किन क्षेत्रों में लागू है, या योजनाओं को उनकी विकास इकाई से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार, महात्मा गांधी जन-भागीदारी विकास योजना पहले किस नाम से जानी जाती थी ?
- (a)गुरु गोलवलकर जन-भागीदारी विकास योजना
- (b)स्व-विवेक जिला विकास योजना
- (c)मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम
- (d)मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि योजना
उत्तर(1) — समीक्षा के अनुसार गुरु गोलवलकर जन-भागीदारी विकास योजना का नाम फरवरी 2020 में बदलकर MGJVY किया गया। विकल्प (2), (3) और (4) अलग योजनाएँ हैं जिन्हें समीक्षा उनके अपने नामों से सूचीबद्ध करती है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के अंतर्गत विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण से जुटाए गए संसाधनों को किससे पूरक बनाया जाता है ?
- (a)क्रिटिकल गैप फंडिंग
- (b)व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वायबिलिटी गैप फंडिंग)
- (c)ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि
- (d)राज्य सड़क निधि
उत्तर(1) — ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार अभिसरण के ऊपर मिशन के अंतर्गत क्रिटिकल गैप फंडिंग दी जाती है। विकल्प (2) सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाओं को सहायता देता है, विकल्प (3) नाबार्ड की निधि है, और विकल्प (4) राजस्थान की सड़क निधि है; इनमें से कोई SPMRM का अपना घटक नहीं है।