राजस्थान सरकार ने राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम को किस वर्ष में अधिनियमित किया ?
- (1)2008
- (2)2005
- (3)2003
- (4)2001
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), 2005.
यह कानून राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2005 है, जिसकी संख्या राजस्थान अधिनियम संख्या 7, 2005 है। राजस्थान राजपत्र में 3 मई 2005 को प्रकाशित इसके प्राधिकृत अंग्रेज़ी अनुवाद में दर्ज है कि इसे 2 मई 2005 को राज्यपाल की अनुमति मिली।
बाद के संशोधन अधिनियम भी इसका उल्लेख इसी तरह करते हैं। 2011 का संशोधन अधिनियम (अधिनियम संख्या 11, 2011) और 2021 का संशोधन अधिनियम (अधिनियम संख्या 13, 2021), दोनों राजस्थान अधिनियम संख्या 7, 2005 की धारा 6 में संशोधन करते हैं।
इसलिए अधिनियमन का वर्ष 2005 है।
याद रखने योग्य बात: केन्द्र का FRBM अधिनियम 2003 का है; राजस्थान का अपना FRBM अधिनियम 2005 का अधिनियम संख्या 7 है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)2008 — 2008 तक यह अधिनियम तीन वर्ष पहले ही अधिनियमित हो चुका था: इसे 2 मई 2005 को राज्यपाल की अनुमति मिल चुकी थी।
इसके बाद के बदलाव संशोधन अधिनियमों से आए, जिनमें 2011 और 2021 के अधिनियम शामिल हैं, और हर एक मूल कानून को राजस्थान अधिनियम संख्या 7, 2005 बताता है। इनमें से किसी ने इसे दोबारा अधिनियमित नहीं किया।
- (3)2003 — 2003 केन्द्र के राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2003 का वर्ष है। NCERT की पुस्तक समष्टि अर्थशास्त्र एक परिचय इसका अधिनियमन अगस्त 2003 बताती है और लिखती है कि यह अधिनियम केन्द्र सरकार पर लागू होता है।
राजस्थान ने अपना राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून इसके दो वर्ष बाद, 2005 में, पारित किया।
- (4)2001 — 2001 यहाँ बताए गए दोनों राजकोषीय उत्तरदायित्व कानूनों से पहले का वर्ष है: केन्द्र का FRBM अधिनियम (अगस्त 2003) और राजस्थान का अधिनियम (राज्यपाल की अनुमति 2 मई 2005)।
राजस्थान अधिनियम की संख्या, 2005 का अधिनियम संख्या 7, स्वयं उसके पारित होने का वर्ष तय कर देती है।
अवधारणा
राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून सरकार को घाटे, ऋण और प्रकटीकरण के नियमों से बाँधता है। राजस्थान अधिनियम का विस्तृत नाम इसके उद्देश्य बताता है: राजकोषीय प्रबंधन में विवेक, और राजस्व घाटे में उत्तरोत्तर कमी, विवेकपूर्ण ऋण प्रबंधन, अधिक पारदर्शिता तथा मध्यम अवधि ढाँचे में राजकोषीय नीति के माध्यम से राजकोषीय स्थिरता।
धारा 4 इसके तीन मार्गदर्शक सिद्धांत बताती है: पारदर्शिता, स्थिरता और उत्तरदायित्व।
अधिनियम राजकोषीय घाटे को इस तरह परिभाषित करता है: राज्य की संचित निधि से कुल संवितरण (ऋण की चुकौती छोड़कर) का राजस्व प्राप्तियों, ऋणों की वसूली और ऋण-भिन्न पूँजीगत प्राप्तियों से अधिक होना।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियाँ" और "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "अर्थव्यवस्था का वृहत् परिदृश्य" शामिल हैं।
धारा 5 के अंतर्गत राज्य सरकार वार्षिक बजट के साथ विधान-मंडल के समक्ष दो विवरण रखती है: मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण और राजकोषीय नीति रणनीति विवरण।
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2022-23 वर्ष 2021-22 का राजकोषीय घाटा GSDP का 3.96 प्रतिशत बताती है, या केन्द्र द्वारा स्वीकृत GST-क्षतिपूर्ति ऋण और अतिरिक्त पूँजीगत-व्यय उधार को छोड़कर 3.31 प्रतिशत, और कहती है कि यह FRBM अधिनियम, 2005 के मानदंडों के भली-भाँति भीतर रहा।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2005 राजस्थान अधिनियम संख्या 7, 2005 है; इसे 2 मई 2005 को राज्यपाल की अनुमति मिली।
- धारा 1(3): अधिनियम उस तिथि से लागू होता है जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे।
- संशोधन अधिनियम, 2011 (संख्या 11, 2011): 2011-12 से शून्य राजस्व घाटा, और 2011-12 तक GSDP के 3 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा।
- संशोधन अधिनियम संख्या 13, 2021 ने धारा 6 के परंतुक में एक खंड जोड़ा: 2021-22 से 2024-25 तक GSDP के 0.50% का अतिरिक्त उधार, जिसकी अनुमति केन्द्र विद्युत क्षेत्र के प्रदर्शन पर देता है।
- केन्द्र का राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम अगस्त 2003 में अधिनियमित हुआ और केन्द्र सरकार पर लागू होता है।
राजस्थान की तिथियाँ राज्यपाल की अनुमति की हैं। दिखाए गए संशोधन वे हैं जो PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के अधिनियम-संकलन में जुड़े हैं; यह पूरी सूची नहीं है। केन्द्र के अधिनियम की तिथि: NCERT, समष्टि अर्थशास्त्र एक परिचय।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- केन्द्र बनाम राज्य: 2003 केन्द्र के FRBM अधिनियम का वर्ष है; राजस्थान का FRBM अधिनियम 2005 का है।
- अनुमति बनाम प्रारंभ: अधिनियम को 2 मई 2005 को अनुमति मिली, पर धारा 1(3) उसके लागू होने की तिथि अधिसूचना पर छोड़ती है, इसलिए ये दो अलग तथ्य हैं।
- मूल बनाम संशोधित लक्ष्य: अधिनियमित रूप में धारा 6 का लक्ष्य पहले से 3 प्रतिशत राजकोषीय घाटा था; 2011 के संशोधन ने उस लक्ष्य को वित्तीय वर्ष 2011-12 से जोड़ा।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि राजस्थान या केन्द्र का राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून किस वर्ष अधिनियमित हुआ, या किसी संशोधन ने कौन-सा लक्ष्य तय किया।
कोई प्रश्न राजकोषीय घाटे का कोई आँकड़ा देकर यह भी पूछ सकता है कि वह अधिनियम द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर है या नहीं।
संबंधित PYQ
राजस्थान के राजकोषीय घाटे के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार करें : A. वर्ष 2022-23 में वास्तविक राजकोषीय घाटा राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 3.76 प्रतिशत रहा है । B. यह एफ.आर.बी.एम. अधिनियम, 2005 द्वारा अनुमोदित सीमा से कम है । C. वर्ष 2022-23 का राजकोषीय घाटा 2021-22 की तुलना में अधिक था । सही विकल्प को चुनिए :
- (1) A व C दोनों सही हैं ।
- (2) A व B दोनों सही हैं ।
- (3) B व C दोनों सही हैं ।
- (4) A, B व C सभी सही हैं ।
उत्तर(4)
वही अधिनियम, व्यवहार में। वह प्रश्न राजस्थान के 2022-23 के राजकोषीय घाटे पर कथन देता है, जिनमें से एक उसकी तुलना एफ.आर.बी.एम. अधिनियम, 2005 द्वारा अनुमोदित सीमा से करता है (RPSC की कुंजी: A, B व C सभी सही हैं); यह प्रश्न केवल अधिनियम के अधिनियमन का वर्ष पूछता है।
भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से निम्न में से कौन सा सम्बन्धित नहीं है ?
- (1) पूँजी पर्याप्तता
- (2) गैर–आस्तिकारी परिसम्पत्तियाँ
- (3) एफ.आर.बी.एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)
- (4) सरफेसी अधिनियम
उत्तर(3)
केन्द्र स्तर का सम्बन्धित कानून। वह प्रश्न पूछता है कि भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से कौन-सा सम्बन्धित नहीं है (RPSC की कुंजी: एफ.आर.बी.एम. अधिनियम); यह प्रश्न राजस्थान के अपने FRBM अधिनियम के अधिनियमन का वर्ष पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन (संशोधन) अधिनियम, 2011 (अधिनियम संख्या 11, 2011) के अंतर्गत राज्य सरकार को GSDP के 3 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा किस वित्तीय वर्ष तक प्राप्त करना था ?
- (a)2008-09
- (b)2011-12
- (c)2014-15
- (d)2024-25
उत्तर(2) — संशोधित धारा 6(ख) वित्तीय वर्ष 2011-12 तक GSDP का 3 प्रतिशत कहती है। विकल्प (3) द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2011 की ऋण-सीमाओं का अंतिम वर्ष है, और विकल्प (4) पर 2021 में जोड़ी गई अतिरिक्त उधार की अवधि समाप्त होती है। विकल्प (1) वह वर्ष नहीं है जो संशोधन तय करता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 5 के अंतर्गत वार्षिक बजट के साथ राज्य विधान-मंडल के समक्ष कौन-से विवरण रखे जाते हैं ?
- (a)मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण और राजकोषीय नीति रणनीति विवरण
- (b)आर्थिक समीक्षा और परिणाम बजट
- (c)समष्टि आर्थिक ढाँचा विवरण और मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण
- (d)वित्त लेखे और विनियोग लेखे
उत्तर(1) — धारा 5(1) मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण और राजकोषीय नीति रणनीति विवरण का नाम देती है। विकल्प (3) इनमें से एक को समष्टि आर्थिक ढाँचा विवरण के साथ जोड़ता है, जिसे NCERT केन्द्र के 2003 के अधिनियम के अंतर्गत बताती है। विकल्प (2) और (4) वे विवरण नहीं हैं जिनका नाम धारा 5 देती है।