निम्नांकित में से किस योजना का संबंध इस नारे से है – “कोई भूखा न सोए” ?
- (1)बालगोपाल योजना
- (2)इंदिरा गांधी रोजगार गारंटी योजना
- (3)अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना
- (4)इंदिरा रसोई योजना
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), इंदिरा रसोई योजना.
राज्य के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा प्रकाशित राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2022-23 नारे को सीधे इसी योजना से जोड़ती है। उसके अनुसार “कोई भूखा न सोए” की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार के माननीय मुख्यमंत्री ने इंदिरा रसोई योजना शुरू की।
वही अंश शुरुआत की तिथि 20 अगस्त 2020 बताता है, जब सभी 213 नगरीय निकायों में 358 स्थायी रसोइयों के माध्यम से योजना आरंभ हुई। वह यह भी बताता है कि 1,000 की बजट घोषणा के सापेक्ष रसोइयों की संख्या बढ़ाकर 973 की गई।
समीक्षा का सारांश आम जनता को 8 रुपये प्रति थाली में शुद्ध और पौष्टिक भोजन दिए जाने का वर्णन करता है।
नारा योजना की बनावट से मेल खाता है: स्थायी नगरीय रसोइयों में कम दाम पर पका भोजन।
याद रखने योग्य बात: “कोई भूखा न सोए” — इंदिरा रसोई योजना, 20 अगस्त 2020 से, 8 रुपये प्रति थाली।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)बालगोपाल योजना — मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना विद्यार्थियों के लिए दूध से संबंधित है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 बताती है कि मिड-डे मील योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों, मदरसों और विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के विद्यार्थियों को मिल्क पाउडर से तैयार दूध मिलता है, उस समीक्षा के विवरण के अनुसार सप्ताह में दो दिन।
यह विद्यार्थियों की पोषण योजना है, वह सार्वजनिक रसोई योजना नहीं जिसका नारा प्रश्न में है।
- (2)इंदिरा गांधी रोजगार गारंटी योजना — रोजगार गारंटी योजना भोजन से नहीं, रोजगार से संबंधित है। आर्थिक समीक्षा 2022-23 में राज्य की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को प्रतिवर्ष रोजगार के दिन उपलब्ध कराने के लिए लागू की गई।
इसमें इंदिरा रसोई योजना जैसा "इंदिरा" नाम है, पर यह काम देती है, पका भोजन नहीं।
- (3)अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना — यह योजना 2023-24 में NFSA परिवारों को मासिक खाद्य पैकेट देती थी। आर्थिक समीक्षा 2023-24 बताती है कि 2023-24 में घोषणा की गई कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लगभग एक करोड़ परिवारों को निःशुल्क राशन के साथ हर महीने अन्नपूर्णा फूड पैकेट मिलेंगे।
उस समीक्षा के विवरण के अनुसार हर पैकेट में दाल, चीनी और नमक 1-1 किलो, 1 लीटर खाद्य तेल और मसाले होते थे। यह किराना सामग्री देती थी, जबकि नारा रसोई वाली योजना का है।
अवधारणा
आर्थिक समीक्षा 2022-23 के विवरण के अनुसार इंदिरा रसोई योजना नगरीय निकायों के माध्यम से चलने वाली रियायती भोजन योजना है। लोग स्थायी रसोइयों में बैठकर एक छोटी तय कीमत, 8 रुपये प्रति थाली, पर पका भोजन करते हैं।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 इसे स्वायत्त शासन के अंतर्गत, स्ट्रीट वेंडरों के लिए इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना जैसी नगरीय योजनाओं के साथ सूचीबद्ध करती है।
2023-24 में राजस्थान में खाद्य सहायता कई अलग-अलग माध्यमों से चलती थी। पका भोजन इंदिरा रसोई योजना से, विद्यार्थियों के लिए दूध बाल गोपाल से, और NFSA परिवारों के लिए मासिक किराना पैकेट अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना से।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ" शामिल हैं, जिनमें निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों और श्रमिकों जैसे वर्गों के नाम हैं।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 इस योजना को इंदिरा रसोई योजना कहती है और इसकी शुरुआत 20 अगस्त 2020 बताती है।
वही समीक्षा इसकी चालू लागत 9.21 करोड़ भोजन थालियों के लिए 250 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बताती है। वह यह भी बताती है कि कोरोना महामारी के दौरान इंदिरा रसोइयों के माध्यम से 72 लाख जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन दिया गया, और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं, पुलिस और सेना भर्ती और मेलों जैसे अवसरों पर भोजन उपलब्ध कराया गया।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक समीक्षा 2022-23 “कोई भूखा न सोए” की अवधारणा को 20 अगस्त 2020 को शुरू हुई इंदिरा रसोई योजना से जोड़ती है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार इंदिरा रसोई योजना राज्य के सभी 213 नगरीय निकायों में 358 स्थायी रसोइयों से शुरू हुई।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23 योजना के अंतर्गत आम जनता को 8 रुपये प्रति थाली में भोजन दिए जाने का वर्णन करती है।
- आर्थिक समीक्षा 2022-23 में 1,000 की बजट घोषणा के सापेक्ष 973 इंदिरा रसोइयाँ दर्ज हैं, जो 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिवर्ष 9.21 करोड़ थालियाँ परोसती हैं।
- आर्थिक समीक्षा 2023-24 बताती है कि 2023-24 में घोषणा की गई कि लगभग एक करोड़ NFSA परिवारों को निःशुल्क राशन के साथ मासिक अन्नपूर्णा फूड पैकेट मिलेंगे।
राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2022-23 और 2023-24 से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- "अन्नपूर्णा" शब्द को भोजन वाले नारे से जोड़ देना: अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना 2023-24 में NFSA परिवारों को मासिक पैकेट देती थी, जबकि नारा इंदिरा रसोई योजना का है।
- घोषणा को गिनती मान लेना: आर्थिक समीक्षा 2022-23 में 1,000 की बजट घोषणा के सापेक्ष 973 रसोइयाँ दर्ज हैं।
- भूख से जुड़े नारे को इंदिरा गांधी के नाम वाली किसी भी योजना से जोड़ देना: शहरी रोजगार गारंटी योजना काम देती है, भोजन नहीं।
कोई प्रश्न एक नारा देकर पूछ सकता है कि वह किस योजना का है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि योजना कब शुरू हुई, उसमें एक थाली की कीमत क्या है, या योजनाओं को उनसे मिलने वाले लाभ से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार इंदिरा रसोई योजना के अंतर्गत आम जनता को भोजन किस दर पर दिया जाता है ?
- (a)5 रुपये प्रति थाली
- (b)8 रुपये प्रति थाली
- (c)10 रुपये प्रति थाली
- (d)निःशुल्क
उत्तर(2) — समीक्षा 8 रुपये प्रति थाली में शुद्ध और पौष्टिक भोजन का वर्णन करती है। विकल्प (1) और (3) ऐसी कीमतें हैं जो समीक्षा में नहीं हैं; विकल्प (4) गलत है क्योंकि योजना में प्रति थाली 8 रुपये लिए जाते हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना क्या उपलब्ध कराती है ?
- (a)मिड-डे मील योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को मिल्क पाउडर से तैयार दूध
- (b)नगरीय रसोइयों में रियायती दर पर पका भोजन
- (c)NFSA परिवारों को मासिक खाद्य पैकेट
- (d)शहरी क्षेत्रों के परिवारों को रोजगार की गारंटी
उत्तर(1) — आर्थिक समीक्षा 2022-23 मिड-डे मील योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों, मदरसों और विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के विद्यार्थियों को मिल्क पाउडर से बने दूध का वर्णन करती है। विकल्प (2) इंदिरा रसोई योजना है; विकल्प (3) अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना है; विकल्प (4) इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना है।