अप्रैल, 2023 में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान राज्य सूचना आयोग की एक पीठ की स्थापना किस शहर में किया जाना स्वीकृत किया गया है ?
- (1)अजमेर में
- (2)कोटा में
- (3)जोधपुर में
- (4)उदयपुर में
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), जोधपुर में.
RPSC की कुंजी जोधपुर बताती है, और आयोग के अपने अभिलेख भी इसी शहर की ओर इशारा करते हैं। आयोग का वर्ष 2024 का वार्षिक प्रतिवेदन जोधपुर में नवीन पीठ का उल्लेख करता है, जो सितम्बर 2024 तक आरंभ नहीं हुई थी।
प्रतिवेदन के अनुसार इसी कारण आयोग ने नागरिकों की माँग पर, जोधपुर संभाग के लंबित मामलों के निपटारे के लिए, 11 और 12 सितम्बर 2024 को जोधपुर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिवसीय विशेष न्यायालय लगाया।
कानून मुख्यालय के बाहर कार्यालयों की अनुमति देता है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(7) के अनुसार राज्य सूचना आयोग, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, राज्य में अन्य स्थानों पर कार्यालय स्थापित कर सकता है।
आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन के अनुसार उसका मुख्यालय जयपुर में है।
याद रखने योग्य बात: सूचना आयोग का मुख्यालय जयपुर में; नवीन पीठ जोधपुर में।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)अजमेर में — अजमेर में राज्य के अन्य निकाय स्थित हैं। राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 6 राजस्व मंडल का मुख्यालय अजमेर में तय करती है, और राजस्थान लोक सेवा आयोग का पता घूघरा घाटी, जयपुर रोड, अजमेर है।
सूचना आयोग का प्रतिवेदन अपनी नवीन पीठ के लिए अजमेर नहीं, जोधपुर का नाम लेता है।
- (2)कोटा में — कोटा में कभी राजस्थान उच्च न्यायालय की पीठ थी। उच्च न्यायालय का इतिहास पृष्ठ दर्ज करता है कि 22 मई 1950 से उच्च न्यायालय ने बीकानेर, कोटा और उदयपुर में बैठना बंद कर दिया।
सूचना आयोग का 2024 का प्रतिवेदन अपनी नवीन पीठ को जोधपुर से जोड़ता है, जहाँ उसने जोधपुर संभाग के मामलों के लिए विशेष न्यायालय भी लगाया।
- (4)उदयपुर में — उच्च न्यायालय के इतिहास पृष्ठ के अनुसार उदयपुर भी, कोटा की तरह, ऐसा शहर है जहाँ राजस्थान उच्च न्यायालय की पीठ 22 मई 1950 से समाप्त कर दी गई।
सूचना आयोग का प्रतिवेदन अपनी नवीन पीठ के लिए इस शहर का नहीं, जोधपुर का नाम लेता है।
अवधारणा
राज्य सूचना आयोग सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत द्वितीय अपीलें और शिकायतें सुनता है। धारा 15(2) के अनुसार इसमें राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम दस राज्य सूचना आयुक्त होते हैं।
धारा 15(3) के अंतर्गत राज्यपाल इनकी नियुक्ति एक समिति की सिफारिश पर करते हैं, जिसमें मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री होते हैं।
धारा 15(7) राज्य सरकार को मुख्यालय अधिसूचित करने देती है, और आयोग को राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से अन्य स्थानों पर कार्यालय खोलने देती है।
राजस्थान आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन उसकी शास्ति-शक्ति बताता है: जो राज्य लोक सूचना अधिकारी बिना युक्तियुक्त कारण के आवेदन लेने से मना करे, समय पर सूचना न दे या उसमें बाधा डाले, उस पर अन्य आधारों के साथ 250 रुपये प्रतिदिन, अधिकतम 25,000 रुपये तक।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान की "संस्थाएं" के अंतर्गत "राज्य सूचना आयोग" शामिल है, और "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "राजस्थान, भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे" सूचीबद्ध हैं।
स्रोत आयोग की शुरुआत की दो तिथियाँ देते हैं। आयोग की वेबसाइट कहती है कि इसका गठन 18 अप्रैल 2006 को हुआ। इसका वार्षिक प्रतिवेदन बताता है कि इसका गठन 13 अप्रैल 2006 को हुआ और राजपत्र में अधिसूचित हुआ, और पहले मुख्य सूचना आयुक्त एम.डी. कौरानी ने 18 अप्रैल 2006 को शपथ ली।
1 अक्टूबर 2023 को डी.बी. गुप्ता मुख्य सूचना आयुक्त थे; प्रतिवेदन उनका कार्यभार 11 दिसम्बर 2020 से 10 दिसम्बर 2023 को कार्यकाल समाप्त होने तक बताता है।
जोधपुर में पहले से राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ है, उच्च न्यायालय के विवरण के अनुसार 1 नवम्बर 1956 से, और 1976 के एक आदेश के अंतर्गत जयपुर में स्थायी पीठ है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान राज्य सूचना आयोग का 2024 का वार्षिक प्रतिवेदन जोधपुर में एक नवीन पीठ का उल्लेख करता है, जो सितम्बर 2024 तक आरंभ नहीं हुई थी।
- पीठ आरंभ न होने पर आयोग ने 11–12 सितम्बर 2024 को जोधपुर जिला कलेक्ट्रेट में विशेष न्यायालय लगाया, जिसमें 71 मामले सुने गए और 65 निपटाए गए।
- धारा 15(7), सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005: राज्य सूचना आयोग राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से राज्य में अन्य स्थानों पर कार्यालय खोल सकता है।
- धारा 15(2), सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005: राज्य सूचना आयोग में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम दस राज्य सूचना आयुक्त होते हैं।
- आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन उसका मुख्यालय जयपुर में बताता है।
सूचना आयोग के वार्षिक प्रतिवेदनों, उच्च न्यायालय के इतिहास पृष्ठ, राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 6 और RPSC के पते से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह मान लेना कि पीठ राजधानी में ही जाएगी: आयोग का मुख्यालय पहले से जयपुर में है, और उसकी नवीन पीठ जोधपुर के लिए नामित हुई।
- स्वीकृति को कार्यरत कार्यालय समझ लेना: आयोग का 2024 का प्रतिवेदन कहता है कि जोधपुर पीठ सितम्बर 2024 तक आरंभ नहीं हुई थी।
- आयोग की शुरुआत की तिथियाँ मिला देना: इसकी वेबसाइट 18 अप्रैल 2006 बताती है, जबकि वार्षिक प्रतिवेदन गठन 13 अप्रैल 2006 और पहले मुख्य आयुक्त की शपथ 18 अप्रैल 2006 को बताता है।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि किसी राज्य निकाय की पीठ या मुख्यालय किस शहर में है, या शहर को स्वीकृति के वर्ष के साथ जोड़ सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कौन करता है, या सूचना का अधिकार अधिनियम कितने आयुक्तों की अनुमति देता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(7) के अंतर्गत राज्य सूचना आयोग राज्य में अन्य स्थानों पर कार्यालय किसके पूर्व अनुमोदन से स्थापित कर सकता है ?
- (a)राज्यपाल
- (b)राज्य सरकार
- (c)केंद्रीय सूचना आयोग
- (d)उच्च न्यायालय
उत्तर(2) — धारा 15(7) के अनुसार आयोग राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से राज्य में अन्य स्थानों पर कार्यालय स्थापित कर सकता है। विकल्प (1) धारा 15(3) के अंतर्गत आयुक्तों की नियुक्ति करता है, पर यहाँ अनुमोदन देने वाला प्राधिकारी नहीं है; विकल्प (3) और (4) की धारा 15(7) में कोई भूमिका नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(2) के अंतर्गत राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्तों की अधिकतम संख्या कितनी है ?
- (a)पाँच
- (b)सात
- (c)दस
- (d)बारह
उत्तर(3) — धारा 15(2)(ख) आवश्यकतानुसार अधिकतम दस राज्य सूचना आयुक्तों की अनुमति देती है। विकल्प (1) और (2) अधिनियम की सीमा से कम हैं; विकल्प (4) उससे अधिक है।