राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिये : (i) भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ट के अधीन जुलाई, 1994 में इसका गठन किया गया । (ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त के प्रधानत्व में यह एक–सदस्यीय आयोग है ।
- (1)न तो (i) न ही (ii) सही है ।
- (2)(i) व (ii) दोनों सही हैं ।
- (3)केवल (ii) सही है ।
- (4)केवल (i) सही है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), (i) व (ii) दोनों सही हैं ।
कथन (i) सही है। राज्य निर्वाचन आयोग का अपना परिचय पृष्ठ बताता है कि आयोग का गठन जुलाई 1994 में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ट (संविधान के अंग्रेज़ी पाठ में 243K) के अंतर्गत किया गया। आयोग की आयुक्तों की सूची अमर सिंह राठौड़ से शुरू होती है, जिनका कार्यकाल 1 जुलाई 1994 से आरंभ होता है।
कथन (ii) सही है। वही पृष्ठ बताता है कि राज्य निर्वाचन आयोग राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता वाला एक-सदस्यीय आयोग है।
यह संविधान से मेल खाता है। अनुच्छेद 243ट(1) पंचायत चुनाव एक ऐसे राज्य निर्वाचन आयोग में निहित करता है जिसमें राज्यपाल द्वारा नियुक्त एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है। एक आयुक्त ही पूरा आयोग है।
दोनों कथन सही होने से कूट विकल्प (2) है, (i) व (ii) दोनों सही हैं ।
याद रखने योग्य बात: अनुच्छेद 243ट, जुलाई 1994, एक राज्य निर्वाचन आयुक्त।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)न तो (i) न ही (ii) सही है । — दोनों कथन वही दोहराते हैं जो आयोग की अपनी वेबसाइट कहती है: जुलाई 1994 में अनुच्छेद 243ट के अंतर्गत गठन, और राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता वाला एक-सदस्यीय आयोग।
यह कूट तभी ठीक बैठता जब दोनों बातें बदल दी जातीं, जैसे (i) में कोई और महीना या अनुच्छेद और (ii) में बहु-सदस्यीय निकाय।
- (3)केवल (ii) सही है । — यह कूट कथन (i) को छोड़ देता है, जो सही है। आयोग का पृष्ठ जुलाई 1994 और अनुच्छेद 243ट बताता है, और इसके पहले आयुक्त का कार्यकाल 1 जुलाई 1994 से शुरू होता है।
गठन को दिसम्बर 1994 में बताने वाला कथन अस्वीकार करने योग्य होता। अनुच्छेद 243ट भी सही अनुच्छेद है: अनुच्छेद 243यक नगरपालिका चुनाव इसी आयोग को सौंपता है।
- (4)केवल (i) सही है । — यह कूट कथन (ii) को छोड़ देता है, जो सही है। यह भारत निर्वाचन आयोग का ढाँचा राज्य निकाय पर लागू कर देता है; अनुच्छेद 324(2) के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने अन्य निर्वाचन आयुक्त, यदि कोई हों, होते हैं जितने राष्ट्रपति नियत करें।
अनुच्छेद 243ट राज्य निकाय को राज्यपाल द्वारा नियुक्त एक ही राज्य निर्वाचन आयुक्त देता है।
अवधारणा
संविधान का भाग IX, पंचायतें, संविधान (तिहत्तरवाँ संशोधन) अधिनियम, 1992 द्वारा 24 अप्रैल 1993 से जोड़ा गया। इसी भाग का अनुच्छेद 243ट राज्य निर्वाचन आयोग का सृजन करता है।
अनुच्छेद 243ट(1) के अंतर्गत निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करने और सभी पंचायत चुनाव कराने का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण आयोग में निहित है। अनुच्छेद 243यक(1) इसे नगरपालिका चुनाव भी सौंपता है।
आयुक्त की स्वतंत्रता संविधान में ही सुनिश्चित है। अनुच्छेद 243ट(2) राज्यपाल को, राज्य के कानून के अधीन, नियम बनाकर सेवा-शर्तें तय करने देता है; पर आयुक्त को केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जा सकता है, और नियुक्ति के बाद उसकी सेवा-शर्तों में उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
अनुच्छेद 324 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग एक अलग निकाय है, जो संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव देखता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान की "संस्थाएं" के अंतर्गत "राजस्थान लोक सेवा आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सूचना आयोग" शामिल हैं।
आयोग की वेबसाइट दर्ज करती है कि राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 1960 से होते आए हैं, पहले पंचायत विभाग और फिर निर्वाचन विभाग द्वारा। छठे आम चुनाव, 1995, से ये चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्तों की इसकी सूची अमर सिंह राठौड़ (1 जुलाई 1994 से 30 मार्च 2000) से शुरू होती है। 1 अक्टूबर 2023 को यह पद मधुकर गुप्ता के पास था, जिनका कार्यकाल सूची 14 अगस्त 2022 से 16 सितम्बर 2025 तक बताती है।
आयोग पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों, दोनों के लिए निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करता है और चुनाव कराता है।
मुख्य तथ्य
- राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की वेबसाइट के अनुसार इसका गठन जुलाई 1994 में अनुच्छेद 243ट के अंतर्गत हुआ।
- अनुच्छेद 243ट(1): राज्य निर्वाचन आयोग में राज्यपाल द्वारा नियुक्त एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है।
- अनुच्छेद 243ट(2): राज्य निर्वाचन आयुक्त को केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिन पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को।
- अनुच्छेद 243यक(1): नगरपालिकाओं के चुनाव भी अनुच्छेद 243ट में निर्दिष्ट राज्य निर्वाचन आयोग में निहित हैं।
- 1 अक्टूबर 2023 को मधुकर गुप्ता राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयुक्त थे; आयोग उनका कार्यकाल 14 अगस्त 2022 से 16 सितम्बर 2025 बताता है।
अनुच्छेद 243ट, 243यक और 324 से। राजस्थान का राज्य निर्वाचन आयोग, उसकी वेबसाइट के अनुसार, जुलाई 1994 में गठित हुआ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- भारत निर्वाचन आयोग का ढाँचा राज्य निकाय पर लागू कर देना: अनुच्छेद 243ट ऐसा आयोग बनाता है जिसमें एक ही राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है।
- महीना बदल देना: राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट गठन जुलाई 1994 में बताती है, दिसम्बर 1994 में नहीं।
- स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अनुच्छेद 324 बताना: पंचायत और नगरपालिका चुनाव अनुच्छेद 243ट और 243यक के अंतर्गत आते हैं।
कोई प्रश्न राज्य निर्वाचन आयोग के गठन के समय और अनुच्छेद पर एक कथन को उसकी संरचना पर एक कथन के साथ जोड़ सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन आयुक्त में नियुक्ति कौन करता है, हटाता कौन है, और कौन-सा निकाय कौन-से चुनाव कराता है।
संबंधित PYQ
भारत के चुनाव आयोग के संबंध में सही कथन पहचानें ।
- (1) भारत का चुनाव आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है और इसकी स्थापना 25 जनवरी, 1952 को संविधान के अनुसार की गई थी ।
- (2) बहुमत द्वारा निर्णय लेने की शक्ति के साथ बहु–सदस्यीय आयोग की अवधारणा 1995 से लागू है ।
- (3) संविधान के अंतर्गत संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की निर्वाचन पश्चात् निर्योग्यता के मामले में आयोग के पास परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार भी है ।
- (4) राष्ट्रपति मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करता है और उनका कार्यकाल पाँच वर्ष या 60 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होता है ।
उत्तर(3)
राष्ट्रीय स्तर का समकक्ष। वह प्रश्न पूछता है कि भारत के चुनाव आयोग के संबंध में कौन-सा कथन सही है (RPSC की कुंजी: संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की निर्वाचन पश्चात् निर्योग्यता के मामले में आयोग के पास परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार भी है); यह प्रश्न राज्य निकाय के बारे में है, जिसमें एक ही आयुक्त होता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ट के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयुक्त को पद से कैसे हटाया जा सकता है ?
- (a)राज्यपाल द्वारा अपने प्रसादपर्यंत
- (b)उसी रीति और उन्हीं आधारों पर जिन पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को
- (c)राज्य विधानसभा द्वारा साधारण बहुमत से पारित संकल्प द्वारा
- (d)भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सलाह पर
उत्तर(2) — अनुच्छेद 243ट(2) का परंतुक हटाने को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की रीति और आधारों से जोड़ता है। विकल्प (1) पद को राज्यपाल की इच्छा पर निर्भर कर देता, जिसे परंतुक रोकता है; विकल्प (3) और (4) ऐसी प्रक्रियाएँ हैं जो अनुच्छेद में नहीं हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद नगरपालिकाओं के चुनाव कराने का कार्य राज्य निर्वाचन आयोग में निहित करता है ?
- (a)अनुच्छेद 243ट
- (b)अनुच्छेद 243यक
- (c)अनुच्छेद 324
- (d)अनुच्छेद 243यघ
उत्तर(2) — अनुच्छेद 243यक(1) नगरपालिका चुनाव अनुच्छेद 243ट में निर्दिष्ट राज्य निर्वाचन आयोग में निहित करता है। विकल्प (1) पंचायत चुनावों से संबंधित है; विकल्प (3) भारत निर्वाचन आयोग का है; विकल्प (4) जिला योजना समिति से संबंधित है।