निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : (i) राजनीति शास्त्रियों द्वारा कही गई ‘कांग्रेस प्रणाली’ का 1989 के लोक सभा चुनावों के साथ अंत हो गया । (ii) 1989 के लोक सभा चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सबसे बड़ी अकेली पार्टी के रूप में उभरी ।
- (1)न तो (i) न ही (ii) सही है ।
- (2)(i) व (ii) दोनों सही हैं ।
- (3)केवल (ii) सही है ।
- (4)केवल (i) सही है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), (i) व (ii) दोनों सही हैं ।
कथन (i) सही है। NCERT की कक्षा XII की पाठ्यपुस्तक Politics in India since Independence के अनुसार 1989 के चुनावों ने उस व्यवस्था का अंत कर दिया जिसे राजनीति शास्त्रियों ने ‘कांग्रेस प्रणाली’ कहा है।
उसी अध्याय में इसके पीछे के आँकड़े हैं। 1984 में 415 लोक सभा सीटें जीतने वाली कांग्रेस 1989 में 197 पर आ गई। वह एक महत्त्वपूर्ण दल बनी रही, पर दलीय व्यवस्था में उसे पहले जैसी केन्द्रीय स्थिति नहीं रही।
कथन (ii) भी सही है। पाठ्यपुस्तक बताती है कि 1989 के चुनाव के बाद कांग्रेस लोक सभा में सबसे बड़ा दल थी, पर उसके पास स्पष्ट बहुमत नहीं था, इसलिए उसने विपक्ष में बैठने का निर्णय लिया।
सरकार राष्ट्रीय मोर्चा — जनता दल और कुछ क्षेत्रीय दल — को मिली, जिसे भाजपा और वाम मोर्चा का समर्थन था; ये दोनों सरकार में शामिल नहीं हुए।
सबसे बड़ा दल होना और बहुमत होना एक बात नहीं: 1989 में कांग्रेस सबसे बड़ी अकेली पार्टी थी, फिर भी सत्ता से बाहर थी। दोनों कथन सही हैं, इसलिए उत्तर है (i) व (ii) दोनों सही हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)न तो (i) न ही (ii) सही है । — यह दो सही कथनों को अस्वीकार करता है। पाठ्यपुस्तक 1989 के चुनावों के लिए ही कहती है कि उन्होंने उस व्यवस्था का अंत किया जिसे राजनीति शास्त्रियों ने ‘कांग्रेस प्रणाली’ कहा है।
वह यह भी कहती है कि उस चुनाव के बाद कांग्रेस लोक सभा में सबसे बड़ा दल थी, और यही कथन (ii) है।
- (3)केवल (ii) सही है । — यह कथन (ii) को रखता है पर कथन (i) को छोड़ देता है। कथन (i) वही बात दोहराता है जो पाठ्यपुस्तक 1989 के बारे में कहती है — कि उसके साथ ‘कांग्रेस प्रणाली’ का अंत हुआ।
पुस्तक यह शब्द चुनावी प्रतिस्पर्धा के पहले दशक के लिए प्रयोग करती है, जब कांग्रेस सत्तारूढ़ दल और विपक्ष, दोनों की भूमिका निभाती थी।
- (4)केवल (i) सही है । — यह कथन (i) को रखता है पर कथन (ii) को छोड़ देता है। सत्ता खोना पहला स्थान खोना नहीं है।
197 सीटों के साथ कांग्रेस अब भी लोक सभा में सबसे बड़ा दल थी। वह विपक्ष में इसलिए बैठी क्योंकि उसके पास स्पष्ट बहुमत नहीं था।
अवधारणा
‘कांग्रेस प्रणाली’ भारत की दलीय राजनीति के पहले चरण का वर्णन करती है। NCERT के विवरण में कांग्रेस के भीतर के गुट एक-दूसरे को संतुलित करते थे, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा के पहले दशक में कांग्रेस सत्तारूढ़ दल और विपक्ष, दोनों की भूमिका निभाती थी।
1989 के चुनाव ने वह चरण समाप्त किया। कांग्रेस 1984 की 415 सीटों से गिरकर 197 पर आ गई, और किसी दल को बहुमत नहीं मिला। राष्ट्रीय मोर्चा ने भाजपा और वाम मोर्चा के समर्थन से सरकार बनाई, पर इन दोनों में से कोई भी सरकार में शामिल नहीं हुआ।
इसके बाद गठबंधन राजनीति का लंबा दौर आया। पाठ्यपुस्तक बताती है कि 1989 से 2014 तक किसी भी लोक सभा चुनाव में किसी अकेले दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
सबसे बड़ा दल होना और सरकार बनाना अलग बातें हैं। सबसे अधिक सीटों वाला पर बहुमत-रहित दल विपक्ष में जा सकता है, जैसे 1989 में कांग्रेस गई।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "भारतीय राजनीतिक व्यवस्था" के अंतर्गत "संघवाद, भारत में लोकतांत्रिक राजनीति, गठबंधन सरकारें, राष्ट्रीय एकीकरण" शामिल है। 1989 का चुनाव इनमें से दो शीर्षकों के अंतर्गत एक साथ आता है: भारत में लोकतांत्रिक राजनीति और गठबंधन सरकारें।
कांग्रेस प्रणाली के अंत से कांग्रेस का अंत नहीं हुआ। NCERT बताता है कि 1991 के मध्यावधि चुनाव के बाद पार्टी जल्द ही सत्ता में लौटी, जब वह फिर सबसे बड़ी अकेली पार्टी के रूप में उभरी और पी. वी. नरसिंह राव प्रधानमंत्री बने।
पाठ्यपुस्तक कई दलों की भागीदारी या समर्थन से बनी सरकारों को सूचीबद्ध करती है: 1989 में राष्ट्रीय मोर्चा, 1996 और 1997 में संयुक्त मोर्चा, 1998 में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन, 1999 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA), और 2004 तथा 2009 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA)।
मुख्य तथ्य
- NCERT: 1989 के चुनावों ने उस व्यवस्था का अंत किया जिसे राजनीति शास्त्रियों ने ‘कांग्रेस प्रणाली’ कहा है।
- कांग्रेस ने 1984 में 415 और 1989 में 197 लोक सभा सीटें जीतीं।
- 1989 के चुनाव के बाद कांग्रेस लोक सभा में सबसे बड़ा दल थी, पर स्पष्ट बहुमत न होने से विपक्ष में बैठी।
- जनता दल और कुछ क्षेत्रीय दलों के गठबंधन राष्ट्रीय मोर्चा ने भाजपा और वाम मोर्चा के समर्थन से सरकार बनाई।
- 1991 के चुनाव में कांग्रेस फिर सबसे बड़ी अकेली पार्टी के रूप में उभरी, और पी. वी. नरसिंह राव प्रधानमंत्री बने।
NCERT की कक्षा XII की पाठ्यपुस्तक Politics in India since Independence के अध्याय Recent Developments in Indian Politics से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- हार को किसी दूसरे दल से पीछे रह जाना मान लेना। 1989 में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई, पर उसकी सीटें अब भी किसी भी अन्य दल से अधिक थीं।
- ‘कांग्रेस प्रणाली’ के अंत को कांग्रेस का अंत समझ लेना। 1991 के चुनाव के बाद पार्टी सत्ता में लौटी।
- 1989 और 1991 को मिला देना। दोनों चुनावों के बाद कांग्रेस सबसे बड़ी अकेली पार्टी थी, पर सरकार उसने केवल 1991 के बाद बनाई।
कोई प्रश्न दलीय राजनीति के किसी मोड़ के बारे में एक कथन को चुनाव परिणामों के बारे में एक कथन के साथ रखकर पूछ सकता है कि कौन-से सही हैं, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि किसी लोक सभा चुनाव के बाद किस गठबंधन ने सरकार बनाई, या किसी दल ने कितनी सीटें जीतीं।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर को चिह्नित कीजिए : (a) 2004 के चुनाव में कांग्रेस ने 145 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की । (b) 2004 के चुनाव में भाजपा ने 133 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की । (c) 2004 के चुनाव में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 48 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की । कूट :
- (1) केवल (a) सही है ।
- (2) केवल (a) और (b) सही हैं ।
- (3) केवल (b) और (c) सही हैं ।
- (4) केवल (a) और (c) सही हैं ।
उत्तर(1)
एक बाद के चुनाव का वैसा ही तथ्य: 2004 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के स्थान (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), केवल (a) सही है — 2004 के चुनाव में कांग्रेस ने 145 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की)। यह प्रश्न 1989 के चुनाव और ‘कांग्रेस प्रणाली’ के अंत के बारे में है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1989 के लोक सभा चुनाव के बाद निम्नलिखित में से किसने केन्द्र में सरकार बनाई ?
- (a)राष्ट्रीय मोर्चा
- (b)संयुक्त मोर्चा
- (c)राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन
- (d)संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
उत्तर(1) — 1989 में राष्ट्रीय मोर्चा ने भाजपा और वाम मोर्चा के समर्थन से सरकार बनाई। NCERT की पाठ्यपुस्तक संयुक्त मोर्चा (2) को 1996 और 1997 में, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (3) को 1999 में, और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (4) को 2004 और 2009 में सूचीबद्ध करती है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1989 के लोक सभा चुनाव के बारे में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : (i) किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। (ii) भाजपा और वाम मोर्चा मंत्रियों के रूप में राष्ट्रीय मोर्चा सरकार में शामिल हुए। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
- (a)केवल (i)
- (b)केवल (ii)
- (c)(i) व (ii) दोनों
- (d)न तो (i) न ही (ii)
उत्तर(1) — किसी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था, इसलिए (i) सही है। कथन (ii) गलत है: भाजपा और वाम मोर्चा ने राष्ट्रीय मोर्चा सरकार का समर्थन किया, पर उसमें शामिल नहीं हुए। इससे (2) और (3) बाहर हो जाते हैं; (4) कथन (i) को गलत ढंग से अस्वीकार करता है।