निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर को चिह्नित कीजिए : (a) 2004 के चुनाव में कांग्रेस ने 145 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की । (b) 2004 के चुनाव में भाजपा ने 133 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की । (c) 2004 के चुनाव में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 48 लोक सभा स्थानों पर विजय प्राप्त की । कूट :
- (1)केवल (a) सही है ।
- (2)केवल (a) और (b) सही हैं ।
- (3)केवल (b) और (c) सही हैं ।
- (4)केवल (a) और (c) सही हैं ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), केवल (a) सही है ।
2004 का लोक सभा चुनाव 20 अप्रैल से 10 मई 2004 के बीच चार चरणों में हुआ। मतगणना 13 मई को शुरू हुई, और इसके परिणाम से 14वीं लोक सभा बनी।
कथन (a) सही है। कांग्रेस ने 145 स्थान जीते, जो किसी भी दल के स्थानों में सबसे अधिक थे।
कथन (b) गलत है। भाजपा ने 133 नहीं, 138 स्थान जीते।
कथन (c) गलत है। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 48 नहीं, 43 स्थान जीते।
केवल कथन (a) खरा उतरता है, इसलिए कूट है केवल (a) सही है ।
हर गलत कथन वास्तविक संख्या से ठीक पाँच स्थान दूर है — 138 की जगह 133, और 43 की जगह 48। मोटे तौर पर सही लगने वाली संख्या काफ़ी नहीं; कथन का परिणाम से मेल खाना ज़रूरी है।
145 स्थानों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ा दल थी, पर बहुमत के लिए ज़रूरी 272 से काफ़ी पीछे। उसने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार बनाई, और 22 मई 2004 को मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)केवल (a) और (b) सही हैं । — यह कूट कथन (b) को स्वीकार करता है, जो भाजपा को 133 स्थान देता है। वास्तव में 2004 में भाजपा ने 138 स्थान जीते, इसलिए कथन (b) गलत है।
यह कूट तभी सही होता जब भाजपा की संख्या सही होती। कथन (a) सही है, पर कूट को हर कथन सही आँकना होता है, और यह कूट ऐसा नहीं करता।
- (3)केवल (b) और (c) सही हैं । — यह कूट तीनों कथनों को गलत आँकता है। यह कथन (a) को अस्वीकार करता है, जबकि कांग्रेस ने सचमुच 145 स्थान जीते थे।
यह कथन (b) को भी स्वीकार करता है, जबकि भाजपा ने 133 नहीं, 138 स्थान जीते; और कथन (c) को भी, जबकि मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 48 नहीं, 43 स्थान जीते।
- (4)केवल (a) और (c) सही हैं । — यह कूट सही कथन (a) को रखता है, पर कथन (c) को भी स्वीकार करता है। वास्तव में 2004 में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 48 नहीं, 43 स्थान जीते।
यह कथन (b) को ठीक ही अस्वीकार करता है। पर एक गलत कथन स्वीकार करने के कारण यह परिणाम से मेल नहीं खाता।
अवधारणा
लोक सभा के सदस्य एक-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों से फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (सर्वाधिक मत से जीत) प्रणाली द्वारा चुने जाते हैं: सबसे अधिक मत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, भले ही उसे डाले गए मतों का बहुमत न मिला हो।
किसी दल के स्थानों की संख्या उन निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या है जिन्हें उसके उम्मीदवारों ने जीता। 543 निर्वाचित स्थानों में बहुमत के लिए 272 स्थान चाहिए।
जब कोई दल यह संख्या नहीं छू पाता, तो राष्ट्रपति उस नेता को आमंत्रित करता है जो सदन का विश्वास प्राप्त कर सके। ऐसा नेता सामान्यतः किसी गठबंधन का प्रमुख होता है, जो चुनाव से पहले या बाद में बना हो।
2004 में 145 स्थानों वाली कांग्रेस ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का नेतृत्व किया। वाम दलों ने उस सरकार में शामिल होने के बजाय उसे बाहर से समर्थन दिया।
पाठ्यक्रम का शीर्षक "भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली" "भारत में लोकतांत्रिक राजनीति" और "गठबंधन सरकारें" को सूचीबद्ध करता है। चुनाव परिणाम दोनों के प्रमाण हैं।
2004 का चुनाव भारतीय राजनीति के उस गठबंधन-दौर में हुआ जो 1989 के बाद आया। 1989 के चुनाव को उस व्यवस्था का अंत माना जाता है जिसे राजनीति-विज्ञानी "कांग्रेस प्रणाली" कहते हैं।
स्थानों के आँकड़े इसलिए महत्त्वपूर्ण हैं कि वे सरकार के गठन को समझाते हैं: किस दल ने नेतृत्व किया, किसे सहयोगियों की ज़रूरत पड़ी, और किसने बाहर से समर्थन दिया।
राजस्थान के लिए, इसी चुनाव से राज्य के 25 लोक सभा स्थान भरे गए।
मुख्य तथ्य
- 2004 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस ने 145, भाजपा ने 138 और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 43 स्थान जीते।
- मतदान 20 अप्रैल से 10 मई 2004 के बीच चार चरणों में हुआ; मतगणना 13 मई को शुरू हुई।
- कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने सरकार बनाई, और 22 मई 2004 को मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
- वाम दलों ने UPA सरकार में शामिल होने के बजाय उसे बाहर से समर्थन दिया।
- लोक सभा के 543 निर्वाचित स्थानों में बहुमत के लिए 272 स्थान आवश्यक हैं।
केवल कथन (a) परिणाम से मेल खाता है, इसलिए कूट विकल्प (1) है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पास की संख्या स्वीकार कर लेना। दोनों गलत कथन वास्तविक संख्याओं 138 और 43 से पाँच स्थान दूर हैं।
- किसी दल के अपने स्थानों को उसके गठबंधन की ताकत से मिला देना। कांग्रेस के 145 उसके अपने स्थान हैं; पूरे UPA के पास इससे अधिक थे।
- सबसे बड़े दल को बहुमत वाला मान लेना। 2004 में कांग्रेस 145 स्थानों के साथ आगे थी, जो 272 से काफ़ी कम है, और उसने गठबंधन के ज़रिये शासन किया।
चुनाव पर प्रश्न किसी निश्चित वर्ष में नामित दलों के स्थान, मत-प्रतिशत या मतदान दर देकर पूछ सकता है कि कौन-से कथन सही हैं।
वह यह भी पूछ सकता है कि कौन-सा दल सबसे बड़ा बनकर उभरा, सरकार किसने बनाई, या कोई चुनाव दलीय व्यवस्था के इतिहास में किस मोड़ का प्रतीक था।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2004 के लोक सभा चुनाव के बाद भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ किसने ली?
- (a)अटल बिहारी वाजपेयी
- (b)मनमोहन सिंह
- (c)सोनिया गांधी
- (d)प्रणब मुखर्जी
उत्तर(2) — मनमोहन सिंह ने 22 मई 2004 को UPA सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली। अटल बिहारी वाजपेयी (1) निवर्तमान NDA सरकार के प्रमुख थे। सोनिया गांधी (3) कांग्रेस अध्यक्ष थीं, पर प्रधानमंत्री नहीं बनीं। प्रणब मुखर्जी (4) UPA सरकार में मंत्री बने, प्रधानमंत्री नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2004 के लोक सभा चुनाव में किस दल ने सबसे अधिक स्थान जीते?
- (a)भारतीय जनता पार्टी
- (b)भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- (c)मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी
- (d)समाजवादी पार्टी
उत्तर(2) — कांग्रेस ने 145 स्थान जीते। भाजपा (1) 138 स्थानों के साथ दूसरे स्थान पर रही। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (3) ने 43 और समाजवादी पार्टी (4) ने 36 स्थान जीते।