भारत की संविधान सभा के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : (i) संविधान सभा का अंतिम अधिवेशन 24 जनवरी, 1950 को हुआ । (ii) इस अंतिम अधिवेशन में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति पद पर विधिवत निर्वाचित घोषित किए गए ।
- (1)न तो (i) न ही (ii) सही है ।
- (2)(i) और (ii) दोनों सही हैं ।
- (3)केवल (ii) सही है ।
- (4)केवल (i) सही है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), (i) और (ii) दोनों सही हैं ।
दोनों कथन 24 जनवरी 1950 के संविधान सभा के अपने अभिलेख से मेल खाते हैं, इसलिए उत्तर (i) और (ii) दोनों सही हैं है।
कथन (i) सही है। सभा के पूर्ण अधिवेशन के वाद-विवाद 9 दिसम्बर 1946 से 24 जनवरी 1950 तक चलते हैं। 24 जनवरी को सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने उस बैठक को अंतिम दिन कहा, और सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया।
कथन (ii) सही है। उस बैठक में सभा के निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) और सचिव एच. वी. आर. आयंगर ने बताया कि भारत के राष्ट्रपति पद के लिए केवल एक नामांकन आया है: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, जिनका प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू ने किया और समर्थन वल्लभभाई पटेल ने।
इसके बाद राष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधी नियमों के नियम 8 के उप-नियम (1) के अंतर्गत उन्होंने घोषणा की कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति पद पर विधिवत निर्वाचित हुए हैं।
24 जनवरी 1950 सभा का अंतिम दिन था, और वही दिन जब प्रथम राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित हुए।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)न तो (i) न ही (ii) सही है । — दोनों कथन सत्य हैं, इसलिए "न तो … न ही" दोनों ओर से गलत है।
वाद-विवाद 24 जनवरी 1950 को सभा की अंतिम बैठक के रूप में दर्ज करते हैं, जो अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई, और यह भी दर्ज करते हैं कि उसी बैठक में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति पद पर विधिवत निर्वाचित घोषित हुए।
- (3)केवल (ii) सही है । — यह कथन (i) को अस्वीकार करता है, जो सत्य है। सभा के वाद-विवाद 24 जनवरी 1950 को समाप्त होते हैं, जब सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुआ।
अंतिम बैठक संविधान के प्रारम्भ से दो दिन पहले हुई: अनुच्छेद 394 के अंतर्गत संविधान के शेष उपबंध 26 जनवरी 1950 को लागू हुए।
- (4)केवल (i) सही है । — यह कथन (ii) को अस्वीकार करता है, जो सत्य है। निर्वाचन की घोषणा 24 जनवरी 1950 की उसी बैठक में हुई।
प्राप्त एकमात्र नामांकन पर निर्वाचन अधिकारी ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारत के राष्ट्रपति पद पर विधिवत निर्वाचित घोषित किया।
अवधारणा
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई। constitutionofindia.net का संविधान सभा वाद-विवाद संग्रह पूर्ण अधिवेशन के 167 दिनों के वाद-विवाद रखता है, जिनमें अंतिम 24 जनवरी 1950 का है।
26 नवम्बर 1949 को सभा ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया कि सभा द्वारा तय किया गया संविधान पारित किया जाए। अनुच्छेद 394 ने कुछ अनुच्छेद तुरंत और शेष 26 जनवरी 1950 को लागू किए।
तुरंत लागू हुए अनुच्छेदों में राष्ट्रपति के बारे में उपबंध वाला अनुच्छेद 380 भी था। संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 ने बाद में इसे 1 नवम्बर 1956 से हटा दिया।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली" के अंतर्गत "संविधान सभा, भारतीय संविधान की विशेषताएं, संवैधानिक संशोधन" शामिल है। सभा के अधिवेशन और उसके अंतिम कार्य इसी शीर्षक के अंतर्गत आते हैं।
अंतिम बैठक ने संविधान के निर्माण को उसके संचालन से जोड़ा। उसी दिन सभा ने अपने अध्यक्ष का यह वक्तव्य सुना कि जन गण मन राष्ट्रगान है और वन्दे मातरम् को उसके समान सम्मान दिया जाएगा, और सदस्यों ने संविधान की प्रतियों पर हस्ताक्षर किए।
उसी दिन नेहरू ने कहा कि सभा भारत गणराज्य की संसद के रूप में सामने आएगी।
मुख्य तथ्य
- constitutionofindia.net संग्रह में संविधान सभा के पूर्ण अधिवेशन के 167 दिनों के वाद-विवाद हैं, 9 दिसम्बर 1946 से 24 जनवरी 1950 तक।
- 24 जनवरी 1950 को प्राप्त एकमात्र नामांकन पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति के रूप में विधिवत निर्वाचित घोषित किए गए।
- उनके नामांकन का प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू ने किया और समर्थन वल्लभभाई पटेल ने।
- 24 जनवरी 1950 को सदस्यों ने संविधान की तीन प्रतियों पर हस्ताक्षर किए: हाथ से लिखी सचित्र अंग्रेज़ी प्रति, छपी अंग्रेज़ी प्रति और हाथ से लिखी हिन्दी प्रति।
- अनुच्छेद 394 के अंतर्गत संविधान के शेष उपबंध 26 जनवरी 1950 को लागू हुए।
दोनों कथन रेखांकित दिन का वर्णन करते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 24 जनवरी और 26 जनवरी 1950 में दो दिन का अंतर है। सभा की अंतिम बैठक 24 को हुई; संविधान के अधिकांश भाग का प्रारम्भ 26 को हुआ।
- प्रथम राष्ट्रपति को संविधान सभा ने निर्वाचित घोषित किया, उस निर्वाचक मंडल ने नहीं जिसे संविधान बाद के निर्वाचनों के लिए बनाता है।
- विकल्प (3) और (4) केवल एक-एक कथन स्वीकार करते हैं। जब दोनों कथन सत्य हों, तो एक कथन वाला विकल्प गलत हो जाता है।
कोई प्रश्न सभा की अंतिम बैठक के बारे में दो कथनों की जाँच करवा सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न सभा की पहली बैठक की तिथि, 26 नवम्बर 1949 को क्या हुआ, या प्रथम राष्ट्रपति के नामांकन का प्रस्ताव किसने किया, यह भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
किस राजनीतिक दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने संविधान सभा को भंग कर उसका पुनर्निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर करने को कहा था ?
- (1) हिंदू महासभा
- (2) समाजवादी दल
- (3) स्वराज दल
- (4) मुस्लिम लीग
उत्तर(2)
वही सभा, उसके आलोचक। वह प्रश्न पूछता है कि किस राजनीतिक दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने संविधान सभा को भंग कर वयस्क मताधिकार के आधार पर उसका पुनर्निर्वाचन करने को कहा था (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), समाजवादी दल); यह प्रश्न सभा की अंतिम बैठक के बारे में है।
भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है ?
- (1) भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है जिसमें (ए) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और (बी) राज्यों की विधान सभाओं और विधान सभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं ।
- (2) निर्वाचक् मंडल के प्रत्येक सदस्य के लिए वोट का मूल्य 1971 की जनसंख्या जनगणना के आधार पर तय किया जाता है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक वर्ष 2026 के बाद पहली जनगणना की जनसंख्या प्रकाशित नहीं हो जाती है ।
- (3) चुनाव एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार आयोजित किए जाते हैं ।
- (4) किसी राज्य की विधान सभा के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के उतने मत होंगे जितने कि एक सौ के गुणित उस भागफल में हों जो राज्य की जनसंख्या को उस विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या से भाग देने पर आये ।
उत्तर(4)
वही पद, एक अलग निर्वाचन। वह प्रश्न संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के संबंध में गलत कथन पूछता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (4)); यह प्रश्न प्रथम राष्ट्रपति के बारे में है, जिन्हें संविधान सभा ने निर्वाचित घोषित किया।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में घोषित, भारत के राष्ट्रपति पद के लिए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नामांकन का प्रस्ताव किसने किया था ?
- (a)जवाहरलाल नेहरू
- (b)वल्लभभाई पटेल
- (c)बी. आर. अम्बेडकर
- (d)एच. वी. आर. आयंगर
उत्तर(1) — वाद-विवाद में नामांकन का प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया दर्ज है। विकल्प (2), वल्लभभाई पटेल, ने इसका समर्थन किया। विकल्प (4), एच. वी. आर. आयंगर, वे निर्वाचन अधिकारी थे जिन्होंने परिणाम घोषित किया। विकल्प (3), बी. आर. अम्बेडकर, का नाम प्रस्तावक या समर्थक के रूप में नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान सभा ने किस तिथि को यह प्रस्ताव स्वीकार किया कि सभा द्वारा तय किया गया संविधान पारित किया जाए ?
- (a)9 दिसम्बर 1946
- (b)26 नवम्बर 1949
- (c)24 जनवरी 1950
- (d)26 जनवरी 1950
उत्तर(2) — प्रस्ताव 26 नवम्बर 1949 को स्वीकार हुआ। विकल्प (1) सभा की पहली बैठक की तिथि है; विकल्प (3) उसकी अंतिम बैठक की, जब राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित हुए; विकल्प (4) वह तिथि है जब अनुच्छेद 394 के अंतर्गत शेष उपबंध लागू हुए।