माही कंचन तथा आर सी बी 911 संकर किस्में हैं
- (1)क्रमशः मक्का तथा जौ की
- (2)क्रमशः मक्का तथा चावल की
- (3)क्रमशः मक्का तथा बाजरे की
- (4)क्रमशः बाजरा तथा मक्का की
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), क्रमशः मक्का तथा बाजरे की.
RPSC की अंतिम उत्तर कुंजी माही कंचन को मक्का से और आर सी बी 911 को बाजरे से, इसी क्रम में, जोड़ती है। इसलिए उत्तर क्रमशः मक्का तथा बाजरे की है।
युग्म का क्रम ही विकल्प तय करता है। विकल्प (1), (2) और (3) तीनों मक्का से शुरू होते हैं, इसलिए इनमें चुनाव आर सी बी 911 पर टिका है; विकल्प (4) में उत्तर वाली ही दोनों फसलें उलटे क्रम में हैं।
RCB अक्षर एक अधिसूचित बाजरा किस्म पर भी हैं। ICAR की बाजरा पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) जोबनेर में विकसित और 18 नवम्बर 1985 को राजस्थान के लिए अधिसूचित RCB 2 को अपनी मुक्त परागित बाजरा किस्मों में गिनाती है।
वही संकलन बाजरे की संकर किस्मों को अलग सूचीबद्ध करता है, और हर एक के जनक दो वंशक्रमों के संकरण के रूप में देता है। उदाहरण के लिए RHB 90 कृषि अनुसंधान केन्द्र, दुर्गापुरा, जयपुर में विकसित हुई और 2000 में राजस्थान के लिए अधिसूचित हुई।
क्रम याद रखिए: माही कंचन मक्का के साथ, आर सी बी 911 बाजरे के साथ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)क्रमशः मक्का तथा जौ की — पहली फसल कुंजी से मेल खाती है, पर RPSC की कुंजी आर सी बी 911 को जौ की नहीं, बाजरे की किस्म बताती है।
ये दोनों अलग-अलग ऋतुओं की अलग फसलें हैं। राजस्थान कृषि सांख्यिकी 2021-22 जौ को रबी अनाजों में, 2021-22 में 2.00 लाख हेक्टेयर पर, और बाजरे को खरीफ अनाजों में, 43.30 लाख हेक्टेयर पर, दर्ज करती है।
- (2)क्रमशः मक्का तथा चावल की — यहाँ भी पहली फसल मेल खाती है और दूसरी नहीं: कुंजी आर सी बी 911 के लिए बाजरा देती है।
चावल और बाजरा दोनों राजस्थान के खरीफ अनाज हैं, पर इनका क्षेत्रफल बहुत अलग है। 2021-22 में चावल 1.96 लाख हेक्टेयर में और बाजरा 43.30 लाख हेक्टेयर में था।
- (4)क्रमशः बाजरा तथा मक्का की — यह विकल्प सही दोनों फसलों को गलत क्रम में रखता है। RPSC की कुंजी माही कंचन को मक्का और आर सी बी 911 को बाजरा बताती है।
"क्रमशः" हर फसल को उसी स्थान पर आई किस्म से जोड़ता है, इसलिए उलटा युग्म एक अलग उत्तर है।
अवधारणा
फसल की किस्म खेती के लिए जारी की गई किसी फसल की नामित वंशक्रम है। ICAR की बाजरा परियोजना दो तालिकाएँ बनाती है: संकर किस्में, जिनमें हर एक के दो जनक वंशक्रम दिए गए हैं, और मुक्त परागित किस्में, जो बिना जनक-संकरण के सूचीबद्ध हैं।
2021-22 में बाजरा क्षेत्रफल के हिसाब से राजस्थान का सबसे बड़ा खरीफ अनाज था: 43.30 लाख हेक्टेयर, राज्य के सकल फसली क्षेत्र का 15.78 प्रतिशत। मक्का 9.52 लाख हेक्टेयर में था, 3.47 प्रतिशत।
उत्पादन में, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय की राजस्थान कृषि सांख्यिकी 2021-22 के अनुसार राज्य ने 2021-22 में 43.14 लाख टन बाजरा और 19.85 लाख टन मक्का पैदा किया।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "कृषि–विज्ञान, उद्यान–विज्ञान, वानिकी एवं पशुपालन राजस्थान के विशेष संदर्भ में" शामिल है, और "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख फसलें– गेहूँ, मक्का, जौ, कपास, गन्ना, एवं बाजरा"।
ICAR की बाजरा सूची में RHB 90 संकर और RCB 2 किस्म राजस्थान के दुर्गापुरा और जोबनेर केन्द्रों से आई हैं।
दोनों फसलों की उपज भी अलग है। 2021-22 में राजस्थान के फसल कटाई प्रयोगों में मक्का की उपज 2,085 किग्रा प्रति हेक्टेयर और बाजरे की 996 किग्रा प्रति हेक्टेयर रही।
मुख्य तथ्य
- 2021-22 में राजस्थान में बाजरा 43.30 लाख हेक्टेयर (सकल फसली क्षेत्र का 15.78%) और मक्का 9.52 लाख हेक्टेयर (3.47%) में था।
- राजस्थान का 2021-22 का उत्पादन: बाजरा 43.14 लाख टन, मक्का 19.85 लाख टन (राजस्थान कृषि सांख्यिकी 2021-22)।
- जोबनेर में विकसित RCB 2 को 18 नवम्बर 1985 को राजस्थान के लिए मुक्त परागित बाजरा किस्म के रूप में अधिसूचित किया गया (ICAR-AICRP, बाजरा)।
- कृषि अनुसंधान केन्द्र, दुर्गापुरा, जयपुर में विकसित बाजरा संकर RHB 90 को 13 सितम्बर 2000 को राजस्थान के लिए अधिसूचित किया गया।
- राजस्थान में फसल कटाई प्रयोग, 2021-22: मक्का की उपज 2,085 किग्रा/हेक्टेयर और बाजरे की 996 किग्रा/हेक्टेयर।
माही कंचन पहले स्थान पर है और आर सी बी 911 दूसरे स्थान पर।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- तीन विकल्प मक्का से शुरू होते हैं, इसलिए पहली फसल उन्हें अलग नहीं करती। दूसरा स्थान निर्णय करता है।
- विकल्प (4) में सही दोनों फसलें उलटे क्रम में हैं। "क्रमशः" हर फसल को उसी स्थान वाली किस्म से बाँध देता है।
- जौ और बाजरा अलग फसलें हैं: जौ रबी का अनाज है, बाजरा खरीफ का। जाँचिए कि किस्म इनमें से किसकी है।
कोई प्रश्न दो किस्मों के नाम देकर क्रम से उनकी फसलें पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कोई एक नामित किस्म किस फसल की है, वह कहाँ विकसित हुई, या वह संकर है अथवा मुक्त परागित।
संबंधित PYQ
वर्ष 2021-22 में, देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान (प्रतिशत में) था :
- (1) 46.30
- (2) 87.69
- (3) 38.98
- (4) 34.69
उत्तर(3)
वही फसल, बाजरा, उत्पादन की ओर से। वह प्रश्न पूछता है कि वर्ष 2021-22 में देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान कितने प्रतिशत था (RPSC की कुंजी: विकल्प (3), 38.98); यह प्रश्न बाजरे की एक किस्म का नाम देता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1985 में राजस्थान के लिए अधिसूचित RCB 2 किस फसल की मुक्त परागित किस्म है ?
- (a)बाजरा
- (b)मक्का
- (c)जौ
- (d)गेहूँ
उत्तर(1) — ICAR की बाजरा पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना जोबनेर में विकसित और 18 नवम्बर 1985 को अधिसूचित RCB 2 को मुक्त परागित बाजरा किस्मों में गिनाती है। विकल्प (2) मक्का, (3) जौ और (4) गेहूँ अन्य अनाज हैं, बाजरा नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2021-22 में राजस्थान में किस खरीफ अनाज का सकल क्षेत्रफल सबसे अधिक था ?
- (a)बाजरा
- (b)मक्का
- (c)ज्वार
- (d)चावल
उत्तर(1) — बाजरा 43.30 लाख हेक्टेयर में था। विकल्प (2), मक्का, 9.52 लाख हेक्टेयर में; विकल्प (3), ज्वार, 6.20 लाख हेक्टेयर में; विकल्प (4), चावल, 1.96 लाख हेक्टेयर में (राजस्थान कृषि सांख्यिकी 2021-22)।