कौन सा सुमेलित नहीं है ? वन्यजीव अभयारण्य – जिला
- (1)शेरगढ़ – बूंदी
- (2)बस्सी – चित्तौड़गढ़
- (3)रामसागर वन विहार – धौलपुर
- (4)सीतामाता – प्रतापगढ़
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), शेरगढ़ – बूंदी.
प्रश्न वह युग्म पूछता है जो सुमेलित नहीं है। शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य बूंदी में नहीं, बारां जिले में है, इसलिए शेरगढ़ – बूंदी गलत युग्म है और यही उत्तर है।
राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्रों की सूची शेरगढ़ अभयारण्य का जिला बारां और क्षेत्रफल 81.67 वर्ग किमी बताती है।
बाकी तीनों युग्म उसी सूची पर सही हैं। बस्सी अभयारण्य चित्तौड़गढ़ में है। धौलपुर जिले में रामसागर अभयारण्य और वन विहार अभयारण्य दोनों हैं। सीतामाता अभयारण्य प्रतापगढ़ के अंतर्गत, चित्तौड़गढ़ और सलूम्बर के साथ, दर्ज है।
बूंदी और बारां दोनों दक्षिण-पूर्व के हाड़ौती क्षेत्र के जिले हैं, इसलिए केवल क्षेत्र जान लेने से त्रुटि पकड़ में नहीं आती। सूची बूंदी में एक अभयारण्य, रामगढ़ विषधारी, रखती है, पर शेरगढ़ नहीं।
शेरगढ़ अभयारण्य बारां में है, बूंदी में नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)बस्सी – चित्तौड़गढ़ — यह युग्म सही है, इसलिए "कौन सा सुमेलित नहीं है" वाले प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकता।
वन विभाग बस्सी अभयारण्य को चित्तौड़गढ़ जिले में दर्ज करता है, जिसका क्षेत्रफल 138.69 वर्ग किमी है। उसी सूची में चित्तौड़गढ़ में भैंसरोडगढ़ अभयारण्य भी है।
- (3)रामसागर वन विहार – धौलपुर — यह युग्म सही है। वन विभाग की सूची में धौलपुर जिले में रामसागर अभयारण्य और वन विहार अभयारण्य दोनों हैं, क्रमशः 34.40 वर्ग किमी और 25.60 वर्ग किमी के।
वही सूची केसरबाग अभयारण्य को भी धौलपुर में रखती है। सही युग्म यहाँ केवल भ्रामक विकल्प है।
- (4)सीतामाता – प्रतापगढ़ — यह युग्म सही है। वन विभाग सीतामाता अभयारण्य को प्रतापगढ़ के अंतर्गत, चित्तौड़गढ़ और सलूम्बर के साथ, 422.94 वर्ग किमी में दर्ज करता है।
कई जिलों में फैला अभयारण्य भी उनमें से किसी एक के साथ सही युग्म बनाता है, इसलिए यह विकल्प गलत युग्म नहीं है।
अवधारणा
वन्यजीव अभयारण्य वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत घोषित संरक्षित क्षेत्र है। राजस्थान का वन विभाग अपने संरक्षित क्षेत्रों को बाघ अभयारण्य (टाइगर रिज़र्व), राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और कन्ज़र्वेशन रिज़र्व में बाँटता है।
संरक्षित क्षेत्र जिला-सीमाओं के पार जा सकते हैं या एक-दूसरे पर आच्छादित हो सकते हैं। वन विभाग रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व को कोटा और बूंदी में, और रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को बूंदी में दर्ज करता है।
वही सूची मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिज़र्व को कोटा, बूंदी, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ में, और जवाहर सागर अभयारण्य को कोटा, बूंदी और चित्तौड़गढ़ में बताती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "जैव–विविधता एवं इनका संरक्षण" शामिल है। जिलेवार अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों और रिज़र्वों का तंत्र इसी शीर्षक के अंतर्गत आता है।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के हाड़ौती में कई संरक्षित क्षेत्र हैं। शेरगढ़ (बारां) और रामगढ़ विषधारी (बूंदी) दोनों हाड़ौती के अभयारण्य हैं, इसलिए केवल क्षेत्र से उनकी स्थिति तय नहीं होती।
इन सूचियों में जिलों के नाम जिला-मानचित्र के अनुसार होते हैं। वन विभाग की सूची सलूम्बर और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे जिलों के नाम देती है, जो जनगणना 2011 के 33 जिलों में नहीं थे।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान वन विभाग शेरगढ़ अभयारण्य को बारां जिले में दर्ज करता है, जिसका क्षेत्रफल 81.67 वर्ग किमी है।
- बस्सी अभयारण्य (138.69 वर्ग किमी) और भैंसरोडगढ़ अभयारण्य (201.40 वर्ग किमी) चित्तौड़गढ़ जिले में दर्ज हैं।
- वन विभाग की सूची रामसागर (34.40 वर्ग किमी), वन विहार (25.60 वर्ग किमी) और केसरबाग (14.76 वर्ग किमी) अभयारण्यों को धौलपुर जिले में रखती है।
- सीतामाता अभयारण्य (422.94 वर्ग किमी) प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और सलूम्बर जिलों के अंतर्गत दर्ज है।
- वन विभाग मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिज़र्व को कोटा, बूंदी, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ जिलों में दर्ज करता है।
तीन सही युग्म और एक गलत युग्म; गलत युग्म, विकल्प (1), उत्तर है। जिले राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रश्न वह युग्म माँगता है जो सुमेलित नहीं है। तीन सही युग्म भ्रामक विकल्प हैं, और एकमात्र गलत युग्म उत्तर है।
- बूंदी और बारां दोनों हाड़ौती के जिले हैं। सही क्षेत्र में रखा गया अभयारण्य भी गलत जिले से जोड़ा जा सकता है।
- कुछ अभयारण्य कई जिलों में फैले हैं। उनमें से केवल एक जिले का नाम लेने वाला युग्म, जैसे सीतामाता – प्रतापगढ़, भी सही हो सकता है।
कोई प्रश्न वन्यजीव अभयारण्यों को जिलों से जोड़कर गलत युग्म पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न किसी एक अभयारण्य का जिला भी पूछ सकता है, सूची में अभयारण्यों को जिलों से सुमेलित करवा सकता है, या पूछ सकता है कि कौन-सा संरक्षित क्षेत्र टाइगर रिज़र्व बना है।
संबंधित PYQ
कौन सा सुमेलित नहीं है ? संरक्षित क्षेत्र (मई 2023 के अनुसार) – जिला
- (1) रनखार – जालौर
- (2) मनसामाता – झुन्झुनूं
- (3) सोरसन – बूँदी
- (4) हमीरगढ़ – भीलवाड़ा
उत्तर(3)
उसी "कौन सा सुमेलित नहीं है ?" रूप में बूंदी–बारां का वही जाल। उस प्रश्न का गलत युग्म सोरसन – बूँदी है, यानी बारां का संरक्षित क्षेत्र बूंदी में रखा गया (RPSC की कुंजी: विकल्प (3), सोरसन – बूँदी); यह प्रश्न बारां के शेरगढ़ अभयारण्य को बूंदी में रखता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कौन सा सुमेलित नहीं है ? वन्यजीव अभयारण्य – जिला
- (a)रामगढ़ विषधारी – बूंदी
- (b)भैंसरोडगढ़ – चित्तौड़गढ़
- (c)केसरबाग – धौलपुर
- (d)बंध बारेठा – अलवर
उत्तर(4) — वन विभाग बंध बारेठा अभयारण्य को अलवर में नहीं, भरतपुर में दर्ज करता है, इसलिए यह युग्म गलत है। विकल्प (1), रामगढ़ विषधारी, बूंदी में है; विकल्प (2), भैंसरोडगढ़, चित्तौड़गढ़ में है; विकल्प (3), केसरबाग, धौलपुर में है। ये तीनों युग्म सही हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?
- (a)बूंदी
- (b)कोटा
- (c)बारां
- (d)झालावाड़
उत्तर(3) — वन विभाग शेरगढ़ अभयारण्य को बारां में दर्ज करता है। विकल्प (1), बूंदी, में रामगढ़ विषधारी अभयारण्य है। विकल्प (2), कोटा, दर्रा अभयारण्य झालावाड़ के साथ और जवाहर सागर अभयारण्य बूंदी व चित्तौड़गढ़ के साथ साझा करता है। विकल्प (4), झालावाड़, दर्रा को कोटा के साथ साझा करता है। चारों हाड़ौती के जिले हैं।