निम्नलिखित में से कौन–सा जिला राजस्थान में ‘मरु त्रिकोण’ का भाग नहीं है?
- (1)जोधपुर
- (2)बीकानेर
- (3)बाड़मेर
- (4)जैसलमेर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), बाड़मेर.
त्रिकोण के तीन कोने होते हैं, और 1997 का एक लोक सभा उत्तर राजस्थान के मरु त्रिकोण में तीन शहर बताता है: जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर।
पर्यटन मंत्री द्वारा 4 अगस्त 1997 को दिए गए उस लिखित उत्तर के अनुसार राजस्थान ने 1992 में जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर के मरु त्रिकोण में पर्यटन अवसंरचना का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसके लिए जापान के ओवरसीज़ इकोनॉमिक को-ऑपरेशन फंड (OECF) से धन माँगा गया।
इस अर्थ में चार में से तीन विकल्प त्रिकोण के कोने हैं, और उसके बाहर का जिला बाड़मेर है।
सभी स्रोत एकमत नहीं हैं। 22 मार्च 2001 के एक बाद के लोक सभा उत्तर के अनुसार चिह्नित यात्रा परिपथ जैसलमेर-जोधपुर-बीकानेर-बाड़मेर को राजस्थान का मरु त्रिकोण भी कहा जाता है, जिसमें बाड़मेर शामिल होगा। RPSC की कुंजी बाड़मेर को चिह्नित करती है, जो तीन शहरों वाले रूप से मेल खाती है।
याद रखने योग्य बात: 1997 के लोक सभा उत्तर और RPSC की कुंजी में मरु त्रिकोण = जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर; 2001 का एक उत्तर बाड़मेर भी जोड़ता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)जोधपुर — जोधपुर मरु त्रिकोण के तीन कोनों में से एक है। 4 अगस्त 1997 का लोक सभा उत्तर त्रिकोण को जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर बताता है, और 2001 का उत्तर भी जोधपुर को शामिल करता है।
- (2)बीकानेर — बीकानेर त्रिकोण का उत्तरी कोना है। 1997 और 2001 के दोनों लोक सभा उत्तर इसे मरु त्रिकोण में शामिल करते हैं।
- (4)जैसलमेर — जैसलमेर त्रिकोण का पश्चिमी कोना है, जिसका नाम 1997 और 2001 के दोनों लोक सभा उत्तरों में है।
अवधारणा
पर्यटक परिपथ आस-पास के स्थानों को इस तरह जोड़ता है कि पर्यटक एक ही मार्ग पर उनके बीच यात्रा कर सकें। 1997 के लोक सभा उत्तर में मरु त्रिकोण तीन शहरों को जोड़ता है: जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर।
मानचित्र पर बीकानेर उत्तरी कोना है, जैसलमेर पश्चिमी और जोधपुर दक्षिण-पूर्वी। बाड़मेर जैसलमेर और जोधपुर दोनों के दक्षिण में, उस त्रिकोण के बाहर स्थित है।
मरुस्थलीय क्षेत्र के व्यापक समूह भी हैं। 1997 के लोक सभा उत्तर के अनुसार बाद का एक प्रस्ताव — जापान की JICA के माध्यम से मरु परिपथ (डेजर्ट सर्किट) की एकीकृत क्षेत्र विकास योजना के व्यवहार्यता अध्ययन के लिए — जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और नागौर जिलों को शामिल करता था।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "पर्यटन स्थल एवं परिपथ" सूचीबद्ध है।
मरु त्रिकोण संसद में एक विकास-विचार के रूप में आया है। वित्त मंत्रालय के 8 मार्च 2002 के एक लोक सभा उत्तर के अनुसार राजस्थान के मरु त्रिकोण में पर्यटन अवसंरचना के विकास का प्रस्ताव 1995-96 के ऋण पैकेज के लिए रखा गया था, और जापान सरकार ने OECF सहायता के लिए उस पर विचार नहीं किया।
अप्रैल 2015 में पर्यटन राज्य मंत्री ने लोक सभा को बताया कि पर्यटन का विकास मुख्यतः राज्य सरकारें करती हैं।
मुख्य तथ्य
- लोक सभा, 4 अगस्त 1997: राजस्थान का 1992 का प्रस्ताव जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर के मरु त्रिकोण में पर्यटन अवसंरचना के लिए था।
- 1992 के प्रस्ताव में जापान के ओवरसीज़ इकोनॉमिक को-ऑपरेशन फंड से सहायता माँगी गई थी।
- लोक सभा, 22 मार्च 2001: जैसलमेर-जोधपुर-बीकानेर-बाड़मेर परिपथ को मरु त्रिकोण के नाम से भी जाना जाने वाला बताया गया।
- लोक सभा, 4 अगस्त 1997: बाद के मरु परिपथ (डेजर्ट सर्किट) प्रस्ताव में जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और नागौर जिले शामिल थे।
- लोक सभा, 8 मार्च 2002: 1995-96 के OECF ऋण पैकेज के लिए रखे गए मरु त्रिकोण पर्यटन प्रस्ताव पर जापान सरकार ने विचार नहीं किया।
स्रोत: लोक सभा लिखित उत्तर, 4 अगस्त 1997 (प्रश्न 1930, पर्यटन मंत्री) और 22 मार्च 2001 (अतारांकित प्रश्न 3947, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री)। RPSC की कुंजी पहली पंक्ति से मेल खाती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- हर मरुस्थलीय जिले को त्रिकोण में गिन लेना: 1997 के लोक सभा उत्तर में बाड़मेर और नागौर व्यापक मरु परिपथ में आते हैं, तीन शहरों वाले मरु त्रिकोण में नहीं।
- एक स्रोत को ही एकमात्र रूप मान लेना: 2001 का एक लोक सभा उत्तर बाड़मेर को शामिल करता है, जबकि 1997 का उत्तर और RPSC की कुंजी तीन शहर मानते हैं।
- "त्रिकोण" को ढीले अर्थ में पढ़ना: त्रिकोण के तीन कोने होते हैं, और 1997 के उत्तर में वे तीन जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर हैं।
कोई प्रश्न जिलों की सूची देकर पूछ सकता है कि कौन-सा जिला किसी नामित पर्यटक परिपथ के बाहर है।
कोई प्रश्न स्थानों के नाम देकर उनका परिपथ, या परिपथ का नाम देकर उसके शहर भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
माउण्ट आबू और रणकपुर किस पर्यटक परिपथ में सम्मिलित हैं ?
- (1) ढूँढाड़
- (2) शेखावाटी
- (3) गोडवार
- (4) मेवाड़
उत्तर(3)
वही विषय, राजस्थान के पर्यटक परिपथ। वह प्रश्न पूछता है कि माउण्ट आबू और रणकपुर किस पर्यटक परिपथ में सम्मिलित हैं (RPSC की कुंजी: गोडवार); यह प्रश्न पूछता है कि कौन-सा जिला मरु त्रिकोण का भाग नहीं है।
नथमल जी की हवेली अवस्थित है
- (1) बाड़मेर
- (2) बीकानेर
- (3) जोधपुर
- (4) जैसलमेर
उत्तर(4)
त्रिकोण के एक शहर का पर्यटन स्थल। वह प्रश्न पूछता है कि नथमल जी की हवेली कहाँ अवस्थित है (RPSC की कुंजी: जैसलमेर); यह प्रश्न पूछता है कि कौन-सा जिला मरु त्रिकोण के बाहर है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
4 अगस्त 1997 को लोक सभा में वर्णित, मरु त्रिकोण में पर्यटन अवसंरचना के लिए राजस्थान के 1992 के प्रस्ताव में किससे सहायता माँगी गई थी?
- (a)ओवरसीज़ इकोनॉमिक को-ऑपरेशन फंड, जापान
- (b)एशियाई विकास बैंक
- (c)विश्व बैंक
- (d)पुनर्निर्माण एवं विकास हेतु यूरोपीय बैंक
उत्तर(1) — पर्यटन मंत्री के उत्तर के अनुसार प्रस्ताव जापान के ओवरसीज़ इकोनॉमिक को-ऑपरेशन फंड से वित्तीय सहायता के लिए तैयार किया गया था। विकल्प (2), (3) और (4) उस उत्तर में नामित नहीं हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
4 अगस्त 1997 के लोक सभा उत्तर में नामित, राजस्थान पर्यटन का मरु त्रिकोण शहरों के किस समूह से बनता है?
- (a)जयपुर, अजमेर, उदयपुर
- (b)जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर
- (c)बाड़मेर, जालौर, सिरोही
- (d)बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं
उत्तर(2) — उत्तर मरु त्रिकोण को जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर बताता है। विकल्प (1) और (3) में इन तीनों में से कोई नहीं है, और विकल्प (4) में बीकानेर है पर उसके साथ चूरू और झुंझुनूं हैं।