1 अप्रैल, 2020 को भारत सरकार द्वारा शुरू की गई अटल भू–जल स्कीम में सहायता उपलब्ध करवाने वाली संस्था है –
- (1)विश्व बैंक
- (2)पुनर्निमाण व विकास हेतु यूरोपीय बैंक
- (3)अन्तः अमेरिकी विकास बैंक
- (4)एशियाई विकास बैंक
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), विश्व बैंक.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 योजना को उसी रूप में प्रस्तुत करती है जैसा प्रश्न में है। उसके भू-जल खंड के अनुसार अटल भू-जल योजना भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2020 को विश्व बैंक की सहायता (50:50) से राजस्थान सहित सात राज्यों में शुरू की गई।
समीक्षा राशि भी बताती है: अनुमानित 6,000 करोड़ रुपये, जिनमें 3,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक का हिस्सा और 3,000 करोड़ रुपये भारत सरकार का हिस्सा है।
PIB की 25 दिसम्बर 2019 की विज्ञप्ति भी यही बँटवारा बताती है। उसके अनुसार 6,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का 50% विश्व बैंक ऋण के रूप में होगा, जिसे केन्द्र सरकार चुकाएगी; शेष 50% केन्द्रीय सहायता है।
सहायता देने वाली संस्था विश्व बैंक है।
याद रखने योग्य बात: अटल भू-जल योजना — 6,000 करोड़ रुपये, आधा विश्व बैंक ऋण और आधा केन्द्रीय सहायता, सात राज्यों में, 2020-21 से 2024-25 तक।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)पुनर्निमाण व विकास हेतु यूरोपीय बैंक — न PIB की विज्ञप्ति और न आर्थिक समीक्षा 2020-21 अटल भू-जल योजना में इस बैंक का नाम लेती है। दोनों 6,000 करोड़ रुपये के बाहरी आधे हिस्से को विश्व बैंक का धन बताती हैं।
समीक्षा के बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं वाले अध्याय में राजस्थान की परियोजनाओं को वित्त देने वाली जिन संस्थाओं की सूची है, उसमें भी यह बैंक नहीं है।
- (3)अन्तः अमेरिकी विकास बैंक — यह बैंक योजना से जुड़े किसी भी स्रोत में नहीं आता। PIB कहता है कि परिव्यय का आधा हिस्सा विश्व बैंक ऋण है, जिसे केन्द्र सरकार चुकाती है, और समीक्षा विश्व बैंक के साथ 50:50 के बँटवारे को दोहराती है।
- (4)एशियाई विकास बैंक — एशियाई विकास बैंक (ADB) राजस्थान में परियोजनाओं को वित्त देता है, इसलिए यह विकल्प विश्वसनीय लगता है। आर्थिक समीक्षा 2020-21 राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास परियोजना-I और राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास कार्यक्रम (RUIDP चरण-III) के लिए ADB की सहायता दर्ज करती है।
अटल भू-जल योजना के लिए दोनों स्रोत विश्व बैंक का नाम लेते हैं।
अवधारणा
अटल भू-जल योजना, या अटल जल, समुदायों के माध्यम से भू-जल के प्रबंधन की योजना है। PIB के अनुसार इसे सहभागी भू-जल प्रबंधन के संस्थागत ढाँचे को मजबूत करने और सामुदायिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने के लिए बनाया गया।
PIB आगे बताता है कि यह पंचायत के नेतृत्व में भू-जल प्रबंधन को बढ़ावा देती है, जिसमें मुख्य ध्यान माँग-पक्ष प्रबंधन पर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को अधिक आवंटन मिलेगा।
विश्व बैंक ऋण और केन्द्रीय सहायता, दोनों राज्यों को अनुदान के रूप में दिए जाते हैं; ऋण केन्द्र सरकार चुकाती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ एवं जल संरक्षण तकनीकें" सूचीबद्ध है।
शुरुआत की तिथि पर स्रोत अलग-अलग हैं। PIB के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह योजना 25 दिसम्बर 2019 को, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर, शुरू की। आर्थिक समीक्षा 2020-21 कहती है कि यह 1 अप्रैल 2020 को, इसकी पाँच वर्ष की अवधि के आरंभ पर, शुरू की गई।
राजस्थान के लिए समीक्षा पाँच वर्षों में 1,189.65 करोड़ रुपये का अनुदान बताती है, और 17 जिलों की 38 पंचायत समितियों में 1,144 ग्राम पंचायतें चिह्नित की गई हैं।
मुख्य तथ्य
- 2020-21 से 2024-25 के लिए परिव्यय 6,000 करोड़ रुपये: 50% विश्व बैंक ऋण जिसे केन्द्र चुकाएगा, 50% केन्द्रीय सहायता (PIB, 25 दिसम्बर 2019)।
- सात राज्य: गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश।
- PIB: योजना से 78 जिलों की लगभग 8,350 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलने की आशा है।
- शुरुआत: PIB 25 दिसम्बर 2019 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरुआत बताता है; राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 1 अप्रैल 2020 बताती है।
- राजस्थान: 5 वर्षों में 1,189.65 करोड़ रुपये का अनुदान; 17 जिलों की 38 पंचायत समितियों की 1,144 ग्राम पंचायतें चिह्नित (आर्थिक समीक्षा 2020-21)।
स्रोत: PIB (प्रधानमंत्री कार्यालय), 25 दिसम्बर 2019; राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2020-21, भू-जल खंड।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- राजस्थान की अन्य परियोजनाओं को वित्त देने वाला बैंक चुन लेना: ADB राज्य राजमार्ग और शहरी परियोजनाओं में सहायता देता है, पर अटल भू-जल योजना का साझेदार विश्व बैंक है।
- 50:50 को केन्द्र–राज्य बँटवारा समझ लेना: दोनों आधे हिस्से विश्व बैंक ऋण और केन्द्रीय सहायता हैं, और दोनों राज्यों को अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।
- शुरुआत की तिथि को निर्विवाद मान लेना: PIB 25 दिसम्बर 2019 बताता है, जबकि राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 1 अप्रैल 2020 बताती है।
कोई प्रश्न किसी योजना का नाम देकर पूछ सकता है कि कौन-सी बाहरी संस्था उसमें सहायता देती है, और विकल्पों में अन्य बहुपक्षीय बैंक रख सकता है।
कोई प्रश्न ऐसी योजना में शामिल राज्य, उसका परिव्यय या वित्त-पोषण का बँटवारा भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
राजस्थान में अटल भू–जल योजना के लिये निम्न में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ? (a) अटल भू–जल योजना भारत सरकार की वित्तीय सहायता से राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही है । (b) इस योजना का फोकस भू–जल प्रबन्धन में सुधार करना और इसके गिरते स्तर को रोकना है । नीचे दिये गये कूटों से सही उत्तर का चुनाव कीजिये :
- (1) न तो (a) न ही (b)
- (2) केवल (b)
- (3) केवल (a)
- (4) (a) और (b) दोनों
उत्तर(2)
वही योजना। वह प्रश्न राजस्थान में अटल भू–जल योजना पर दो कथन जाँचता है — एक यह कि इसे कौन और किसकी वित्तीय सहायता से चला रहा है, और दूसरा भू–जल पर इसके फोकस के बारे में (RPSC की कुंजी: केवल (b), फोकस वाला कथन); यह प्रश्न पूछता है कि योजना में कौन-सी बाहरी संस्था सहायता देती है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अटल भू-जल योजना में 6,000 करोड़ रुपये के परिव्यय में विश्व बैंक का हिस्सा किस रूप में दिया जाता है?
- (a)विश्व बैंक से सीधे राज्यों को अनुदान
- (b)ऋण, जिसे केन्द्र सरकार चुकाती है
- (c)ऋण, जिसे भाग लेने वाले राज्य चुकाते हैं
- (d)राज्य जल उपक्रमों में इक्विटी
उत्तर(2) — PIB के अनुसार 50% विश्व बैंक ऋण के रूप में होगा और उसे केन्द्र सरकार चुकाएगी। विकल्प (3) गलत है क्योंकि ऋण वाला हिस्सा राज्यों को अनुदान के रूप में दिया जाता है; विकल्प (1) और (4) PIB के वर्णन से मेल नहीं खाते। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य अटल भू-जल योजना में शामिल सात राज्यों में नहीं है?
- (a)राजस्थान
- (b)हरियाणा
- (c)पंजाब
- (d)कर्नाटक
उत्तर(3) — PIB गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सूची देता है। पंजाब उस सूची में नहीं है; विकल्प (1), (2) और (4) उसमें हैं।