माउण्ट आबू और रणकपुर किस पर्यटक परिपथ में सम्मिलित हैं ?
- (1)ढूँढाड़
- (2)शेखावाटी
- (3)गोडवार
- (4)मेवाड़
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), गोडवार.
जिलों से शुरू कीजिए। माउण्ट आबू सिरोही जिले में है। रणकपुर का जैन मंदिर पाली जिले में सादड़ी के पास स्थित है। दोनों स्थान राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम में, गुजरात की सीमा की ओर पड़ते हैं।
गोडवार राज्य के इसी कोने का क्षेत्रीय नाम है: सिरोही, जालोर और पाली जिले का दक्षिणी भाग। पर्यटक परिपथ पास-पास स्थित गंतव्यों को एक समूह में जोड़ता है, और RPSC की उत्तर कुंजी माउण्ट आबू और रणकपुर को गोडवार परिपथ में रखती है।
शेष तीन विकल्प भी परिपथों के लिए प्रयुक्त क्षेत्रीय नाम हैं, पर हर एक राज्य के अलग भाग का है। ढूँढाड़ जयपुर क्षेत्र है, शेखावाटी उत्तर-पूर्व में सीकर–झुन्झुनूं क्षेत्र है, और मेवाड़ उदयपुर–चित्तौड़गढ़ क्षेत्र है।
हर स्थान को उसके जिले से, फिर जिले को उसके क्षेत्र से जोड़िए। सिरोही और पाली गोडवार तक ले जाते हैं। रणकपुर का मेवाड़ के एक शासक से संबंध इतिहास की बात है; इससे मंदिर पाली जिले से बाहर नहीं हो जाता।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)ढूँढाड़ — ढूँढाड़ जयपुर क्षेत्र का ऐतिहासिक नाम है, जो आमेर और बाद में जयपुर के कछवाहा शासकों का पुराना राज्य था। ढूँढाड़ परिपथ आमेर और जयपुर शहर के स्मारकों जैसे स्थानों के इर्द-गिर्द बनता है।
यह पूर्व-मध्य राजस्थान में है। माउण्ट आबू और रणकपुर दूर दक्षिण-पश्चिम में सिरोही और पाली में हैं, इसलिए दोनों में से कोई भी इस परिपथ में नहीं आता।
- (2)शेखावाटी — शेखावाटी उत्तर-पूर्वी राजस्थान का वह क्षेत्र है जो सीकर और झुन्झुनूं पर केंद्रित है और चूरू तक फैला है। यह मंडावा, नवलगढ़ और फतेहपुर जैसे कस्बों की हवेलियों की चित्रित दीवारों के लिए जाना जाता है।
यह सिरोही और पाली से राज्य का उल्टा छोर है। RPSC के 2021 के प्रश्नपत्र में यह नाम थार के एक भौतिक प्रदेश के रूप में भी आया है, पर इसमें न माउण्ट आबू है, न रणकपुर।
- (4)मेवाड़ — मेवाड़ कभी सिसोदिया शासकों के अधीन रहा उदयपुर–चित्तौड़गढ़ क्षेत्र है, जिसके गंतव्यों में उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और कुंभलगढ़ हैं।
यही लुभाने वाला विकल्प है। रणकपुर मंदिर 15वीं शताब्दी में जैन व्यापारी धरणा शाह ने मेवाड़ के राणा कुंभा के सहयोग से बनवाया था, और इस स्थान का नाम राणा कुंभा पर ही है। फिर भी रणकपुर पाली जिले में है और माउण्ट आबू सिरोही में, और यह क्षेत्र गोडवार है।
अवधारणा
राजस्थान के क्षेत्रों के ऐतिहासिक नाम उसके जिलों से पुराने हैं — इनमें मेवाड़, मारवाड़, ढूँढाड़, हाड़ौती, शेखावाटी, वागड़ और गोडवार शामिल हैं। ये नाम पुराने राज्यों, शासक कुलों या भू-भागों से आए, और रियासतों के राजस्थान में विलय के बाद भी रोज़मर्रा के प्रयोग में बने रहे।
पर्यटक परिपथ इन्हीं नामों को अपनाता है। वह मानचित्र पर पास-पास स्थित गंतव्यों को एक समूह में रखता है, ताकि एक ही यात्रा-कार्यक्रम में उन्हें देखा जा सके।
गोडवार दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र है: सिरोही, जालोर और पाली जिले का दक्षिणी भाग। इसके सबसे प्रसिद्ध गंतव्य हैं सिरोही में दिलवाड़ा जैन मंदिरों वाला माउण्ट आबू, और पाली में रणकपुर जैन मंदिर।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "पर्यटन स्थल एवं परिपथ" शामिल है। इस शीर्षक का प्रश्न पर्यटन-पुस्तिका से अधिक मानचित्र की परख कर सकता है: स्थानों के नाम देकर पूछा जा सकता है कि कौन-सा क्षेत्र, जिला या परिपथ उन्हें समेटता है।
ऐसा प्रश्न तीन परतों में हल किया जा सकता है — स्थान, उसका जिला, और वह ऐतिहासिक क्षेत्र जिसमें वह जिला आता है। जिस क्षेत्रीय नाम को आप मानचित्र पर न रख सकें, वही कमज़ोर कड़ी है।
यही नाम पाठ्यक्रम के दूसरे भागों में भी आते हैं। मेवाड़ और ढूँढाड़ राजस्थान के इतिहास में राजवंशों से जुड़े हैं, शेखावाटी और गोडवार भौतिक भूगोल में भू-भागों के रूप में आते हैं, और कई क्षेत्रों के नाम पर चित्रकला की शैलियाँ हैं।
मुख्य तथ्य
- माउण्ट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में है।
- आदिनाथ (ऋषभनाथ) को समर्पित रणकपुर जैन मंदिर पाली जिले में सादड़ी के पास स्थित है।
- रणकपुर मंदिर 15वीं शताब्दी में जैन व्यापारी धरणा शाह ने मेवाड़ के राणा कुंभा के सहयोग से बनवाया था।
- माउण्ट आबू के सफेद संगमरमर से बने दिलवाड़ा जैन मंदिरों में विमल वसही (11वीं शताब्दी) और लूण वसही (13वीं शताब्दी) शामिल हैं।
- गोडवार दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान का क्षेत्र है: सिरोही, जालोर और पाली जिले का दक्षिणी भाग।
माउण्ट आबू (सिरोही) और रणकपुर (पाली) दोनों दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र गोडवार में आते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- संरक्षक का राज्य, स्थान का क्षेत्र नहीं होता। रणकपुर मेवाड़ के राणा कुंभा के सहयोग से बना, पर मंदिर पाली जिले में है, जो गोडवार है।
- यहाँ हर विकल्प किसी वास्तविक परिपथ या क्षेत्र का नाम है, इसलिए नाम पहचान लेना कुछ सिद्ध नहीं करता। कसौटी यह है कि उस क्षेत्र के जिलों में दोनों स्थान आते हैं या नहीं।
- गोडवार और शेखावाटी पर्यटन-नाम के रूप में भी प्रयुक्त होते हैं और भौतिक भू-भाग के रूप में भी। उत्तर देने से पहले पढ़िए कि प्रश्न पर्यटक परिपथ पूछ रहा है या भौतिक विभाग।
एक रूप दो या तीन गंतव्यों के नाम देकर पूछता है कि कौन-सा परिपथ या क्षेत्र उन्हें समेटता है, जैसा यहाँ है।
दूसरा रूप इसे उलट देता है: एक परिपथ का नाम और स्थानों की सूची, जिनमें से एक किसी दूसरे क्षेत्र का है।
तीसरा रूप उसी क्षेत्रीय नाम को किसी दूसरे विषय में ले जाता है — वहाँ शासन करने वाला राजवंश, उसके नाम की चित्रशैली, या यह कि वह थार का भाग है या नहीं।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
हवेलियों की चित्रित दीवारों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र मुख्यतः निम्नलिखित में से किन जिलों में फैला है?
- (a)सीकर और झुन्झुनूं
- (b)डूंगरपुर और बांसवाड़ा
- (c)कोटा और बूंदी
- (d)पाली और सिरोही
उत्तर(1) — सीकर और झुन्झुनूं शेखावाटी का मुख्य भाग हैं, और यह क्षेत्र चूरू तक फैला है। विकल्प (2), डूंगरपुर और बांसवाड़ा, सुदूर दक्षिण का वागड़ क्षेत्र है। विकल्प (3), कोटा और बूंदी, दक्षिण-पूर्व के हाड़ौती में आते हैं। विकल्प (4), पाली और सिरोही, राज्य का गोडवार वाला भाग है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
रणकपुर जैन मंदिर राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
- (a)सिरोही
- (b)राजसमंद
- (c)पाली
- (d)उदयपुर
उत्तर(3) — रणकपुर मंदिर पाली जिले में सादड़ी के पास स्थित है। विकल्प (1), सिरोही, में माउण्ट आबू और उसके दिलवाड़ा मंदिर हैं। विकल्प (2), राजसमंद, में कुंभलगढ़ दुर्ग है, जो राणा कुंभा के शासनकाल की एक और कृति है। विकल्प (4), उदयपुर, मेवाड़ की पुरानी राजधानी है, इसीलिए रणकपुर का मेवाड़ से संबंध भ्रम पैदा करता है।