राजस्थान में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन–सा कथन गलत है?
- (1)इस योजना का नारा है ‘आपणी योजना आपणो विकास’ है।
- (2)इस योजना में वित्त पोषण के लिये केन्द्र व राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में हिस्सेदारी होती है।
- (3)इस योजना में विशेष ध्यान जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों के क्षमता संवर्धन पर है।
- (4)पंचायत सशक्तिकरण अभियान का ही नाम बदलकर राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान क्रिया गया है।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), इस योजना का नारा है ‘आपणी योजना आपणो विकास’ है।.
प्रश्न गलत कथन पूछता है। राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) पर एक छोटा अनुच्छेद है, और विकल्प (2), (3) और (4) के कथन उसके पहले तीन वाक्यों की बातें ही दोहराते हैं।
‘आपणी योजना आपणो विकास’ इसी अध्याय में आता है, पर दूसरे शीर्षक के अंतर्गत। समीक्षा के अनुसार राजस्थान सरकार ने ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) बनाने के लिए इसी नाम से राज्य-विशिष्ट दिशानिर्देश विकसित किए हैं।
इस तरह समीक्षा में यह नाम राजस्थान के GPDP दिशानिर्देशों का है, और उसके RGSA वाले अनुच्छेद में कोई नारा नहीं दिया गया। समीक्षा के आधार पर पढ़ने पर इस योजना का नारा है ‘आपणी योजना आपणो विकास’ है। वह कथन है जो मेल नहीं खाता, और RPSC की कुंजी इसी को गलत कथन मानती है।
याद रखने योग्य बात: आपणी योजना आपणो विकास = ग्राम पंचायत विकास योजना के लिए राजस्थान के दिशानिर्देश; RGSA = पंचायती राज संस्थाओं का क्षमता संवर्धन, राजस्थान में 60:40 की हिस्सेदारी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)इस योजना में वित्त पोषण के लिये केन्द्र व राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में हिस्सेदारी होती है। — यह कथन सही है, इसलिए गलत कथन नहीं है। आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार RGSA का वित्त पोषण केन्द्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में साझा होना है।
PIB की 21 अप्रैल 2018 की विज्ञप्ति पूरा नियम देती है: केन्द्रीय घटक पूरी तरह केन्द्र का है, और राज्य घटक पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों के लिए 60:40 है, जिन्हें 90:10 मिलता है।
- (3)इस योजना में विशेष ध्यान जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों के क्षमता संवर्धन पर है। — यह कथन सही है। समीक्षा के अनुसार RGSA का ध्यान निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और कार्मिकों के क्षमता संवर्धन, पंचायती राज संस्थाओं की बुनियादी अवसंरचना को मजबूत करने और प्रशिक्षण गतिविधियों पर है।
PIB की 2018 की विज्ञप्ति भी पंचायती राज संस्थाओं के क्षमता संवर्धन को योजना का राज्य घटक बताती है।
- (4)पंचायत सशक्तिकरण अभियान का ही नाम बदलकर राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान क्रिया गया है। — यह कथन सही है। समीक्षा के अनुसार पंचायत सशक्तिकरण अभियान (PSA) का नाम वित्तीय वर्ष 2018-19 से बदलकर राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) कर दिया गया।
यह PIB की विज्ञप्ति की तिथि से मेल खाता है: पुनर्गठित RGSA 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 तक चलना था।
अवधारणा
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान पंचायती राज संस्थाओं की शासन क्षमता बढ़ाने के लिए एक केन्द्र प्रायोजित योजना है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पुनर्गठित योजना 21 अप्रैल 2018 को स्वीकृत की, और प्रधानमंत्री ने इसे 24 अप्रैल 2018, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, पर मंडला, मध्य प्रदेश में शुरू किया।
ग्राम पंचायत विकास योजना एक अलग चीज़ है: वह योजना जो ग्राम पंचायत बनाती है और ग्राम सभा में स्वीकृत कराती है। इसके लिए राजस्थान के दिशानिर्देशों का नाम आपणी योजना आपणो विकास है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था" के "प्रशासनिक व्यवस्था" के अंतर्गत "जिला प्रशासन, स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज संस्थाएं।" सूचीबद्ध है।
आर्थिक समीक्षा 2020-21 दर्ज करती है कि भारत सरकार ने 2020-21 के लिए राजस्थान की 103.04 करोड़ रुपये की RGSA कार्ययोजना स्वीकृत की। जारी 15.58 करोड़ रुपये में से 9.35 करोड़ रुपये केन्द्रीय हिस्सा और 6.23 करोड़ रुपये राज्य हिस्सा था।
GPDP 2021-22 के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2020 से 31 जनवरी 2021 तक जन अभियान सबकी योजना सबका विकास चलाया।
मुख्य तथ्य
- 21 अप्रैल 2018: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 के लिए पुनर्गठित RGSA स्वीकृत किया, कुल लागत 7,255.50 करोड़ रुपये (PIB)।
- RGSA राज्य घटक: केन्द्र:राज्य 60:40, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10; केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केन्द्रीय (PIB)।
- आर्थिक समीक्षा 2020-21: PSA का नाम 2018-19 से RGSA किया गया; ध्यान निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और कार्मिकों के क्षमता संवर्धन पर।
- आर्थिक समीक्षा 2020-21: आपणी योजना आपणो विकास ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के लिए राजस्थान के राज्य-विशिष्ट दिशानिर्देश हैं।
- 24 अप्रैल 2018: प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर मंडला, मध्य प्रदेश में RGSA शुरू किया (PIB)।
स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2020-21 (पंचायती राज खंड); PIB, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की 21 अप्रैल 2018 की विज्ञप्ति।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- किसी नाम को दूसरे कार्यक्रम से जोड़ देना: आर्थिक समीक्षा 2020-21 आपणी योजना आपणो विकास को राजस्थान के GPDP दिशानिर्देश बताती है, और उसके RGSA अनुच्छेद में कोई नारा नहीं है; RPSC की कुंजी विकल्प (1) को गलत कथन मानती है।
- GPDP अभियान और राज्य के दिशानिर्देशों को मिला देना: सबकी योजना सबका विकास मंत्रालय का जन अभियान है; आपणी योजना आपणो विकास राजस्थान के दिशानिर्देश हैं।
- 60:40 को हर राज्य पर लागू मान लेना: PIB पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10 और केन्द्रीय घटक के लिए पूरा केन्द्रीय वित्त पोषण बताती है।
कोई प्रश्न किसी योजना के नाम परिवर्तन, वित्त पोषण अनुपात, मुख्य ध्यान और नारे पर कथन देकर पूछ सकता है कि कौन सा गलत है।
कोई प्रश्न किसी अभियान या दिशानिर्देश का नाम देकर यह भी पूछ सकता है कि वह किस कार्यक्रम का है।
संबंधित PYQ
किस संशोधन अधिनियम द्वारा ‘ग्राम सेवक’ को ‘ग्राम विकास अधिकारी’ से प्रतिस्थापित किया गया है ?
- (1) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015
- (2) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2017
- (3) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019
- (4) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021
उत्तर(4)
यह भी राजस्थान की पंचायती राज व्यवस्था पर है। वह प्रश्न पूछता है कि किस संशोधन अधिनियम द्वारा ‘ग्राम सेवक’ को ‘ग्राम विकास अधिकारी’ से प्रतिस्थापित किया गया (RPSC की कुंजी: राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021); यह प्रश्न पूछता है कि RGSA योजना के बारे में कौन सा कथन गलत है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अप्रैल 2018 में स्वीकृत पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान में पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए राज्य घटक का केन्द्र:राज्य वित्त पोषण अनुपात है
- (a)60:40
- (b)75:25
- (c)90:10
- (d)50:50
उत्तर(3) — PIB की 21 अप्रैल 2018 की विज्ञप्ति पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10 बताती है। विकल्प (1) अन्य सभी राज्यों का अनुपात है, और विकल्प (2) तथा (4) वे अनुपात नहीं हैं जो विज्ञप्ति RGSA के लिए देती है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार आपणी योजना आपणो विकास किसका नाम है?
- (a)ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ बनाने के लिए राजस्थान के राज्य-विशिष्ट दिशानिर्देश
- (b)राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान का नारा
- (c)GPDP 2021-22 के लिए पंचायती राज मंत्रालय का जन अभियान
- (d)2019 में शुरू किया गया एक पंचायत पुरस्कार
उत्तर(1) — समीक्षा के अनुसार राजस्थान ने इसी नाम से राज्य-विशिष्ट GPDP दिशानिर्देश विकसित किए। विकल्प (3) सबकी योजना सबका विकास है; समीक्षा RGSA का कोई नारा नहीं देती (विकल्प 2) और 2019 के पुरस्कार का नाम ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार बताती है (विकल्प 4)।