निम्न में से कौन से बजट में, भारत में रेल बजट को केन्द्रीय बजट में मिला दिया गया?
- (1)बजट 2019 – 20
- (2)बजट 2018 – 19
- (3)बजट 2016 – 17
- (4)बजट 2017 – 18
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), बजट 2017 – 18.
PIB की उसी दिन की विज्ञप्ति के अनुसार 21 सितम्बर 2016 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित तीन बजट सुधार स्वीकृत किए: रेल बजट का सामान्य बजट में विलय, बजट प्रस्तुति की तिथि पहले करना, और आयोजना तथा आयोजना-भिन्न वर्गीकरण का विलय।
विज्ञप्ति कहती है कि ये सभी बदलाव बजट 2017-18 से एक साथ लागू किए जाएँगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वह बजट 1 फरवरी 2017 को प्रस्तुत किया। उनका भाषण रेल बजट के सामान्य बजट में विलय को एक ऐतिहासिक कदम कहता है, और बताता है कि 1924 से चली आ रही औपनिवेशिक प्रथा समाप्त कर दी गई है।
भाषण में आगे वे कहते हैं कि उन्हें स्वतंत्र भारत का पहला ऐसा संयुक्त बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य मिला है जिसमें रेलवे भी शामिल है। विलय वाला बजट बजट 2017 – 18 है।
याद रखने योग्य बात: अलग रेल बजट 1924 से चला; रेलवे सहित संयुक्त केन्द्रीय बजट 2017-18 से शुरू हुआ, जो 1 फरवरी 2017 को प्रस्तुत हुआ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)बजट 2019 – 20 — बजट 2019-20 तक रेलवे दो वर्ष से केन्द्रीय बजट का भाग बन चुकी थी। जेटली का 2017-18 का भाषण उसी बजट को पहला संयुक्त बजट बताता है।
विलय का वर्ष 2017-18 है, मंत्रिमंडल के सितम्बर 2016 के निर्णय के अंतर्गत आने वाला पहला बजट।
- (2)बजट 2018 – 19 — बजट 2018-19 विलय के एक वर्ष बाद आया, इसलिए वह दूसरा संयुक्त बजट था, वह नहीं जिसमें विलय किया गया।
PIB की 21 सितम्बर 2016 की विज्ञप्ति विलय सहित तीनों सुधारों की शुरुआत बजट 2017-18 से तय करती है।
- (3)बजट 2016 – 17 — बजट 2016-17 मंत्रिमंडल के 21 सितम्बर 2016 के निर्णय से पहले का है, और उस निर्णय ने विलय को बजट 2017-18 से ही लागू किया।
इसलिए 2016-17 अलग रेल बजट वाले दौर में आता है, वह प्रथा जो PIB की विज्ञप्ति के अनुसार 1924 में शुरू हुई थी।
अवधारणा
2016-17 तक भारत में रेल बजट सामान्य बजट से अलग प्रस्तुत होता था। PIB की 21 सितम्बर 2016 की विज्ञप्ति के अनुसार अलग रेल बजट 1924 में शुरू हुआ और स्वतंत्रता के बाद संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत नहीं, एक परंपरा के रूप में चलता रहा।
उस दिन स्वीकृत व्यवस्था के अंतर्गत रेलवे को विभागीय रूप से संचालित वाणिज्यिक उपक्रम के रूप में अपनी अलग पहचान और अपनी कार्यात्मक स्वायत्तता बनाए रखनी थी। उसके विनियोग मुख्य विनियोग विधेयक का भाग बनने थे।
विज्ञप्ति यह भी कहती है कि रेलवे की लगभग 2.27 लाख करोड़ रुपये की पूँजी-प्रभार (capital at charge) राशि समाप्त की जानी थी, जिससे 2017-18 से रेलवे सरकार को कोई लाभांश नहीं देगी।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के "अर्थशास्त्र की मूलभूत अवधारणाएं" के अंतर्गत "बजट निर्माण, बैंकिंग, लोक–वित्त, वस्तु एवं सेवा कर, राष्ट्रीय आय, संवृद्धि एवं विकास का आधारभूत ज्ञान" सूचीबद्ध है।
2017-18 के बजट में विलय के साथ तय हुए दो और सुधार थे। जेटली के भाषण के अनुसार प्रस्तुति 1 फरवरी तक पहले की गई, ताकि संसद लेखानुदान से बच सके और वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले एक ही विनियोग विधेयक पारित कर सके।
इसी बजट ने व्यय का आयोजना और आयोजना-भिन्न वर्गीकरण भी समाप्त किया। PIB की विज्ञप्ति के अनुसार अनुसूचित जाति उप-योजना और जनजातीय उप-योजना के लिए निर्धारित राशि अलग रखना जारी रहना था।
मुख्य तथ्य
- 21 सितम्बर 2016: केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने रेल बजट के सामान्य बजट में विलय को स्वीकृति दी, जो बजट 2017-18 से लागू होना था (PIB)।
- अलग रेल बजट 1924 में शुरू हुआ और संवैधानिक प्रावधान के अंतर्गत नहीं, एक परंपरा के रूप में चलता रहा (PIB)।
- 1 फरवरी 2017: अरुण जेटली ने बजट 2017-18 प्रस्तुत किया और इसे रेलवे सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट बताया।
- बजट 2017-18 ने रेलवे का कुल पूँजीगत और विकास व्यय 1,31,000 करोड़ रुपये आँका, जिसमें सरकार के 55,000 करोड़ रुपये शामिल थे।
- इसी बजट ने प्रस्तुति 1 फरवरी तक पहले की और व्यय का आयोजना तथा आयोजना-भिन्न वर्गीकरण समाप्त किया।
स्रोत: PIB, मंत्रिमंडल निर्णय की 21 सितम्बर 2016 की विज्ञप्ति; अरुण जेटली का बजट 2017-2018 भाषण, 1 फरवरी 2017।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- निर्णय के वर्ष को बजट वर्ष से मिला देना: मंत्रिमंडल ने सितम्बर 2016 में निर्णय लिया, पर पहला संयुक्त बजट 2017-18 का था।
- बजट वर्ष को प्रस्तुति का वर्ष समझ लेना: बजट 2017-18 1 फरवरी 2017 को प्रस्तुत हुआ।
- 2017-18 के तीन सुधारों को मिला देना: विलय, पहले की तिथि और आयोजना/आयोजना-भिन्न की समाप्ति साथ तय हुए, पर ये अलग-अलग बदलाव हैं।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि रेल बजट किस बजट में विलय हुआ, या अलग रेल बजट कब से प्रस्तुत होता आ रहा था।
कोई प्रश्न बजट 2017-18 के सुधारों को कथनों के रूप में देकर यह भी पूछ सकता है कि उनमें से कौन से सही हैं।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन से सुधार केन्द्रीय बजट 2017-18 से लागू हुए? A. रेल बजट का सामान्य बजट में विलय B. बजट प्रस्तुति को फरवरी के अंतिम दिन से पहले करना C. बजट और लेखों में आयोजना तथा आयोजना-भिन्न वर्गीकरण का विलय
- (a)केवल A और B
- (b)केवल B और C
- (c)केवल A और C
- (d)A, B और C
उत्तर(4) — PIB की 21 सितम्बर 2016 की विज्ञप्ति कहती है कि तीनों बदलाव बजट 2017-18 से एक साथ लागू होंगे। विकल्प (1), (2) और (3) प्रत्येक इनमें से एक को छोड़ देते हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
21 सितम्बर 2016 के मंत्रिमंडल निर्णय पर PIB की विज्ञप्ति के अनुसार अलग रेल बजट कब से प्रस्तुत होता आ रहा था?
- (a)1921
- (b)1924
- (c)1947
- (d)1950
उत्तर(2) — विज्ञप्ति कहती है कि अलग रेल बजट की प्रस्तुति 1924 में शुरू हुई और स्वतंत्रता के बाद एक परंपरा के रूप में जारी रही। विकल्प (3) और (4) इसकी शुरुआत के बाद के वर्ष हैं, और विकल्प (1) वह वर्ष नहीं है जो विज्ञप्ति देती है।