किस संशोधन अधिनियम द्वारा ‘ग्राम सेवक’ को ‘ग्राम विकास अधिकारी’ से प्रतिस्थापित किया गया है ?
- (1)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015
- (2)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2017
- (3)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019
- (4)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021.
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा का गठन करती है। उपधारा (2) उस सेवा के पदों की श्रेणियाँ बताती है, और अधिनियम के अंग्रेज़ी पाठ में उसका खंड (i) था "village level workers"।
यही वह पद है जिसे इस प्रश्न का हिन्दी पाठ ‘ग्राम सेवक’ कहता है; प्रश्न का अंग्रेज़ी पाठ इसके लिए ‘Village Level Workers’ छापता है।
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2021 (2021 का विधेयक संख्या 5) ने वह खंड बदला। इसका खंड 2 उपबंध करता है कि विद्यमान अभिव्यक्ति "village level workers" के स्थान पर "Gram Vikas Adhikari" (ग्राम विकास अधिकारी) प्रतिस्थापित की जाएगी।
उसी विधेयक का खंड 1 उस कानून का नाम देता है जिसे वह अधिनियमित करता है: राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021। राजस्थान विधान सभा के विधेयकों के अभिलेख के अनुसार यह विधेयक 25 फरवरी 2021 को पुरःस्थापित हुआ और 18 सितम्बर 2021 को पारित होकर 2021 का अधिनियम संख्या 12 बना।
विधेयक ने खंड (ii), ग्रामसेविकाएँ, भी हटा दिया। उसके उद्देश्यों और कारणों का कथन बताता है कि पंचायती राज संस्थाओं में यह पद अस्तित्व में नहीं है।
याद रखने की बात: धारा 89(2)(i) — 2021 के संशोधन से ग्राम सेवक ग्राम विकास अधिकारी बने।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015 — राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2015 ने धारा 19 बदली, जो तय करती है कि पंचायती राज चुनाव कौन लड़ सकता है। इसने धारा 89 के सेवा संवर्ग को नहीं छुआ।
2015 के उस विधेयक संख्या 4 ने चुनाव लड़ने के लिए घर में क्रियाशील स्वच्छ शौचालय की शर्त जोड़ी, जिसमें परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच न करता हो। इसने 8 दिसम्बर 2014 के एक अध्यादेश का स्थान लिया और उसी तिथि से प्रवृत्त माना गया।
- (2)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2017 — ग्राम सेवक (village level workers) के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी का प्रतिस्थापन 2021 के विधेयक के खंड 2 से हुआ, इसलिए 2017 गलत वर्ष है।
यह परिवर्तन धारा 89(2)(i) में है, जो राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा के पदों की सूची है। इसके साथ वही वर्ष जुड़ता है जो उस खंड वाले विधेयक के संक्षिप्त नाम में है।
- (3)राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019 — 2019 का संशोधन पदों के नाम से नहीं, चुनाव की योग्यताओं से संबंधित है। 2019 के विधेयक संख्या 3 ने धारा 19 के खंड (r), (s) और (t) हटाए, जिनमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों तथा सरपंचों के लिए शैक्षणिक योग्यताएँ अनिवार्य थीं।
उसके उद्देश्यों और कारणों के कथन के अनुसार ये उपबंध ज़मीनी स्तर पर चुनाव लड़ने के मतदाताओं के अधिकार पर अनुचित प्रतिबंध लगाते थे।
अवधारणा
अन्य बातों के साथ, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 पंचायती राज संस्थाओं को नियंत्रित करता है, जिसमें यह भी शामिल है कि उनके चुनाव कौन लड़ सकता है (धारा 19)। यह उनमें काम करने वाले कर्मचारियों की एक सेवा भी स्थापित करता है (धारा 89)।
धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा का गठन करती है। उपधारा (2) इसे पदों की श्रेणियों में बाँटती है। 2021 से पहले पहली दो श्रेणियाँ थीं ग्राम सेवक (अंग्रेज़ी पाठ में village level workers) और ग्रामसेविकाएँ।
2021 के संशोधन ने पहली श्रेणी का नाम ग्राम विकास अधिकारी किया और ग्रामसेविका श्रेणी हटा दी। पद उसी सेवा में रहा; अधिनियम में उसका नाम बदला।
किसी संशोधन विधेयक के साथ उद्देश्यों और कारणों का कथन होता है। 2021 के विधेयक के लिए यह दर्ज करता है कि राज्य सरकार ने पदनाम बदलने का निर्णय लिया।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था" के अंतर्गत "जिला प्रशासन, स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज संस्थाएं" शामिल है।
संविधान का भाग IX, पंचायतें, संविधान (73वाँ संशोधन) अधिनियम, 1992 द्वारा 24 अप्रैल 1993 से जोड़ा गया। इसके अंतर्गत राज्य का कानून राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 है।
दिसम्बर 2014 में धारा 19 दो बार बदली, जब अध्यादेशों ने शौचालय की शर्त (8 दिसम्बर) और शैक्षणिक योग्यताएँ (20 दिसम्बर) जोड़ीं। विधान सभा का अभिलेख दिखाता है कि उनका स्थान लेने वाले 2015 के दोनों विधेयक 27 मार्च 2015 को पारित हुए।
11 फरवरी 2019 को पारित 2019 के विधेयक संख्या 3 ने वे शैक्षणिक योग्यताएँ हटाईं। 2021 के विधेयक संख्या 5 ने ग्राम सेवक के पद को नया नाम दिया।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा का गठन करती है; उपधारा (2) इसके पदों की श्रेणियाँ बताती है।
- 2021 के विधेयक संख्या 5 के खंड 2 ने धारा 89(2)(i) में ग्राम सेवक (village level workers) के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी रखा और खंड (ii), ग्रामसेविकाएँ, हटाया।
- विधान सभा के अभिलेख के अनुसार राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2021 25 फरवरी 2021 को पुरःस्थापित हुआ और 18 सितम्बर 2021 को 2021 के अधिनियम संख्या 12 के रूप में पारित हुआ।
- 2015 के विधेयक संख्या 4 ने घर में क्रियाशील स्वच्छ शौचालय को चुनाव लड़ने की शर्त बनाया; यह 8 दिसम्बर 2014 से प्रवृत्त माना गया।
- 2019 के विधेयक संख्या 3 ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों तथा सरपंचों के लिए धारा 19 की शैक्षणिक योग्यताएँ हटाईं।
आंशिक सूची; पारित होने की तिथियाँ राजस्थान विधान सभा के विधेयकों के अभिलेख से। धारा 19 के परिवर्तन इस बारे में हैं कि चुनाव कौन लड़ सकता है; 2021 का परिवर्तन धारा 89, यानी सेवा संवर्ग, में है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोनों धाराओं को मिला देना: धारा 19 इस बारे में है कि पंचायती राज चुनाव कौन लड़ सकता है, जबकि धारा 89 वह सेवा है जिसमें ग्राम विकास अधिकारी का पद है।
- हिन्दी और अंग्रेज़ी नामों को दो पद मान लेना: अधिनियम के अंग्रेज़ी पाठ में village level workers था, और इस प्रश्न का हिन्दी पाठ उसी पद के लिए ग्राम सेवक का प्रयोग करता है।
- अध्यादेश के वर्ष को अधिनियम का वर्ष मान लेना: शौचालय की शर्त 8 दिसम्बर 2014 के अध्यादेश से आई, पर उसका स्थान लेने वाले विधेयक के नाम में 2015 है।
कोई प्रश्न किसी पद के पुराने और नए नाम देकर पूछ सकता है कि यह परिवर्तन किस संशोधन अधिनियम ने किया।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि 1994 के अधिनियम की कौन-सी धारा संशोधित हुई, या कई संशोधनों की सूची देकर उनका क्रम पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत ‘ग्राम विकास अधिकारी’ का पद किस सेवा के पदों की एक श्रेणी है ?
- (a)राजस्थान तहसीलदार सेवा
- (b)राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा
- (c)राजस्थान प्रशासनिक सेवा
- (d)राजस्थान पुलिस सेवा
उत्तर(2) — 1994 के अधिनियम की धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा का गठन करती है, और 2021 के विधेयक द्वारा संशोधित उसकी उपधारा (2)(i) में ग्राम विकास अधिकारी है। विकल्प (1), (3) और (4) राज्य की ऐसी सेवाएँ हैं जिनका गठन धारा 89 नहीं करती। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित को कालक्रम में व्यवस्थित कीजिए : A. 2019 का विधेयक संख्या 3 सरपंच उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यताएँ हटाता है B. एक अध्यादेश घर में क्रियाशील शौचालय को पंचायती राज चुनाव लड़ने की शर्त बनाता है C. 2021 का विधेयक संख्या 5 ग्राम सेवक का पदनाम बदलकर ग्राम विकास अधिकारी करता है कूट :
- (a)A, B, C
- (b)B, A, C
- (c)B, C, A
- (d)C, B, A
उत्तर(2) — B (8 दिसम्बर 2014), A (2019), C (25 फरवरी 2021 को पुरःस्थापित)। विकल्प (1) 2019 के विधेयक को 2014 के अध्यादेश से पहले रखता है; विकल्प (3) 2021 के नाम-परिवर्तन को 2019 के विधेयक से पहले रखता है; विकल्प (4) क्रम उलट देता है।