कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार निम्न में से कौन से सही सुमेलित हैं? (A) Cwg - भरतपुर (B) Bwhw - बाड़मेर (C) Bshw - गंगानगर (D) Aw - डूंगरपुर
- (1)(A), (C) एवं (D)
- (2)(B), (C) एवं (D)
- (3)(B) एवं (C)
- (4)(A) एवं (D)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), (A) एवं (D).
शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI), जोधपुर की 2016 में प्रकाशित शुष्क भूमि वनीकरण पुस्तिका राजस्थान को कोपेन के चार प्रदेशों में बाँटती है और हर प्रदेश के जिले गिनाती है। उस तालिका से मिलाने पर दो युग्म सही ठहरते हैं।
(A) Cwg – भरतपुर सही है। AFRI का Cwg प्रदेश, शुष्क शीतकाल वाला मानसूनी प्रकार, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और बारां के उत्तरी भाग, तथा राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, जयपुर, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, अलवर, भरतपुर और धौलपुर गिनाता है।
(B) Bwhw – बाड़मेर गलत है। AFRI बाड़मेर को Bshw, अर्ध-शुष्क स्टेपी प्रकार, में रखता है, जालौर, जोधपुर, सिरोही, पाली, नागौर, चूरू, सीकर और झुंझुनूं के साथ।
(C) Bshw – गंगानगर गलत है। गंगानगर AFRI के Bwhw प्रदेश, उष्ण मरुस्थलीय प्रकार, में है, पश्चिमी जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू के पश्चिमी भागों के साथ।
(D) Aw – डूंगरपुर सही है। AFRI का Aw प्रदेश, उष्णकटिबंधीय सवाना प्रकार, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ तथा उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और बारां के दक्षिणी भाग गिनाता है।
B और C दोनों शुष्क प्रकारों को आपस में बदल देते हैं: बाड़मेर Bshw है, गंगानगर Bwhw। केवल A और D सही हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)(A), (C) एवं (D) — यह कूट A और D सही लेता है, पर C, Bshw – गंगानगर, को भी स्वीकार कर लेता है।
AFRI की तालिका गंगानगर को Bwhw, उष्ण मरुस्थलीय प्रकार, में जैसलमेर, बीकानेर और हनुमानगढ़ के साथ रखती है। Bshw, अर्ध-शुष्क स्टेपी प्रकार, बाड़मेर का प्रदेश है, इसलिए C गलत युग्म है।
- (2)(B), (C) एवं (D) — यह कूट D, Aw – डूंगरपुर, को रखता है, जो सही है, पर बदले हुए दोनों युग्म स्वीकार करता है और A को छोड़ देता है।
B गलत है क्योंकि AFRI बाड़मेर को Bshw में रखता है, और C गलत है क्योंकि वह गंगानगर को Bwhw में रखता है। A, Cwg – भरतपुर, सही है: भरतपुर AFRI की शुष्क शीतकाल वाले मानसूनी प्रकार की सूची में है।
- (3)(B) एवं (C) — यह कूट ठीक दोनों गलत युग्म चुनता है। B बाड़मेर को उष्ण मरुस्थलीय प्रकार देता है और C गंगानगर को अर्ध-शुष्क प्रकार, जो AFRI की तालिका का उल्टा है।
(B) एवं (C) उस प्रश्न का उत्तर होते जो पूछता कि कौन से युग्म सही सुमेलित नहीं हैं। सही सुमेलित युग्म A और D हैं।
अवधारणा
कोपेन की योजना मासिक तापमान और वर्षण के आधार पर जलवायु का वर्गीकरण करती है। NCERT की कक्षा XI की पुस्तक भारत: भौतिक पर्यावरण अक्षरों का अर्थ बताती है: A उष्णकटिबंधीय, जिसमें हर महीने का औसत तापमान 18°C से अधिक रहता है; B शुष्क, जिसमें S अर्ध-शुष्क और W शुष्क जलवायु दर्शाता है; C गर्म शीतोष्ण।
छोटे अक्षर ब्योरा जोड़ते हैं। NCERT के अनुसार w का अर्थ शीतकाल में शुष्क ऋतु, h का शुष्क और उष्ण, और g का गंगा के मैदान वाला प्रकार है।
इस तरह पढ़ें तो Bwhw शुष्क शीतकाल वाला उष्ण मरुस्थल है, Bshw शुष्क शीतकाल वाला उष्ण अर्ध-शुष्क स्टेपी, Cwg शुष्क शीतकाल वाली गर्म जलवायु, और Aw उष्णकटिबंधीय सवाना।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "जलवायु की विशेषताएं" सूचीबद्ध है। कोपेन के प्रदेश इन विशेषताओं को जिलेवार समेटते हैं।
पूरे भारत की तालिकाएँ भी यही कूट-अक्षर इस्तेमाल करती हैं। NCERT की भारत के कोपेन प्रदेशों की तालिका BWhw को सुदूर पश्चिमी राजस्थान में, BShw को पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में, और Cwg को गंगा के मैदान के साथ पूर्वी राजस्थान में रखती है।
AFRI की पुस्तिका एक सीमा भी बताती है: यह योजना वनस्पति और जलवायु आँकड़ों पर बल देती है और धरातलीय स्वरूप, वायुदाब और पवन की दिशा को छोड़ देती है, इसलिए यह ऊँचे भागों की तुलना में निचले मैदानों पर अधिक उपयुक्त है।
मुख्य तथ्य
- AFRI की शुष्क भूमि पुस्तिका (2016) राजस्थान को कोपेन के चार प्रदेशों में बाँटती है: Aw, Bshw, Bwhw और Cwg।
- Bwhw, उष्ण मरुस्थलीय प्रकार (AFRI): पश्चिमी जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के पश्चिमी भाग।
- Bshw, अर्ध-शुष्क स्टेपी प्रकार (AFRI): बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, सिरोही, पाली, नागौर, चूरू, सीकर और झुंझुनूं।
- Cwg, शुष्क शीतकाल वाला मानसूनी प्रकार (AFRI), में राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, जयपुर, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, अलवर, भरतपुर और धौलपुर शामिल हैं।
- Aw, उष्णकटिबंधीय सवाना प्रकार (AFRI), में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़ और उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और बारां के दक्षिणी भाग शामिल हैं।
A और D सही हैं, इसलिए उत्तर विकल्प (4) है। जिलों की सूचियाँ AFRI की शुष्क भूमि वनीकरण एवं प्रबंधन पुस्तिका (2016), तालिका 1.2 से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोनों शुष्क प्रकारों की अदला-बदली। AFRI की तालिका में बाड़मेर Bshw और गंगानगर Bwhw है; प्रश्न के B और C इन्हें उलट देते हैं।
- S और W को उल्टा पढ़ना। कोपेन के अक्षरों में W शुष्क (मरुस्थलीय) और S अर्ध-शुष्क (स्टेपी) जलवायु दर्शाता है।
- नहरों के आधार पर अनुमान लगाना। कोपेन के प्रकार तापमान और वर्षा पर टिके हैं, और AFRI गंगानगर और हनुमानगढ़ को जैसलमेर और बीकानेर के साथ उष्ण मरुस्थलीय प्रकार में रखता है।
कोई प्रश्न कोपेन कूटों को जिलों से जोड़कर पूछ सकता है कि कौन से युग्म सही हैं, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न कोई जिला देकर उसका जलवायु प्रकार पूछ सकता है, किसी कूट के अक्षर का अर्थ पूछ सकता है, या पूछ सकता है कि किस प्रदेश में उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु है।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से कौन से जिलों का समूह प्राप्त मॉनसूनी वर्षा की मात्रा के अनुसार अवरोही क्रम में सही ढंग से व्यवस्थित है ?
- (1) धौलपुर, राजसमंद, जालौर
- (2) भीलवाड़ा, बारां, सीकर
- (3) राजसमंद, जालौर, धौलपुर
- (4) पाली, जयपुर, भरतपुर
उत्तर(1)
राजस्थान की जिलेवार जलवायु, दूसरे माप से। वह प्रश्न पूछता है कि कौन-सा जिलों का समूह प्राप्त मॉनसूनी वर्षा की मात्रा के अनुसार अवरोही क्रम में सही व्यवस्थित है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), धौलपुर, राजसमंद, जालौर); यह प्रश्न जिलों को कोपेन जलवायु प्रकारों से जोड़ता है।
राजस्थान के निम्नलिखित जिला समूहों का दक्षिणी–पश्चिमी मानसून में औसत वर्षा के आधार पर सही आरोही क्रम कौन सा है ?
- (1) जालौर, जयपुर, कोटा
- (2) जैसलमेर, बाँसवाड़ा, राजसमन्द
- (3) नागौर, धौलपुर, अजमेर
- (4) चूरू, बारां, भीलवाड़ा
उत्तर(1)
जिलों को राजस्थान की वर्षा-ढाल पर रखने का वही विचार। वह प्रश्न दक्षिणी–पश्चिमी मानसून में औसत वर्षा के आधार पर सही आरोही क्रम वाला समूह पूछता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), जालौर, जयपुर, कोटा); यह प्रश्न वर्षा के आँकड़ों के बजाय कोपेन के प्रकारों का उपयोग करता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में कौन-सा अक्षर अर्ध-शुष्क (स्टेपी) जलवायु दर्शाता है?
- (a)W
- (b)S
- (c)w
- (d)g
उत्तर(2) — NCERT की भारत: भौतिक पर्यावरण बताती है कि शुष्क जलवायु में S अर्ध-शुष्क प्रकार दर्शाता है। विकल्प (1), W, शुष्क प्रकार; विकल्प (3), w, शीतकाल में शुष्क ऋतु; विकल्प (4), g, गंगा के मैदान वाला प्रकार दर्शाता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान का कौन-सा जिला Bwhw (उष्ण मरुस्थलीय) प्रकार में आता है?
- (a)जैसलमेर
- (b)बाड़मेर
- (c)डूंगरपुर
- (d)भरतपुर
उत्तर(1) — AFRI की शुष्क भूमि पुस्तिका जैसलमेर को Bwhw प्रदेश में रखती है। विकल्प (2), बाड़मेर, Bshw में है; विकल्प (3), डूंगरपुर, Aw में; विकल्प (4), भरतपुर, Cwg में।