निम्नलिखित विशेषताएं किस नदी की हैं? – इसका उद्गम कुम्भलगढ़ किले के निकट अरावली पहाड़ियों से है। – यह नदी मेवाड़ के मैदान के मध्य से गुजरती है। – बेडच, कोठारी व मोरेल इसकी सहायक नदियाँ हैं।
- (1)बनास
- (2)लूनी
- (3)चम्बल
- (4)माही
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), बनास.
तीनों विशेषताएँ बनास पर लागू होती हैं।
उद्गम: राजस्थान का जल संसाधन विभाग बताता है कि बनास अरावली श्रेणी की खमनोर पहाड़ियों से, कुम्भलगढ़ से लगभग 5 किमी दूर, निकलती है। उदयपुर राज्य गजेटियर (1908) भी इसका उद्गम कुम्भलगढ़ किले से लगभग तीन मील दूर अरावली पहाड़ियों में बताता है।
मार्ग: 1908 का गजेटियर इसे मेवाड़ में पूर्व की ओर मुड़ते हुए, नाथद्वारा को अपने दाहिने किनारे पर छोड़ते हुए दिखाता है। शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI) की शुष्क भूमि वनीकरण पुस्तिका बनास मैदान को बनास का समप्राय मैदान (पेनिप्लेन) कहती है, जो मेवाड़ मैदान और मालपुरा-करौली मैदान में बँटा है।
सहायक नदियाँ: जल संसाधन विभाग दाहिनी ओर बेडच और मैनाल, तथा बाईं ओर कोठारी, खारी, डाई, ढील, सोहादरा, मोरेल और कालीसिल गिनाता है। विभाग की सूची में बेडच का नाम Berach लिखा है।
कुम्भलगढ़ के पास उद्गम, मेवाड़ का मैदान, बेडच–कोठारी–मोरेल: यह बनास है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)लूनी — लूनी उद्गम और सहायक नदियों, दोनों पर खरी नहीं उतरती। राजस्थान का जल संसाधन विभाग बताता है कि यह अजमेर के पास अरावली के पश्चिमी ढलानों से निकलती है और लगभग 495 किमी बहने के बाद कच्छ के रण की दलदली भूमि में विलीन हो जाती है।
उसी विभाग की सूची में इसके बेसिन की नदियों में सुकड़ी, जवाई, बांडी, गुहिया और जोजड़ी हैं, बेडच, कोठारी या मोरेल नहीं।
- (3)चम्बल — चम्बल कुम्भलगढ़ के पास से नहीं निकलती। जल संसाधन विभाग बताता है कि यह मध्य प्रदेश के इन्दौर जिले में महू के पास विंध्य श्रेणियों से निकलती है और चौरासीगढ़ पर एक गॉर्ज (संकरी घाटी) से राजस्थान में प्रवेश करती है।
इसे चुनने का आकर्षण यह जुड़ाव है: बनास स्वयं चम्बल की सहायक नदी है, जो सवाई माधोपुर जिले में रामेश्वर के पास उससे मिलती है। बेडच, कोठारी और मोरेल पहले बनास में मिलती हैं।
- (4)माही — माही राजस्थान के बाहर से आती है। जल संसाधन विभाग बताता है कि यह मध्य प्रदेश में विंध्याचल श्रेणियों के उत्तरी ढलान से निकलती है, बांसवाड़ा जिले में राजस्थान में प्रवेश करती है, U-आकार का मोड़ लेती है और गुजरात से होकर खंभात की खाड़ी तक जाती है।
उस सूची में इसकी सहायक नदियों में सोम, जाखम, मोरन और अनास हैं।
अवधारणा
जल संसाधन विभाग बताता है कि बनास अपनी पूरी लंबाई में राजस्थान से होकर बहती है। वह नदी की लंबाई लगभग 512 किमी और इसका जलग्रहण क्षेत्र 45,833 वर्ग किमी बताता है। 1908 के उदयपुर राज्य गजेटियर ने इसकी लंबाई लगभग 300 मील बताई थी और इसे बारहमासी नहीं कहा था।
इसकी सहायक नदियाँ नामित स्थानों पर मिलती हैं। बेडच माण्डलगढ़ तहसील के बीगोद गाँव के पास, कोठारी नंदराय गाँव के पास, दोनों भीलवाड़ा जिले में, और डाई टोंक जिले में बीसलपुर के पास मिलती है।
मोरेल जयपुर जिले की बस्सी तहसील की पहाड़ियों से निकलती है और हाडोली गाँव के पास बनास में मिलती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "प्रमुख नदियाँ एवं झीलें" सूचीबद्ध है। कोई नदी कहाँ से निकलती है, किन मैदानों को पार करती है और कौन-सी धाराएँ उसमें मिलती हैं, यही तथ्य उसे मानचित्र पर स्थान देते हैं।
राजस्थान की नदियाँ अलग-अलग दिशाओं में बहती हैं। बनास चम्बल में मिलती है, जिसे जल संसाधन विभाग यमुना की प्रमुख सहायक नदी कहता है। लूनी कच्छ के रण में समाप्त होती है, और माही खंभात की खाड़ी तक पहुँचती है।
बनास का मैदान अरावली के पूर्व में है, जबकि लूनी उसके पश्चिमी ढलानों का जल बहाती है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान का जल संसाधन विभाग: बनास अरावली की खमनोर पहाड़ियों से, कुम्भलगढ़ से लगभग 5 किमी दूर, निकलती है और अपनी पूरी लंबाई राजस्थान में बहती है।
- बनास सवाई माधोपुर जिले के खण्डार ब्लॉक के रामेश्वर गाँव के पास चम्बल में मिलती है; विभाग इसकी लंबाई लगभग 512 किमी बताता है।
- बनास की सहायक नदियाँ (जल संसाधन विभाग): दाहिनी ओर बेडच और मैनाल; बाईं ओर कोठारी, खारी, डाई, ढील, सोहादरा, मोरेल और कालीसिल।
- बेडच माण्डलगढ़ तहसील के बीगोद के पास और कोठारी नंदराय के पास बनास में मिलती है, दोनों स्थान भीलवाड़ा जिले में।
- लूनी अजमेर के पास से निकलकर कच्छ के रण में समाप्त होती है; माही बांसवाड़ा में राजस्थान में प्रवेश करती है और खंभात की खाड़ी तक पहुँचती है।
केवल बनास कुम्भलगढ़ के पास से निकलती है। उद्गम और अंतिम बिंदु राजस्थान के जल संसाधन विभाग के अनुसार।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- चम्बल चुन लेना, क्योंकि बेडच, कोठारी और मोरेल उसके व्यापक तंत्र का हिस्सा हैं। ये पहले बनास में मिलती हैं, और चम्बल कुम्भलगढ़ के पास नहीं, मध्य प्रदेश में महू के पास से निकलती है।
- वर्तनी का भेद न पहचानना: जल संसाधन विभाग की सूची का Berach ही बेडच है, और Menali ही मैनाल है।
- दो अलग खारी नदियाँ। बनास की एक सहायक नदी खारी है, और जल संसाधन विभाग लूनी बेसिन में पाली और सिरोही की अलग खारी धाराएँ भी गिनाता है।
कोई प्रश्न किसी नदी का उद्गम, मार्ग और सहायक नदियाँ बताकर पूछ सकता है कि वह कौन-सी नदी है, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि दो नदियाँ कहाँ मिलती हैं, कौन-सी सहायक नदियाँ दाहिने किनारे पर मिलती हैं, या कौन-सी नदी पूरी तरह राजस्थान में बहती है।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से किन तीन नदियों के संगम को ‘त्रिवेणी’ कहा जाता है ?
- (1) बनास, मैनाल, बेडच
- (2) गम्भीरी, मांसी, धुन्ध
- (3) कोठारी, खोरी, बेडच
- (4) सोम, आहू, बाण्डी
उत्तर(1)
वही बनास तंत्र। वह प्रश्न पूछता है कि किन तीन नदियों के संगम को ‘त्रिवेणी’ कहा जाता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), बनास, मैनाल, बेडच); यह प्रश्न उद्गम, मार्ग और सहायक नदियों से, जिनमें बेडच भी है, बनास की पहचान करवाता है।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिये : सूची-I (जिला) – सूची-II (नदी) A. उदयपुर – i. साबी तथा रूपारेल B. बूँदी – ii. गम्भीरी तथा पार्वती C. भरतपुर – iii. सोम तथा जाखम D. अलवर – iv. कुराल कूट :
- (1) A-iii, B-iv, C-i, D-ii
- (2) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
- (3) A-i, B-iii, C-ii, D-iv
- (4) A-iii, B-iv, C-ii, D-i
उत्तर(4)
राजस्थान की नदियों को स्थान देने का वही कौशल। वह प्रश्न चार जिलों को नदियों से सुमेलित करवाता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (4), A-iii, B-iv, C-ii, D-i, जिसमें उदयपुर – सोम तथा जाखम है); यह प्रश्न उद्गम और सहायक नदियों से एक नदी का नाम पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सी बनास नदी की दाहिने किनारे की सहायक नदी है?
- (a)कोठारी
- (b)बेडच
- (c)मोरेल
- (d)खारी
उत्तर(2) — राजस्थान का जल संसाधन विभाग बेडच और मैनाल को बनास की दाहिने किनारे की सहायक नदियाँ बताता है। विकल्प (1), कोठारी, विकल्प (3), मोरेल, और विकल्प (4), खारी, उसकी बाएँ किनारे की सहायक नदियों की सूची में हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बनास नदी किस गाँव के पास चम्बल से मिलती है?
- (a)रामेश्वर
- (b)बीगोद
- (c)नंदराय
- (d)चौरासीगढ़
उत्तर(1) — जल संसाधन विभाग बनास–चम्बल संगम सवाई माधोपुर जिले में रामेश्वर के पास बताता है। विकल्प (2), बीगोद, वह स्थान है जहाँ बेडच बनास में मिलती है; विकल्प (3), नंदराय, जहाँ कोठारी उसमें मिलती है; विकल्प (4), चौरासीगढ़, जहाँ चम्बल राजस्थान में अपनी संकरी घाटी में प्रवेश करती है।