सूची–I का सूची–II से मिलान कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए – सूची–I संविधान सभा समिति (A) मूल अधिकार (B) कार्य संचालन (C) संघ शक्ति (D) प्रारूप सूची–II अध्यक्ष (i) बी. आर. अम्बेडकर (ii) जवाहरलाल नेहरू (iii) के. एम. मुंशी (iv) सरदार पटेल कूट –
- (1)A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
- (2)A-(ii), B-(iv), C-(iii), D-(i)
- (3)A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i)
- (4)A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
उत्तर
क्यों
RPSC ने अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न विलोपित कर दिया, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं दिखाया गया है।
प्रश्न संविधान सभा की चार समितियों को चार नेताओं से सुमेलित करवाता है। ग्रैनविल ऑस्टिन की द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन: कॉर्नरस्टोन ऑफ़ अ नेशन (1966) दर्ज करती है कि किस निकाय का नेतृत्व किसने किया।
प्रारूप समिति: बी. आर. अम्बेडकर। ऑस्टिन 1948 के आरंभ में इसके सात सदस्य गिनाते हैं: अध्यक्ष अम्बेडकर, मुंशी, अय्यर, एन. जी. अय्यंगार, डी. पी. खेतान, एन. माधव राव और मोहम्मद सादुल्ला।
संघ शक्ति समिति: जवाहरलाल नेहरू। ऑस्टिन लिखते हैं कि सभा ने जनवरी 1947 में नेहरू की अध्यक्षता में एक संघ शक्ति समिति बनाई थी।
कार्य संचालन समिति: राजेन्द्र प्रसाद। ऑस्टिन इस समिति को प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक करने वाली समिति बताते हैं।
मूल अधिकार: दो निकाय। ऑस्टिन पटेल को परामर्श समिति का अध्यक्ष और आचार्य कृपलानी को मूल अधिकार उप-समिति का अध्यक्ष बताते हैं। के. एम. मुंशी उस उप-समिति के और प्रारूप समिति के सदस्य थे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) — विकल्प (1) का कूट मूल अधिकार को सरदार पटेल से, कार्य संचालन को के. एम. मुंशी से, संघ शक्ति को नेहरू से और प्रारूप को अम्बेडकर से जोड़ता है। RPSC की अंतिम कुंजी कोई विकल्प नहीं दिखाती।
इस कूट के क्रम में चारों नेताओं के बारे में ऑस्टिन का अभिलेख: पटेल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे; मुंशी मूल अधिकार उप-समिति और प्रारूप समिति के सदस्य थे; नेहरू संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष थे; अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
- (2)A-(ii), B-(iv), C-(iii), D-(i) — विकल्प (2) का कूट मूल अधिकार को नेहरू से, कार्य संचालन को सरदार पटेल से, संघ शक्ति को के. एम. मुंशी से और प्रारूप को अम्बेडकर से जोड़ता है। RPSC की अंतिम कुंजी कोई विकल्प नहीं दिखाती।
इस कूट के क्रम में चारों नेताओं के बारे में ऑस्टिन का अभिलेख: नेहरू संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष थे; पटेल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे; मुंशी मूल अधिकार उप-समिति और प्रारूप समिति के सदस्य थे; अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
- (3)A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i) — विकल्प (3) का कूट मूल अधिकार को के. एम. मुंशी से, कार्य संचालन को सरदार पटेल से, संघ शक्ति को नेहरू से और प्रारूप को अम्बेडकर से जोड़ता है। RPSC की अंतिम कुंजी कोई विकल्प नहीं दिखाती।
इस कूट के क्रम में चारों नेताओं के बारे में ऑस्टिन का अभिलेख: मुंशी मूल अधिकार उप-समिति के सदस्य थे और प्रारूप समिति के भी; पटेल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे; नेहरू संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष थे; अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
- (4)A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i) — विकल्प (4) का कूट मूल अधिकार को नेहरू से, कार्य संचालन को के. एम. मुंशी से, संघ शक्ति को सरदार पटेल से और प्रारूप को अम्बेडकर से जोड़ता है। RPSC की अंतिम कुंजी कोई विकल्प नहीं दिखाती।
इस कूट के क्रम में चारों नेताओं के बारे में ऑस्टिन का अभिलेख: नेहरू संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष थे; मुंशी मूल अधिकार उप-समिति और प्रारूप समिति के सदस्य थे; पटेल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे; अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
अवधारणा
संविधान सभा ने अपना बहुत-सा काम समितियों के माध्यम से किया; हर समिति एक विषय की जाँच कर पूरी सभा को प्रतिवेदन देती थी। ऑस्टिन आठ प्रमुख समितियाँ गिनाते हैं: नियम, कार्य संचालन, परामर्श, प्रारूप, संघ विषय, संघ संविधान, प्रांतीय संविधान और रियासत समिति।
परामर्श समिति अधिकारों से संबंधित थी, और इसकी उप-समितियों में एक मूल अधिकार पर और एक अल्पसंख्यकों पर थी। इसके अध्यक्ष के रूप में पटेल ने 29 अप्रैल 1947 को मूल अधिकारों पर अंतरिम प्रतिवेदन सभा के सामने रखा।
प्रारूप समिति बाद में बनी। ऑस्टिन दर्ज करते हैं कि अक्टूबर 1947 से फरवरी 1948 के मध्य तक यह संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राव के प्रारूप को संविधान के प्रारूप में बदलने में लगी रही।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली के अंतर्गत "संविधान सभा, भारतीय संविधान की विशेषताएं, संवैधानिक संशोधन।" सूचीबद्ध है।
ऑस्टिन की एक पाद-टिप्पणी सभा में पंद्रह से अधिक समितियाँ गिनाती है, जिनमें सात के कार्य गौण थे, जैसे सदन और कर्मचारी समिति। प्रमुख समितियों ने विषय के अनुसार काम बाँटा: अधिकार परामर्श समिति को मिले और शक्तियों का विभाजन संघ शक्ति समिति को।
वही कुछ नेता कई निकायों में दिखते हैं। उदाहरण के लिए, मुंशी 1947 में मूल अधिकार उप-समिति में और 1948 में प्रारूप समिति में थे, जबकि पटेल मूल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे।
मुख्य तथ्य
- ऑस्टिन (1966): 1948 के आरंभ में प्रारूप समिति के सात सदस्य थे, अध्यक्ष बी. आर. अम्बेडकर और सदस्यों में के. एम. मुंशी।
- ऑस्टिन: सभा ने जनवरी 1947 में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक संघ शक्ति समिति बनाई।
- ऑस्टिन: कार्य संचालन समिति राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक करती थी।
- ऑस्टिन: सरदार पटेल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे; आचार्य कृपलानी उसकी मूल अधिकार उप-समिति के अध्यक्ष थे।
- पटेल ने 29 अप्रैल 1947 को मूल अधिकारों के विषय पर परामर्श समिति का अंतरिम प्रतिवेदन संविधान सभा में प्रस्तुत किया (ऑस्टिन)।
स्रोत: ग्रैनविल ऑस्टिन, द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन: कॉर्नरस्टोन ऑफ़ अ नेशन (1966)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'मूल अधिकार' को एक ही समिति मान लेना: ऑस्टिन पटेल की अध्यक्षता वाली परामर्श समिति और उसके भीतर कृपलानी की अध्यक्षता वाली मूल अधिकार उप-समिति दर्ज करते हैं।
- के. एम. मुंशी की सदस्यता को अध्यक्षता समझ लेना: ऑस्टिन उन्हें मूल अधिकार उप-समिति और प्रारूप समिति का सदस्य बताते हैं।
- कार्य संचालन समिति नेहरू या पटेल को दे देना: ऑस्टिन इसे राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक करने वाली समिति बताते हैं।
कोई प्रश्न संविधान सभा की समितियों को उनके अध्यक्षों से सुमेलित करवा सकता है, या पूछ सकता है कि किसी एक नामित समिति की अध्यक्षता किस नेता ने की।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कोई व्यक्ति किसी समिति का सदस्य था या अध्यक्ष, जैसे मुंशी और प्रारूप समिति।
संबंधित PYQ
भारत की संविधान सभा के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : (i) संविधान सभा का अंतिम अधिवेशन 24 जनवरी, 1950 को हुआ । (ii) इस अंतिम अधिवेशन में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति पद पर विधिवत निर्वाचित घोषित किए गए ।
- (1) न तो (i) न ही (ii) सही है ।
- (2) (i) और (ii) दोनों सही हैं ।
- (3) केवल (ii) सही है ।
- (4) केवल (i) सही है ।
उत्तर(2)
वही सभा, पर उसकी समितियाँ नहीं, उसका समापन: वह प्रश्न 24 जनवरी, 1950 को हुए संविधान सभा के अंतिम अधिवेशन और उसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित घोषित किए जाने के बारे में पूछता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), (i) और (ii) दोनों सही हैं)। यह प्रश्न पूछता है कि सभा की समितियों की अध्यक्षता किसने की।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ग्रैनविल ऑस्टिन के विवरण के अनुसार संविधान सभा की मूल अधिकार उप-समिति की अध्यक्षता किसने की?
- (a)सरदार वल्लभभाई पटेल
- (b)आचार्य कृपलानी
- (c)बी. आर. अम्बेडकर
- (d)राजेन्द्र प्रसाद
उत्तर(2) — ऑस्टिन दर्ज करते हैं कि उप-समिति की पहली बैठक में उसके सदस्यों ने कृपलानी को अध्यक्ष चुना। विकल्प (1), पटेल, मूल परामर्श समिति के अध्यक्ष थे; विकल्प (3), अम्बेडकर, प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे; विकल्प (4), प्रसाद, कार्य संचालन समिति के अध्यक्ष थे। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जनवरी 1947 में बनी संविधान सभा की संघ शक्ति समिति ने किसकी अध्यक्षता में कार्य किया?
- (a)जवाहरलाल नेहरू
- (b)सरदार वल्लभभाई पटेल
- (c)के. एम. मुंशी
- (d)मोहम्मद सादुल्ला
उत्तर(1) — ऑस्टिन लिखते हैं कि सभा ने जनवरी 1947 में नेहरू की अध्यक्षता में एक संघ शक्ति समिति बनाई। विकल्प (2), पटेल, परामर्श समिति के अध्यक्ष थे। विकल्प (3) और (4), मुंशी और सादुल्ला, ऑस्टिन की प्रारूप समिति के सदस्यों की सूची में आते हैं।