राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा को संशोधित कर ‘ग्राम सेवक’ के स्थान पर ‘ग्राम विकास अधिकारी’ अभिव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया है?
- (1)88
- (2)89
- (3)91
- (4)90
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), 89.
यह परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 (2021 का अधिनियम सं. 12) ने किया। उसकी धारा 2 का शीर्षक 1994 के राजस्थान अधिनियम सं. 13 की धारा 89 के संशोधन का है।
वह प्रावधान करती है कि धारा 89 की उपधारा (2) के खंड (i) में विद्यमान अभिव्यक्ति "ग्राम सेवक" के स्थान पर अभिव्यक्ति "ग्राम विकास अधिकारी" प्रतिस्थापित की जाए। यही प्रश्न का शब्दांकन है; अधिनियम का अंग्रेज़ी अनुवाद पुराने पद को विलेज लेवल वर्कर्स कहता है।
अधिनियम को 25 सितंबर 2021 को राज्यपाल की अनुमति मिली, 28 सितंबर 2021 के राजस्थान राजपत्र असाधारण में प्रकाशित हुआ, और तुरंत लागू हो गया, परीक्षा से एक महीना पहले।
संशोधित धारा विकल्प (2), 89 है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)88 — राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 अभिलेखों के बारे में है, पदों के बारे में नहीं। यह अभिलेख मंगवाने का अधिकार देती है: जिसके पास किसी पंचायती राज संस्था का धन, लेखे, अभिलेख या संपत्ति हो, उसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी की लिखित माँग पर उन्हें सौंपना होगा।
2021 के संशोधन ने इसे नहीं छुआ।
- (3)91 — धारा 91 पंचायत समितियों और जिला परिषदों के कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही और उनके दंड से संबंधित है। यह पदों की श्रेणियाँ नहीं गिनाती।
पदों की सूची, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी नाम पाने वाला पद भी है, धारा 89(2) में है, और 2021 के अधिनियम ने वही धारा संशोधित की।
- (4)90 — धारा 90 जिला प्रमुख की अध्यक्षता वाली जिला स्थापना समिति बनाती है, जो सेवा के पदों पर चयन करती है और पदोन्नति सूचियाँ तैयार करती है।
यह पदों का उल्लेख करती है, पर उनके नाम नहीं देती। पदनाम धारा 89(2) में हैं, जिसे 2021 के अधिनियम ने संशोधित किया।
अवधारणा
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद् सेवा का गठन करती है। उपधारा (2) उसके पदों की श्रेणियाँ गिनाती है।
2021 से पहले उस सूची का पहला खंड (i) ग्राम सेवक (अंग्रेज़ी पाठ में विलेज लेवल वर्कर्स) और दूसरा खंड (ii) ग्राम सेविकाएँ था, जिनके बाद विद्यालय अध्यापक और मंत्रालयिक स्थापन आते थे।
विधेयक का उद्देश्यों और कारणों का कथन दोनों परिवर्तन समझाता है। सरकार ने ग्राम सेवक का पदनाम बदलकर ग्राम विकास अधिकारी करने का निर्णय लिया, और ग्राम सेविका का पद पंचायती राज संस्थाओं में विद्यमान नहीं था, इसलिए खंड (ii) हटाया जाना था।
पास की धाराएँ इस सेवा को चलाती हैं: धारा 90 जिला स्थापना समिति बनाती है और धारा 91 कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही को नियंत्रित करती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत, प्रशासनिक व्यवस्था में, "जिला प्रशासन, स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज संस्थाएं।" सूचीबद्ध है।
विधेयक से अधिनियम बनने में संशोधन को सात महीने लगे। 2021 का विधेयक सं. 5 विधानसभा में पुरःस्थापित रूप में 25 फरवरी 2021 को राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित हुआ; अधिनियम को 25 सितंबर 2021 को अनुमति मिली।
इसके अंग्रेज़ी और हिन्दी पाठ पुराने पद का नाम अलग-अलग देते हैं: अंग्रेज़ी अनुवाद में विलेज लेवल वर्कर्स और हिन्दी में ग्राम सेवक।
दोनों पाठ नया पदनाम ग्राम विकास अधिकारी देते हैं।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89 राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद् सेवा का गठन करती है।
- 2021 के अधिनियम सं. 12 ने धारा 89(2)(i) में ग्राम सेवक (अंग्रेज़ी अनुवाद में विलेज लेवल वर्कर्स) के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी रखा।
- उसी अधिनियम ने धारा 89(2)(ii), ग्राम सेविका, हटाई, जिस पद के बारे में उसके विधेयक ने कहा कि वह पंचायती राज संस्थाओं में विद्यमान नहीं था।
- राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 को 25 सितंबर 2021 को राज्यपाल की अनुमति मिली और वह तुरंत लागू हुआ।
- PRS के अधिनियम संकलन में छपी धारा 90 जिला प्रमुख को अध्यक्ष बनाकर जिला स्थापना समिति का गठन करती है।
केवल धारा 89 उस पद का नाम देती है जिसका नाम बदला गया: विकल्प (2)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कर्मचारियों का चयन या अनुशासन करने वाली धारा चुन लेना। धाराएँ 90 और 91 सेवा के कर्मचारियों से संबंधित हैं, पर पदों की सूची केवल धारा 89 देती है।
- अंग्रेज़ी और हिन्दी में एक ही शब्द की अपेक्षा करना। अंग्रेज़ी पाठ विलेज लेवल वर्कर्स कहता है; हिन्दी पाठ ग्राम सेवक कहता है।
- परिवर्तन की तिथि विधेयक से मान लेना। विधेयक फरवरी 2021 में प्रकाशित हुआ; अधिनियम को 25 सितंबर 2021 को अनुमति मिली।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि किसी पद का नाम बदलने के लिए राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की कौन-सी धारा संशोधित की गई, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि परिवर्तन किस संशोधन अधिनियम ने किया, या उसी समय कौन-सा पद हटाया गया।
संबंधित PYQ
किस संशोधन अधिनियम द्वारा ‘ग्राम सेवक’ को ‘ग्राम विकास अधिकारी’ से प्रतिस्थापित किया गया है ?
- (1) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015
- (2) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2017
- (3) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019
- (4) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021
उत्तर(4)
वही परिवर्तन, दूसरी ओर से पूछा गया: वह प्रश्न पूछता है कि किस संशोधन अधिनियम द्वारा ‘ग्राम सेवक’ को ‘ग्राम विकास अधिकारी’ से प्रतिस्थापित किया गया है (RPSC की कुंजी: विकल्प (4), राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021)। यह प्रश्न पूछता है कि कौन-सी धारा संशोधित की गई।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89(2) से कौन-सा पद हटाया गया?
- (a)ग्राम सेवक
- (b)ग्राम सेविका
- (c)प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक
- (d)मंत्रालयिक स्थापन
उत्तर(2) — 2021 के अधिनियम की धारा 2(ख) ने खंड (ii), ग्राम सेविका, हटाया; विधेयक का उद्देश्यों और कारणों का कथन कहता है कि वह पद पंचायती राज संस्थाओं में विद्यमान नहीं है। ग्राम सेवक (1) का नाम बदलकर ग्राम विकास अधिकारी किया गया, पद हटाया नहीं गया। अध्यापकों (3) और मंत्रालयिक स्थापन (4) को 2021 के अधिनियम ने नहीं छुआ। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 90 (PRS के संकलन में छपे रूप में) के अंतर्गत जिला स्थापना समिति की अध्यक्षता करता है —
- (a)जिला कलेक्टर
- (b)जिला परिषद् का मुख्य कार्यकारी अधिकारी
- (c)जिला प्रमुख
- (d)पंचायत समिति का प्रधान
उत्तर(3) — धारा 90(1) जिला प्रमुख को अध्यक्ष बताती है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (2) समिति का सदस्य है। जिला कलेक्टर (1) और प्रधान (4) का नाम धारा 90(1) में नहीं है।