निम्नलिखित में किस महान शासक ने प्राचीन बिहार में ''हर्यक वंश'' की स्थापना की ?
- (a)बिम्बिसार ने
- (b)बृहद्रथ ने
- (c)अजातशत्रु ने
- (d)उपरोक्त में एक से अधिक
सही — A, बिम्बिसार ने। हर्यक वंश वही वंश है जिसने मगध को सोलह महाजनपदों में से एक से बदलकर गंगा के मैदान की प्रमुख शक्ति बना दिया, और लगभग 544 से 492 ईसा पूर्व तक शासन करने वाले बिम्बिसार परंपरागत रूप से उसके संस्थापक कहे जाते हैं। उन्होंने गिरिव्रज से शासन किया, जिसे पालि ग्रंथ राजगह कहते हैं और जो आज बिहार के नालंदा ज़िले का राजगीर है — पाँच पहाड़ियों और बिना गारे के अनगढ़ पत्थरों की विशाल प्राचीर से घिरा एक पुराना नगर। तीन बातें उनके शासन को परिभाषित करती हैं और तीनों परीक्षा-योग्य हैं। पहली, विजय से विस्तार : उन्होंने अंग को मिला लिया, जिसकी राजधानी चंपा आधुनिक भागलपुर के पास थी, और इससे मगध को गंगा के रास्ते समुद्र की ओर जाने वाले व्यापार-मार्ग पर नियंत्रण मिला। दूसरी, विवाह से विस्तार : उन्होंने कोसल के प्रसेनजित की बहन कोसलदेवी से विवाह किया, जो दहेज में काशी का एक गाँव लाईं; वैशाली के लिच्छवियों की चेल्लना से; और पंजाब के मद्र कुल की राजकुमारी खेमा से — एक नए-नए राज्य के चारों ओर सोच-समझकर बुना गया कूटनीतिक जाल। तीसरी, धार्मिक संरक्षण : वे बुद्ध और महावीर, दोनों के समकालीन थे, और बौद्ध ग्रंथ संघ को वेलुवन बाँस-उद्यान दान करने का उल्लेख करते हैं। उनके स्थापित वंश में आगे अजातशत्रु और उदयिन से होते हुए नागदशक तक की कड़ी चली, जिसे शिशुनागों ने हटाया। परंपरा पूरी तरह एक स्वर में नहीं है — कुछ विवरण बिम्बिसार के पिता को, जिन्हें भिन्न स्रोत भट्टिय या महापद्म कहते हैं, इस वंश की स्थापना का श्रेय देते हैं — पर यहाँ ऐसा कोई नाम दिया ही नहीं गया, और परीक्षक जिस श्रेय को मानते हैं, तथा मगध का हर मानक विवरण जिसे मानता है, वह बिम्बिसार हैं।
- (b)बृहद्रथ ने — बृहद्रथ ने सचमुच मगध का एक भिन्न और कहीं पुराना वंश स्थापित किया — महाकाव्य परंपरा की बृहद्रथ शाखा, जिसका सबसे प्रसिद्ध राजा महाभारत का जरासंध है, और जिसका आसन भी गिरिव्रज ही था। यह विकल्प इसलिए चलता है कि दोनों वंश मगध के हैं और दोनों ने उन्हीं पहाड़ियों से शासन किया; भेदक यह है कि बृहद्रथ हर्यकों से सदियों पहले हैं और तिथि-सिद्ध इतिहास के बजाय पौराणिक परत के हैं।
- (c)अजातशत्रु ने — अजातशत्रु (लगभग 492 से 460 ईसा पूर्व) बिम्बिसार के पुत्र और उत्तराधिकारी थे, जो अपने पिता को क़ैद करके सिंहासन पर आए, और दोनों में अधिक चमकदार शासक वही हैं — उन्होंने महाशिलाकंटक प्रक्षेपक और रथमूसल से वैशाली के वज्जि संघ को कुचला, और राजगृह में प्रथम बौद्ध संगीति को संरक्षण दिया। प्रसिद्धि स्थापना नहीं है : उन्होंने यह वंश स्थापित नहीं किया, विरासत में पाया।
- (d)उपरोक्त में एक से अधिक — यह तर्क से नहीं, अभिलेख से विफल होता है। किसी वंश का एक ही संस्थापक होता है, और हर्यक वंश केवल बिम्बिसार ने स्थापित किया : बृहद्रथ ने बिलकुल दूसरा वंश स्थापित किया और अजातशत्रु ने यह वंश विरासत में पाया। चूँकि दूसरा कोई विकल्प सही नहीं, इसलिए 'एक से अधिक' के टिकने को कुछ है ही नहीं — और यह विकल्प जब भी आए, यही कसौटी लगाइए। पूछिए कि क्या आप दो ऐसे विकल्प नाम ले सकते हैं जो एक साथ सही हों; यदि नहीं, तो यह उत्तर नहीं है।
मगध का उत्थान छठी शताब्दी ईसा पूर्व के उत्तर भारत की केंद्रीय कथा है, और उसका वंश-क्रम — बृहद्रथ, फिर हर्यक, फिर शिशुनाग, फिर नंद, फिर मौर्य — वह रीढ़ है जिस पर बाकी हर तथ्य टँगा है। मगध के लाभ भौतिक थे और उन्हें कह देना ज़रूरी है, क्योंकि वही समझाते हैं कि यही राज्य क्यों जीता, कोई और क्यों नहीं : हथियारों और हलों के लिए दक्षिण बिहार की पहाड़ियों का लौह अयस्क, पूर्वी वनों से हाथी, भरोसेमंद वर्षा वाला उपजाऊ जलोढ़ मैदान, और लगातार दो राजधानियाँ — पहली रक्षा के लिए और दूसरी व्यापार के लिए — पहाड़ियों से घिरा राजगृह, और गंगा, सोन तथा गंडक के संगम पर पाटलिपुत्र, जो व्यावहारिक रूप से एक जल-दुर्ग था। इस स्थिति का दोहन करने वाले आक्रामक शासकों में से पहले दो हर्यकों ने दिए : बिम्बिसार, जिन्होंने अंग लिया और तीन पड़ोसी घरानों में विवाह किए, और अजातशत्रु, जिन्होंने वैशाली को तोड़ा और कोसल के भूभाग समेटे। उनका काल श्रमण आंदोलनों का क्षण भी है — बुद्ध और महावीर, दोनों मगध और उसके पड़ोस में सक्रिय थे, और दोनों राजा बौद्ध तथा जैन ग्रंथों में आते हैं, यही कारण है कि उनके बारे में जो कुछ ज्ञात है उसका बड़ा हिस्सा अभिलेखों के बजाय धार्मिक साहित्य से आता है।
प्राचीन भारतीय इतिहास में संस्थापक वाले प्रश्न दो सूचियों को अलग रखने से तय होते हैं : वंश और उनके संस्थापक, तथा वंश और उनके सबसे प्रसिद्ध राजा। ये दोनों कम ही मिलती हैं, और परीक्षक इसी अंतर का लगातार लाभ उठाते हैं — हर्यक की स्थापना बिम्बिसार ने की पर वह प्रसिद्ध अजातशत्रु के लिए है, ठीक वैसे ही जैसे मौर्य वंश की स्थापना चंद्रगुप्त ने की पर वह प्रसिद्ध अशोक के लिए है, और नंद वंश की स्थापना महापद्म ने की पर वह धनानंद के नाम से याद किया जाता है। प्रश्न में 'स्थापना' शब्द पढ़िए और संस्थापक वाली सूची में जाइए, प्रसिद्धि वाली में नहीं। यहाँ आधा काम बृहद्रथ को हर्यक से अलग करना है। दोनों मगध के हैं और दोनों गिरिव्रज में बैठे हैं, इसलिए जिस अभ्यर्थी ने संकेत के रूप में 'गिरिव्रज' सँभाल रखा है वह इन्हें अलग नहीं कर पाएगा; इसके बजाय यह सँभालिए कि बृहद्रथ महाकाव्य की परत के हैं, जरासंध की शाखा, जबकि हर्यक उस ऐतिहासिक परत के हैं जो छठी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के जीवनकाल से शुरू होती है। चौथे विकल्प पर वही स्थायी कसौटी लगाइए : दो एक साथ सही विकल्प नाम लीजिए, वरना उसे हटा दीजिए।
- बिम्बिसार (लगभग 544-492 ईसा पूर्व) ने मगध के हर्यक वंश की स्थापना की, जिसकी राजधानी गिरिव्रज/राजगृह थी — आज का राजगीर, नालंदा ज़िला, बिहार।
- उन्होंने अंग को मिला लिया, जिसकी राजधानी आधुनिक भागलपुर के पास चंपा थी, और इससे मगध के लिए गंगा का मार्ग खुल गया।
- उनके वैवाहिक संबंध : कोसल के प्रसेनजित की बहन कोसलदेवी, जो दहेज में काशी का एक गाँव लाईं; वैशाली के लिच्छवियों की चेल्लना; और मद्र कुल की खेमा।
- उनके पुत्र अजातशत्रु लगभग 492 ईसा पूर्व में उन्हें क़ैद कर उत्तराधिकारी बने, महाशिलाकंटक तथा रथमूसल के प्रयोग से वज्जि संघ को हराया, और राजगृह में प्रथम बौद्ध संगीति करवाई।
- मगध का वंश-क्रम : बृहद्रथ (महाकाव्य, जरासंध) → हर्यक (बिम्बिसार, अजातशत्रु, उदयिन) → शिशुनाग → नंद → मौर्य; उदयिन ने पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में राजधानी पाटलिपुत्र स्थानांतरित की।

- अजातशत्रु को इसलिए चुन लेना कि वे अधिक प्रसिद्ध राजा हैं; प्रश्न पूछता है कि वंश की स्थापना किसने की
- जरासंध वाले बृहद्रथ वंश को हर्यकों से गड्डमड्ड कर देना — दोनों ने गिरिव्रज से मगध पर शासन किया, पर पहला महाकाव्य की परत का है
- 'उपरोक्त में एक से अधिक' पर निशान लगा देना, जबकि आप दो ऐसे विकल्पों के नाम नहीं ले सकते जो एक साथ सही हों
BPSC प्राचीन बिहार को संस्थापक-और-राजधानी वाली एक-पंक्ति पहचान के रूप में पूछता है, जिसका चौथा विकल्प 'उपरोक्त में एक से अधिक' होता है — इसलिए प्रश्नपत्र साफ़-सुथरी वंश-सूची को पुरस्कृत करता है और धुँधली परिचितता को दंडित। UPSC उसी काल को संबंधों के रास्ते साधता है : इनमें से कौन शेष तीन का समकालीन नहीं था, बुद्ध का जीवन किन राज्यों को छूता था, सिकंदर के आक्रमण के समय कौन-सा वंश शासन कर रहा था। क्रम को तिथियों और समकालीनों के साथ सीख लीजिए, दोनों रूप सध जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन शेष तीन का समकालीन नहीं था ?
- (a) बिम्बिसार
- (b) गौतम बुद्ध
- (c) मिलिंद
- (d) प्रसेनजित
उत्तर(c) मिलिंद
यह हर्यक वंश के संस्थापक को उनकी अपनी पीढ़ी में रख देता है — छठी से पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध और कोसल के प्रसेनजित के साथ बिम्बिसार, यानी वही राजा जिनकी बहन से उन्होंने विवाह किया था।
निम्नलिखित में से कौन-से राज्य बुद्ध के जीवन से जुड़े थे ? 1. अवंति 2. गांधार 3. कोसल 4. मगध नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) 1, 2 और 3
- (b) 2 और 4
- (c) केवल 3 और 4
- (d) 1, 3 और 4
उत्तर(c) केवल 3 और 4
वही राजनीतिक संसार बुद्ध की जीवनी से देखा गया — बिम्बिसार का मगध और प्रसेनजित का कोसल वे दो राज्य हैं जिनसे उनका जीवन बँधा है, और ठीक इसीलिए हर्यकों का मुख्य स्रोत बौद्ध ग्रंथ हैं।
आरंभिक वैदिक काल में प्राचीन मगध राज्य की राजधानी कौन-सा नगर था ?
- (a) राजगृह
- (b) चंपा
- (c) वैशाली
- (d) पाटलिपुत्र
उत्तर(a) राजगृह
वही राजधानी जहाँ से बिम्बिसार ने शासन किया, एक वर्ष पहले पूछी गई — राजगृह और हर्यक वंश एक ही तथ्य के दो पहलू हैं, और ध्यान दीजिए कि वहाँ का गलत विकल्प चंपा वही नगर है जिसे बिम्बिसार ने अंग के साथ मिला लिया था।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मगध के बिम्बिसार ने किस पड़ोसी राज्य को मिला लिया, जिसकी राजधानी चंपा थी ?
- (a)अंग
- (b)कोसल
- (c)वत्स
- (d)अवंति
उत्तर(a) अंग — उसकी राजधानी चंपा बिहार में आधुनिक भागलपुर के पास थी, और उसके विलय से मगध को गंगा के नदी-मार्ग पर अधिकार मिला।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह में किसके संरक्षण में हुई थी ?
- (a)बिम्बिसार
- (b)अजातशत्रु
- (c)कालाशोक
- (d)अशोक
उत्तर(b) अजातशत्रु — पहली संगीति बुद्ध के महापरिनिर्वाण के कुछ ही समय बाद राजगृह में हुई; दूसरी कालाशोक के अधीन वैशाली में और तीसरी अशोक के अधीन पाटलिपुत्र में हुई।