एक कथन के पश्चात् दो तर्क (I) और (II) दिये गये हैं । कौन सा/से तर्क अधिक मजबूत है/हैं, चुनिये । कथन : क्या राजस्थान में बिजली की आवश्यकता कम करने के लिये हर घर में सौर ऊर्जा का उपयोग होना चाहिये ? तर्क : (I) हाँ, इससे हमारे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और पर्यावरण अनुकूलता को बढ़ावा मिलेगा । (II) नहीं, सौर पैनल महँगे हैं और सभी मकान मालिक सब्सिडी के बिना इसे वहन करने में सक्षम नहीं हैं ।
- (1)केवल तर्क (I) मजबूत है ।
- (2)केवल तर्क (II) मजबूत है ।
- (3)दोनों तर्क मजबूत हैं ।
- (4)ना तो तर्क (I) और ना ही तर्क (II) मजबूत है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), केवल तर्क (I) मजबूत है ।
प्रश्न पूछता है कि कौन-सा तर्क "अधिक मजबूत" है, पर चारों विकल्प हर तर्क को अलग-अलग मजबूत या कमजोर ठहराते हैं। इसलिए हर तर्क को उसके अपने आधार पर परखा जाता है।
कोई तर्क तब मजबूत होता है जब वह कथन में उठाए गए प्रश्न से सीधे जुड़ा हो और उस पर असर डालने वाला कोई महत्वपूर्ण कारण दे। वह तब कमजोर होता है जब वह मुद्दे से हटकर हो, मामूली हो, या ऐसी कठिनाई पर टिका हो जिसे दूर किया जा सकता है।
तर्क (I) प्रस्ताव का उत्तर उसके गुण-दोष पर देता है। वह कहता है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और पर्यावरण अनुकूलता को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रस्ताव से सीधे जुड़ा एक महत्वपूर्ण लाभ है, इसलिए (I) मजबूत है।
तर्क (II) आपत्ति करता है कि सौर पैनल महँगे हैं और सब्सिडी के बिना सभी मकान मालिक इसका खर्च वहन नहीं कर सकते। उसके अपने शब्द ही उपाय बता देते हैं: सब्सिडी।
जिस लागत को सब्सिडी पूरा कर सकती है, वह प्रस्ताव को लागू करने की बाधा है, यह कारण नहीं कि घरों में सौर ऊर्जा का उपयोग न हो। इसलिए (II) कमजोर है, और उत्तर है केवल तर्क (I) मजबूत है।
याद रखने की बात: जो आपत्ति अपना उपाय स्वयं बता दे, वह प्रस्ताव को लागू करने के तरीके के बारे में है, उसे अपनाने या न अपनाने के बारे में नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)केवल तर्क (II) मजबूत है । — विकल्प (2) लागत वाली आपत्ति को निर्णायक मान लेता है और पर्यावरण वाले कारण को छोड़ देता है।
पर (II) स्वयं मान लेता है कि सब्सिडी उसकी बाधा को दूर कर देती है, इसलिए वह यह नहीं दिखाता कि प्रस्ताव अवांछनीय है। वहीं (I) सौर ऊर्जा के उपयोग से सीधे जुड़ा एक महत्वपूर्ण लाभ बताता है, और यही किसी तर्क को मजबूत बनाता है।
- (3)दोनों तर्क मजबूत हैं । — विकल्प (3) तर्क (I) को ठीक ही स्वीकार करता है, पर (II) को भी स्वीकार कर लेता है।
तर्क (II) अपनी सीमा तक सही है — पैनल पर पैसा लगता है — पर वह इस लागत से निपटने का रास्ता, सब्सिडी, स्वयं बता देता है। यह क्रियान्वयन की बात है, घरों में सौर ऊर्जा के उपयोग के विरुद्ध कारण नहीं, इसलिए उसमें मजबूत तर्क का वजन नहीं है।
- (4)ना तो तर्क (I) और ना ही तर्क (II) मजबूत है । — विकल्प (4) तर्क (II) के साथ (I) को भी खारिज कर देता है।
तर्क (I) कोई अस्पष्ट नारा नहीं है: वह बताता है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से क्या हासिल होता है — प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण अनुकूलता — और ये प्रस्ताव के अपने महत्वपूर्ण लाभ हैं। "हाँ" के पक्ष में प्रासंगिक और महत्वपूर्ण कारण मजबूत तर्क है, भले ही प्रस्ताव की कुछ लागतें हों।
अवधारणा
कथन एवं तर्क के तार्किक विवेचन में किसी नीतिगत प्रश्न के बाद उसके पक्ष और विपक्ष में तर्क दिए जाते हैं। हर तर्क को अलग से परखा जाता है, इस आधार पर नहीं कि हम उसके पक्ष से सहमत हैं या नहीं।
मजबूत तर्क प्रश्न से सीधे जुड़ा होता है, उसके किसी महत्वपूर्ण पहलू को छूता है, और ज्ञात तथ्यों से मेल खाता है।
कोई तर्क कमजोर होता है जब वह अप्रासंगिक हो, मामूली हो, केवल राय या नकल पर आधारित हो, या जब उसकी उठाई समस्या का कोई तैयार उपाय मौजूद हो। तर्क के भीतर ही बताया गया उपाय — "सब्सिडी के बिना" — आपत्ति को क्रियान्वयन की टिप्पणी में बदल देता है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता" के अंतर्गत "तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक)" में "कथन एवं तर्क" शामिल है।
परीक्षा की तिथि पर घरेलू सौर ऊर्जा के लिए एक राष्ट्रीय योजना चल रही थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 फरवरी 2024 को पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को ₹75,021 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दी। यह योजना एक करोड़ घरों के लिए रूफटॉप सोलर और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली के लिए है।
उस समय की बेंचमार्क कीमतों पर योजना की केंद्रीय सब्सिडी 1 kW प्रणाली के लिए ₹30,000, 2 kW के लिए ₹60,000 और 3 kW या उससे अधिक के लिए ₹78,000 थी। प्रधानमंत्री ने यह योजना 13 फरवरी 2024 को शुरू की थी।
मुख्य तथ्य
- मजबूत तर्क कथन में उठाए गए प्रश्न से सीधे जुड़ा होता है और उस पर असर डालने वाला महत्वपूर्ण कारण देता है।
- जिस आपत्ति का कोई तैयार उपाय हो, विशेषकर जब वह उपाय तर्क में ही बताया गया हो, वह कमजोर होती है।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 फरवरी 2024 को पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को ₹75,021 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दी।
- पीएम-सूर्य घर का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर है, साथ में हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
- 2024 की बेंचमार्क कीमतों पर इसकी केंद्रीय सब्सिडी: 1 kW के लिए ₹30,000, 2 kW के लिए ₹60,000, 3 kW या अधिक के लिए ₹78,000।
हर तर्क को उसकी प्रासंगिकता और वजन पर परखें, इस पर नहीं कि वह "हाँ" कहता है या "नहीं"।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कोई सच्चा तथ्य अपने आप मजबूत तर्क नहीं बन जाता। सौर पैनल पर पैसा लगता है, पर (II) स्वयं मान लेता है कि सब्सिडी उस बाधा को दूर कर देती है।
- तर्क की मजबूती इस पर निर्भर नहीं करती कि वह किस पक्ष में है। "हाँ" कमजोर हो सकता है और "नहीं" मजबूत; हर तर्क को प्रासंगिकता और वजन पर परखें।
- तर्क के भीतर लगी शर्त पढ़ें। "सब्सिडी के बिना" तर्क (II) की अपनी ही आपत्ति को सीमित कर देता है।
कोई प्रश्न "क्या … होना चाहिए?" जैसा नीतिगत कथन दो तर्कों और चार निश्चित विकल्पों के साथ रख सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है, या तीन-चार तर्कों और संयोजन वाले कूटों के साथ। कोई प्रश्न एक "हाँ" को एक "नहीं" के साथ रख सकता है, या एक ही पक्ष के दो तर्क दे सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कथन : क्या राजस्थान के सभी शहरों में प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? तर्क : (I) हाँ, वे नालियों को अवरुद्ध करते हैं और उन्हें खाने वाले मवेशियों को नुकसान पहुँचाते हैं। (II) नहीं, दुकानदारों को सामान पैक करने का अपना तरीका बदलना पड़ेगा।
- (a)केवल तर्क (I) मजबूत है।
- (b)केवल तर्क (II) मजबूत है।
- (c)दोनों तर्क मजबूत हैं।
- (d)ना तो तर्क (I) और ना ही तर्क (II) मजबूत है।
उत्तर(1) — (I) प्लास्टिक बैग से सीधे होने वाली महत्वपूर्ण हानियाँ बताता है, इसलिए मजबूत है। (II) एक छोटे-से बदलाव की ओर इशारा करता है, प्रतिबंध के विरुद्ध कोई कारण नहीं, इसलिए कमजोर है। विकल्प (2) दोनों को उलट देता है, विकल्प (3) मामूली आपत्ति को स्वीकार कर लेता है, और विकल्प (4) एक प्रासंगिक, महत्वपूर्ण कारण को छोड़ देता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कथन : क्या भारत के सभी कोयला-आधारित बिजली संयंत्र अगले महीने से बंद कर दिए जाने चाहिए? तर्क : (I) हाँ, कुछ अन्य देशों ने अपने कुछ कोयला संयंत्र बंद कर दिए हैं। (II) नहीं, भारत की बिजली का बड़ा हिस्सा कोयले से आता है, इसलिए अचानक बंद करने से बिजली की गंभीर कमी हो जाएगी।
- (a)केवल तर्क (I) मजबूत है।
- (b)केवल तर्क (II) मजबूत है।
- (c)दोनों तर्क मजबूत हैं।
- (d)ना तो तर्क (I) और ना ही तर्क (II) मजबूत है।
उत्तर(2) — (I) दूसरे देशों की नकल पर टिका है और भारत से जुड़ा कोई कारण नहीं देता, इसलिए कमजोर है। (II) तथ्य पर आधारित है, "अगले महीने से" से सीधे जुड़ा है और महत्वपूर्ण है, इसलिए मजबूत है। विकल्प (1) और (3) नकल वाले तर्क को स्वीकार करते हैं; विकल्प (4) मजबूत तर्क को खारिज कर देता है।