निम्नलिखित में से किस कृत्रिम मधुरक में माधुर्यमान सूक्रोस की तुलना में अधिकतम है ?
- (1)ऐस्पार्टेम
- (2)ऐलिटेम
- (3)सूक्रोलोस
- (4)सैकरीन
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), ऐलिटेम.
ऐलिटेम का माधुर्यमान सूक्रोस (गन्ने की चीनी या सामान्य चीनी) का लगभग 2,000 गुना है। खाद्य योजकों पर संयुक्त FAO/WHO विशेषज्ञ समिति (JECFA) के ऐलिटेम संबंधी विनिर्देश में यही आँकड़ा दिया गया है।
शेष तीन इससे बहुत कम मीठे हैं। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अनुसार सुक्रालोज़ सामान्य चीनी से लगभग 600 गुना, सैकरीन 200 से 700 गुना और ऐस्पार्टेम लगभग 200 गुना मीठा है।
ऐलिटेम डाइपेप्टाइड-आधारित मधुरक है, जो L-ऐस्पार्टिक अम्ल और D-ऐलानिन से बना है। JECFA ने इसके लिए शरीर-भार के प्रति किलोग्राम 0–1 mg का स्वीकार्य दैनिक सेवन (ADI) निर्धारित किया।
माधुर्यमान के आँकड़े स्रोतों में अलग-अलग मिलते हैं, क्योंकि वे सांद्रता और चखने की विधि पर निर्भर करते हैं। पर यहाँ अंतर इतना बड़ा है कि क्रम नहीं बदलता।
याद रखने की बात: सूक्रोस के लगभग 2,000 गुना माधुर्य के साथ ऐलिटेम इन चारों में सबसे मीठा है; लगभग 200 गुना पर ऐस्पार्टेम सबसे नीचे के पास है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)ऐस्पार्टेम — FDA के अनुसार ऐस्पार्टेम सामान्य चीनी से लगभग 200 गुना मीठा है, यानी ऐलिटेम के आँकड़े का लगभग दसवाँ भाग। यह ऐस्पार्टिक अम्ल और फेनिलऐलानिन के डाइपेप्टाइड का मेथिल एस्टर है।
इसमें फेनिलऐलानिन होने के कारण यह फिनाइलकीटोनूरिया से पीड़ित लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है। 14 जुलाई 2023 को WHO की कैंसर एजेंसी IARC ने ऐस्पार्टेम को संभवतः कैंसरजनक (समूह 2B) वर्गीकृत किया, जबकि JECFA ने इसका स्वीकार्य दैनिक सेवन 0–40 mg/kg शरीर-भार ही बनाए रखा।
- (3)सूक्रोलोस — विकल्प में छपा "सूक्रोलोस" वास्तव में सुक्रालोज़ है — सूक्रोस का क्लोरीनीकृत व्युत्पन्न, जिसमें सूक्रोस के तीन हाइड्रॉक्सिल समूहों की जगह क्लोरीन परमाणु लगे होते हैं।
FDA इसे सामान्य चीनी से लगभग 600 गुना मीठा बताता है, जो ऐलिटेम के 2,000 से काफ़ी कम है। सुक्रालोज़ सामान्य बेकिंग तापमान पर अधिकांशतः ताप-स्थिर रहता है, इसलिए इसे बेक किए गए खाद्यों में उपयोग किया जा सकता है।
- (4)सैकरीन — FDA की सीमा के अनुसार सैकरीन सामान्य चीनी से 200 से 700 गुना मीठा है। उस सीमा के ऊपरी छोर पर भी यह ऐलिटेम के 2,000 से बहुत नीचे है।
1879 में जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में कॉन्स्टेंटिन फाल्बर्ग द्वारा खोजा गया सैकरीन इन विकल्पों में सबसे पुराना कृत्रिम मधुरक है; ऐस्पार्टेम, सुक्रालोज़ और ऐलिटेम बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में आए।
अवधारणा
कृत्रिम, या उच्च-तीव्रता वाले, मधुरक बहुत छोटी मात्रा में ही मीठा स्वाद देते हैं, इसलिए वे भोजन में बहुत कम या शून्य ऊर्जा जोड़ते हैं। इनकी मिठास सूक्रोस के सापेक्ष व्यक्त की जाती है, जिसे 1 माना जाता है।
ये आँकड़े अनुमानित हैं। ये सांद्रता, खाद्य पदार्थ और चखने की विधि के साथ बदलते हैं, इसलिए अलग-अलग स्रोत अलग संख्याएँ देते हैं; FDA की अपनी सीमा सैकरीन के लिए 200 से 700 तक है।
रासायनिक रूप से ये मधुरक बहुत भिन्न हैं। ऐस्पार्टेम और ऐलिटेम डाइपेप्टाइड-आधारित हैं, सुक्रालोज़ क्लोरीनीकृत शर्करा है, और सैकरीन शर्कराओं से असंबद्ध एक संश्लेषित यौगिक है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "दैनिक जीवन में विज्ञान के मूलभूत तत्व" और "आहार एवं पोषण, रक्त समूह एवं Rh कारक" शामिल हैं। मधुरक दैनिक जीवन में मिलने वाले खाद्य योजक हैं।
चीनी के स्थानापन्न उन लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं जो चीनी सीमित करते हैं, जिनमें मधुमेह को नियंत्रित करने वाले लोग भी शामिल हैं; इनकी सुरक्षा-समीक्षाएँ समाचारों में रहती हैं। जुलाई 2023 में WHO ने ऐस्पार्टेम पर IARC और JECFA के आकलन जारी किए।
माधुर्यमान के आँकड़े अनुमानित हैं, पर पैमाना बहुत चौड़ा है: सूक्रोस की तुलना में ऐलिटेम लगभग 2,000, सुक्रालोज़ लगभग 600 और ऐस्पार्टेम लगभग 200 गुना मीठा है। इसलिए सटीक आँकड़े स्रोत के अनुसार बदलने पर भी क्रम बना रहता है।
मुख्य तथ्य
- JECFA के विनिर्देश में ऐलिटेम का माधुर्यमान सूक्रोस का 2,000 गुना दिया गया है, और JECFA ने इसका स्वीकार्य दैनिक सेवन 0–1 mg/kg शरीर-भार निर्धारित किया।
- अमेरिकी FDA के अनुसार सुक्रालोज़ सामान्य चीनी से लगभग 600 गुना, सैकरीन 200–700 गुना और ऐस्पार्टेम लगभग 200 गुना मीठा है।
- सुक्रालोज़ सूक्रोस के तीन हाइड्रॉक्सिल समूहों को क्लोरीन परमाणुओं से प्रतिस्थापित करके बनाया जाता है।
- ऐस्पार्टेम में फेनिलऐलानिन होता है, इसलिए यह फिनाइलकीटोनूरिया से पीड़ित लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।
- 14 जुलाई 2023 को IARC ने ऐस्पार्टेम को संभवतः कैंसरजनक (समूह 2B) वर्गीकृत किया; JECFA ने इसका स्वीकार्य दैनिक सेवन 0–40 mg/kg शरीर-भार बनाए रखा।
अनुमानित आँकड़े; प्रकाशित मान सांद्रता और परीक्षण-विधि के साथ बदलते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- माधुर्यमान के आँकड़े स्रोत के अनुसार बदलते हैं। सैकरीन की FDA सीमा (200–700) सुक्रालोज़ के 600 को ढक लेती है, इसलिए इन दोनों का क्रम तय करना सुरक्षित नहीं; ऐलिटेम का 2,000 दोनों से स्पष्ट ऊपर है।
- विकल्प का "सूक्रोलोस" सुक्रालोज़ है। इसका नाम सूक्रोस जैसा लगता है, पर यह लगभग 600 गुना मीठा क्लोरीनीकृत व्युत्पन्न है, कोई प्राकृतिक शर्करा नहीं।
- ऐलिटेम केवल दिए गए चार विकल्पों में सबसे मीठा है। FDA नियोटेम को सामान्य चीनी से 7,000–13,000 गुना और एडवांटेम को लगभग 20,000 गुना मीठा बताता है।
कोई प्रश्न यह पूछ सकता है कि सूक्रोस की तुलना में कौन-सा मधुरक सबसे अधिक या सबसे कम मीठा है, कौन-सा सूक्रोस का क्लोरीनीकृत व्युत्पन्न है, या कौन-सा फिनाइलकीटोनूरिया वाले लोगों के लिए अनुपयुक्त है।
कोई प्रश्न सुमेलन सूची में मधुरकों को उनके माधुर्यमान या रासायनिक प्रकृति से भी सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा कृत्रिम मधुरक सूक्रोस का क्लोरीनीकृत व्युत्पन्न है ?
- (a)ऐस्पार्टेम
- (b)सैकरीन
- (c)सुक्रालोज़
- (d)ऐलिटेम
उत्तर(3) — सुक्रालोज़ सूक्रोस के तीन हाइड्रॉक्सिल समूहों को क्लोरीन परमाणुओं से प्रतिस्थापित करके बनता है। विकल्प (1) और (4), ऐस्पार्टेम और ऐलिटेम, डाइपेप्टाइड-आधारित हैं; विकल्प (2), सैकरीन, सूक्रोस से असंबद्ध संश्लेषित यौगिक है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
फिनाइलकीटोनूरिया से पीड़ित लोगों को निम्नलिखित में से किस मधुरक से बचने की सलाह दी जाती है ?
- (a)सुक्रालोज़
- (b)ऐस्पार्टेम
- (c)सैकरीन
- (d)ऐलिटेम
उत्तर(2) — ऐस्पार्टेम में फेनिलऐलानिन होता है, जिसे फिनाइलकीटोनूरिया वाले लोग ठीक से विघटित नहीं कर पाते। विकल्प (1) सुक्रालोज़ और विकल्प (3) सैकरीन में फेनिलऐलानिन नहीं होता; विकल्प (4) ऐलिटेम ऐस्पार्टिक अम्ल और ऐलानिन से बना है और उसमें भी यह नहीं होता।