निम्नलिखित में से कौन सा मानव देह तरल/ऊतकों में पाया जाने वाला एक सूक्ष्म खनिज है ?
- (1)फ़ॉस्फ़ोरस
- (2)सल्फ़र
- (3)आयोडीन
- (4)मैग्नीशियम
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), आयोडीन.
आहार के खनिजों को इस आधार पर बाँटा जाता है कि शरीर को उनकी कितनी मात्रा चाहिए। वृहत् खनिज अधिक मात्रा में चाहिए; सूक्ष्म खनिज, जिन्हें ट्रेस खनिज भी कहते हैं, केवल थोड़ी मात्रा में।
अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की स्वास्थ्य वेबसाइट मेडलाइनप्लस (MedlinePlus) लोहा, मैंगनीज़, ताँबा, आयोडीन, जस्ता, कोबाल्ट, फ्लोराइड और सिलीनियम को ट्रेस खनिजों में गिनाती है। वह कैल्शियम, फ़ॉस्फ़ोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड और सल्फ़र को वृहत् खनिजों में गिनाती है।
आयोडीन की कम आवश्यकता यह अंतर दिखाती है। भारत का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन बताता है कि सामान्य वृद्धि और विकास के लिए प्रतिदिन 100–150 माइक्रोग्राम आयोडीन आवश्यक है।
शरीर आयोडीन से थायरॉइड हॉर्मोन बनाता है। शेष तीन विकल्प — फ़ॉस्फ़ोरस, सल्फ़र और मैग्नीशियम — सभी वृहत् खनिज हैं।
याद रखने की बात: आयोडीन, लोहा, जस्ता, ताँबा और सिलीनियम सूक्ष्म खनिज हैं; कैल्शियम, फ़ॉस्फ़ोरस, मैग्नीशियम और सल्फ़र वृहत् खनिज हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)फ़ॉस्फ़ोरस — फ़ॉस्फ़ोरस वृहत् खनिज है। शरीर का अधिकांश फ़ॉस्फ़ोरस हड्डियों और दाँतों में रहता है, जहाँ यह कैल्शियम के साथ कैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट बनाता है; इस तरह यह हड्डियों और दाँतों में कैल्शियम का साथी खनिज है।
यह ATP, DNA और कोशिका झिल्लियों के फ़ॉस्फ़ोलिपिडों का भी भाग है। इसकी आवश्यकता आयोडीन से कहीं अधिक मात्रा में होती है।
- (2)सल्फ़र — सल्फ़र को वृहत् खनिजों में गिना जाता है। शरीर को इसका अधिकांश भाग सल्फ़र-युक्त अमीनो अम्लों मेथिओनिन और सिस्टीन से मिलता है।
सिस्टीन का सल्फ़र वे बंध बनाता है जो बालों और नाखूनों के केराटिन जैसे प्रोटीनों को मज़बूती देते हैं। सल्फ़र ट्रेस खनिज नहीं है।
- (4)मैग्नीशियम — मैग्नीशियम वृहत् खनिज है। यह सैकड़ों एंज़ाइमों के सहकारक के रूप में काम करता है, जिनमें ATP का उपयोग करने वाले एंज़ाइम भी शामिल हैं, और शरीर के मैग्नीशियम का बड़ा हिस्सा हड्डियों में संचित रहता है।
पौधों में यह क्लोरोफ़िल अणु का केंद्रीय परमाणु है। इनमें से कोई भी बात इसे मानव पोषण में ट्रेस खनिज नहीं बनाती।
अवधारणा
खनिज वे अकार्बनिक तत्व हैं जिन्हें शरीर स्वयं नहीं बना सकता, इसलिए वे भोजन और पानी से आने चाहिए। वे हड्डियाँ और दाँत बनाते हैं, ऑक्सीजन ले जाते हैं, द्रव-संतुलन बनाए रखते हैं और एंज़ाइमों व हॉर्मोनों के अंग बनते हैं।
पोषण विज्ञान इन्हें आवश्यक मात्रा के आधार पर बाँटता है। वृहत् खनिज अधिक मात्रा में चाहिए, जिसकी सामान्य परिभाषा प्रतिदिन 100 mg या अधिक है। सूक्ष्म खनिज, या ट्रेस खनिज, इससे बहुत कम मात्रा में चाहिए — कुछ केवल माइक्रोग्राम में।
"ट्रेस" आवश्यक मात्रा बताता है, महत्त्व नहीं। आयोडीन या लोहे की कमी से गंभीर रोग होते हैं।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "आहार एवं पोषण, रक्त समूह एवं Rh कारक" शामिल है; खनिज और उनकी कमी से होने वाले रोग इसी के अंतर्गत आते हैं।
आयोडीन पोषण को भारत के जन-स्वास्थ्य से जोड़ता है। अगस्त 1992 में राष्ट्रीय घेंघा नियंत्रण कार्यक्रम का नाम बदलकर राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम (NIDDCP) किया गया।
इस कार्यक्रम का लक्ष्य घरों में पर्याप्त आयोडीन-युक्त नमक (15 ppm) का 100 प्रतिशत उपभोग है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय आयोडीन अल्पता विकारों में मानसिक और शारीरिक मंदता, मूक-बधिरता, क्रेटिनिज़्म, मृत शिशु-जन्म और गर्भपात जैसे विकार गिनाता है।
मुख्य तथ्य
- मेडलाइनप्लस कैल्शियम, फ़ॉस्फ़ोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड और सल्फ़र को वृहत् खनिजों में गिनाती है।
- मेडलाइनप्लस लोहा, मैंगनीज़, ताँबा, आयोडीन, जस्ता, कोबाल्ट, फ्लोराइड और सिलीनियम को ट्रेस खनिजों में गिनाती है।
- भारत का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन बताता है कि सामान्य मानव वृद्धि और विकास के लिए प्रतिदिन 100–150 माइक्रोग्राम आयोडीन आवश्यक है।
- थायरॉइड हॉर्मोन थायरोक्सिन (T4) और ट्राइआयोडोथायरोनिन (T3) में क्रमशः चार और तीन आयोडीन परमाणु होते हैं।
- अगस्त 1992 में राष्ट्रीय घेंघा नियंत्रण कार्यक्रम का नाम बदलकर राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम (NIDDCP) किया गया।
वर्गीकरण मेडलाइनप्लस (अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन) के अनुसार। चारों विकल्पों में से केवल आयोडीन दाएँ स्तंभ में है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- "ट्रेस" का अर्थ आवश्यक मात्रा है, महत्त्व नहीं। आयोडीन प्रतिदिन माइक्रोग्राम में चाहिए, फिर भी इसकी कमी से घेंघा और क्रेटिनिज़्म होते हैं।
- मैग्नीशियम कैल्शियम से कम मात्रा में चाहिए, पर इसकी आवश्यकता फिर भी प्रतिदिन सैकड़ों मिलीग्राम में है, इसलिए यह वृहत् खनिजों में रहता है।
- आयोडीन, फ्लोरीन और क्लोरीन आवर्त सारणी के एक ही समूह में हैं, फिर भी क्लोराइड वृहत् खनिज है जबकि आयोडीन और फ्लोराइड ट्रेस खनिज हैं। रासायनिक परिवार पोषण-वर्ग तय नहीं करता।
कोई प्रश्न सूची में से सूक्ष्म खनिज या वृहत् खनिज पहचानने को कह सकता है। कोई प्रश्न खनिजों को कमी-जनित रोगों या शरीर के कार्यों से सुमेलित करवा सकता है, या आयोडीन से जुड़ा हॉर्मोन या राष्ट्रीय कार्यक्रम पूछ सकता है।
कोई प्रश्न वृहत् खनिजों के बीच ट्रेस खनिज को भिन्न तत्व के रूप में भी रख सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मानव पोषण में निम्नलिखित में से कौन-सा वृहत् खनिज है ?
- (a)जस्ता
- (b)सिलीनियम
- (c)कैल्शियम
- (d)ताँबा
उत्तर(3) — कैल्शियम मुख्यतः हड्डियों और दाँतों के लिए अधिक मात्रा में चाहिए और यह वृहत् खनिज है। विकल्प (1), (2) और (4) — जस्ता, सिलीनियम और ताँबा — सभी ट्रेस खनिज हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
थायरॉइड ग्रंथि का बढ़ना, घेंघा, मुख्य रूप से किस सूक्ष्म खनिज की कमी से जुड़ा है ?
- (a)लोहा
- (b)आयोडीन
- (c)जस्ता
- (d)फ्लोराइड
उत्तर(2) — थायरॉइड को अपने हॉर्मोन बनाने के लिए आयोडीन चाहिए, और आयोडीन की कमी से घेंघा होता है। विकल्प (1) लोहा रक्ताल्पता से जुड़ा है; विकल्प (3) जस्ता बाधित वृद्धि और प्रतिरक्षा से; विकल्प (4) फ्लोराइड दाँतों के स्वास्थ्य से।