क्वाशियोरकॉर, जो कुपोषण का एक प्रकार है, निम्नलिखित में से किसकी कमी से होता है ?
- (1)सिलीनियम
- (2)प्रोटीन
- (3)कार्बोहाइड्रेट्स
- (4)क्रोमियम
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), प्रोटीन.
क्वाशियोरकॉर छोटे बच्चों में प्रोटीन की कमी से होने वाले कुपोषण का क्लासिक रूप है। इसे गंभीर प्रोटीन कुपोषण बताया जाता है, जिसकी पहचान शोफ (सूजन) और वसा के जमाव वाले बढ़े हुए यकृत से होती है।
इसके अन्य लक्षणों में फूला हुआ पेट, बालों का पतला होना और उनका रंग उड़ना, तथा त्वचा में परिवर्तन (त्वचाशोथ) शामिल हैं। पैरों और टाँगों की सूजन इसे मरास्मस से अलग करती है।
यह नाम घाना के तटीय क्षेत्र की गा भाषा से आया है। यह उस बीमारी को दर्शाता है जो बच्चे को तब होती है जब नया शिशु आता है और उसका दूध छुड़ा दिया जाता है।
जमैका की बाल-रोग विशेषज्ञ सिसिली विलियम्स ने 1933 में इसका औपचारिक विवरण प्रकाशित किया और 1935 में यह नाम प्रस्तुत किया।
एक सावधानी: शोधकर्ता मानते हैं कि केवल प्रोटीन की कमी क्वाशियोरकॉर के विकसित होने की पूरी व्याख्या नहीं करती, और इसका सटीक कारण अब भी विवादित है। फिर भी इस प्रश्न का स्वीकृत उत्तर प्रोटीन की कमी ही है।
याद रखने की बात: क्वाशियोरकॉर = शोफ के साथ प्रोटीन की कमी; मरास्मस = गंभीर क्षय के साथ समग्र ऊर्जा की कमी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)सिलीनियम — सिलीनियम एक सूक्ष्म खनिज है, वृहत् पोषक तत्व नहीं। इसकी कमी केशान रोग से जुड़ी है — हृदय की पेशी का एक रोग, जिसका नाम चीन के केशान काउंटी पर पड़ा, जहाँ इसका पहली बार वर्णन हुआ। यह सिलीनियम की कमी वाली मिट्टी के क्षेत्रों में होता है।
सिलीनियम सिलीनियम-युक्त प्रोटीनों का अंग बनता है, जिनमें कोशिकाओं को ऑक्सीकारक क्षति से बचाने वाले एंज़ाइम और थायरॉइड हॉर्मोन को सक्रिय करने वाले एंज़ाइम शामिल हैं। क्वाशियोरकॉर सूक्ष्म खनिज से जुड़ा विकार नहीं है।
- (3)कार्बोहाइड्रेट्स — कार्बोहाइड्रेट शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। कुल आहारीय ऊर्जा की लंबे समय तक कमी से मरास्मस होता है: वसा और पेशियों का गंभीर क्षय, क्वाशियोरकॉर वाले शोफ के बिना।
दोनों स्थितियाँ प्रोटीन–ऊर्जा कुपोषण के रूप हैं, और किसी बच्चे में दोनों के लक्षण एक साथ दिख सकते हैं (मरास्मिक क्वाशियोरकॉर)। पर प्रोटीन की कमी से परिभाषित रूप क्वाशियोरकॉर है, कार्बोहाइड्रेट की कमी नहीं।
- (4)क्रोमियम — क्रोमियम एक सूक्ष्म तत्व है, जो इंसुलिन की क्रिया से जुड़ा है। इसकी कमी के जो मामले दर्ज हुए, वे लंबे समय तक केवल अंतःशिरा (नस के माध्यम से) पोषण पाने वाले रोगियों के थे। उनमें ग्लूकोज़ सहनशीलता बिगड़ गई, जो क्रोमियम मिलाने पर सुधरी।
यह शर्करा के उपयोग का विकार है। क्वाशियोरकॉर प्रोटीन–ऊर्जा कुपोषण है, जिसका क्रोमियम से कोई संबंध नहीं।
अवधारणा
प्रोटीन–ऊर्जा कुपोषण में वे आहार आते हैं जिनमें प्रोटीन, ऊर्जा (कैलोरी) या दोनों की कमी हो। बच्चों में इसके दो क्लासिक गंभीर रूप हैं — क्वाशियोरकॉर और मरास्मस।
प्रोटीन अमीनो अम्लों से बनते हैं, जिनमें से कुछ शरीर स्वयं नहीं बना सकता और उन्हें भोजन से लेना पड़ता है। प्रोटीन ऊतकों का निर्माण और मरम्मत करते हैं, और एल्ब्यूमिन जैसे रक्त प्रोटीन द्रव को रक्त वाहिकाओं के भीतर बनाए रखने में मदद करते हैं।
क्वाशियोरकॉर के शोफ को प्रायः रक्त में एल्ब्यूमिन की कमी से समझाया जाता है, जिससे द्रव ऊतकों में रिसने लगता है; हालाँकि शोध इसे पूरी तस्वीर का केवल एक हिस्सा मानता है।
मरास्मस ऊर्जा की गंभीर समग्र कमी से होता है। शरीर अपनी ही वसा और पेशियों का उपयोग कर लेता है, जिससे शोफ के बिना अत्यधिक दुबलापन आ जाता है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "आहार एवं पोषण, रक्त समूह एवं Rh कारक" शामिल है, और पोषण की कमी से होने वाले रोग इसी के अंतर्गत आते हैं।
पोषक तत्व दो समूहों में बँटते हैं। वृहत् पोषक तत्व (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा) ऊर्जा और निर्माण-सामग्री देते हैं; सूक्ष्म पोषक तत्व (विटामिन, और सिलीनियम व क्रोमियम जैसे खनिज) कम मात्रा में आवश्यक होते हैं।
यह विषय भारत के जन-स्वास्थ्य से जुड़ता है। यहाँ बाल कुपोषण को ठिगनापन, दुबलापन और कम वज़न जैसे संकेतकों से आँका जाता है, और एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से इससे निपटा जाता है।
मुख्य तथ्य
- क्वाशियोरकॉर बच्चों में गंभीर प्रोटीन कुपोषण है, जिसकी पहचान शोफ और वसा के जमाव वाले बढ़े हुए यकृत से होती है।
- मरास्मस मुख्यतः ऊर्जा (कैलोरी) की कमी है, जिसकी पहचान शोफ के बजाय गंभीर क्षय और वज़न घटने से होती है।
- क्वाशियोरकॉर शब्द घाना के तटीय क्षेत्र की गा भाषा से आया है; सिसिली विलियम्स ने 1935 में यह नाम प्रस्तुत किया।
- सिलीनियम की कमी केशान रोग से जुड़ी है, जो हृदय की पेशी का रोग है और जिसका नाम चीन के केशान काउंटी पर पड़ा।
- शोध के अनुसार केवल प्रोटीन का कम सेवन क्वाशियोरकॉर के विकसित होने की पूरी व्याख्या नहीं करता; इसका सटीक कारण अब भी विवादित है।
क्वाशियोरकॉर और मरास्मस दोनों प्रोटीन–ऊर्जा कुपोषण हैं; सिलीनियम और क्रोमियम सूक्ष्म खनिज हैं, जिनकी कमी के प्रभाव अलग हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कार्बोहाइड्रेट (ऊर्जा) की कमी मरास्मस की ओर संकेत करती है, क्वाशियोरकॉर की ओर नहीं। दोनों प्रोटीन–ऊर्जा कुपोषण हैं, इसलिए रोग मिलाने से पहले देखिए कि प्रश्न में कौन-सा पोषक तत्व दिया है।
- सिलीनियम और क्रोमियम सूक्ष्म खनिज हैं। क्वाशियोरकॉर वृहत् पोषक तत्व का विकार है, इसलिए विकल्पों में दिया गया कोई सूक्ष्म तत्व कमी-जनित रोगों के दूसरे परिवार का है।
- शोफ के कारण क्वाशियोरकॉर से पीड़ित बच्चा दुबला न दिखकर फूला हुआ दिख सकता है, जिससे कुपोषण छिप जाता है। इसकी पहचान सूजन से होती है, दिखने वाले दुबलेपन से नहीं।
कोई प्रश्न रोग का नाम देकर उसकी कमी वाला पोषक तत्व पूछ सकता है, या पोषक तत्व का नाम देकर रोग पूछ सकता है।
कोई प्रश्न क्वाशियोरकॉर और मरास्मस को उनके लक्षणों — शोफ बनाम क्षय — के आधार पर अलग करवा सकता है। कोई प्रश्न कमी-जनित रोगों को विटामिनों और खनिजों के साथ सुमेलन सूची में भी रख सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मरास्मस, जो बच्चों में कुपोषण का एक प्रकार है, मुख्य रूप से किसकी लंबे समय तक कमी से होता है ?
- (a)आयोडीन
- (b)कुल आहारीय ऊर्जा (कैलोरी)
- (c)विटामिन C
- (d)सिलीनियम
उत्तर(2) — मरास्मस कुल ऊर्जा की गंभीर कमी है, जिसमें शरीर अपनी ही वसा और पेशियों का उपयोग कर लेता है। विकल्प (1) आयोडीन घेंघा से जुड़ा है; विकल्प (3) विटामिन C स्कर्वी से; और विकल्प (4) सिलीनियम केशान रोग से। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षण क्वाशियोरकॉर को मरास्मस से अलग करता है ?
- (a)रुकी हुई वृद्धि
- (b)पैरों और टाँगों का शोफ
- (c)आयु के अनुपात में कम शारीरिक वज़न
- (d)कमज़ोरी और थकान
उत्तर(2) — शोफ क्वाशियोरकॉर की विशिष्ट पहचान है और मरास्मस में नहीं होता। विकल्प (1), (3) और (4) प्रोटीन–ऊर्जा कुपोषण के दोनों रूपों में दिखते हैं, इसलिए इनमें से कोई भी दोनों को अलग नहीं करता।