निम्नलिखित में से कौन सा कथन सक्रिय इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे रडार (AESA) के लिए सही नहीं हैं ?
- (1)यह कई लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम नहीं है ।
- (2)विस्तृत बैंड आर एफ फ्रंट एंड इस रडार की विशेषता है ।
- (3)यह ठोस–अवस्था एक्टिव फ़ेज एरे फायर कंट्रोल रडार है ।
- (4)इसे विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमान के लिए अनुकूलित किया जा सकता है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), यह कई लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम नहीं है ।
प्रश्न वह कथन पूछता है जो सही नहीं है। डीआरडीओ की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं रडार विकास स्थापना (LRDE) द्वारा विकसित सक्रिय इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार का डीआरडीओ का उत्पाद-विवरण हर विकल्प का निर्णय कर देता है।
विकल्प (1), यह कई लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम नहीं है, उस विवरण के विपरीत है। डीआरडीओ के अनुसार यह रडार कई लक्ष्यों को उच्च सटीकता से ट्रैक करने में सक्षम है, जो मिसाइल दागने के लिए उपयुक्त है। इसलिए विकल्प (1) का कथन सही नहीं है।
विकल्प (2) विवरण से मेल खाता है: गिनाई गई विशेषताओं में विस्तृत बैंड आर एफ फ्रंट एंड है।
विकल्प (3) मेल खाता है: डीआरडीओ इसे मल्टीमोड, ठोस–अवस्था एक्टिव फ़ेज एरे फायर कंट्रोल रडार कहता है।
विकल्प (4) मेल खाता है: इसका स्केलेबल आर्किटेक्चर विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।
याद रखने की बात: कई लक्ष्यों को ट्रैक करना AESA रडार की गिनाई गई क्षमता है, कोई सीमा नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)विस्तृत बैंड आर एफ फ्रंट एंड इस रडार की विशेषता है । — यह कथन सही है, इसलिए यह 'सही नहीं' वाला कथन नहीं हो सकता। डीआरडीओ रडार की विशेषताओं में सबसे पहले विस्तृत बैंड आर एफ फ्रंट एंड गिनाता है।
उसी सूची में आगे अत्यंत निम्न एंटेना साइड लोब, आवृत्ति और तरंगरूप में शीघ्र परिवर्तन की क्षमता, जैमर दमन, लो प्रोबेबिलिटी ऑफ इंटरसेप्ट और नॉन को-ऑपरेटिव टारगेट रिकग्निशन हैं।
- (3)यह ठोस–अवस्था एक्टिव फ़ेज एरे फायर कंट्रोल रडार है । — यह कथन सही है। डीआरडीओ इस रडार को मल्टीमोड, ठोस–अवस्था एक्टिव फ़ेज एरे फायर कंट्रोल रडार बताता है।
'एक्टिव' का अर्थ है कि एरे के हर एलिमेंट का अपना ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल होता है। 'फायर कंट्रोल' का अर्थ है कि यह हथियारों के प्रयोग में सहायता करता है — यहाँ, मिसाइल दागने के लिए पर्याप्त सटीकता से लक्ष्यों को ट्रैक करना।
- (4)इसे विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमान के लिए अनुकूलित किया जा सकता है । — यह कथन सही है। डीआरडीओ के अनुसार इस रडार का स्केलेबल आर्किटेक्चर है जिसे विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।
इसमें हर प्रकार के भू-भाग में संचालन के लिए बारी-बारी से चलने वाले हवा से हवा, हवा से ज़मीन और हवा से समुद्र मोड भी हैं।
अवधारणा
फ़ेज एरे रडार अपने बीम की दिशा एंटेना को भौतिक रूप से घुमाकर नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक रूप से बदलता है — अनेक एंटेना एलिमेंटों पर संकेतों की फ़ेज समायोजित करके।
सक्रिय इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे में हर एलिमेंट का अपना छोटा ठोस–अवस्था ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल होता है। निष्क्रिय इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (PESA) में एक केंद्रीय ट्रांसमीटर फ़ेज शिफ्टरों के माध्यम से एलिमेंटों को संकेत देता है।
घुमाने के लिए कोई एंटेना न होने से AESA अपने बीम को एक दिशा से दूसरी दिशा में बहुत तेज़ी से ले जा सकता है। इससे उसे कई लक्ष्यों को ट्रैक में रखने और हवा से हवा तथा हवा से ज़मीन जैसे मोड बारी-बारी से चलाने में मदद मिलती है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "रक्षा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं उपग्रह" शामिल है। डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं के बनाए स्वदेशी रडार इसी में आते हैं।
लड़ाकू विमान का रडार तय करता है कि वह कितनी दूर और कितने लक्ष्य देख सकता है, और क्या वह उन पर मिसाइलों को निर्देशित कर सकता है। स्वदेशी AESA रडार तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के लिए आयातित रडारों पर निर्भरता घटा सकता है।
डीआरडीओ का उत्पाद-पृष्ठ इस रडार को अपने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार प्रणाली क्लस्टर के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं रडार विकास स्थापना (LRDE) से जोड़ता है।
मुख्य तथ्य
- डीआरडीओ का AESA रडार स्केलेबल आर्किटेक्चर वाला मल्टीमोड, ठोस–अवस्था एक्टिव फ़ेज एरे फायर कंट्रोल रडार है, जिसे LRDE ने विकसित किया।
- इसे विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।
- गिनाई गई विशेषताएँ: विस्तृत बैंड आर एफ फ्रंट एंड, अत्यंत निम्न एंटेना साइड लोब, आवृत्ति और तरंगरूप में शीघ्र परिवर्तन की क्षमता, जैमर दमन, लो प्रोबेबिलिटी ऑफ इंटरसेप्ट, नॉन को-ऑपरेटिव टारगेट रिकग्निशन।
- यह कई लक्ष्यों को उच्च सटीकता से ट्रैक कर सकता है, जो मिसाइल दागने के लिए उपयुक्त है; इसमें बारी-बारी से चलने वाले हवा से हवा, हवा से ज़मीन और हवा से समुद्र मोड हैं।
- AESA में एरे के हर एलिमेंट का अपना ठोस–अवस्था ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल होता है; निष्क्रिय एरे में एक ट्रांसमीटर सभी एलिमेंटों को संकेत देता है।
स्रोत: डीआरडीओ उत्पाद-पृष्ठ, Active Electronically Scanned Array Radar (LRDE)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक 'नहीं' किसी गिनाई गई क्षमता को गलत कथन बना सकता है, जबकि आसपास के सभी तकनीकी शब्द सही बने रहते हैं। देखिए कि वाक्य रडार के बारे में क्या कर सकने या न कर सकने का दावा करता है, केवल उसकी शब्दावली नहीं।
- सक्रिय और निष्क्रिय, दोनों फ़ेज एरे बीम की दिशा इलेक्ट्रॉनिक रूप से बदलते हैं। 'सक्रिय' (एक्टिव) का अर्थ हर एलिमेंट पर ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल होना है, रडार का चालू होना नहीं।
- लो प्रोबेबिलिटी ऑफ इंटरसेप्ट वह विशेषता है जो रडार के अपने उत्सर्जन को दूसरों के लिए पकड़ना कठिन बनाती है। इसका अर्थ यह नहीं कि रडार को लक्ष्य पकड़ने में कठिनाई होती है।
कोई प्रश्न किसी प्रणाली की वास्तविक विशेषताएँ गिनाकर उनमें एक नकारात्मक कथन रख सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है। कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि AESA रडार में कौन-सी क्षमता है, जैसे बहु-लक्ष्य ट्रैकिंग या जैमर दमन।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि AESA, निष्क्रिय एरे या यांत्रिक रूप से स्कैन करने वाले रडार से कैसे भिन्न है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सक्रिय इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार में बीम की दिशा किसके द्वारा बदली जाती है?
- (a)एंटेना को यांत्रिक रूप से घुमाकर
- (b)अनेक ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूलों पर संकेतों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से नियंत्रित करके
- (c)परावर्तक डिश को हिलाकर
- (d)विमान की दिशा बदलकर
उत्तर(2) — AESA हर एलिमेंट पर लगे ठोस–अवस्था ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल की सहायता से बीम की दिशा इलेक्ट्रॉनिक रूप से बदलता है। विकल्प (1) और (3) यांत्रिक स्कैनिंग का वर्णन करते हैं, और विकल्प (4) बीम को नहीं, पूरे प्लेटफ़ॉर्म को घुमाता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
डीआरडीओ द्वारा अपने AESA फायर कंट्रोल रडार के लिए गिनाई गई निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : A. जैमर दमन B. लो प्रोबेबिलिटी ऑफ इंटरसेप्ट C. नॉन को-ऑपरेटिव टारगेट रिकग्निशन उपर्युक्त में से कौन-सी सही हैं?
- (a)केवल A और B
- (b)केवल B और C
- (c)केवल A और C
- (d)A, B और C
उत्तर(4) — डीआरडीओ की विशेषता-सूची में ये तीनों हैं, साथ में विस्तृत बैंड आर एफ फ्रंट एंड, अत्यंत निम्न एंटेना साइड लोब और आवृत्ति व तरंगरूप में शीघ्र परिवर्तन की क्षमता भी। विकल्प (1), (2) और (3) में से हर एक किसी एक गिनाई गई विशेषता को छोड़ देता है।