‘डीआरडीओ’ द्वारा हवाई खतरों को निष्क्रिय करने हेतु विकसित मानव पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली का नाम क्या है ?
- (1)Akash-NG
- (2)QRSAM
- (3)VL-SRSAM
- (4)VSHORADS
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), VSHORADS.
VSHORADS का पूरा नाम Very Short Range Air Defence System (अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली) है। रक्षा मंत्रालय, पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के माध्यम से, इसे मानव पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली (MANPADS) बताता है, जिसे डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमारत (RCI), हैदराबाद ने डीआरडीओ की अन्य प्रयोगशालाओं और उद्योग साझेदारों के साथ स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और विकसित किया।
यह कम ऊँचाई के हवाई खतरों को कम दूरी पर निष्क्रिय करने के लिए है, और इसकी मिसाइल व लॉन्चर आसानी से ले जाने योग्य बनाए गए हैं। 1 फरवरी 2025 को घोषित परीक्षणों में दो फील्ड ऑपरेटरों ने हथियार की तैयारी, लक्ष्य की पहचान और फायरिंग की।
इसलिए मानव पोर्टेबल प्रणाली VSHORADS है। शेष तीनों डीआरडीओ की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियाँ हैं जो समर्पित लॉन्चरों से दागी जाती हैं; Akash-NG और QRSAM के साथ रडार और कमांड प्रणालियाँ भी होती हैं।
याद रखने की बात: मानव पोर्टेबल = VSHORADS; Akash-NG, QRSAM और VL-SRSAM लॉन्चर-आधारित प्रणालियाँ हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)Akash-NG — Akash-NG (न्यू जनरेशन आकाश) डीआरडीओ की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, मानव पोर्टेबल नहीं। 12 जनवरी 2024 के इसके उड़ान परीक्षण ने पूरी हथियार प्रणाली को प्रमाणित किया: स्वदेशी RF सीकर वाली मिसाइल, लॉन्चर, मल्टी-फंक्शन रडार और कमांड, कंट्रोल व संचार प्रणाली।
PIB इसे तेज़ गति वाले, फुर्तीले हवाई खतरों को भेदने में सक्षम बताता है।
- (2)QRSAM — QRSAM क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल) है, जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया और भारतीय सेना के साथ इसका उड़ान परीक्षण हुआ। इसमें मोबाइल लॉन्चर, निगरानी और मल्टी-फंक्शन रडार, और पूरी तरह स्वचालित कमांड व कंट्रोल प्रणाली है।
इसकी विशेषता है कि यह चलते हुए खोज और ट्रैक कर सकती है और थोड़ी देर रुककर फायर कर सकती है — यह वाहन पर चलने वाली प्रणाली है, मानव पोर्टेबल नहीं।
- (3)VL-SRSAM — VL-SRSAM वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपित कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल) है, जिसका उड़ान परीक्षण डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने किया। 12 सितंबर 2024 का इसका उड़ान परीक्षण ज़मीन पर स्थित ऊर्ध्वाधर लॉन्चर से, तेज़ गति वाले, कम ऊँचाई के लक्ष्य पर किया गया।
ऊर्ध्वाधर लॉन्चर से दागी जाने वाली मिसाइल ऐसी प्रणाली नहीं है जिसे सैनिक साथ लेकर चले।
अवधारणा
वायु रक्षा प्रणालियों को उनकी मारक दूरी और तैनाती के तरीके से अलग पहचाना जा सकता है। कम दूरी वाले छोर पर मानव पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली (MANPADS) ऐसी मिसाइल प्रणाली है जिसे सैनिक साथ ले जाकर दाग सकते हैं।
VSHORADS डीआरडीओ की MANPADS है। इसकी मिसाइल में डुअल-थ्रस्ट सॉलिड मोटर, छोटा किया गया रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम और एकीकृत एवियोनिक्स हैं; मार्च 2023 की परीक्षण विज्ञप्ति इसमें डुअल-बैंड इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) सीकर भी बताती है।
अक्टूबर 2024 में डीआरडीओ ने कहा कि VSHORADS मिसाइलों का विकास पूरा हो गया है, और दो उत्पादन एजेंसियों को विकास-सह-उत्पादन साझेदार बनाया गया है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "रक्षा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं उपग्रह" शामिल है। डीआरडीओ के मिसाइल कार्यक्रम, अपने नामों और भूमिकाओं के साथ, इसी में आते हैं।
वायु रक्षा को मारक दूरी के आधार पर परतों में व्यवस्थित किया जा सकता है। अधिक दूरी की मिसाइलें बड़े क्षेत्रों की रक्षा करती हैं; त्वरित प्रतिक्रिया और कम दूरी की प्रणालियाँ चलते सैन्य दस्तों और जहाज़ों की रक्षा कर सकती हैं; और मानव पोर्टेबल मिसाइलों से सैनिक ड्रोन जैसे पास के, नीची उड़ान वाले खतरों का सामना कर सकते हैं।
राजस्थान से संबंध सीधा है: 3 और 4 अक्टूबर 2024 को डीआरडीओ के VSHORADS के तीन उड़ान परीक्षण राजस्थान की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुए।
मुख्य तथ्य
- VSHORADS = Very Short Range Air Defence System, डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद द्वारा विकसित मानव पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली।
- VSHORADS कम ऊँचाई के हवाई खतरों को कम दूरी पर निष्क्रिय करने के लिए है और डुअल-थ्रस्ट सॉलिड मोटर से संचालित होती है।
- VSHORADS का उड़ान परीक्षण 3–4 अक्टूबर 2024 को राजस्थान की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ; सितंबर 2022, मार्च 2023, फरवरी 2024 और फरवरी 2025 में सूचित इसके परीक्षण चांदीपुर, ओडिशा में हुए थे।
- QRSAM (क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल), जिसका परीक्षण भारतीय सेना के साथ हुआ, चलते हुए खोज और ट्रैक कर सकती है और थोड़ी देर रुककर फायर कर सकती है।
- VL-SRSAM (वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) का उड़ान परीक्षण डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने किया; Akash-NG न्यू जनरेशन आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
स्रोत: PIB पर रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्तियाँ, 2022–2025। SAM = सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दो विकल्पों के पूरे नामों में 'Short Range' है। VL-SRSAM ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है जिसका परीक्षण नौसेना के साथ हुआ; VSHORADS अति लघु दूरी की, मानव पोर्टेबल प्रणाली है।
- Akash-NG और अस्त्र दोनों डीआरडीओ की मिसाइलें हैं, पर भूमिका अलग है: Akash-NG सतह से हवा में मार करती है, जबकि अस्त्र दृश्य सीमा से परे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
- 3–4 अक्टूबर 2024 के VSHORADS परीक्षण पोकरण, राजस्थान में हुए, पर सितंबर 2022, मार्च 2023, फरवरी 2024 और फरवरी 2025 में सूचित परीक्षण एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर में हुए थे। परीक्षण स्थल को उसकी तिथि के साथ जोड़कर याद रखिए।
कोई प्रश्न कोई भूमिका — मानव पोर्टेबल, ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपण, चलते हुए त्वरित प्रतिक्रिया — देकर पूछ सकता है कि डीआरडीओ की कौन-सी प्रणाली उसमें ठीक बैठती है, जैसा यह प्रश्न करता है। कोई प्रश्न सुमेलन सूची में प्रणालियों को किसी विशेषता से या उनका परीक्षण करने वाली सेना से भी मिलवा सकता है।
कोई प्रश्न यह पूछ सकता है कि किसी प्रणाली का उड़ान परीक्षण कहाँ या कब हुआ, जैसे अक्टूबर 2024 में पोकरण।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अक्टूबर 2024 में डीआरडीओ ने अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) का उड़ान परीक्षण कहाँ किया?
- (a)एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर
- (b)पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज
- (c)अब्दुल कलाम द्वीप
- (d)महाजन फील्ड फायरिंग रेंज
उत्तर(2) — PIB ने 3 और 4 अक्टूबर 2024 को राजस्थान की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में VSHORADS के तीन उड़ान परीक्षणों की सूचना दी। विकल्प (1) चांदीपुर में सितंबर 2022, मार्च 2023, फरवरी 2024 और फरवरी 2025 में सूचित परीक्षण हुए थे, और विकल्प (3) व (4) अक्टूबर 2024 के परीक्षणों के स्थल नहीं थे। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
डीआरडीओ की वायु रक्षा प्रणाली को उसकी विशेषता से सुमेलित कीजिए : A. QRSAM – i. मानव पोर्टेबल B. VL-SRSAM – ii. चलते हुए खोज और ट्रैक करती है, थोड़ी देर रुककर फायर करती है C. VSHORADS – iii. ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपण, भारतीय नौसेना के साथ उड़ान परीक्षण कूट :
- (a)A-ii, B-iii, C-i
- (b)A-iii, B-ii, C-i
- (c)A-i, B-iii, C-ii
- (d)A-ii, B-i, C-iii
उत्तर(1) — QRSAM थोड़ी देर रुककर फायर करती है (A-ii), VL-SRSAM ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपित होती है और उसका परीक्षण नौसेना के साथ हुआ (B-iii), और VSHORADS मानव पोर्टेबल है (C-i)। विकल्प (2) A और B को आपस में बदलता है, विकल्प (3) A और C को, और विकल्प (4) B और C को।