निम्नलिखित में से उस लेयर की पहचान करें जो IoT डिवाइसों में वायरलेस कनेक्शन के लिए उपयोग की जाती है :
- (1)एप्लिकेशन लेयर
- (2)परसेप्शन लेयर
- (3)नेटवर्क लेयर
- (4)ट्रांसपोर्ट लेयर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), नेटवर्क लेयर.
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) प्रणाली के बुनियादी मॉडल में तीन लेयर होती हैं: परसेप्शन, नेटवर्क और एप्लिकेशन। IoT आर्किटेक्चर का 2020 का एक तुलनात्मक अध्ययन (dos Santos और अन्य), जो तीन से सात लेयर तक के मॉडलों की तुलना करता है, इसका वर्णन इसी प्रकार करता है।
परसेप्शन लेयर में थिंग्स (वस्तुएँ) होती हैं: सूचना ग्रहण करने वाले सेंसर और वातावरण पर क्रिया करने वाले एक्चुएटर। नेटवर्क लेयर हर थिंग को दूसरी थिंग्स, नेटवर्क डिवाइसों और सर्वरों से जोड़ती है। एप्लिकेशन लेयर अंतिम उपयोगकर्ता को सेवाएँ देती है।
वायरलेस कनेक्शन डिवाइस को प्रणाली के शेष भाग से जोड़ता है, इसलिए वह नेटवर्क लेयर का काम है। Wi-Fi, Bluetooth, ZigBee, LoRaWAN और सेलुलर नेटवर्क इस जुड़ाव में प्रयोग होने वाली तकनीकों के उदाहरण हैं।
याद रखने की बात: परसेप्शन लेयर सूचना ग्रहण करती है, नेटवर्क लेयर जोड़ती है, एप्लिकेशन लेयर सेवा देती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)एप्लिकेशन लेयर — एप्लिकेशन लेयर वह है जहाँ IoT डेटा सेवा बनता है — स्मार्ट-होम ऐप, खेत का डैशबोर्ड, शहर की निगरानी प्रणाली। यह पहले से पहुँच चुके डेटा का उपयोग करती है; वायरलेस कनेक्शन नहीं बनाती।
यह उस प्रश्न का उत्तर है जो पूछे कि कौन-सी लेयर अंतिम उपयोगकर्ता को सेवाएँ देती है।
- (2)परसेप्शन लेयर — परसेप्शन लेयर संवेदन की लेयर है: सेंसर सूचना एकत्र करते हैं और एक्चुएटर वातावरण पर क्रिया करते हैं। यह वह डेटा बनाती है जिसे बाद में वायरलेस कनेक्शन आगे ले जाता है।
यह उस प्रश्न का उत्तर है जो पूछे कि IoT प्रणाली में कौन-सी लेयर डेटा को महसूस या एकत्र करती है।
- (4)ट्रांसपोर्ट लेयर — ट्रांसपोर्ट लेयर IoT की तीन लेयरों में से नहीं है। TCP/IP और OSI नेटवर्किंग मॉडलों में यह TCP और UDP जैसे प्रोटोकॉल के साथ प्रोग्रामों के बीच एंड-टू-एंड डिलीवरी सँभालती है, रेडियो लिंक स्वयं नहीं।
कुछ पाँच-लेयर IoT मॉडल थिंग्स से प्रोसेसिंग लेयर तक डेटा ले जाने वाली लेयर को ट्रांसपोर्ट लेयर कहते हैं। तीन-लेयर मॉडल में, जिसकी लेयरों के नाम विकल्प (1) से (3) में हैं, जोड़ने का काम नेटवर्क लेयर का है।
अवधारणा
इंटरनेट ऑफ थिंग्स भौतिक वस्तुओं का ऐसा नेटवर्क है जिनमें सेंसर, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी लगी होती है, ताकि वे डेटा एकत्र कर सकें और उसका आदान-प्रदान कर सकें।
लेयर वाले मॉडल IoT प्रणाली का वर्णन हर भाग के काम के आधार पर करते हैं। तीन-लेयर मॉडल में परसेप्शन लेयर संवेदन करती है, नेटवर्क लेयर थिंग्स, नेटवर्क डिवाइसों और सर्वरों के बीच डेटा ले जाती है, और एप्लिकेशन लेयर डेटा को सेवाओं में बदलती है।
अधिक विस्तृत मॉडल इन कामों को और बाँटते हैं। पाँच-लेयर मॉडल एक प्रोसेसिंग लेयर और एक बिज़नेस लेयर जोड़ता है, और थिंग्स तथा प्रोसेसिंग लेयर के बीच डेटा ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट लेयर का प्रयोग करता है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "कम्प्यूटर्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी" शामिल है। IoT आर्किटेक्चर इसी शीर्षक में, Wi-Fi और Bluetooth जैसी वायरलेस तकनीकों के साथ आता है।
लेयरों के नाम एक मॉडल से दूसरे मॉडल में भी मिलते हैं। "नेटवर्क" और "ट्रांसपोर्ट" IoT आर्किटेक्चर में भी हैं और कंप्यूटर नेटवर्किंग के OSI तथा TCP/IP मॉडलों में भी, जहाँ इनका अर्थ अधिक सीमित है। कोई नाम किस मॉडल का है और वहाँ क्या काम करता है, यह जानना इन्हें अलग रखता है।
IoT की नेटवर्क लेयर पर काम करने वाली वायरलेस तकनीकों की पहुँच अलग-अलग है: Bluetooth सामान्यतः पास-पास के डिवाइसों को जोड़ता है, जबकि सेलुलर नेटवर्क बड़े क्षेत्रों को कवर करते हैं।
मुख्य तथ्य
- तीन-लेयर IoT मॉडल में परसेप्शन लेयर, नेटवर्क लेयर और एप्लिकेशन लेयर होती हैं।
- परसेप्शन लेयर: सूचना ग्रहण करने वाले सेंसर और वातावरण पर क्रिया करने वाले एक्चुएटर।
- नेटवर्क लेयर: Wi-Fi, Bluetooth, ZigBee, LoRaWAN और सेलुलर नेटवर्क जैसी तकनीकों से थिंग्स को दूसरी थिंग्स, नेटवर्क डिवाइसों और सर्वरों से जोड़ती है।
- एप्लिकेशन लेयर: अंतिम उपयोगकर्ता को सेवाएँ देती है, जैसे स्मार्ट-होम, स्मार्ट-फार्मिंग या स्मार्ट-सिटी एप्लिकेशन।
- पाँच-लेयर IoT मॉडल प्रोसेसिंग और बिज़नेस लेयर जोड़ता है, और ट्रांसपोर्ट लेयर थिंग्स तथा प्रोसेसिंग लेयर के बीच डेटा ले जाती है।
ऊपर से नीचे। ट्रांसपोर्ट लेयर TCP/IP–OSI की लेयर का नाम है, और कुछ पाँच-लेयर IoT मॉडलों में उस लेयर का नाम जो डेटा को प्रोसेसिंग लेयर तक ले जाती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'ट्रांसपोर्ट लेयर' का अर्थ अलग-अलग मॉडलों में अलग है: TCP/IP और OSI में एंड-टू-एंड डिलीवरी (TCP, UDP), और कुछ पाँच-लेयर IoT मॉडलों में प्रोसेसिंग लेयर तक डेटा पहुँचाना। कौन-सा मॉडल लागू है, यह जानने के लिए विकल्पों में दिए दूसरी लेयरों के नाम पढ़िए।
- सेंसर डेटा बनाते हैं, उसे आगे नहीं ले जाते। डेटा एकत्र करना परसेप्शन लेयर का काम है; उसे ले जाने वाला वायरलेस कनेक्शन नेटवर्क लेयर का।
- विक्रेताओं (वेंडर) के IoT आर्किटेक्चर जोड़ने वाली लेयर को 'गेटवे' कह सकते हैं: 2020 के तुलनात्मक अध्ययन ने जिन सात औद्योगिक आर्किटेक्चरों को जाँचा, उनमें से पाँच में यह शब्द या इससे मिलता-जुलता शब्द मिला। यही शब्द उन डिवाइसों के लिए भी आता है जो डिवाइसों के समूह की ओर से डेटा प्रोसेस करते हैं, इसलिए किसी घटक को उसके नाम से नहीं, उसके काम से पहचानिए।
कोई प्रश्न कोई कार्य — संवेदन, वायरलेस कनेक्शन या उपयोगकर्ता सेवाएँ — बताकर पूछ सकता है कि IoT की कौन-सी लेयर उसे करती है, जैसा यह प्रश्न करता है। कोई प्रश्न सुमेलन सूची में हर लेयर को उसकी भूमिका से भी मिलवा सकता है।
कोई प्रश्न स्वयं वायरलेस मानकों के बारे में भी पूछ सकता है, जैसे Bluetooth और Wi-Fi किन आवृत्ति बैंडों का प्रयोग करते हैं।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के तीन-लेयर आर्किटेक्चर में सेंसर और एक्चुएटर किस लेयर से संबंधित हैं?
- (a)एप्लिकेशन लेयर
- (b)नेटवर्क लेयर
- (c)परसेप्शन लेयर
- (d)सेशन लेयर
उत्तर(3) — परसेप्शन लेयर में थिंग्स अपने सेंसरों और एक्चुएटरों के साथ होती हैं। विकल्प (1) उपयोगकर्ताओं को सेवाएँ देती है, विकल्प (2) डिवाइसों को सर्वरों से जोड़ती है, और विकल्प (4) OSI की लेयर का नाम है, IoT लेयर नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
IoT लेयर को उसके कार्य से सुमेलित कीजिए : A. परसेप्शन लेयर – i. अंतिम उपयोगकर्ता को सेवाएँ देती है B. नेटवर्क लेयर – ii. सेंसरों के माध्यम से सूचना ग्रहण करती है C. एप्लिकेशन लेयर – iii. थिंग्स को दूसरे डिवाइसों और सर्वरों से जोड़ती है कूट :
- (a)A-ii, B-iii, C-i
- (b)A-i, B-ii, C-iii
- (c)A-iii, B-i, C-ii
- (d)A-ii, B-i, C-iii
उत्तर(1) — परसेप्शन लेयर सूचना ग्रहण करती है (A-ii), नेटवर्क लेयर जोड़ती है (B-iii), एप्लिकेशन लेयर उपयोगकर्ताओं को सेवा देती है (C-i)। विकल्प (2) और (3) हर जोड़ी गलत बनाते हैं, और विकल्प (4) नेटवर्क और एप्लिकेशन लेयर को आपस में बदल देता है।