राजस्थान की मुख्यमन्त्री स्वनिधि योजना का उद्देश्य है
- (1)गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों का सशक्तिकरण
- (2)अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवारों का सशक्तिकरण
- (3)स्ट्रीट वेन्डर्स का सशक्तिकरण
- (4)गर्भवती व दुग्धपान कराने वाली महिलाओं का सशक्तिकरण
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), स्ट्रीट वेन्डर्स का सशक्तिकरण.
योजना का नाम ही उसके लक्ष्य समूह की ओर संकेत करता है। यह नाम केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi — PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi) से लिया गया है, जिसे उसका आधिकारिक पोर्टल स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए एक विशेष सूक्ष्म ऋण (माइक्रो-क्रेडिट) सुविधा बताता है।
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2024-25 मुख्यमन्त्री स्वनिधि योजना को बैंक ऋण के माध्यम से चलाए जाने वाले गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में गिनाती है।
First India की 29 दिसंबर 2024 की एक रिपोर्ट ने इसे स्वायत्त शासन विभाग की योजना बताया: तीन चरणों में — ₹10,000, ₹20,000 और ₹50,000 — बिना गारंटी के ऋण, और समय पर चुकाने पर 7% ब्याज अनुदान।
उसी रिपोर्ट के अनुसार यह योजना पीएम स्वनिधि से छूटे शहरी असंगठित श्रमिकों तक पहुँचती है, जैसे फेरीवाले, गिग वर्कर्स और घरेलू कामगार। चारों विकल्पों में केवल स्ट्रीट वेन्डर्स का सशक्तिकरण आजीविका से पहचाने जाने वाले समूह का नाम लेता है, और योजना का नाम तथा चरणबद्ध ऋण का ढाँचा स्ट्रीट वेन्डर्स की केंद्रीय योजना से आए हैं।
याद रखने की बात: SVANidhi का अर्थ है Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi — स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए ऋण।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों का सशक्तिकरण — इस योजना का लक्ष्य समूह आजीविका से तय होता है — स्ट्रीट वेंडिंग और उसी तरह का शहरी काम — गरीबी की रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) होने की स्थिति से नहीं।
बी.पी.एल. राजस्थान की दूसरी योजनाओं में आता है। उदाहरण के लिए, आस्था योजना उन परिवारों को बी.पी.एल. कार्ड धारकों के लाभ देती है जिनके दो या अधिक सदस्यों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता हो।
- (2)अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवारों का सशक्तिकरण — यह योजना जाति-वर्गों के आधार पर नहीं बनी है। इसका नाम और वह केंद्रीय योजना जिसकी तर्ज़ पर यह बनी है, दोनों स्ट्रीट वेन्डर्स की ओर संकेत करते हैं, वे किसी भी सामाजिक वर्ग के हों।
जिन योजनाओं के लाभार्थियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति गिनाई जाती हैं, वे अलग हैं। उदाहरण के लिए, RPSC के 2016 के प्रश्नपत्र की कुंजी में अनुप्रति योजना थी।
यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों तथा अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के बी.पी.एल. अभ्यर्थियों को नकद प्रोत्साहन देती है, जो सिविल सेवा परीक्षाओं में चयनित हों या IIT, IIM और राष्ट्रीय स्तर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाएँ।
- (4)गर्भवती व दुग्धपान कराने वाली महिलाओं का सशक्तिकरण — यह समूह मातृ स्वास्थ्य और पोषण की योजनाओं का है, स्ट्रीट वेन्डर्स की ऋण योजना का नहीं।
RPSC के 2023 के प्रश्नपत्र की कुंजी में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना थी — उस योजना के रूप में जिसका लक्ष्य गर्भवती और दुग्धपान कराने वाली महिलाओं तथा उनके शिशुओं (0-6 माह) का स्वास्थ्य और पोषण है।
अवधारणा
स्ट्रीट वेन्डर्स ठेलों, स्टॉलों और फुटपाथों से व्यापार करते हैं और उन्हें प्रायः कार्यशील पूँजी की छोटी रकम की ज़रूरत पड़ती है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने जून 2020 में पीएम स्वनिधि शुरू की, ताकि उन्हें कार्यशील पूँजी के छोटे ऋण मिल सकें।
इसके पोर्टल के अनुसार यह योजना उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध है जिन्होंने पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के अंतर्गत नियम और योजना अधिसूचित की है।
राजस्थान की मुख्यमन्त्री स्वनिधि योजना इसी ऋण मॉडल को राज्य की योजना में ले आती है। दिसंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार यह केंद्रीय योजना से बाहर रह गए शहरी असंगठित श्रमिकों को चरणबद्ध, बिना गारंटी के ऋण देती है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ : अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यकों, निःशक्तजनों, निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, कृषकों एवं श्रमिकों के लिए।" शामिल है। स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए ऋण योजना इस सूची के श्रमिकों वाले छोर पर आती है।
राजस्थान में शहरी स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए एक से अधिक ऋण योजनाएँ चली हैं। आर्थिक समीक्षा 2023-24 इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना का वर्णन करती है, जिसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के 5 लाख स्ट्रीट वेन्डर्स को ₹50,000 के ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
5 लाख का आँकड़ा लक्ष्य है, दिए गए ऋणों की गिनती नहीं: 31 मार्च 2024 तक 2,49,000 लाभार्थियों को ₹710 करोड़ वितरित किए जा चुके थे।
किसी योजना का नाम उसका लक्ष्य समूह बता सकता है: स्वनिधि स्ट्रीट वेन्डर्स की ओर संकेत करता है, जैसे मातृ वंदना माताओं की ओर।
मुख्य तथ्य
- पीएम स्वनिधि का पूरा नाम PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi है; इसका पोर्टल इसे स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए विशेष सूक्ष्म ऋण सुविधा बताता है।
- पीएम स्वनिधि जून 2020 में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने शुरू की।
- पीएम स्वनिधि उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध है जिन्होंने पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के अंतर्गत नियम और योजना अधिसूचित की है।
- राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2024-25 मुख्यमन्त्री स्वनिधि योजना को बैंक ऋण से चलने वाले गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में गिनाती है।
- पहले की इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना में 31 मार्च 2024 तक 2,49,000 लाभार्थियों को ₹710 करोड़ वितरित किए जा चुके थे।
स्रोत: पीएम स्वनिधि पोर्टल (आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय); आर्थिक समीक्षा 2024-25, राजस्थान सरकार।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पीएम स्वनिधि केंद्र की योजना है; मुख्यमन्त्री स्वनिधि योजना राजस्थान की। नाम में 'मुख्यमन्त्री' शब्द राज्य की योजना की पहचान है।
- इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना भी राजस्थान में शहरी स्ट्रीट वेन्डर्स को ऋण देती थी। एक ही लक्ष्य समूह दो योजना-नामों में आता है, इसलिए योजना को उसके नाम से पहचानिए, केवल समूह से नहीं।
- 'स्वनिधि' को 'स्व' + 'निधि' यानी 'अपनी निधि' पढ़ा जा सकता है, जिससे किसी भी समूह के लिए सामान्य आत्मनिर्भरता कोष का आभास होता है। पीएम स्वनिधि में SVANidhi के अक्षर Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi के हैं।
कोई प्रश्न राज्य की किसी योजना का नाम देकर पूछ सकता है कि वह किसके लिए है, जैसा यह प्रश्न करता है। कोई प्रश्न राजस्थान की योजनाओं को उनके लक्ष्य समूहों — जैसे स्ट्रीट वेन्डर्स, विशेष योग्य जन, महिलाएँ या लघु उद्यमी — से सुमेलन सूची में भी जुड़वा सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि पीएम स्वनिधि के समकक्ष राज्य की योजना कौन-सी है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत सरकार की योजना पीएम स्वनिधि किनके लिए एक सूक्ष्म ऋण सुविधा है?
- (a)स्ट्रीट वेन्डर्स
- (b)ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूह
- (c)लघु और सीमांत किसान
- (d)निर्यात करने वाले MSME
उत्तर(1) — इसका नाम PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi का संक्षिप्त रूप है, और इसका पोर्टल इसे स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए विशेष सूक्ष्म ऋण सुविधा बताता है। विकल्प (2), (3) और (4) ऐसे समूहों के नाम हैं जिनके लिए यह योजना नहीं बनी। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार, राजस्थान की किस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेन्डर्स को ₹50,000 के ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराए गए?
- (a)इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना
- (b)आस्था योजना
- (c)सुखद दाम्पत्य योजना
- (d)सिलिकोसिस नीति
उत्तर(1) — समीक्षा इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेन्डर्स के लिए ₹50,000 के ब्याज-मुक्त ऋण का वर्णन करती है। विकल्प (2) दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों को बी.पी.एल. लाभ देता है, विकल्प (3) विशेष योग्य जनों को विवाह सहायता देता है, और विकल्प (4) सिलिकोसिस पीड़ितों की सहायता करता है।