राजस्थान में आस्था योजना के लिये निम्न में से कौन पात्र हैं ?
- (1)विशेष योग्य जन श्रेणी के व्यक्ति
- (2)विशेष योग्य जन श्रेणी के व्यक्ति, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत से अधिक हो
- (3)बी.पी.एल. कार्ड धारक
- (4)वे परिवार जिनमें 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले विशेष योग्य जन श्रेणी के व्यक्तियों की संख्या 2 या उससे अधिक हो ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), वे परिवार जिनमें 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले विशेष योग्य जन श्रेणी के व्यक्तियों की संख्या 2 या उससे अधिक हो ।
आस्था योजना परिवार के स्तर का लाभ है। राजस्थान सरकार की आर्थिक समीक्षा 2023-24 इसका वर्णन इस प्रकार करती है: जिन परिवारों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले 2 या अधिक विशेष योग्य जन हैं, उन्हें आस्था कार्ड दिया जाता है, ताकि उन्हें बी.पी.एल. कार्ड धारक के लाभ मिल सकें।
इस वर्णन में दो शर्तें साथ-साथ हैं: एक परिवार में ऐसे कम से कम दो सदस्य, और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता। विकल्प (4), 2 या अधिक सदस्यों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले परिवार, अकेला विकल्प है जो दोनों शर्तें बताता है।
विकल्प (1) और (2) व्यक्तियों का वर्णन करते हैं, परिवारों का नहीं। विकल्प (3) उस वर्ग का नाम है जिसके लाभ आस्था आगे बढ़ाती है, उस वर्ग का नहीं जिसे यह योजना शामिल करती है।
याद रखने योग्य बात: आस्था कार्ड दो या अधिक सदस्यों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले परिवार को बी.पी.एल. स्तर के लाभ देता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)विशेष योग्य जन श्रेणी के व्यक्ति — यह बहुत व्यापक है। आस्था किसी विशेष योग्य व्यक्ति को अकेले व्यक्ति के रूप में नहीं दी जाती; यह ऐसे परिवार को मिलती है जिसके दो या अधिक सदस्यों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता हो।
व्यक्तिगत सहायता राज्य की दूसरी योजनाओं से मिलती है, जैसे मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना, जो विशेष योग्य जनों को ₹5 लाख तक का स्वरोजगार ऋण देती है।
- (2)विशेष योग्य जन श्रेणी के व्यक्ति, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत से अधिक हो — इसमें दिव्यांगता की सीमा तो है, पर परिवार वाली शर्त छूट गई है। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाला एक व्यक्ति परिवार को पात्र नहीं बनाता; ऐसे दो या अधिक सदस्य चाहिए।
40 प्रतिशत की रेखा राष्ट्रीय कानून में भी है: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 बेंचमार्क दिव्यांगता वाला व्यक्ति उसे मानता है जिसमें किसी निर्दिष्ट दिव्यांगता का स्तर 40 प्रतिशत से कम न हो।
- (3)बी.पी.एल. कार्ड धारक — बी.पी.एल. कार्ड धारक संदर्भ-बिंदु हैं, लाभार्थी नहीं। योजना इसलिए है कि दो या अधिक सदस्यों में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले परिवारों को बी.पी.एल. कार्ड धारक के लाभ मिल सकें।
आर्थिक समीक्षा यही पैमाना अन्यत्र भी प्रयोग करती है: राज्य की सिलिकोसिस नीति के अंतर्गत पीड़ित और उसके परिवार को आस्था कार्ड धारक परिवार की तरह NFSA जैसी बी.पी.एल. सुविधाएँ मिलती हैं।
अवधारणा
आस्था योजना राजस्थान सरकार की विशेष योग्य जनों के लिए योजनाओं में से एक है। राज्य ने 2011 में विशेष योग्य जनों के लिए एक अलग विभाग बनाया, और आर्थिक समीक्षा 2023-24 उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं में आस्था को गिनाती है।
पात्र परिवार को आस्था कार्ड मिलता है, जो उसे बी.पी.एल. कार्ड धारकों के लाभ उपलब्ध कराता है।
दो शर्तें परिवार को परिभाषित करती हैं: विशेष योग्य जन श्रेणी के दो या अधिक सदस्य, और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता। मार्च 2024 तक राज्य में आस्था कार्ड धारक परिवार 21,008 थे।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ : अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यकों, निःशक्तजनों, निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, कृषकों एवं श्रमिकों के लिए।" शामिल है। आस्था निःशक्तजनों वाले भाग में आती है।
राजस्थान में दिव्यांगता से जुड़ी योजनाएँ दो स्तरों पर काम करती हैं। कुछ किसी व्यक्ति की सहायता करती हैं — छात्रवृत्ति, स्वरोजगार ऋण, सहायक उपकरण। आस्था परिवार के स्तर पर काम करती है: कसौटी पूरा परिवार है, कोई एक सदस्य नहीं।
40 प्रतिशत की रेखा राज्य की योजनाओं को राष्ट्रीय कानून से जोड़ती है: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 बेंचमार्क दिव्यांगता की परिभाषा के लिए 40 प्रतिशत का प्रयोग करता है।
मुख्य तथ्य
- आस्था कार्ड: 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले 2 या अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए, ताकि उन्हें बी.पी.एल. कार्ड धारकों के लाभ मिलें (आर्थिक समीक्षा 2023-24)।
- राजस्थान ने 2011 में विशेष योग्य जनों के लिए एक अलग विभाग बनाया (आर्थिक समीक्षा 2023-24)।
- राजस्थान में मार्च 2024 तक आस्था कार्ड धारक परिवार 21,008 थे; इनमें से 6,427 कार्ड 2023-24 में जारी हुए।
- राजस्थान की सिलिकोसिस नीति के अंतर्गत पीड़ित और उसके परिवार को आस्था कार्ड धारक परिवार की तरह NFSA जैसी बी.पी.एल. सुविधाएँ मिलती हैं (आर्थिक समीक्षा 2023-24)।
- UDID प्रमाणन दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत विशेष योग्य जनों की 21 श्रेणियों की पहचान करता है; मार्च 2024 तक राजस्थान में लगभग 5,16,803 UDID कार्ड जारी हुए।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2023-24, राजस्थान सरकार (विशेष योग्य जन खण्ड)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाला एक व्यक्ति परिवार को पात्र नहीं बनाता। ऐसे दो या अधिक सदस्यों की गिनती ही वह शर्त है जो आस्था को व्यक्तिगत दिव्यांगता योजनाओं से अलग करती है।
- बी.पी.एल. वह स्तर है जिसके लाभ आस्था देती है, आर्थिक समीक्षा में बताई गई पात्रता की कसौटी नहीं। योजना के वर्णन में आए 'बी.पी.एल.' को उसकी पात्रता मान लेना संबंध को उलट देता है।
- दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 बेंचमार्क दिव्यांगता के लिए '40 प्रतिशत से कम नहीं' कहता है, जबकि आर्थिक समीक्षा आस्था का वर्णन '40 प्रतिशत से अधिक' से करती है। जाँचिए कि कोई विकल्प किस स्रोत की शब्दावली अपनाता है।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि पात्र कौन है, जैसा यह प्रश्न करता है, और उसके विकल्प व्यक्ति बनाम परिवार तथा दिव्यांगता की सीमा पर भिन्न हो सकते हैं। कोई प्रश्न विशेष योग्य जनों के लिए राज्य की योजनाओं को उनके लाभों से सुमेलन सूची में भी जुड़वा सकता है।
कोई प्रश्न योजना के लिए आवश्यक दिव्यांगता का प्रतिशत या परिवार के सदस्यों की संख्या भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आस्था योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को किनके लिए उपलब्ध लाभ दिए जाते हैं?
- (a)अंत्योदय कार्ड धारक
- (b)बी.पी.एल. कार्ड धारक
- (c)सरकारी पेंशनभोगी
- (d)अनुसूचित जनजाति के परिवार
उत्तर(2) — आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार आस्था कार्ड इसलिए दिया जाता है कि इन परिवारों को बी.पी.एल. कार्ड धारकों के लाभ मिल सकें। विकल्प (1), (3) और (4) ऐसे वर्गों के नाम हैं जिनका योजना के वर्णन में उल्लेख नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान की आस्था योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : A. यह उन परिवारों के लिए है जिनमें 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले दो या अधिक विशेष योग्य जन सदस्य हैं। B. यह पात्र परिवारों को बी.पी.एल. कार्ड धारकों के लाभ देती है। C. यह विशेष योग्य जनों को ₹5 लाख तक का स्वरोजगार ऋण देती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- (a)केवल A और B
- (b)केवल B और C
- (c)केवल A और C
- (d)A, B और C
उत्तर(1) — A और B आस्था कार्ड का वर्णन करते हैं। C एक अलग योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना, का वर्णन करता है, इसलिए C वाले विकल्प (2), (3) और (4) गलत हैं।