पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं ? (i) इस योजना के तहत हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए एक करोड़ घरों पर सौर संयंत्र स्थापित किये जायेंगे । (ii) रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने हेतु 30 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान (iii) योजना पंजीकरण, आवेदन, स्वीकृति तथा अनुदान की शत प्रतिशत ऑनलाइन व्यवस्था (iv) प्रत्येक आवेदक को 4 प्रतिशत बैंक ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान
- (1)(i) और (iv)
- (2)(i), (ii) और (iii)
- (3)(i) और (iii)
- (4)(i), (iii) और (iv)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), (i) और (iii).
हर कथन को 29 फरवरी 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति पर जारी PIB विज्ञप्ति और राजस्थान सरकार की आर्थिक समीक्षा 2023-24 से मिलाइए।
(i) सत्य। योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाना और हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है।
(ii) असत्य। कोई एकसमान 30 प्रतिशत अनुदान नहीं है। केंद्रीय वित्तीय सहायता 2 kW तक के संयंत्र की लागत का 60% और 2 से 3 kW के बीच की अतिरिक्त लागत का 40% है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 kW है।
(iii) सत्य। आर्थिक समीक्षा योजना की मुख्य विशेषताओं में पंजीकरण, आवेदन, स्वीकृति और अनुदान की शत प्रतिशत ऑनलाइन व्यवस्था गिनाती है।
(iv) असत्य। परिवार बिना जमानत के कम ब्याज वाला ऋण ले सकते हैं, जिसकी दर मंत्रिमंडल की स्वीकृति के समय लगभग 7% बताई गई थी — 4 प्रतिशत नहीं।
केवल (i) और (iii) सही ठहरते हैं, इसलिए कूट (i) और (iii), विकल्प (3), है।
याद रखने योग्य बात: अनुदान एकसमान दर नहीं है — 2 kW तक लागत का 60% और 3 kW तक अतिरिक्त लागत का 40%; और ऋण की दर लगभग 7% बताई गई थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)(i) और (iv) — कथन (i) सही है, पर (iv) नहीं। योजना बिना जमानत के, लगभग 7% की कम ब्याज दर वाले ऋण देती है, जैसा फरवरी 2024 में मंत्रिमंडल की स्वीकृति के समय बताया गया — 4 प्रतिशत नहीं।
यह कूट (iii) को भी छोड़ देता है, जो सत्य है: आर्थिक समीक्षा 2023-24 पंजीकरण, आवेदन, स्वीकृति और अनुदान की शत प्रतिशत ऑनलाइन प्रक्रिया को योजना की विशेषता बताती है।
- (2)(i), (ii) और (iii) — कथन (i) और (iii) सही हैं, पर (ii) नहीं। कोई 30 प्रतिशत अनुदान नहीं है: केंद्रीय वित्तीय सहायता 2 kW तक संयंत्र लागत का 60% और 2 से 3 kW के बीच अतिरिक्त लागत का 40% है।
फरवरी 2024 के बेंचमार्क मूल्यों पर यह 1 kW के लिए ₹30,000, 2 kW के लिए ₹60,000 और 3 kW या उससे अधिक के लिए ₹78,000 बैठती थी।
- (4)(i), (iii) और (iv) — कथन (i) और (iii) सही हैं, पर (iv) जोड़ने से कूट गलत हो जाता है। योजना के ऋण बिना जमानत के और कम ब्याज वाले हैं, मंत्रिमंडल की स्वीकृति के समय लगभग 7%, 4 प्रतिशत नहीं।
आर्थिक समीक्षा 2023-24 इस विशेषता को रियायती दरों पर बैंक ब्याज के रूप में बताती है और 4 प्रतिशत का कोई आँकड़ा नहीं देती।
अवधारणा
पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाने की केंद्र सरकार की योजना है। प्रधानमंत्री ने इसे 13 फरवरी 2024 को शुरू किया, और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 फरवरी 2024 को ₹75,021 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ इसे स्वीकृति दी।
मुफ्त बिजली परिवार के अपने रूफटॉप संयंत्र से आती है। 3 kW का संयंत्र औसतन हर माह 300 यूनिट से अधिक बिजली बनाता है, और परिवार अतिरिक्त बिजली डिस्कॉम को बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं।
परिवार राष्ट्रीय पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर अनुदान के लिए आवेदन करते हैं, वहीं विक्रेता चुनते हैं, और 3 kW तक के संयंत्रों के लिए बिना जमानत का ऋण ले सकते हैं।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "सब्सिडी, लोक वितरण प्रणाली", और "भारत का भूगोल" के अंतर्गत "ऊर्जा संसाधन– परम्परागत एवं गैर–परम्परागत" शामिल हैं। रूफटॉप सोलर के लिए पूँजीगत अनुदान इन दोनों के संगम पर है।
यह योजना परिवारों को बिजली खरीदने से बिजली बनाने की ओर ले जाती है: अनुदान रूफटॉप संयंत्र की लागत घटाता है, सस्ता ऋण शेष राशि जुटाता है, और अतिरिक्त बिजली डिस्कॉम को बेची जा सकती है।
इसके आँकड़े — एक करोड़ घर, 300 यूनिट, 3 kW की सीमा — 29 फरवरी 2024 की मंत्रिमंडल स्वीकृति पर जारी PIB विज्ञप्ति में दिए गए हैं।
राजस्थान का हिस्सा: 5 लाख घरों पर रूफटॉप संयंत्रों का लक्ष्य, जिसमें दिसम्बर 2024 तक 22,657 उपभोक्ताओं के लिए 111.77 MW क्षमता स्थापित हुई (आर्थिक समीक्षा 2024-25)।
मुख्य तथ्य
- पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना 13 फरवरी 2024 को शुरू हुई; केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 फरवरी 2024 को ₹75,021 करोड़ के परिव्यय के साथ इसे स्वीकृति दी।
- लक्ष्य: एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर, हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली के साथ।
- केंद्रीय वित्तीय सहायता: 2 kW तक के संयंत्रों के लिए लागत का 60% और 2–3 kW के संयंत्रों के लिए अतिरिक्त लागत का 40%, अधिकतम सीमा 3 kW।
- फरवरी 2024 के बेंचमार्क मूल्यों पर अनुदान 1 kW के लिए ₹30,000, 2 kW के लिए ₹60,000 और 3 kW या अधिक के लिए ₹78,000 बैठता था।
- राजस्थान का लक्ष्य 5 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर है; दिसम्बर 2024 तक 22,657 उपभोक्ताओं के लिए 111.77 MW क्षमता स्थापित हो चुकी थी।
स्रोत: केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय, PIB, 29 फरवरी 2024; आर्थिक समीक्षा 2023-24, राजस्थान सरकार। सत्य कथन (i) और (iii) = विकल्प (3)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ₹30,000 फरवरी 2024 के बेंचमार्क मूल्यों पर 1 kW संयंत्र का अनुदान है, 30 प्रतिशत की दर नहीं। दर 2 kW तक लागत का 60% और 2 से 3 kW तक अतिरिक्त लागत का 40% है।
- मंत्रिमंडल की स्वीकृति के समय योजना के ऋण की दर लगभग 7% बताई गई थी। 4 प्रतिशत जैसी कोई दूसरी दर बताने वाला कथन आधिकारिक विवरण से मेल नहीं खाता।
- राजस्थान की मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना एक अलग राज्य योजना है: जून 2023 के बिलिंग माह से हर माह 100 यूनिट तक उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं का बिल शून्य। इसके 100 यूनिट को सूर्य घर के 300 यूनिट से अलग रखिए।
कोई प्रश्न कथन-समूह में योजना की वास्तविक विशेषताओं के साथ बदले हुए आँकड़े मिलाकर पूछ सकता है कि कौन-से कथन सही हैं, जैसा यह प्रश्न करता है। कोई प्रश्न एक ही आँकड़ा भी पूछ सकता है: घरों का लक्ष्य, हर माह की मुफ्त यूनिट, क्षमता की सीमा या शुरुआत की तारीख।
कोई प्रश्न राज्य के कोण से राजस्थान के 5 लाख घरों के लक्ष्य के बारे में भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवासीय रूफटॉप सोलर के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता की अधिकतम सीमा किस संयंत्र क्षमता तक है?
- (a)2 kW
- (b)3 kW
- (c)5 kW
- (d)10 kW
उत्तर(2) — मंत्रिमंडल की स्वीकृति पर जारी PIB विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय वित्तीय सहायता की सीमा 3 kW है। विकल्प (1), 2 kW, वह बिंदु है जहाँ दर 60% से घटकर 40% होती है, सीमा नहीं; और विकल्प (3) और (4) सीमा से ऊपर हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : A. प्रधानमंत्री ने इसे 13 फरवरी 2024 को शुरू किया। B. यह 2 kW तक के संयंत्रों के लिए लागत का 60% केंद्रीय वित्तीय सहायता देती है। C. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे ₹75,021 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ स्वीकृति दी। D. फरवरी 2024 के बेंचमार्क मूल्यों पर 3 kW संयंत्र के लिए अनुदान ₹30,000 है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- (a)केवल A, B और C
- (b)केवल A और D
- (c)केवल B, C और D
- (d)A, B, C और D
उत्तर(1) — A, B और C 29 फरवरी 2024 के मंत्रिमंडल निर्णय पर जारी PIB विज्ञप्ति से मेल खाते हैं। D असत्य है: ₹30,000 1 kW संयंत्र का आँकड़ा था, और 3 kW संयंत्र को ₹78,000 मिलते थे। विकल्प (2), (3) और (4) तीनों में D शामिल है।