मुख्यमंत्री राजस्थान आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद् (CMRETAC) के स्थान पर निम्नलिखित में से किसका गठन किया गया है ?
- (1)राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC)
- (2)राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड इनोवेशन (RITI)
- (3)राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (आर–कैट)
- (4)राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड इनोवेशन (RITI).
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार, राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड इनोवेशन (RITI) की स्थापना 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री राजस्थान आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद् (CMRETAC) के स्थान पर की गई।
RITI का गठन नीति आयोग की तर्ज़ पर हुआ है। इसका काम राजस्थान को विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तैयार करना है, और इसके सूचीबद्ध कार्यों में 'स्टेट विज़न-2047' बनाना शामिल है।
केंद्र में इसका समानांतर उदाहरण है: 2015 में नीति आयोग ने योजना आयोग का स्थान लिया। राजस्थान में RITI ने नीति आयोग के मॉडल पर एक सलाहकार परिषद् का स्थान लिया।
बाकी तीनों विकल्प राजस्थान के मौजूदा निकाय हैं, जिनके काम अलग हैं: कौशल प्रशिक्षण, उन्नत प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रम और ग्रामीण आजीविका।
याद रखने की बात: RITI राजस्थान का नीति आयोग जैसा निकाय है, जो मार्च 2024 में CMRETAC के स्थान पर बना।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) — RSLDC राज्य का कौशल प्रशिक्षण निगम है, आयोजना निकाय नहीं।
इसकी शुरुआत राजस्थान आजीविका मिशन के रूप में हुई, जो 17 अगस्त 2010 को निगमित हुआ और मई 2012 में RSLDC में परिवर्तित किया गया। यह साझेदार एजेंसियों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देता है; मार्च 2024 तक 8 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका था।
- (3)राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (आर–कैट) — आर–कैट (R-CAT) जयपुर में राज्य के युवाओं को उन्नत प्रौद्योगिकी में कौशल और उन्नत कौशल देने के लिए शुरू किया गया, जो प्रौद्योगिकी कंपनियों के पाठ्यक्रमों को एक मंच पर लाता है।
मार्च 2024 तक इसके उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रमों में छात्रवृत्ति पर लगभग 900 अभ्यर्थी नामांकित हुए थे। यह एक प्रशिक्षण संस्था है, CMRETAC का स्थानापन्न नहीं।
- (4)राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) — राजीविका ग्रामीण विकास विभाग के अधीन अक्टूबर 2010 में स्थापित एक स्वायत्त सोसाइटी है। यह स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम चलाती है।
इसका उद्देश्य ग्रामीण निर्धनों की ऐसी टिकाऊ संस्थाएँ बनाना है जो परिवारों की आय बढ़ाएँ। यह CMRETAC के स्थान पर नया निकाय बनने से एक दशक से भी अधिक पहले की है और इसकी भूमिका अलग है।
अवधारणा
राज्य का नीति थिंक-टैंक विकास की योजना बनाता है, विभागों को सलाह देता है और योजनाओं के प्रदर्शन की समीक्षा करता है। केंद्र स्तर पर यह भूमिका नीति आयोग निभाता है।
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 RITI के कार्य सूचीबद्ध करती है। इनमें राज्य के भौतिक, वित्तीय और मानव संसाधनों का आकलन करना और उनके सर्वोत्तम उपयोग के सुझाव देना, तथा क्षेत्रीय असंतुलन घटाने के लिए क्षेत्रवार अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाना शामिल है।
RITI को 'स्टेट विज़न-2047' को आकार देना, योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करना, सफल राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नीतियों का अध्ययन करना, और संसाधन केंद्र व ज्ञान केंद्र के रूप में काम करना भी है।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक पाठ्यक्रम में "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "वर्तमान में चर्चित व्यक्ति, स्थान एवं संस्थाए" और "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "संवृद्धि, विकास एवं आयोजना" सूचीबद्ध हैं। राज्य का नया आयोजना निकाय दोनों में आता है।
RITI उन कई राज्य निकायों के बीच है जिनके नाम मिलते-जुलते हैं पर काम अलग: कौशल प्रशिक्षण के लिए RSLDC, उन्नत प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमों के लिए आर–कैट, और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका के लिए राजीविका।
आर्थिक समीक्षा RITI की सलाह को सतत विकास लक्ष्यों और सरकार के 'अपणो अग्रणी राजस्थान-संकल्प पत्र-2023' से भी जोड़ती है।
मुख्य तथ्य
- RITI की स्थापना 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री राजस्थान आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद् (CMRETAC) के स्थान पर की गई।
- RITI का गठन नीति आयोग की तर्ज़ पर राजस्थान को विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तैयार करने के लिए हुआ है।
- आर्थिक समीक्षा 2023-24 में RITI के सूचीबद्ध कार्यों में 'स्टेट विज़न-2047' बनाना शामिल है।
- RSLDC मई 2012 में राजस्थान आजीविका मिशन से बना, जो 17 अगस्त 2010 को निगमित हुआ था।
- राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद्) ग्रामीण विकास विभाग के अधीन अक्टूबर 2010 में स्थापित एक स्वायत्त सोसाइटी है।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2023-24, राजस्थान सरकार।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- केंद्र और राज्य के जोड़ों को अलग रखें: 2015 में नीति आयोग ने योजना आयोग का स्थान लिया; 2024 में RITI ने CMRETAC का।
- RSLDC और राजीविका, दोनों आजीविका से जुड़े हैं, पर अलग रास्तों से। RSLDC साझेदार एजेंसियों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देता है; राजीविका ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम करती है।
- आर–कैट और RITI, दोनों के नाम नवाचार जैसे लगते हैं। आर–कैट युवाओं को उन्नत प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण देता है; RITI सरकार को आयोजना और नीति पर सलाह देता है।
संस्थाओं पर कोई प्रश्न पूछ सकता है कि किस निकाय ने किसी पुराने निकाय का स्थान लिया, वह कब स्थापित हुआ, या वह क्या करता है।
कोई प्रश्न उसी राज्य के वास्तविक निकायों को भ्रामक विकल्प बना सकता है, जिनके काम — आयोजना, कौशल, प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण, ग्रामीण आजीविका — अलग-अलग हों।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड इनोवेशन (RITI) की स्थापना हुई –
- (a)1 जनवरी 2024 को
- (b)3 मार्च 2024 को
- (c)15 अगस्त 2023 को
- (d)30 मार्च 2024 को
उत्तर(2) — आर्थिक समीक्षा 2023-24 में 3 मार्च 2024 की तिथि दी गई है।विकल्प (1), (3) और (4) ऐसी तिथियाँ हैं जो समीक्षा RITI के लिए नहीं देती।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन-सी स्वायत्त सोसाइटी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम लागू करती है?
- (a)राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड इनोवेशन
- (b)राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी
- (c)राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद्
- (d)राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम
उत्तर(3) — राजीविका ग्रामीण विकास विभाग के अधीन सोसाइटी है, जो स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम करती है।विकल्प (1) आयोजना थिंक-टैंक है, विकल्प (2) उन्नत प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण केंद्र, और विकल्प (4) कौशल प्रशिक्षण निगम।