भारत में राज्यों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग जारी की जाती है –
- (1)उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा
- (2)उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा
- (3)निवेश संवर्द्धन ब्यूरो द्वारा
- (4)राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (राजसीकों) द्वारा
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा.
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पर राज्यों का आकलन केंद्र सरकार का कार्य है। इसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग (DPIIT) चलाता है।
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2023-24 यह सीधे बताती है: DPIIT राज्यों के लिए हर वर्ष व्यापार सुधार कार्य योजना (BRAP) जारी करता है और उनके लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग जारी करता है।
यह प्रक्रिया दो चरणों की है। DPIIT वे सुधार सूचीबद्ध करता है जो राज्यों को करने हैं, फिर आकलन करता है कि हर राज्य ने उन्हें कितनी अच्छी तरह लागू किया। BRAP 2020 के आकलन में ज़मीनी स्तर के वास्तविक उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया को पूरा भार दिया गया।
बाकी तीनों विकल्प राज्य-स्तरीय निकायों के नाम हैं — राजस्थान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, निवेश संवर्द्धन ब्यूरो और RAJSICO। ये एक राज्य के भीतर व्यापार सुधार लागू करते हैं या निवेश को बढ़ावा देते हैं; इनमें से कोई भी सभी राज्यों का आकलन नहीं करता।
याद रखने की बात: DPIIT सुधार योजना तय करता है और राज्यों का आकलन करता है; राज्यों के विभाग उसे लागू करते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा — यह राज्य का विभाग है, राज्यों का आकलन करने वाला निकाय नहीं।
आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार राजस्थान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पहलों का नोडल विभाग है। यह DPIIT द्वारा निर्धारित BRAP सुधारों को लागू करता है; फिर DPIIT राज्य के प्रदर्शन का आकलन करता है।
- (3)निवेश संवर्द्धन ब्यूरो द्वारा — यह नाम राजस्थान के निवेश संवर्द्धन ब्यूरो (BIP) की ओर संकेत करता है, जो 1991 से राज्य की निवेश संवर्द्धन एजेंसी है।
BIP राजस्थान में बड़े निवेश प्रस्तावों को सुविधा देता है और शीघ्र स्वीकृतियों के लिए निवेशकों और सरकार के बीच कड़ी का काम करता है। वन स्टॉप शॉप सुविधा BIP में ही है। यह एक राज्य में निवेश बढ़ाता है; राज्यों की रैंकिंग नहीं करता।
- (4)राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (राजसीकों) द्वारा — RAJSICO जून 1961 में स्थापित राज्य का निगम है, जिसका काम लघु उद्योगों की सहायता करना और कारीगरों को उनके उत्पादों के विपणन में मदद देना है।
यह निर्यात अवसंरचना भी चलाता है, जिसमें जयपुर और जोधपुर के अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और एक एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इसका काम राजस्थान की छोटी इकाइयों को व्यावसायिक सहायता देना है, राज्यों का आकलन करना नहीं।
अवधारणा
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस यह मापता है कि व्यवसाय शुरू करना और चलाना कितना सरल है: अनुमोदन, निरीक्षण, भूमि, श्रम, कर और सूचना तक पहुँच।
भारत अपने राज्यों का आकलन व्यापार सुधार कार्य योजना (BRAP) के माध्यम से करता है। DPIIT सुधार बिंदुओं का एक समूह निर्धारित करता है, राज्य उन्हें लागू करते हैं, और DPIIT परिणाम का मूल्यांकन करता है। BRAP 2020 पर PIB की विज्ञप्ति के अनुसार DPIIT 2014 से राज्यों का इस तरह आकलन कर रहा है।
पहले के संस्करणों में राज्यों को क्रमांक दिए जाते थे। 30 जून 2022 को घोषित BRAP 2020 से राज्यों को इसके बजाय चार श्रेणियों में रखा गया: टॉप अचीवर्स, अचीवर्स, एस्पायरर्स और इमर्जिंग बिज़नेस इकोसिस्टम्स।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक पाठ्यक्रम में "आर्थिक विकास एवं आयोजन" के अंतर्गत "अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र : कृषि, उद्योग, सेवा एवं व्यापार क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, मुद्दे एवं पहल" सूचीबद्ध है। व्यापार विनियमन सुधार उद्योग क्षेत्र की पहलों में से एक है।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस सरकार के दो स्तरों पर चलता है। केंद्र की ओर से DPIIT सुधार योजना तय करता है और राज्यों का आकलन करता है; हर राज्य के अपने विभाग और एजेंसियाँ सुधार लागू करती हैं।
राजस्थान के लिए: BRAP 2020 में राज्य को एस्पायरर्स श्रेणी में रखा गया। 5 सितंबर 2024 को BRAP 2022 के सम्मान समारोह में राजस्थान उन 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में था, जिन्हें 25 चुने हुए सुधारों में से कम से कम एक में टॉप अचीवर स्तर पाने के लिए प्रशस्ति-पत्र मिले।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का DPIIT राज्यों के लिए व्यापार सुधार कार्य योजना जारी करता है और उसके क्रियान्वयन का आकलन करता है।
- BRAP 2020 पर PIB की विज्ञप्ति के अनुसार DPIIT 2014 से BRAP क्रियान्वयन पर राज्यों का आकलन कर रहा है; 2015, 2016, 2017-18 और 2019 के आकलन जारी हुए।
- पाँचवाँ संस्करण BRAP 2020, 30 जून 2022 को घोषित हुआ; इसमें 15 व्यापार नियामक क्षेत्रों में 301 सुधार बिंदु थे।
- BRAP 2020 में राजस्थान को एस्पायरर्स श्रेणी में रखा गया।
- राजस्थान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पहलों का नोडल विभाग है।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2023-24, राजस्थान सरकार; BRAP 2020 पर PIB की 30 जून 2022 की विज्ञप्ति।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पर राज्यों की रैंकिंग DPIIT (केंद्र) का कार्य है; देशों की रैंकिंग विश्व बैंक की डूइंग बिज़नेस रिपोर्ट करती थी। दोनों रैंकिंग और उनके प्रायोजकों को अलग रखें।
- BRAP 2020 से DPIIT राज्यों को क्रमांक देने के बजाय श्रेणियों (टॉप अचीवर्स, अचीवर्स, एस्पायरर्स, इमर्जिंग बिज़नेस इकोसिस्टम्स) में रखता है। हाल के किसी संस्करण में किसी राज्य का क्रमांक खोजने पर वह शायद मिले ही नहीं।
- राजस्थान के मिलते-जुलते नाम वाले निकाय — उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, निवेश संवर्द्धन ब्यूरो — राज्य में सुधार लागू करते हैं या निवेश बढ़ाते हैं। वे राज्यों का आकलन नहीं करते।
संस्थाओं पर कोई प्रश्न एक राष्ट्रीय निकाय को मिलते-जुलते नाम वाले राज्य-स्तरीय निकायों के बीच रखकर पूछ सकता है कि कौन रैंकिंग जारी करता है, कोई योजना चलाता है या किसी क्षेत्र का विनियमन करता है।
कोई प्रश्न किसी नामित BRAP संस्करण में किसी राज्य की श्रेणी, या उस संस्करण के सुधार बिंदुओं की संख्या भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जून 2022 में जारी व्यापार सुधार कार्य योजना (BRAP) 2020 के तहत राज्यों के आकलन में राजस्थान को किस श्रेणी में रखा गया?
- (a)टॉप अचीवर्स
- (b)अचीवर्स
- (c)एस्पायरर्स
- (d)इमर्जिंग बिज़नेस इकोसिस्टम्स
उत्तर(3) — PIB की विज्ञप्ति राजस्थान को असम, छत्तीसगढ़, गोवा, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के साथ एस्पायरर्स में रखती है।विकल्प (1) में आंध्र प्रदेश और गुजरात शामिल थे; विकल्प (2) में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश; विकल्प (4) में बिहार और दिल्ली।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान में ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पहलों का नोडल विभाग निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- (a)आयोजना विभाग
- (b)उद्योग एवं वाणिज्य विभाग
- (c)वित्त विभाग
- (d)सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग
उत्तर(2) — आर्थिक समीक्षा 2023-24 उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को नोडल विभाग बताती है।विकल्प (1), (3) और (4) अन्य भूमिकाओं — आयोजना, लोक वित्त और सूचना प्रौद्योगिकी — वाले राज्य विभाग हैं, और उन्हें ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस का नोडल विभाग नहीं बताया गया है।