भारत में “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम” (NFSA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : A. यह 5 जुलाई, 2013 को अधिनियमित किया गया । B. वर्तमान में लगभग 50 करोड़ व्यक्ति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आते हैं । C. यह अधिनियम कानूनी रूप से 75% ग्रामीण आबादी और 50% शहरी आबादी को सब्सिडी युक्त खाद्यान्न प्राप्त करने का अधिकार देता है । संकेतांकों का प्रयोग करते हुए सही उत्तर दीजिये :
- (1)B एवं C दोनों सही हैं ।
- (2)A एवं B दोनों सही हैं ।
- (3)A एवं C दोनों सही हैं ।
- (4)A, B एवं C सही हैं ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), A एवं C दोनों सही हैं ।
तीनों कथनों को खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के NFSA पोर्टल से मिलाएँ। दो कथन उससे मेल खाते हैं; एक में संख्या अलग है।
कथन A सही है। पोर्टल NFSA के अधिनियमन की तिथि 5 जुलाई, 2013 बताता है। उसी दिन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश जारी हुआ था; संसद ने विधेयक 2013 में बाद में पारित किया; अधिनियम को 10 सितंबर 2013 को स्वीकृति मिली और वह 5 जुलाई 2013 से प्रवृत्त हुआ माना गया है।
कथन B गलत है। पोर्टल के अनुसार अधिकतम 81.34 करोड़ व्यक्तियों के कवरेज में से लगभग 80 करोड़ व्यक्ति शामिल हैं। 50 करोड़ वास्तविक संख्या से बहुत कम है।
कथन C सही है। अधिनियम लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ग्रामीण आबादी के 75% तक और शहरी आबादी के 50% तक को सब्सिडी युक्त खाद्यान्न का कानूनी अधिकार देता है — लगभग दो-तिहाई आबादी।
हिन्दी कथन C में "तक" शब्द नहीं है, पर उसके दोनों प्रतिशत वही हैं जो अधिनियम कवरेज की ऊपरी सीमा के रूप में तय करता है।
A और C सही हैं और B गलत, इसलिए उत्तर A एवं C दोनों सही हैं है।
याद रखने की बात: कवरेज आबादी के हिस्सों (ग्रामीण 75% तक, शहरी 50% तक) के रूप में तय है, और पोर्टल इससे बनने वाला अधिकतम कवरेज 81.34 करोड़ व्यक्ति बताता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)B एवं C दोनों सही हैं । — C सही है, पर B नहीं।
NFSA पोर्टल अधिकतम लगभग 81 करोड़ के मुकाबले कवरेज लगभग 80 करोड़ व्यक्ति बताता है। 50 करोड़ का आँकड़ा इसे लगभग 30 करोड़ कम बताता है।
यह कूट A को भी छोड़ देता है, जो पोर्टल की तिथि 5 जुलाई, 2013 से मेल खाता है।
- (2)A एवं B दोनों सही हैं । — A सही है, पर B नहीं: कवरेज लगभग 80 करोड़ व्यक्ति है, 50 करोड़ नहीं।
यह कूट C को भी छोड़ देता है, जो अधिनियम की मूल पात्रता है: ग्रामीण आबादी के 75% तक और शहरी आबादी के 50% तक को सब्सिडी युक्त खाद्यान्न मिलता है।
- (4)A, B एवं C सही हैं । — इस कूट को केवल B गलत बनाता है। A की तिथि और C के कवरेज अनुपात आधिकारिक विवरण से मेल खाते हैं।
B का 50 करोड़ का आँकड़ा गलत है: पोर्टल के अनुसार अधिकतम लगभग 81 करोड़ में से लगभग 80 करोड़ व्यक्ति शामिल हैं।
अवधारणा
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) ने सब्सिडी युक्त खाद्यान्न को कल्याणकारी उपाय से कानूनी अधिकार बना दिया। यह लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से ग्रामीण आबादी के 75% तक और शहरी आबादी के 50% तक को शामिल करता है।
लाभार्थी दो समूहों में आते हैं। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के परिवारों, यानी निर्धनतम परिवारों, को प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न मिलता है। प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मिलता है।
राज्यवार कवरेज तत्कालीन योजना आयोग ने 2011-12 के NSS उपभोग सर्वेक्षण के आधार पर तय किया। फिर राज्य उस संख्या के भीतर परिवारों की पहचान करते हैं।
अधिनियम जीवन-चक्र दृष्टिकोण अपनाता है। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 माह से 14 वर्ष तक के बच्चों को आँगनबाड़ी और विद्यालयों के माध्यम से निःशुल्क भोजन मिलता है।
गर्भवती महिलाएँ और स्तनपान कराने वाली माताएँ कम से कम ₹6,000 के मातृत्व लाभ की भी हकदार हैं। अधिनियम इससे उन्हें बाहर रखता है जो सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों में नियमित सेवा में हैं, या किसी अन्य कानून के तहत ऐसा ही लाभ पा रही हैं।
RPSC के 2024 के प्रारंभिक पाठ्यक्रम में "आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था" के अंतर्गत "सब्सिडी, लोक वितरण प्रणाली" सूचीबद्ध है। NFSA आज की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कानूनी आधार है, इसलिए इसका कवरेज और इसकी पात्रताएँ यहीं आती हैं।
अधिनियम के मुख्य आँकड़े तीन प्रकार के हैं, और हर एक का सटीक आधिकारिक मान है: एक तिथि (5 जुलाई 2013), एक संख्या (अधिकतम लगभग 81 करोड़ में से लगभग 80 करोड़ व्यक्ति शामिल) और कानूनी अनुपात (ग्रामीण 75% तक और शहरी 50% तक)।
तिथि पर ध्यान देना ज़रूरी है। 5 जुलाई 2013 को अध्यादेश आया। संसद ने विधेयक अगस्त–सितंबर 2013 में पारित किया, और 10 सितंबर 2013 को स्वीकृति पाने वाला अधिनियम 5 जुलाई 2013 से प्रवृत्त हुआ माना गया है। आधिकारिक पोर्टल 5 जुलाई को ही अधिनियमन की तिथि बताता है।
मुख्य तथ्य
- NFSA लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ग्रामीण आबादी के 75% तक और शहरी आबादी के 50% तक को सब्सिडी युक्त खाद्यान्न का कानूनी अधिकार देता है।
- AAY परिवारों को प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न मिलता है; प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो।
- NFSA पोर्टल के अनुसार अधिकतम लगभग 81 करोड़ व्यक्तियों के कवरेज में से लगभग 80 करोड़ शामिल हैं।
- अधिनियम के तहत राशन कार्ड जारी करने के लिए परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला परिवार की मुखिया होती है।
- NFSA के तहत गर्भवती महिलाएँ और स्तनपान कराने वाली माताएँ कम से कम ₹6,000 के मातृत्व लाभ की हकदार हैं, सिवाय उनके जिन्हें अधिनियम बाहर रखता है, जैसे नियमित सरकारी कर्मचारी।
स्रोत: खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग का NFSA पोर्टल (nfsa.gov.in); राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013, धारा 3(2)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कवरेज दो तरह से बताया जाता है: हिस्सों के रूप में (ग्रामीण 75% तक, शहरी 50% तक) और संख्या के रूप में (अधिकतम लगभग 81 करोड़, शामिल लगभग 80 करोड़)। कोई कथन अनुपात सही और संख्या गलत बता सकता है।
- 5 जुलाई 2013 अध्यादेश की तिथि है, जिस दिन से अधिनियम प्रभावी हुआ; संसद ने विधेयक 2013 में बाद में पारित किया। जाँचें कि कथन किस घटना का नाम लेता है।
- AAY की पात्रता प्रति परिवार है (35 किलो प्रति माह); प्राथमिकता वाले परिवारों की पात्रता प्रति व्यक्ति है (5 किलो प्रति माह)। इकाई बदलने से कथन गलत हो जाता है।
किसी कानून पर कोई प्रश्न उसकी तिथि, लाभार्थियों की संख्या और कवरेज अनुपात पर तीन कथन देकर उनमें से एक संख्या बदल सकता है।
इसी ढाँचे में कोई प्रश्न प्रति परिवार और प्रति व्यक्ति पात्रता को आपस में बदल सकता है, ग्रामीण और शहरी प्रतिशत उलट सकता है, या महिला मुखिया की आयु-सीमा बदल सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत अंत्योदय अन्न योजना में शामिल परिवार हकदार है –
- (a)प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न का
- (b)प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न का
- (c)प्रति परिवार प्रति माह 25 किलो खाद्यान्न का
- (d)प्रति व्यक्ति प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न का
उत्तर(2) — AAY परिवारों को प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न मिलता है।विकल्प (1) प्राथमिकता वाले परिवारों की पात्रता है। विकल्प (3) NFSA का आँकड़ा नहीं है, और विकल्प (4) मात्रा सही रखता है पर उसे प्रति परिवार की जगह प्रति व्यक्ति लागू कर देता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत राशन कार्ड जारी करने के लिए परिवार की सबसे बड़ी महिला को परिवार का मुखिया माना जाता है, यदि उसकी आयु कम से कम हो –
- (a)16 वर्ष
- (b)18 वर्ष
- (c)21 वर्ष
- (d)25 वर्ष
उत्तर(2) — अधिनियम 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला को परिवार का मुखिया बताता है।विकल्प (1), (3) और (4) ऐसी आयु देते हैं जो NFSA के प्रावधान से मेल नहीं खाती।