नवम्बर 2024 के अंत तक, राजस्थान की मंत्रिपरिषद् में कितनी महिलाएँ थीं ?
- (1)केवल 1
- (2)केवल 2
- (3)केवल 3
- (4)केवल 5
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), केवल 2.
नवम्बर 2024 के अंत में राजस्थान की मंत्रिपरिषद् भजनलाल शर्मा सरकार की थी। शर्मा ने 15 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, और उनके साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने भी: दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा।
30 दिसंबर 2023 को मंत्रिपरिषद् का विस्तार हुआ, जब 22 मंत्रियों ने शपथ ली। उनमें एक महिला थीं: डॉ. मंजू बाघमार, जिन्होंने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
इस तरह मंत्रिपरिषद् में केवल 2 महिलाएँ थीं: उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और राज्य मंत्री मंजू बाघमार।
जनवरी 2024 में घोषित विभागों में दीया कुमारी के विभागों में वित्त और पर्यटन शामिल थे। बाघमार को सार्वजनिक निर्माण, महिला एवं बाल विकास तथा बाल अधिकारिता विभागों में राज्य मंत्री बनाया गया।
मंत्रिपरिषद् में हर श्रेणी गिनी जाती है — उप मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री, सभी। केवल एक श्रेणी गिनने पर एक ही महिला मिलती है, दो नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)केवल 1 — एक, किसी एक शपथ-ग्रहण की गिनती है, पूरी मंत्रिपरिषद् की नहीं। 15 दिसंबर 2023 को शपथ लेने वालों में एकमात्र महिला दीया कुमारी थीं, और 30 दिसंबर 2023 को शपथ लेने वाले 22 मंत्रियों में एकमात्र महिला मंजू बाघमार थीं।
प्रश्न पूरी मंत्रिपरिषद् के बारे में पूछता है, जिसमें ये दोनों शामिल हैं, इसलिए गिनती दो है।
- (3)केवल 3 — तीन तक पहुँचने के लिए ऐसी महिला को गिनना पड़ेगा जो मंत्री नहीं थीं। नवम्बर 2024 में 16वीं राजस्थान विधान सभा में कई महिलाएँ थीं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी थीं, पर सदन में सीट होना मंत्रिपरिषद् में स्थान होना नहीं है।
हर मंत्री 15 और 30 दिसंबर 2023 के शपथ-ग्रहणों से आया था, और इनमें से हर शपथ-ग्रहण में एक महिला शामिल थीं।
- (4)केवल 5 — पाँच, सही गिनती से तीन अधिक है। मंत्रिपरिषद् 15 दिसंबर 2023 को शपथ लेने वाले 3 और 30 दिसंबर 2023 को शपथ लेने वाले 22 सदस्यों से बनी थी, पूरी विधान सभा से नहीं।
22 में से एक, सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, ने करणपुर विधान सभा चुनाव हारने के बाद जनवरी 2024 में त्यागपत्र दे दिया। हर शपथ-ग्रहण में एक महिला आईं — दीया कुमारी और मंजू बाघमार — इसलिए पाँच का अर्थ होगा मंत्रिपरिषद् से बाहर की महिलाओं को गिनना।
अवधारणा
किसी राज्य की मंत्रिपरिषद् का प्रमुख मुख्यमंत्री होता है। संविधान के अनुच्छेद 164 के अंतर्गत राज्यपाल मुख्यमंत्री को नियुक्त करता है, और अन्य मंत्रियों को मुख्यमंत्री की सलाह पर नियुक्त करता है।
मंत्रिपरिषद् में श्रेणियाँ होती हैं: कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (कुछ किसी विभाग के स्वतंत्र प्रभार के साथ) और, जहाँ नियुक्त हों, उप मंत्री। उप मुख्यमंत्री कैबिनेट स्तर का मंत्री होता है; संविधान में इस पद का नाम नहीं है।
91वें संशोधन (2003) द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 164(1क) मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद् की कुल संख्या को विधान सभा की कुल सदस्य संख्या के 15% तक सीमित करता है। यह न्यूनतम संख्या 12 भी तय करता है।
राजस्थान की 200 सदस्यों वाली विधान सभा के लिए इसका अर्थ है अधिकतम 30 और न्यूनतम 12 मंत्री।
2023 के विधान सभा चुनाव के बाद बनी राज्य सरकार राजस्थान के समसामयिक घटनाक्रम का हिस्सा है। भजनलाल शर्मा सरकार ने दिसंबर 2023 में पद संभाला।
उसकी मंत्रिपरिषद् की संरचना किसी निश्चित तिथि के लिए ही सही बताई जा सकती है, क्योंकि मंत्रिपरिषद् विस्तार, त्यागपत्र और फेरबदल से बदलती रहती है। यहाँ वह तिथि नवम्बर 2024 का अंत है।
यही तथ्य राजव्यवस्था से भी जुड़ते हैं। RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था" के अंतर्गत "राज्य की राजनीतिक व्यवस्था" में ये शामिल हैं: "राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद्, विधानसभा, उच्च न्यायालय।"
मंत्रिपरिषद् के आकार की सीमा, उसकी श्रेणियाँ और मंत्रियों की नियुक्ति में राज्यपाल की भूमिका इसी शीर्षक से जुड़ती हैं। महिलाओं का प्रतिनिधित्व एक अलग विषय है: महिला विधायक, महिला मंत्री और राज्य के शीर्ष पदों पर रही महिलाएँ।
मुख्य तथ्य
- भजनलाल शर्मा ने 15 दिसंबर 2023 को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली; दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा उप मुख्यमंत्री बने।
- 30 दिसंबर 2023 को 22 मंत्रियों ने शपथ ली; राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार उनमें एकमात्र महिला थीं। 22 में से एक, सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, ने जनवरी 2024 में त्यागपत्र दिया।
- दीया कुमारी जयपुर जिले के विद्याधर नगर से विधायक हैं; मंजू बाघमार नागौर जिले के जायल (अ.जा.) से विधायक हैं।
- अनुच्छेद 164(1क) मुख्यमंत्री सहित राज्य की मंत्रिपरिषद् को विधान सभा की सदस्य संख्या के 15% तक सीमित करता है, और न्यूनतम संख्या 12 रखता है।
- वसुंधरा राजे दिसंबर 2003 में राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
हर शपथ-ग्रहण में एक महिला आईं; पूरी मंत्रिपरिषद् में दो महिलाएँ थीं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- केवल एक श्रेणी गिनना। राज्य मंत्री मंत्रिपरिषद् की सदस्य होती हैं, भले ही वे मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में न हों।
- मंत्रियों की जगह महिला विधायकों या पार्टी की वरिष्ठ नेताओं को गिनना। विधान सभा में सीट होने से कोई मंत्री नहीं बन जाता।
- प्रश्न में दी गई तिथि की अनदेखी करना। मंत्रियों की गिनती केवल पूछी गई तिथि के लिए सही होती है; विस्तार और त्यागपत्र उसे बदल देते हैं।
किसी राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद् पर प्रश्न एक तिथि तय करके गिनती या नाम पूछ सकता है: कितनी महिला मंत्री थीं, कौन-सा विभाग किसके पास है, उप मुख्यमंत्री कौन हैं।
राजव्यवस्था की ओर से प्रश्न इसके बजाय संवैधानिक सीमाएँ पूछ सकता है — अनुच्छेद 164(1क) की 15% की अधिकतम सीमा और न्यूनतम संख्या 12।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान के अनुच्छेद 164(1क) के अंतर्गत राजस्थान की मंत्रिपरिषद् में, मुख्यमंत्री सहित, अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
- (a)12
- (b)20
- (c)30
- (d)40
उत्तर(3) — सीमा विधान सभा की कुल सदस्य संख्या का 15% है, और 200 का 15% = 30। विकल्प (1), 12, इसी खंड में दी गई न्यूनतम संख्या है, अधिकतम नहीं। विकल्प (2) और (4) अनुच्छेद 164(1क) के किसी नियम से मेल नहीं खाते। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नवम्बर 2024 में निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की उप मुख्यमंत्री थीं?
- (a)दीया कुमारी
- (b)मंजू बाघमार
- (c)वसुंधरा राजे
- (d)अनिता भदेल
उत्तर(1) — दीया कुमारी ने 15 दिसंबर 2023 को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। विकल्प (2), मंजू बाघमार, राज्य मंत्री थीं, उप मुख्यमंत्री नहीं। विकल्प (3), वसुंधरा राजे, और विकल्प (4), अनिता भदेल, 16वीं विधान सभा में भाजपा विधायक थीं, पर किसी मंत्री पद पर नहीं थीं।