राजस्थान में कुल साक्षरता दर (जनगणना 2011) के घटते हुए क्रम के आधार पर जिलों का सही क्रम है
- (1)जयपुर, झुन्झुनूं, कोटा, सीकर, अलवर
- (2)कोटा, जयपुर, झुन्झुनूं, सीकर, अलवर
- (3)झुन्झुनूं, कोटा, सीकर, जयपुर, अलवर
- (4)कोटा, झुन्झुनूं, जयपुर, अलवर, सीकर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), कोटा, जयपुर, झुन्झुनूं, सीकर, अलवर.
जनगणना 2011 में इन पाँच जिलों की कुल साक्षरता दरें हैं:
कोटा — 76.6%
जयपुर — 75.5%
झुन्झुनूं — 74.1%
सीकर — 71.9%
अलवर — 70.7%
सबसे अधिक से सबसे कम की ओर जमाने पर क्रम बनता है कोटा, जयपुर, झुन्झुनूं, सीकर, अलवर — यानी विकल्प (2)। कुल साक्षरता में ये राज्य के शीर्ष पाँच जिले भी हैं, जबकि राज्य का आँकड़ा 66.1% है।
शीर्ष पर अंतर कम है: कोटा जयपुर से लगभग एक अंक आगे है, और जयपुर झुन्झुनूं से लगभग डेढ़ अंक।
क्रम तय करने वाला शब्द "कुल" है। झुन्झुनूं पुरुष साक्षरता और ग्रामीण साक्षरता में राज्य में पहले स्थान पर है, पर कुल (व्यक्ति) साक्षरता में वह तीसरे स्थान पर आता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)जयपुर, झुन्झुनूं, कोटा, सीकर, अलवर — यह जयपुर को पहले और कोटा को तीसरे स्थान पर रखता है। कोटा का 76.6% जयपुर (75.5%) और झुन्झुनूं (74.1%) दोनों से अधिक है, इसलिए कोटा को सबसे आगे होना चाहिए।
जयपुर को सबसे ऊपर रखने का भ्रम इससे हो सकता है कि जयपुर राजस्थान का सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला है (जनगणना 2011), पर जनसंख्या और साक्षरता अलग-अलग तालिकाएँ हैं। सीकर और अलवर सही स्थान पर हैं।
- (3)झुन्झुनूं, कोटा, सीकर, जयपुर, अलवर — यह झुन्झुनूं को पहले और जयपुर को चौथे स्थान पर रखता है। झुन्झुनूं का पहला स्थान पुरुष साक्षरता (86.9%) या ग्रामीण साक्षरता (73.4%) में ठीक बैठता, जहाँ वह राज्य में सबसे आगे है।
कुल साक्षरता में उसका 74.1% है, जो कोटा (76.6%) और जयपुर (75.5%) से पीछे है। सीकर (71.9%) को जयपुर (75.5%) से ऊपर रखना दूसरी गलती है; केवल पाँचवें स्थान पर अलवर सही है।
- (4)कोटा, झुन्झुनूं, जयपुर, अलवर, सीकर — सबसे ऊपर कोटा सही है, पर इसके बाद यह क्रम दो अदला-बदली करता है। झुन्झुनूं (74.1%) को जयपुर (75.5%) से ऊपर, और अलवर (70.7%) को सीकर (71.9%) से ऊपर रखा गया है।
यह महिला साक्षरता से भी मेल नहीं खाता: वहाँ भी ये पाँच जिले विकल्प (2) वाले क्रम में ही आते हैं — कोटा 65.9%, जयपुर 64.0%, झुन्झुनूं 61.0%, सीकर 58.2%, अलवर 56.3%।
अवधारणा
जनगणना में साक्षरता दर सात वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षरों का प्रतिशत है। यह तीन रूपों में प्रकाशित होती है — कुल (व्यक्ति), पुरुष और महिला — और हर एक फिर ग्रामीण और शहरी में बँटता है।
एक जिला हर माप पर बहुत अलग स्थान पा सकता है। 2011 में राजस्थान में कुल और महिला साक्षरता में कोटा, पुरुष और ग्रामीण साक्षरता में झुन्झुनूं, और शहरी साक्षरता में उदयपुर सबसे आगे था।
दूसरे छोर पर, सबसे कम कुल साक्षरता जालोर (54.9%) की थी, उसके बाद सिरोही और प्रतापगढ़ थे। राज्य का आँकड़ा 66.1% था, जिसमें पुरुष साक्षरता 79.2% और महिला साक्षरता 52.1% थी।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "जनसंख्या– वृद्धि, घनत्व, साक्षरता, लिंगानुपात एवं प्रमुख जनजातियाँ" शामिल है। इस प्रश्न के आँकड़े जनगणना 2011 की जिलेवार तालिकाओं से आते हैं।
यह प्रश्न शीर्ष पाँच जिलों और उनके लगभग मानों से हल हो सकता था; इसके लिए सभी 33 जिलों की पूरी सूची की आवश्यकता नहीं थी। जनगणना ने 33 जिले गिने थे, इसलिए उसकी तालिकाएँ 2011 के बाद बने जिलों से मेल नहीं खातीं।
एक उपयोगी आदत यह है कि कोई भी क्रम याद करने से पहले तय करें कि प्रश्न किस माप का नाम ले रहा है — कुल, पुरुष, महिला, ग्रामीण या शहरी।
मुख्य तथ्य
- जनगणना 2011 कुल साक्षरता: कोटा 76.6%, जयपुर 75.5%, झुन्झुनूं 74.1%, सीकर 71.9%, अलवर 70.7% — राजस्थान के शीर्ष पाँच जिले।
- 2011 में राजस्थान की साक्षरता दर 66.1% थी: पुरुष 79.2%, महिला 52.1%।
- 2011 में राजस्थान में सबसे कम कुल साक्षरता जालोर (54.9%) की थी, उसके बाद सिरोही (55.3%) और प्रतापगढ़ (56.0%)।
- 2011 में राजस्थान के जिलों में सबसे अधिक पुरुष साक्षरता (86.9%) और सबसे अधिक ग्रामीण साक्षरता (73.4%) झुन्झुनूं की थी।
- 2011 में राजस्थान के जिलों में सबसे अधिक महिला साक्षरता कोटा (65.9%) की और सबसे अधिक शहरी साक्षरता उदयपुर (87.5%) की थी।
स्रोत: भारत की जनगणना 2011, जिलेवार साक्षरता दरें (सात वर्ष और उससे अधिक आयु की जनसंख्या)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कुल, पुरुष, महिला, ग्रामीण और शहरी साक्षरता में अलग-अलग जिले सबसे आगे हैं। झुन्झुनूं पुरुष और ग्रामीण साक्षरता में शीर्ष पर है, पर कुल साक्षरता में तीसरे स्थान पर।
- जनसंख्या में जयपुर सबसे आगे है, पर जनसंख्या का क्रम साक्षरता का क्रम नहीं है; कुल साक्षरता में कोटा जयपुर से आगे है।
- जनगणना के आँकड़े 2011 के 33 जिलों के हैं। बाद में बने किसी जिले की 2011 की जनगणना में अपनी अलग पंक्ति नहीं है, इसलिए इस तालिका से उसका स्थान तय नहीं किया जा सकता।
एक रूप चार या पाँच जिले देकर जनगणना के किसी एक माप पर उनका सही घटता या बढ़ता क्रम पूछता है, जैसा यहाँ है।
दूसरा रूप किसी माप — कुल, महिला, ग्रामीण — पर सबसे अधिक या सबसे कम वाला एक जिला पूछता है, जहाँ माप बदलने पर शीर्ष जिला बदल जाता है।
तीसरा रूप राज्य के आँकड़ों को राष्ट्रीय आँकड़ों के सामने, या पुरुष को महिला के सामने रखकर पूछता है कि कौन-सा कथन सही है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2023 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान के किस जिले की कुल साक्षरता दर सबसे कम थी?
- (a)सिरोही
- (b)जालोर
- (c)प्रतापगढ़
- (d)बांसवाड़ा
उत्तर(2) — जालोर की साक्षरता 54.9% थी, जो राज्य में सबसे कम है। विकल्प (1), सिरोही, 55.3% के साथ उससे ठीक ऊपर था। विकल्प (3), प्रतापगढ़, का 56.0% था। विकल्प (4), बांसवाड़ा, का 56.3% था। चारों सबसे नीचे के पाँच जिलों में हैं, इसलिए प्रश्न तालिका के निचले छोर के सटीक क्रम पर टिका है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान के किस जिले की पुरुष साक्षरता दर सबसे अधिक थी?
- (a)कोटा
- (b)जयपुर
- (c)झुन्झुनूं
- (d)सीकर
उत्तर(3) — झुन्झुनूं की पुरुष साक्षरता 86.9% थी, जो राज्य में सबसे अधिक है। विकल्प (1), कोटा, का 86.3% था; वह कुल और महिला साक्षरता में आगे है, पुरुष में नहीं। विकल्प (2), जयपुर, का 86.1% था। विकल्प (4), सीकर, का 85.1% था।