भारत की एक राष्ट्र के रूप में पहचान को दृश्य माध्यम से संबद्ध करने हेतु किस चित्रकार ने सर्वप्रथम भारत माता के चित्र की रचना की थी ?
- (1)गगनेन्द्रनाथ
- (2)अबनीन्द्रनाथ
- (3)बंकिमचंद्र
- (4)रबीन्द्रनाथ टैगोर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), अबनीन्द्रनाथ।
प्रश्न पूछता है कि भारत की राष्ट्र के रूप में पहचान को दृश्य माध्यम से जोड़ने के लिए किस चित्रकार ने सर्वप्रथम भारत माता के चित्र की रचना की। NCERT की कक्षा X की इतिहास पुस्तक ('इंडिया एंड द कंटेम्परेरी वर्ल्ड – II', अध्याय 'नेशनलिज़्म इन इंडिया') यह विचार भी देती है और चित्रकार का नाम भी।
वह कहती है कि बीसवीं शताब्दी में 'भारत की पहचान दृश्य रूप में भारत माता की छवि से जुड़ने लगी'। फिर कहती है: 'स्वदेशी आन्दोलन से प्रेरित होकर अबनीन्द्रनाथ टैगोर ने भारत माता का अपना प्रसिद्ध चित्र बनाया।' उसके चित्र-परिचय में इस चित्र का वर्ष 1905 दिया गया है।
NCERT के अनुसार इस चित्र में भारत माता एक तपस्विनी हैं, 'शांत, गंभीर, दैवी और आध्यात्मिक'। चित्र-परिचय आगे बताता है कि वे शिक्षा, भोजन और वस्त्र प्रदान करती हैं, और एक हाथ की माला उनके तपस्वी गुण पर बल देती है।
विकिपीडिया बताता है कि इस कृति का पहला शीर्षक बंग माता था और बाद में भगिनी निवेदिता के सुझाव पर इसका नाम भारत माता रखा गया।
प्रश्न के 'सर्वप्रथम' शब्द पर ध्यान दीजिए: NCERT के अनुसार यह छवि 'सबसे पहले बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने रची', पर शब्दों में। प्रश्न का अंग्रेज़ी पाठ 'सर्वप्रथम' नहीं कहता; वह पूछता है कि भारत माता की प्रसिद्ध छवि किसने चित्रित की।
पुस्तिका का निर्देश 12 हिन्दी और अंग्रेज़ी पाठ में किसी अस्पष्टता पर अंग्रेज़ी पाठ को मानक मानता है। NCERT उस प्रसिद्ध चित्र के चित्रकार के रूप में अबनीन्द्रनाथ टैगोर का नाम लेता है, इसलिए उत्तर विकल्प (2) है: अबनीन्द्रनाथ।
याद रखने की बात: बंकिमचंद्र ने छवि शब्दों में रची ('वन्दे मातरम्', 1870 का दशक); अबनीन्द्रनाथ टैगोर ने उसका चित्र बनाया (1905)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)गगनेन्द्रनाथ — गगनेन्द्रनाथ टैगोर (1867–1938) अबनीन्द्रनाथ के भाई थे, बंगाल शैली के चित्रकार और व्यंग्य-चित्रकार (कार्टूनिस्ट)। विकिपीडिया दर्ज करता है कि दोनों भाइयों ने 1907 में इंडियन सोसाइटी ऑफ़ ओरिएंटल आर्ट की स्थापना की।
वे व्यंग्य-चित्रों और 1920 से किए गए आधुनिकतावादी प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं; पार्थ मित्तर उन्हें 1940 के दशक से पहले का एकमात्र भारतीय चित्रकार कहते हैं जिसने क्यूबिज़्म की भाषा का प्रयोग किया। 1905 का भारत माता चित्र उनके भाई का है।
- (3)बंकिमचंद्र — यह जाल NCERT के अपने शब्दों में है, जो कहता है कि भारत माता की छवि 'सबसे पहले बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने रची'। हिन्दी प्रश्न का 'सर्वप्रथम' इसी ओर खींचता है।
बंकिमचंद्र ने यह छवि शब्दों में रची। 1870 के दशक में उन्होंने मातृभूमि की स्तुति के रूप में 'वन्दे मातरम्' लिखा, जिसे बाद में उनके उपन्यास आनन्दमठ में शामिल किया गया। प्रश्न चित्रकार पूछता है, और NCERT चित्रकार के रूप में अबनीन्द्रनाथ का नाम लेता है।
- (4)रबीन्द्रनाथ टैगोर — रबीन्द्रनाथ अबनीन्द्रनाथ के चाचा थे। वे चित्रकला की ओर देर से आए: विकिपीडिया कहता है कि 'साठ वर्ष की आयु में टैगोर ने रेखांकन और चित्रकला शुरू की', और उनके चित्र 1930 में पेरिस और लंदन में प्रदर्शित हुए।
NCERT के अध्याय में वे किसी और कारण से आते हैं: बंगाल में उन्होंने गाथा-गीत, बालगीत और मिथक एकत्र करने शुरू किए और लोक-संस्कृति के पुनरुद्धार के आन्दोलन का नेतृत्व किया।
अवधारणा
राष्ट्र एक अमूर्त विचार है, इसलिए राष्ट्रवादियों ने उसे एक चेहरा दिया। NCERT की कक्षा X की पुस्तक बताती है कि अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी के कलाकारों ने राष्ट्रों को नारी-आकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया, जैसे फ्रांस में मैरियान और जर्मनी में जर्मेनिया।
भारत माता ने भारत के लिए यही किया। यह आकृति अपने हाथों में धारण की गई वस्तुओं से अर्थ व्यक्त कर सकती थी: अबनीन्द्रनाथ के चित्र में शिक्षा, भोजन, वस्त्र और माला।
NCERT आगे बताता है कि बाद में लोकप्रिय छापों में इस छवि ने कई रूप लिए, और इस मातृ-आकृति के प्रति श्रद्धा को व्यक्ति के राष्ट्रवाद का प्रमाण माना जाने लगा।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "भारत का इतिहास" के अंतर्गत "स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन– विभिन्न अवस्थाएँ, धाराएँ, महत्वपूर्ण योगदानकर्ता एवं देश के अलग–अलग हिस्सों का योगदान" शामिल है।
1905 के बंगाल विभाजन के बाद चले स्वदेशी आन्दोलन ने बहिष्कार के साथ सांस्कृतिक प्रतीक भी दिए। NCERT स्वदेशी आन्दोलन के लाल, हरे और पीले रंग के तिरंगे झंडे का उल्लेख करता है, जिसमें आठ कमल और एक अर्धचंद्र थे।
NCERT इन प्रतीकों को लोक-संस्कृति के पुनरुद्धार के साथ रखता है। रबीन्द्रनाथ टैगोर ने बंगाल में गाथा-गीत एकत्र किए, और नटेस शास्त्री ने तमिल लोक कथाओं का चार खंडों का संग्रह प्रकाशित किया।
मुख्य तथ्य
- NCERT (कक्षा X): बीसवीं शताब्दी में भारत की पहचान दृश्य रूप में भारत माता की छवि से जुड़ने लगी।
- NCERT (कक्षा X): बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870 के दशक में मातृभूमि की स्तुति के रूप में 'वन्दे मातरम्' लिखा; बाद में इसे आनन्दमठ में शामिल किया गया।
- NCERT का चित्र-परिचय अबनीन्द्रनाथ टैगोर के भारत माता चित्र का वर्ष 1905 बताता है; वे शिक्षा, भोजन और वस्त्र प्रदान करती हैं और माला धारण करती हैं।
- विकिपीडिया: इस चित्र का पहला शीर्षक बंग माता था और बाद में इसका नाम भारत माता रखा गया।
- NCERT (कक्षा X): 1921 तक गांधीजी ने स्वराज ध्वज की रूपरेखा बना ली थी, लाल, हरे और सफेद रंग का तिरंगा जिसके बीच में चरखा था।
उत्तर: विकल्प (2)। स्रोत: NCERT कक्षा X, 'नेशनलिज़्म इन इंडिया'; विकिपीडिया।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रश्न के 'सर्वप्रथम' और NCERT के 'सबसे पहले बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने रची' को जोड़कर बंकिमचंद्र चुन लेना: बंकिमचंद्र ने छवि एक गीत और उपन्यास में रची; प्रश्न चित्रकार पूछता है, और चित्र अबनीन्द्रनाथ ने बनाया।
- टैगोर भाइयों को मिलाना: भारत माता का चित्र अबनीन्द्रनाथ ने बनाया, जबकि गगनेन्द्रनाथ व्यंग्य-चित्रों और क्यूबिज़्म से प्रभावित चित्रों के लिए जाने जाते हैं।
- नोबेल पुरस्कार विजेता टैगोर को चुन लेना: रबीन्द्रनाथ ने रेखांकन और चित्रकला साठ वर्ष की आयु में शुरू की, 1905 के बहुत बाद।
कोई प्रश्न किसी राष्ट्रवादी प्रतीक का नाम देकर पूछ सकता है कि उसे किसने रचा, या भारत माता, 'वन्दे मातरम्' और स्वदेशी झंडे जैसे प्रतीकों का उनके रचनाकारों से मिलान करवा सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कोई प्रतीक किस आन्दोलन से उपजा।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1870 के दशक में मातृभूमि की स्तुति के रूप में 'वन्दे मातरम्' किसने लिखा, जिसे बाद में उपन्यास आनन्दमठ में शामिल किया गया?
- (a)बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय
- (b)रबीन्द्रनाथ टैगोर
- (c)अबनीन्द्रनाथ टैगोर
- (d)नटेस शास्त्री
उत्तर(1) — NCERT (कक्षा X) गीत और उपन्यास, दोनों का श्रेय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को देता है। विकल्प (2) ने गाथा-गीत एकत्र किए और बंगाल में लोक-संस्कृति के पुनरुद्धार का नेतृत्व किया; विकल्प (3) ने 1905 में भारत माता का चित्र बनाया; विकल्प (4) ने तमिल लोक कथाओं का चार खंडों का संग्रह प्रकाशित किया। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बंगाल में स्वदेशी आन्दोलन के दौरान बनाए गए तिरंगे झंडे में कौन-से रंग थे?
- (a)लाल, हरा और पीला
- (b)लाल, हरा और सफेद
- (c)केसरिया, हरा और नीला
- (d)लाल, सफेद और नीला
उत्तर(1) — NCERT (कक्षा X) इसे लाल, हरा और पीला बताता है, जिसमें आठ कमल और एक अर्धचंद्र थे। विकल्प (2) वह स्वराज ध्वज है जिसकी रूपरेखा गांधीजी ने 1921 तक बना ली थी, जिसमें चरखा था; विकल्प (3) और (4) NCERT द्वारा वर्णित किसी भी झंडे से मेल नहीं खाते।