‘राव–जैतसी–रो–छन्द’ के अनुसार, बीकानेर के शासक राव जैतसी ने निम्न में से किसे परास्त किया था ?
- (1)हुमायूँ
- (2)कामरान
- (3)शेरशाह
- (4)अकबर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), कामरान.
‘राव–जैतसी–रो–छन्द’ राव जैतसी की सेवा में रहे कवि बीठू सूजा की डिंगल रचना है। इसमें बीकानेर के राव जैतसी और कामरान के बीच हुए युद्ध का वर्णन है; कामरान बाबर का पुत्र और मुगल बादशाह हुमायूँ का भाई था।
1534 में कामरान ने भटनेर जीता और बीकानेर की ओर बढ़ा। राव जैतसी ने अपने चुने हुए योद्धाओं के साथ रात में मुगल शिविर पर आक्रमण किया, और मुगल भाग खड़े हुए। गर्ग का ‘एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ वर्ल्ड हिन्दी लिटरेचर’ बीठू सूजा का रचनाकाल 1534–41 बताता है।
जैतसी ने 1526 से 1542 तक बीकानेर पर शासन किया। 1542 में मारवाड़ के राव मालदेव से लड़ते हुए वे मारे गए, और मालदेव ने बीकानेर को अपने राज्य में मिला लिया।
याद रखने की बात: बीठू सूजा का ‘राव–जैतसी–रो–छन्द’ 1534 में बीकानेर में कामरान पर जैतसी की विजय को दर्ज करता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)हुमायूँ — हुमायूँ कामरान का भाई और 1534 में मुगल बादशाह था, पर बीकानेर में जैतसी ने जिस सेना को हराया उसका नेतृत्व कामरान कर रहा था।
हुमायूँ की अपनी बड़ी पराजयें शेरशाह के हाथों हुईं — 1539 में चौसा में और 1540 में कन्नौज में — जिसके बाद उसने अपना राज्य खो दिया।
- (3)शेरशाह — शेरशाह, जैतसी का प्रतिद्वंद्वी नहीं था। उसकी सेना ने 1544 में सुमेल में मालदेव के सेनापतियों जैता और कूंपा को हराया — मालदेव की सेना द्वारा जैतसी को मारकर बीकानेर पर अधिकार करने के दो वर्ष बाद।
बीकानेर के बेदखल सरदार उन लोगों में थे जिन्होंने मारवाड़ के विरुद्ध शेरशाह से गठबंधन किया।
- (4)अकबर — अकबर का जन्म 1542 में हुआ, उसी वर्ष जिसमें जैतसी की मृत्यु हुई, इसलिए दोनों के बीच कभी युद्ध नहीं हुआ।
बीकानेर का अकबर से संबंध अगली पीढ़ी में बना: जैतसी के पुत्र राव कल्याणमल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की।
अवधारणा
चारणों सहित अनेक कवियों ने डिंगल में, जो प्राचीन पश्चिमी राजस्थानी का एक साहित्यिक रूप है, रचनाएँ कीं; शिलालेखों और ख्यातों के साथ-साथ उनकी रचनाएँ भी राजपूत इतिहास के स्रोत हैं।
‘राव–जैतसी–रो–छन्द’ ऐसी ही एक डिंगल रचना है, जो कामरान से जैतसी के युद्ध पर है। एक अन्य रचना शिवदास गाडण की ‘अचलदास खीची री वचनिका’ है, जो 1430 और 1435 के बीच लिखी गई और गागरोन के अचलदास तथा माण्डू के सुल्तान होशंगशाह के बीच 1423 के युद्ध पर है।
इन रचनाओं में वंशावली भी मिलती है। बीठू सूजा की कविता पहले जैतसी के पूर्वजों — राव चूण्डा से रणमल, जोधा, बीका और लूणकरण तक — का वर्णन करती है। इसी विजय पर एक अलग, अज्ञात कवि की रचना ‘राव जैतसी छन्द’ राव सलखा से शुरू होती है।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत" के अंतर्गत "प्रमुख राजवंशों के महत्वपूर्ण शासकों की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियाँ", जिनमें राठौड़ शामिल हैं, और "राजस्थानी भाषा का साहित्य एवं लोक साहित्य" सूचीबद्ध हैं।
बीकानेर एक राठौड़ राज्य था, जिसकी स्थापना मारवाड़ के राव जोधा के पुत्र राव बीका ने की। जैतसी से पहले इसके शासक बीका, नरसिंह और लूणकरण थे।
1534 का यह घेरा मुगल–राजपूत संपर्क के आरंभिक दौर में हुआ, 1527 में खानवा में बाबर की विजय और 1540 में शेरशाह के हाथों हुमायूँ के साम्राज्य खोने के बीच।
मुख्य तथ्य
- बीठू सूजा की डिंगल रचना ‘राव–जैतसी–रो–छन्द’ बीकानेर के राव जैतसी और कामरान के बीच हुए युद्ध का वर्णन करती है।
- 1534 में राव जैतसी ने बीकानेर की रक्षा की और बादशाह हुमायूँ के भाई कामरान के नेतृत्व वाली मुगल सेना को हराया।
- राव बीका, राव नरसिंह और राव लूणकरण के बाद राव जैतसी ने 1526 से 1542 तक बीकानेर पर शासन किया।
- 1542 में मारवाड़ के राव मालदेव के विरुद्ध युद्ध में जैतसी मारे गए, और मालदेव ने बीकानेर को अपने राज्य में मिला लिया।
- 1544 में सुमेल में शेरशाह की सेना ने मालदेव के सेनापतियों जैता और कूंपा को हराया।
कामरान जैतसी का मुगल प्रतिद्वंद्वी था; मालदेव ने जैतसी को मारा; शेरशाह मालदेव से लड़ा।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सेनापति के बजाय बादशाह को चुन लेना: 1534 में हुमायूँ बादशाह था, पर जैतसी ने जिस सेना को हराया वह उसके भाई कामरान की थी।
- जैतसी के दो युद्धों को मिला देना: उन्होंने 1534 में कामरान को हराया और 1542 में मारवाड़ के मालदेव से लड़ते हुए मारे गए।
- शेरशाह को गलत राजपूत प्रतिद्वंद्वी से जोड़ना: 1544 में सुमेल में उसकी सेना मालदेव की सेना से लड़ी, जैतसी की मृत्यु के बाद।
कोई प्रश्न किसी डिंगल रचना का नाम देकर पूछ सकता है कि वह किसकी विजय दर्ज करती है, उसे किसने लिखा, या वह किस शासक की प्रशंसा करती है। कोई प्रश्न किसी शासक और युद्ध का नाम देकर प्रतिद्वंद्वी या वर्ष भी पूछ सकता है।
कोई प्रश्न राजस्थान की साहित्यिक रचनाओं को उनके रचनाकारों से सुमेलित करवा सकता है।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
‘राव–जैतसी–रो–छन्द’ की रचना किसने की ?
- (a)बीठू सूजा
- (b)शिवदास गाडण
- (c)सायांजी झूला
- (d)श्रीधर व्यास
उत्तर(1) — बीठू सूजा ने कामरान से जैतसी के युद्ध का यह डिंगल विवरण लिखा। विकल्प (2) ने ‘अचलदास खीची री वचनिका’ लिखी; विकल्प (3) ने ‘रुक्मिणी हरण’ और ‘नागदमण’; और विकल्प (4) ने ‘रणमल छन्द’। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बीकानेर के राव जैतसी 1542 में किस शासक की सेना से लड़ते हुए मारे गए ?
- (a)मारवाड़ के राव मालदेव
- (b)शेरशाह सूरी
- (c)कामरान मिर्ज़ा
- (d)मेवाड़ के राणा सांगा
उत्तर(1) — मालदेव की सेना ने जैतसी को मारा और बीकानेर को मिला लिया। विकल्प (2) 1544 में सुमेल में मालदेव के सेनापतियों से लड़ा; विकल्प (3) को 1534 में जैतसी ने हराया; और विकल्प (4) 1527 में खानवा में बाबर से लड़े।